जिनको भगवान माना वे ही निकले राक्षस

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जिनको भगवान माना वे ही निकले राक्षस

राम रहीम के शिष्यों द्वारा कल हुए पंचकूला हरियाणा और पंजाब में उपद्रव के बाद एक बार फिर से सवाल यह खड़ा हो गया है, कि जिन साधु-संतों को देश की जनता अपना भगवान मान लेती है। क्या वे सच में इस काबिल है या नहीं? ये कोई पहला मामला नहीं है जब -जब संत के समर्थकों ने राष्ट्र की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया हो या यूं कहें कि कई राज्यों की पुलिस और सरकारों को परेशान किया हो इससे पहले भी कई बार संतो की वजह से कानून व्यवस्था बिगड़ी है।आपको बता दें कि किस तरह से धर्मगुरु अपनी हरकतों से राम रहीम और आसाराम की तरह देश मे बवाल करवा चुके है। सिलसिला कई साल पहले तमिलनाडु से शुरू हुआ था, जहां पर देश में संतों के सर्वोच्च पद पर बैठे कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य स्वामी जयेंद्र सरस्वती को तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता ने हत्या के केस में गिरफ्तार करवा कर जेल भिजवा दिया था। उस वक्त भी पूरे तमिलनाडु सहित देश में बवाल जैसे हालात पैदा करवा दिए गये। यही नहीं आसाराम बापू हो या फिर हरियाणा में ही रामपाल तमाम धर्माचार्यों की गिरफ्तारी पर उनके समर्थकों ने भारी बवाल किया था। आसाराम बापू जिस समय जेल जा रहे थे, उस समय गुजरात सहित कई राज्यों में तनावपूर्ण हालात पैदा हो गए थे। ऐसा ही रामपाल की गिरफ्तारी के दौरान भी हुआ था जब रामपाल ने अपने समर्थकों को ढाल की तरह इस्तेमाल करके पुलिस बल पर भारी हमला किया था। अब डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने भी वही काम किया है। महंत हट योगी बाबा हो या फिर रघुवर दास यही नहीं कई संतों ने तो अपने नाम से दो-दो लाइसेंस लिए हुए हैं। इनमें प्रमुख जूना अखाड़ा के संत, सुदर्शन अखाड़ा के संत तथा अग्नि अखाड़ा के संत मौजूद हैं।
लेकिन आज जिस तरह से भगवा चोला धारण करने वाले संत अब यज्ञ हवन पूजा पाठ भगवान का ध्यान करने के साथ-साथ हथियारों से भी प्रेम करने लगे हैं इस का जीता जागता उदाहरण है। हरिद्वार के संतों द्वारा बनवाए गए अत्याधुनिक हथियारों के लाइसेंस, हरिद्वार संत बाहुल्य क्षेत्र है लिहाजा हमेशा से ही यहां संतों को अपनी जान का खतरा रहा है और शायद यही कारण है कि अब भारी तादात में हरिद्वार में संत समाज का एक तबका अपनी जान माल की सुरक्षा के लिए भजन माला शास्त्रों के साथ – साथ अब शस्त्र भी रखने लगा है।
यही नही कोतवाली क्षेत्र के सप्तऋषि क्षेत्र में बने तमाम आश्रमो में बैठे संतो ने भी हथियार लिए हुए है संतों का कहना है कि हथियार भगवान भी रखते थे। लिहाजा संतों के यहां भी हथियारों की पूजा होती है और जिस तरह से माहौल है इन हालातों से निपटने के लिए भी संतों को शस्त्र और शास्त्र दोनों का ज्ञान ग्रंथों में बताया गया है, हालांकि हरिद्वार के संत यह मानते हैं कि जिस तरह से पिछले दिनों आसाराम हो या रामपाल या फिर डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम उनको वह संतो की श्रेणी में नहीं मानते उनका कहना है कि संत अखाड़ों से जुड़े होते हैं जबकि यह सिर्फ प्रवचन करते हैं लिहाजा संत समाज इन को संतों के नाम से संबोधित करने पर भी अपना एतराज जताता है जिन संतों के पास हथियारों के लाइसेंस हैं उनमें कुछ प्रमुख संत भी शामिल है । 
वरिष्ठ पत्रकार राजीव नयन बहुगुणा कहते हैं कि एक जमाने में संतों की छवि ध्यान कंदराओं में पाठ पूजा करने वालों की हुआ करती थी लेकिन आजकल जिस तरह से संतो अखाड़ों महंतो और मठों का स्वरुप बदल रहा है लिहाजा संतों को भी लगता है कि उनकी जान को खतरा है उस की सबसे प्रमुख वजह यह है कि इन संतों के जो भक्त इनको दान स्वरूप पैसे,जमीन व जायदाद देते हैं उन पर भी कई लोगों की नजर रहती है। लिहाजा इसलिए भी अब संत हथियार जैसी दूसरी चीजें रखने लगे हैं। पुलिस प्रशासन भी मानता है कि हरिद्वार क्षेत्र में सैकड़ो संतो ने हथियारो के लाइसेंस लिए हुए हैं लेकिन समय समय पर संतो और उनके हथियारों का वेरिफिकेशन करवाया जाता है।  हरिद्वार में कोतवाली हरिद्वार और कोतवाली कनखल के पास ऐसे तमाम संतों का ब्यौरा है, जिन्होंने लाइसेंसी हथियार लिए हुए हैं। हरिद्वार कोतवाली क्षेत्र में ही बड़े संतो और महंतो ने लाइसेंसी हथियार लिए हुए है। लगभग 30 से ज्यादा संतो ने अंग्रजी और आधुनिक हथियार रखे हुए हैं। हथियारों को रखने के मामले में सबसे ज्यादा कनखल कोतवाली में संतो ने लाइसेंस लिए हुए है। हमने जब कनखल कोतवाली के असलाह रजिस्टर को चेक किया तो करीब 50 से ज्यादा संतो का नाम हमारे सामने था। इन नामो में तमाम अखाड़ो के प्रमुख संतो के साथ – साथ छोटे महंत और मंदिर के पुजारी शामिल थे। 
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और खबरें

