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“बच्चे पढ़ाओ देश बढ़ाओ” नारे के साथ किया खिलवाड़

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“बच्चे पढ़ाओ देश बढ़ाओ” नारे के साथ किया खिलवाड़

सितारगंज में एक स्कूल ऐसा भी है जहां पर जलभराव, मास्टरों की लापरवाही और बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जाता है। प्रशासनिक अधिकारी भी केवल हवा में जांच करते हैं। जहां एक तरफ तो तरह-तरह की योजना चलाकर “बच्चे पढ़ाओ देश बढ़ाओ” का नारा लगाया जाता है, वहीं दूसरी तरफ धरातल में बच्चों के स्वास्थ्य के साथ हो रहे खिलवाड़, पर कोई अधिकारी कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझता है। ऐसा ही मामला सितारगंज के भीटौरा गांव का सामने आया है। जहां पर स्कूल का ग्राउंड बरसात में जलभराव के कारण तालाब बना हुआ है। बच्चों को क्लास में जाने के लिए इधर – उधर से बचकर निकलना पड़ता है। जिससे उनके कपड़े भी कई बार खराब हो जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ बच्चों को दिए जाने वाले राशन की जब हमारे द्वारा जाँच की गयी तो मौके पर स्टाक का चावल बहुत खराब फफूंदी और सुड़ी लगा हुआ मिला। जब प्रधानाध्यापक से इसके बारे में जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि भोजन माताओं द्वारा चावल को साफ करा कर ही बच्चों को खिलाया जाता है और जो चावल बचा है उसको भी भोजन माताओं को लगाकर जल्द ही साफ करवा दिया जाता है। फिर बच्चों को खिलाया जाएगा प्राइमरी स्कूल में यह सब करना आम बात हो गई है । प्रधानाध्यापक ही जब छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने को लगे हुए हैं, तो उन छात्रों का भविष्य कैसे बन पायेगा?
वहीं जब इसकी जानकारी खंड शिक्षा अधिकारी से लेने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कहा कि जलभराव के विषय में तहसील सितारगंज और ब्लॉक में बात हो चुकी है। वे ब्लाक में मनरेगा के तहत बरसात बाद जल्द ही गड्डो का भरान कर मैदान को बच्चों के योग्य बनाया जाएगा।साथ ही उन्होंने कहा कि अगर टीचर द्वारा खराब चावल बच्चों को खिलाया जा रहा है। तो एमडीएम (मिड डे मील) प्रभारी द्वारा स्कूल के राशन की जांच कराई जाएगी।यदि खराब राशन बच्चों को खिलाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है तो टीचर का प्रभाव चेंज कर दिया जाएगा। लेकिन खंड शिक्षा अधिकारी ने भी इस मामले में कोई ठोस कार्यवाही करने का आश्वासन नहीं दिया वहीं दूसरी तरफ आपको बता दें कि जूनियर हाईस्कूल और प्राइमरी स्कूल दोनों स्कूल एक ही जगह पर चलते हैं जो दो अलग बिल्ड़िग होने के बाद भी एक ही ग्राउंड इस्तेमाल किया जा रहा है, शौचालय भी जर्जर हालत में पड़ा हुआ है। जिसमें बच्चों को जाने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि शौचालय के आगे जलभराव से तालाब बना हुआ है। जिससे शौचालय में जाने में दिक्कत होती हैं। वहीं देखना ये है कि प्रशासन द्वारा क्या कार्रवाई की जाएगी। यहाँ के स्कूल की बदहाली बच्चों के लिए श्राप बनी रहेगी या बच्चों को कोई सुविधा भी मिल पाएगी। या बच्चे यूँ ही बदहाल स्कूल में पढ़ने को मजबूर रहेंगे ।

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