साउदी अरब ने रामायण को बनाया अपने पाठ्यक्रम का हिस्सा

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रामायण ना सिर्फ़ भारत बल्कि दुनियाभर के लोगों के लिए एक ऐसा धार्मिक ग्रंथ है, जिसने कर्तव्य पालन, मान-मर्यादाओं और अनुशासन का पाठ पढ़ाया है। रामायण की लोकप्रियता दुनिया के कई मुल्कों में पहुंची हुई है।

पिछले दिनों ख़बर आयी थी कि सऊदी अरब ने रामायण को अपने पाठ्यक्रम में शामिल किया है। इस ख़बर से उत्साहित रामायण धारावाहिक के लक्ष्मण सुनील लहरी ने इसे गर्व का विषय कहा है। सुनील ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट से इसे साझा करते हुए लिखा- हम सभी हिंदुस्तानियों के लिए गर्व की बात है कि सऊदी अरब ने रामायण को अपने पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है।

सुनील लहरी की इस पोस्ट पर कई फैंस ने ख़ुशी ज़ाहिर की। रामायण और राम फ़िल्मकारों की भी पसंद रहे हैं। इस महागाथा को कई फ़िल्मकारों ने अलग-अलग तरीक़ों से पर्दे पर पेश किया है। कई फ़िल्में और धारावाहिक बने हैं, मगर रामानंद सागर जैसी लोकप्रियता किसी को नहीं मिली। तकनीकी रूप से सीमित होते हुए भी रामायण की इमोशनल कहानी आज भी दर्शकों को भावुक बना देती है।

रामायण धारावाहिक का पहली बार प्रसारण 1980 के आख़िरी सालों में हुआ था। इस शो में अरुण गोविल ने राम और दीपिका चिखलिया ने सीता का किरदार निभाया था। दारा सिंह हनुमान और अरविंद त्रिवेदी रावण के रोल में थे।

पिछले साल लॉकडाउन के दौरान रामायण का पुन: प्रसारण हुआ था और इस बार स्टार भारत पर रामायण दिखायी जा रही है। इससे पहले सुनील ने रामायण धारावाहिक की एक तस्वीर शेयर करके अपने फैंस से पूछा कि अगर रामायण सीरियल का थीम पार्क या संग्रहालय बनता है तो कौन-कौन देखना चाहेगा, क्योंकि कुछ लोगों का कहना है कि यह अमर कथा है, ऐसा होना चाहिए।

सऊदी अरब में रामायण को पाठ्यक्रम की ख़बर प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विज़न 2030 ट्वीट के बाद सामने आयी थी, जिसमें उन्होंने विभिन्न देशों की संसृकृति और इतिहास को शामिल करने की योजना बतायी थी।

एक यूज़र ने अपने बेटे की सोशल स्टडीज़ की किताब का स्क्रीनशॉट शेयर करके लिखा था- हिंदूइज़्म, रामायण, महाभारत, बुद्धिइज़्म, कर्म और धर्म का इतिहास और कॉन्सेप्ट मौजूदा पीढ़ी को सह अस्तित्व के लिए प्रेरित करेगा।

-मानवी कुकशाल

 

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और खबरें

मीटर रीडिंग करने वाली कंपनी के अधिकतर कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव

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कोरोना के चलते अप्रैल में नान स्मार्ट मीटरों की रीडिंग नहीं हो पाई। अधिकांश मीटर रीडर कोरोना पाजिटिव हो गए थे। इसके चलते काम पर असर पड़ा। इससे तकरीबन साढ़े तीन लाख उपभोक्ताओं का मीटर जनरेट नहीं हो पाया। अब उपभोक्ता द्वारा फोन पर बताई गई रीडिंग के आधार पर बिल बनाया जाएगा।

उपभोक्ताओं के मोबाइल पर बिल भेज दिया जाएगा। इसे भी ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। नॉन-स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को अपना बिल बनवाने के लिए क्षेत्र के जेई और अपने उपखंड के एसडीओ के मोबाइल नंबर पर एकाउंट आईडी या कंज्यूमर नंबर, वर्तमान मीटर रीडिंग, पंजीकृत मोबाइल नंबर भेजना होगा। उनको संबंधित जानकारी फोन पर दर्ज करानी होगी। उसके 15 मिनट बाद संबंधित उपभोक्ता का बिल बनाकर पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस द्वारा भेजा जाएगा। यदि किसी उपभोक्ता को अपना वर्तमान मीटर रीडिंग देखने नहीं आ रहा है तो वह मीटर का पांच मिनट का वीडियो बनाकर जेई और एसडीओ के व्हाट्सएप नंबर पर भेज सकता है।

 

मीना छेत्री

 

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लॉकडाउन से परेशान व्यापारियों ने किया प्रदर्शन