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हरिद्वार में माहाशिवरात्री स्नान की तैयारी शुरु कर दी गई

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हरिद्वार में माहाशिवरात्री स्नान पूरी तरह से तैयारी आरंभ कर ली गई है।

जूना अखाड़े में 11 मार्च को महाशिवरात्रि पर होने वाले पहले शाही स्नान की तैयारियां तेज हो गई हैं।

मेला अधिकारी दीपक रावत ने बीते शनिवार को जूनापंच अग्नि

और आह्वान अखाड़े की छावनियों का निरीक्षण किया।

उन्होंने संतों के साथ चर्चा करने के बाद अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दीए।

महाशिवरात्रि स्नान शैव मतावलंबियों का बड़ा स्नान होता है।

ऐसे में इस स्नान को अधिकारिक कुंभ स्नान से बाहर निकालने पर संत समाज

की प्रतिक्रिया पर सरकार की नजर है।

सरकार की चिंता 11 मार्च से 12 अप्रैल के बीच की अवधि को लेकर है।

इस अवधि में कोई भी स्नान नहीं पड़ रहा है।

लेकिन यदि मेला नोटिफिकेशन हो जाता है तो सरकार को इस पूरी अवधि में हरिद्वार

में कोविड प्रोटोकॉल संबंधित मानकों का पालन करना होगा।

इससे हरिद्वार में आने जाने वाले लोगों को भिड़ से होने

वाली समस्या का भी सामना करना पढ़ सकता है।

 

मीना छेत्री

 

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12 साल की उम्र में हुआ दुष्कर्म 26 साल बाद दो आरोपियों पर FIRदर्ज

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उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में 26 साल पहले दुष्कर्म के बाद बिना ब्याही मां बनी

महिला ने अब न्याय के लिए जंग शुरू की है।पीड़िता के मुताबिक जब

वह 12 साल की थी तो दो सगे भाईयों ने उसके साथ रेप किया और इतना ही नहीं

शिकायत दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकीभी दी थी। इसके बाद पीड़िता को

13 साल की उम्र में बेटा पैदा हो गया लेकिन लोक लज्जा की डर से परिवार वालों ने बच्चा गोद दे दिया।

बाद में पीड़िता की शादी कर दी गई।

लेकिन शादी के 6 साल बाद पति को पीड़िता के अतीत के बारे में पता चला तो उसने

भी पीड़िता से नाता तोड़ लिया। जब बेटे को सच्चाई पता चली तो

उसने कहा कि आरोपियों को सजा दिलाने के लिए वह साथ में संघर्ष करेगा।

यदि आरोपितों को सजा नहीं दिलाई तो आत्महत्या कर लेगा।

शनिवार को वह सदर थाने के प्रभारी निरीक्षक अशोक पाल से मिली

और महिला कांस्टेबल के सामने बयान दर्ज कराया।

 

-मीना छेत्री

 

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21 महिला फोटोग्राफर्स की ‘स्टोरीज थ्रू हर लेंस’ प्रदर्शनी लगाई गई

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 8 मार्च को दुनियाभर में मनाया जाता है।

इस मौके पर उत्तराखंड  में कलर्ड लीफ फोटोग्राफी संस्था की ओर से

घंटाघर स्थित आर्ट गैलरी में एक प्रदर्शनी लगाई जा रही है।

इसमे उत्तराखंड की 21 महिला फोटोग्राफर्स की ‘स्टोरीज थ्रू हर लेंस’ रखी जाएगी।

यह प्रदर्शनी 14 मार्च तक आम लोगो के लिए खोली गई है।

6 मार्च को इस प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि पुलिस अध्यक्ष और कानून व्यवस्था श्वेता चौबे द्वारा किया।

उन्होंने कहा की महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए यह कोशिश काबिले तारीफ है।

