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रूड़की के कोतवाली में पुलिस ने दिखाई दबंगई

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रूड़की के कोतवाली में पुलिस ने दिखाई दबंगई

रूड़की की गंगनहर कोतवाली के हालात कुछ समय से इतने जयादा खराब हो गए है कि रात में तो क्या अब यहाँ दिन में भी कोई फरियादी अगर फ़रियाद लेकर पहुँचता है तो ज्यादातर पुलिसकर्मी शराब के नशे में टुन्न मिलते हैं और फरियादी पर ही नशा उतारने की कोशिश में रहते है ।

 
गुजरी देर रात को कुछ ऐसा ही हुआ कि एक पैथोलोजी लैब में काम करने वाले एक कर्मचारी आशीष के साथ पैथोलोजी लैब के मालिक ने किसी बात को लेकर मारपीट कर दी और आशीष मारपीट की शिकायत करने के लिए कोतवाली गंगनहर पहुँच गया,रात के करीब आठ बजे का वक्त था अब आशीष को क्या पता की यहाँ पर रात तो क्या दिन में भी ज़्यादातर पुलिसकर्मी शराब के नशे में रहते है और यह तो समय भी रात का था बस गंगनहर कोतवाली के इस माहौल से अनजान आशीष अच्छे दिन वाली सरकार में कोतवाली गंगनहर पहुँच गया  आशीष से यही गलती हो गई  आशीष नहीं जानता था की यह कोतवाली अब गंगनहर नहीं बल्कि गंगनहर की बराबर से बहने वाली मदिरानहर कोतवाली हो गई है ऐसा हम बिना किसी कारण नहीं कह रहे है इस बात का एक सबूत भी है। सिविल वर्दी में देवेन्द्र नाम का एक सिपाही कह रहा है कि मेरा मेडिकल करा लो हाँ मेरा मेडिकल करा लो में भी संघ से हूँ ।
 
दरअसल पीड़ित आशीष का कहना है कि वो अपनी फ़रियाद लेकर जैसे ही कोतवाली पहुंचा और अपनी आप बीती कोतवाली प्रभारी अमर चन्द्र शर्मा को बताई। तो अमर चन्द्र शर्मा ने अपने दबंगई अंदाज़ में आशीष के साथ बदत्तमीजी कर दी और जाती सूचक जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए आशीष को धक्के मारकर कोतवाली से बाहर निकाल दिया। कोतवाली प्रभारी अमर चन्द्र शर्मा के इस व्यवहार से आशीष कोतवाली के बाहर ही बैठ कर रोने लगा घर नहीं पहुँचने पर जब आशीष के परिजनों ने आशीष को फोन किया, तो आशीष ने रोते हुए पूरी घटना अपने परिजनों को बतायी जिससे उसके परिजन जान पहचान के कुछ लोगों के साथ कोतवाली पहुंचे। उन्हें भी क्या पता था की गंगनहर कोतवाली अब मदिरानहर कोतवाली बन चुकी है इतनी देर में सुचना पर कुछ मिडियाकर्मी भी कोतवाली पहुँच गए रोते हुए आशीष को चुप करते हुए उसके परिजन क्या घटना हुई है जानकारी ले ही रहे थे की नीली टीशर्ट पहने शराब के नशे में चूर एक पुलिसकर्मी देवेन्द्र ने आशीष के परिजनों के साथ बदतमीजी शुरू कर दी तो परिजनों के साथ आये एक व्यक्ति को लगा की नीली टीशर्ट पहने इस पुलिसकर्मी ने बहुत ज्यादा शराब पी रखी है उसने हंगामे के बीच कह दिया की आपका मेडिकल टेस्ट करायंगे इतनी बात सुनते ही नीली टीशर्ट पहने पुलिसकर्मी का नशा थोडा सा उतरा और वो सफाई में कहने लगा की मेने तीन दिन से रोटी और खाना नहीं खाया है मामला बढ़ता देख तभी एक व्यक्ति उन्हें भीड़ से लेकर जाने लगता है तो यह शराबी पुलिसकर्मी कहता है की मैं भी संघ से ही हूँ इतनी देर में शराबी पुलिसकर्मी को व्यक्ति दूर ले गया इस सारे मामले को एक पत्रकार अपने कैमरे से शूट कर रहा था की तभी कोतवाली प्रभारी ने कहा की जो भी मिडिया वाला है उसका कैमरा और मोबाइल छीन लो इतना कहते ही कुछ पुलिसकर्मी मिडिया वालो पर टूट पड़े और उनका मोबाइल और कैमरा छीन लिया कैमरा छीनने के बाद आशीष और उसके एक साथी को पीटते हुए हवालात में बंद कर दिया जिसके बाद कोतवाली के बाहर शहरवासियो की भीड़ जमा होने लगी भीड़ को देख पुलिस ने आशीष और उसके साथी का शान्ति भंग में चालान कर दिया ।

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