अमृतसर दशहरा कांड : एक साल बाद भी नहीं मिला पीड़ितों को न्याय, जख्म आज भी जिंदा

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अधर्म पर धर्म की जीत के प्रतीक के रूप में विजयदशमी का त्योहार मनाया जाता है। दशहरा के दिन पूरे देश में उल्लास है लेकिन पंजाब के अमृतसर के लोग मातम मना रहें है। पिछले साल की मनहूस यादें आज भी यहां के लोगों के मन में ताजा है।

दरअसल बीते वर्ष अमृतसर के जोड़ा फाटक पर दशहरा का उत्सव चल रहा था। लोग रेल ट्रैक पर खड़े होकर रावण दहन देख रहे थे। एक तेज रफ्तार ट्रेन अपने साथ मौत लेकर आई। ट्रेन गुजरते ही पूरे शहर में मातम पसर गया। उस समय मंजर कुछ ऐसा हो गया था कि सामने रावण जल रहा था और ट्रैक पर लोग चीख रहे थे। हादसे में 59 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों की संख्या में लोग घायल हुए। मरने वालों में बच्चे, बूढ़े, जवान और महिलाएं शामिल थीं।

पिछले साल विजयदशमी के दिन अमृतसर में हुए भयानक हादसे के पीड़ित परिवार आज भी न्याय की गुहार लगा रहे है और आरोपियों पर सख्त कार्यवाई की मांग कर रहे है। उनका कहना है कि सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले पीड़ित परिवारों के सदस्यों को नौकरी देने का वादा किया था, जो आज तक पूरा नहीं हो पाया है।

 

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