आज महिलाएं हर क्षेत्र मे पुरुषों के साथ कदम से कदम मिला कर चल रही है।

और आर्थिक रूप से भी परिवार की मदद करती है।

महिलाओं के हौसलों को बुलंद करने और समाज में फैले असमानता को दूर करने के लिए परिवार

और समाज दोनो को मिल कर काम करना होगा।

प्रदर्शनी के संचालक भूमेश भारती ने कहा की इस तरह से महिलाओं को हौसला मिलेगा।

मानव अधिकार और सामाजिक न्याय सगंठन के अधिकारियों ने कांवली स्थित

साधुराम इंटर कॉलेज के छात्रों को स्टेशनरी बांटी।

6 मार्च को हुए उद्घाटन मे संगठन के

चेयरमैन सचिन जैन ने माता पिता से अपने बच्चों को स्कूल भेजने मांग की।

 

-सौम्या

 

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उत्तराखंड के मौसम ने एक बार फिर ली करवट

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उत्तराखंड के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिला है।

मौसम विभाग  के अनुसार कई पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बुंदा बांदी की शुरुआत हो गई है।

साथ ही मौसम विभाग ने 3000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले क्षेत्रों मे हल्की बर्फ की सम्भावना भी जताई है,

कई मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रो में तेज बारिश के साथ ओले की बारिश भी हो सकती है।

बीते कुछ दिनों से उत्तराखंड मे तेज धूप के कारण मौसम में हल्की गर्मी बनी हुई थी।

वही शहरों मे ज्यादातर तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस ज्यादा देखने को मिला।

उत्तर भारत में भी आने वाले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

साथ ही साथ कई मैदानी इलाको में बारिश के साथ तेज हवा 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है,

हालांकी इसके बाद तापमान मे हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है।

 

-सौम्या

 

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किसान और सरकार के बीच तपिश, चौथी बार पश्चिम के रण में गरजेंगी प्रियंका गांधी

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कांग्रेस महासचिव और राज्य प्रभारी प्रियंका गांधी पश्चिम की लड़ाई में चौथी बार किसान

और सरकार के बीच चल रहे तनाव के कारण मैदान में उतरेंगी,

आज सरधना विधानसभा के कैली गांव में वह किसानों के मन की बात सुनेंगी

और कांग्रेस मजबूत बना रहे उसके लिए वह आशीर्वाद भी लेंगी।

कांग्रेस ने अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए

अपने अभियान की शुरूआत पश्चमी उत्तर प्रदेश से कर रही है।

कल कैली गांव के किसानों ने महापंचायत की तैयारियों को अंतिम रूप दिया।

महापंचायत स्थल पर दो मंच तैयार किये गए हैं। कांग्रेस के वीआईपी नेताओं के लिए एक मंच तैयार किया गया था।

उस पर प्रियंका गांधी और प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमाल लल्लू सहित वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

वही दूसरे मंच पर स्थानीय और प्रदेश स्तर के पदाधिकारी मौजूद थे।

कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अवनीश काजला ने कहा कि इस  महापंचायत के सभी

आसपास के गांवों से जनसमर्थन मिल रहा है।

महापंचायत कांग्रेस के लिऐ चुनौती पूर्व

महापंचायत में किसानों को प्रियंका गांधी के सामने जुटाना कांग्रेसियों के लिए

बहुत बड़ी चुनौती होगी। कांग्रेस ने जिस जगह वह जनसभा रखी थी।

वहां किसान आंदोलन का कोई खास असर नजर नहीं आया था।

कैली गांव ठाकुर चौबीसी में आता है। बाकी  गांव ठाकुर और गुर्जर बिरादरी के है।

महापंचायत में शामली और मुजफ्फरनगर के साथ ही हस्तिनापुर विधानसभा से बड़ी संख्या में लोग आएंगे।

 

पुष्पा रावत

 

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आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के Final में Team India

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भारत और इंग्लैंड  टेस्ट सीरीज के पहले मैच में जब टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा था।

तब उसे आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप(ICC World Test Championship)

के फाइनल में खेलने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा था। भारत ने सीरीज 3-1  से जीतकर

आइसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में शान से जगह बना ली। इसके बाद इंग्लैंड की टीम

के पूर्व लेफ्ट आर्म स्पिनर मोंटी पनेसर ने एक बड़ा दावा किया है

और बताया है कि कौन सी टीम खिताब जीतने की दावेदार है।

इंग्लैंड की टीम के पूर्व दिग्गज मोंटी परेसर का कहना है

कि भारत इस साल जून में होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीत सकता है।

टीम इंडिया(Team India) अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हुए।

अहमदाबाद में खेले गए आखिरी टेस्ट विराट की सेना को पारी और 25 रन से जीत मिली।

इस तरह टीम इंडिया ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई,

जहां 18 जून से भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ महामुकाबले में उतरना है।

ये इस टूर्नामेंट का पहला सत्र है।

 

-सोमिया कुटियाल

 

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