जड़ी बूटी उत्पादन को लेकर थराली ब्लॉक में आयोजित की गई कार्यशाला

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विकासखण्ड थराली के ब्लॉक सभागार में आज जड़ी बूटी उत्पादन को लेकर उद्योगिनी के तत्वावधान में कृषि विभाग , उद्यान विभाग,एवम वन विभाग ,ग्राम्य विकास विभाग की उपस्थिति में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में ग्रामीण काश्तकारों की आर्थिकी बढ़ाने के लिए परम्परागत कृषि के साथ-साथ जड़ी बूटी उत्पादन के लिए ग्रामीण काश्तकारों को प्रोत्साहित किया गया।

ब्लॉक सभागार में आयोजित उद्योगिनी विकास कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी आंनद सिंह गोस्वामी ने कहा कि कृषि के विकास के लिए सरकार द्वारा 41 योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

कार्यशाला के आयोजक उद्योगिनी प्रबंधक अरुण अधिकारी ने बताया कि 1992 में विश्व बैंक के सहयोग से सरकारी विभागों एवं स्वयंसहायता संस्थाओं को एक मंच पर लाकर महिलाओं में कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के प्रयास के तहत भारत में उद्योगिनी की स्थापना की गई। इसके तहत वर्ष 2009-10 में चमोली एवम अल्मोड़ा में भी इस कार्यक्रम का संचालन शुरु किया गया। उन्होंने कहा कि 2017 में जड़ी बूटी के उत्पादन के लिए थराली ब्लॉक का चयन किया गया। इसके तहत ब्लॉक के 19 गांवों में काश्तकारों को जड़ी बूटी उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया गया।

जिसमें काफी हद तक सफलता भी हासिल हो रही है। कृषि विज्ञान केंद्र ग्वालदम के वैज्ञानिक डीसी जोशी ने कहा कि ग्वालदम केंद्र कृषि बागवानी, उद्योगिकरण पशुपालन विकास के लिए किसानों को हर सम्भव सहायता देने के लिए तैयार है। जड़ी बूटी शोध संस्थान मंडल गोपेश्वर के विक्रम रावत ने कहा कि संस्थान जड़ी बूटी उत्पादित करने वाले किसानों को जड़ी बूटी के पौधों को उपलब्ध करवाने के साथ ही उन्हें वैज्ञानिक तकनीकी मुहैया करवा रहा है। इस मौके पर वीडीओ थराली डीडी उनियाल ने कहा कि मनरेगा में कृषि विकास के लिए तमाम तरह की योजनाएं संचालित की जा रही है।

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