चारधाम यात्रा पर सिक रही सियासी रोटियां, केदारनाथ धाम को बनाया जा रहा राजनीतिक निशाना

उत्तराखंड में पर्यटन आय का एक प्रमुख स्त्रोत है यह बात जग-जाहिर है, लिहाजा प्रदेश सरकार भी पर्यटन के विस्तार और पर्वतीय यात्राओं के सुगम संचालन के लिए मार्गों और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए प्रतिबद्ध भी है। अगले 2 महीनों में उत्तराखंड में चारधाम यात्रा भी प्रारंभ होने वाली हैं, जिसे लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विशेष रुप से उत्साहित और गंभीर भी नजर आ रहे हैं। चूंकि बीते वर्ष चारधाम यात्रा को लेकर काफी अव्यवस्थाएं भी प्रशासन और श्रद्धालुओं को झेलनी पड़ी थीं लिहाजा इस बार सभी व्यवस्थाओं के सुनिश्चितीकरण के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का चारधाम यात्रा पर विशेष ध्यान है। वहीं मुख्यमंत्री धामी ने प्रशासन को भी पूरी मुस्तैदी से तैनात रहने के लिए कहा है। इसके अलावा केदारघाटी में यात्रा को लेकर अधूरे काम पूरे किए जा रहे हैं, लोगों को उम्मीद है कि केदारनाथ यात्रा में मुश्किल साबित हो रहे गुप्तकाशी मोटर मार्ग पर स्थित कुंड पुल जैसे अधूरे काम समय से पूरे होंगे।

चारधाम यात्रा पर सिक रही सियासी रोटियां

 

 

चूंकि इस समय राज्य में BJP की डबल इंजन वाली सरकार है लिहाजा चारधाम यात्रा में कोई भी खामी न हो इसके लिए भी राज्य सरकार उत्तरादायी है। वहीं केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के समर्थकों का विपक्षी नेताओं पर आरोप है कि विपक्ष केदारनाथ धाम यात्रा को एक राजनीतिक मोड़ देकर अपनी सियासी रोटियां सेंक रहे हैं। इसे लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने चेताया है कि यदि यात्रा के अधूरे काम पूरे होने में अड़चनें डाली गई तो संगठन आंदोलन करने को मजबूर होगा। वहीं BJP के क्षेत्रीय नेता सुबोध रावत का कहना है कि कटाक्ष करने वाले ऐसे लोगों से केदारनाथ पर आश्रित होनें वाले लोगों को सावधान होना चाहिए, सुबोध रावत कहते हैं कि उत्तराखंड सरकार अपने काम समय पर करने को प्रतिबद्ध है और यदि विरोध की राजनीति न की जाए तो यात्रा शुरू होने से पहले ही सभी काम पटरी पर आ जाएंगे।

 

 

 

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