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हरिद्वार के व्यापारियों ने अपने ही सरकार से राहत की मांग करने के लिए हाथ में थाली-कटोरा लेकर भीख मांगते हुए प्रदर्शन किया व्यापारियों ने सरकार से व्यव्यापारियों के बारे में सोचने को तैयार नहीं है और जनप्रतिनिधि भी व्यापारियों के साथ खड़े नहीं हो रहे हैं। आखिर व्यापारी जाएं तो जाएं कहां, व्यापारियों ने हर की पौड़ी पर सांकेतिक रूप से भीख मांग कर अपनी पीड़ा और आक्रोश व्यक्त किया है, अभी भी अगर सुनवाई नहीं हुई तो आगे प्रदर्शन जारी रहेगा।

प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष संजय त्रिवाल का कहना है कि आज पीएम मोदी के राज में हर की पौड़ी पर संजय पुल पर भीख मांगने का कार्य किया है। मगर यहां भी हमें भीख नहीं मिलती नजर आयी। आज भी खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है। यह मोदी जी की सरकार में व्यापारियों के अच्छे दिन चल रहे हैं? सरकार कोई राहत या पैकेज नहीं दे रही है और न ही व्यापारियों की सुध ले रही हैं उन्होंने कहा कि सरकार लॉकडाउन पर लॉकडाउन लगाए जा रही है। सारे टैक्स व्यापारी देता है मगर आज जब व्यापारी के परिवार रोजगार और व्यापारी संकट में है तो सरकार नहीं जागती है तो इससे भी बड़ा और बुरा आंदोलन करेंगे। क्योंकि व्यापारी तो मर चुका है। पिछले साल कोई राहत नहीं दी और न ही कोई जनप्रतिनिधि व्यापारियों की सुनने के लिए सामने आया है।

उन्होंने कहा कि हमारी दुकानें बंद करवा दी, व्यापारियों को दो भागों में बांट दिया गया। कुछ की दुकानें खुली हैं और कुछ की बांट दिया गया। कुछ की दुकानें खुली हैं और कुछ की बंद करवा दी गई है। हम कोविड गाइडलाइन के अनुसार कार्य करने के लिए तैयार हैं। हम अपने परिवार का पेट कहा से भरें। जब तक व्यापारियों को कोई राहत नहीं मिल जाती है, हमारा प्रदर्शन ही जारी रहेगा।

 

– मीना छेत्री

 

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बद्रीनाथ कोरोना की वजह से लगातार दूसरे साल भक्तों के आने पर रोक

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उत्तराखंड में आज सुबह बद्रीनाथ धाम के कपाट भी खोल दिए गए। इसके साथ ही उत्तराखंड के चारों धामों के कपाट अब खुल गए हैं। हालांकि, कोरोना संक्रमण की वजह से आम श्रद्धालुओं के आने पर मनाही है। ये लगातार दूसरा रहा जब भक्तों के आने पर रोक है। पिछले साल भी कोरोना की वजह से भक्तों की एंट्री पर रोक लगा दी आज भी सिर्फ मंदिर के पुजारियों ने ही पूजा-पाठ किया बद्रीनाथ मंदिर के मुख्य पुरोहित ईश्वर प्रसाद नंबूदरी ने मंगलवार तड़के 4 बजकर 15 मिनट पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर के कपाट खोले।

हालांकि, कोरोना संक्रमण की वजह से सीमित संख्या में ही लोग शामिल हुए, जिनमें मंदिर के पुरोहित-पुजारियों के अलावा धर्माधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी थे अगर अभी कोरोना नहीं होता तो मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती। ये लगातार दूसरा साल रहा जब इतनी कम संख्या में मंदिर के कपाट खोले गए बद्रीनाथ के कपाट खुलने के अलावा आज ही भैरवनाथ के कपाट भी खुल गए। भैरवनाथ का मंदिर केदारनाथ से तीन किलोमीटर दूर पड़ता है और केदरनाथ के कपाट खुलेने के बाद भैरवनाथ के कपाट खोले जाते हैं। भैरवनाथ को केदारनाथ का क्षेत्र रक्षक कहा जाता है, भैरव नाथ के कपाट खुलने के बाद आज से शुरू होंगी केदारनाथ की आरती, जब तक भैरवनाथ के कपाट न खुले तब तक नहीं होती है केदारनाथ की आरती।

 

– मीना छेत्री

 

यह भी पढ़े- जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर संजय शुक्ला ने खुद को मारी गोली 

जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर संजय शुक्ला ने खुद को मारी गोली

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गोमतीनगर विस्तार में सरयू अपार्टमेंट में रहने वाले संजय शुक्ला ने बीते सोमवार देर रात करीब 12 बजे खुद को गोली मार लि सूचना पर पहुंची पुलिस ने पड़ताल शुरू किया है। संजय शुक्ल जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर वाराणसी में तैनात थे। उनके घर में कुछ दिन पहले चोरी की वारदात हुई थी। जिसमें लाखों रुपये के जेवरात व नकदी साफ हो गया। वारदात के बाद ही वह वाराणसी से लखनऊ पहुंचे थे। सोमवार को उनको कार्यालय में वापस ज्वाइन करना था। मूलरुप से आजमगढ़ के रहने वाले संजय शुक्ला जीएसटी में असिस्टेंट कमिश्नर है। उनकी तैनाती वाराणासी में है। गोमतीनगर विस्तार के सरयू अपार्टमेंट में उनका एक फ्लैट है। सोमवार रात परिवार के सभी सदस्यों ने खाना खाया। इसके बाद अपने कमरे में सोने चले गये। रात करीब 12 बजे संजय शुक्ला ने अपने लाइसेंसी असलहे से खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य कमरे की तरफ भागे। कमरे में संजय शुक्ला बेड पर खून से लथपथ पड़े थे।

आनन-फानन में परिजन उनको लेकर पास के अस्पताल गये। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पड़ताल शुरू की। एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव के मुताबिक लाइसेंसी असलहे से गोली मारने की सूचना है। पड़ताल की जा रही है। अभी कारण के बारे में पता नहीं चल सका है।

– मीना छेत्री

 

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ताऊ ते तूफान की वजह से फंसा भारतीय जहाज P-305 समुद्र में डूबा

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मुंबई से 175 किलोमीटर दूर हीरा ऑयल फील्ड्स के पास ताऊ ते तूफान की वजह से फंसा भारतीय जहाज P-305 समुद्र में डूब गया है। भारतीय नौसेना ने इसमें सवार 146 लोगों को बचा लिया है, जबकि 130 से ज्यादा लोग लापता हैं। इसी जगह एक और भारतीय जहाज फंसा है। इसमें सवार लोगों को बचाने के लिए INS कोलकाता को भेजा गया है। बताया जा रहा है कि इसमें 137 लोग सवार हैं। इनमें से 38 को सुरक्षित निकाल लिया गया है।

कमांडर विवेक मधवाल ने बताया

भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने बताया, ‘बॉम्बे हाई इलाके में स्थित हीरा तेल क्षेत्र में नौका ‘पी-305’ की मदद के लिए INS कोच्चि को भेजा गया था। INS तलवार को भी खोज और राहत अभियान के लिए तैनात किया गया था। दूसरे जहाज यानी GAL कंस्ट्रक्टर से भी इमरजेंसी मैसेज मिला था, जिस पर 137 लोग सवार हैं और वह मुंबई तट से आठ नॉटिकल मील दूर है। इसकी मदद के लिए INS कोलकाता को रवाना किया गया है। नेवी के हेलिकॉप्टर स्टैंड बाय रखे गए हैं। मौसम में थोड़ा सुधार होने पर इन्हें रेस्क्यू में लगा दिया जाएगा। चक्रवात को देखते हुए भारतीय नौसेना के 11 गोताखोर दल तैयार रखे गए हैं। बारह बाढ़ राहत दल और मेडिकल टीम को भी तैनात किया गया है। तूफान प्रभावित राज्यों में जरूरत पड़ने पर इन्हें भेजा जाएगा।

 

शिवानी

 

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स्वास्थ्य मंत्री को अपशब्द कहने वाले डॉक्टर ओपी आनंद का नया बखेड़ा

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सूबे के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को अपशब्द कहने के बाद विवादों में घिरे आदित्यपुर के 111 सेव लाइन अस्पताल के संचालक डॉक्टर ओपी आनंद ने किया नया बखेड़ा। डॉक्टर ने अपने अस्पताल में मरीजों का इलाज करने से मना कर दिया है।

साथ ही कहा है कि प्रशासन अस्पताल में भर्ती मरीजों को कहीं अन्य शिफ्ट करे। डॉक्टर ओपी आनंद ने इस बाबत सरायकेला-खरसावां जिले के उपायुक्त को पत्र लिखा है। पत्र में आग्रह किया है कि मरीजों को कहीं अन्य जगह पर स्थानांतरित किया जाए। वे फिलहाल भर्ती मरीजों की देखरेख कर रहे हैं, लेकिन नए मरीजों को तत्काल प्रभाव से भर्ती लेना बंद कर दिया है। वे अब अस्पताल चलाना नहीं चाहते हैं।

भेजे गए पत्र में लिखा

डा. आनंद ने उपायुक्त को जो पत्र लिखा है, उसमें कहा गया कि उनके संस्थान पर मामला दर्ज किया गया है। जिला प्रशासन व जिला स्वास्थ्य विभाग से आग्रह है कि उनके अस्पताल में इलाजरत कोविड के मरीज को दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए। इसके साथ ही डायलिसिस कराने वाले मरीज स्वेच्छा से दूसरे स्थान पर अपनी चिकित्सा करा सकते हैं। नए मरीजों का दाखिला या एडमिशन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। अत्यधिक इमरजेंसी होने पर ही मरीजों का इलाज किया जाएगा।

 

शिवानी

 

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