भारत और चीन के बीच 11वें दौर की बैठक आज

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भारत और चीन  के बीच सीमा पर तनाव खत्म करने और डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया  पर चर्चा के लिए शुक्रवार को 11वें दौर की बैठक होने जा रही है। कहा जा रहा है कि इस बैठक में पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) यानि चीन की सेना के साथ हॉट स्प्रिंग्स, गोगरा और देपसांग के मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है। यह जानकारी अधिकारियों ने दी है। बताया जा रहा है कि कमांडर स्तर की यह बैठक भारतीय पक्ष के चुशुल-मोल्दो में सुबह 10.30 बजे शुरू होगी।

साप्ताहिक ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को कहा ‘हम बाकी बचे इलाकों में डिसइंगेजमेंट देखना चाहेंगे, जिससे पूर्वी लद्दाख में डी एस्केलेशन बढ़ेगा।’ उन्होंने बताया कि उम्मीद है कि इससे शांति बहाल हो सकेगी। उन्होंने जानकारी दी ‘वर्किंग मैकेनिज्म ऑन कॉर्डिनेशन एंड कंसल्टेशन (WMCC) की 12 मार्च की बैठक के दौरान दोनों पक्ष 11वें दौर की बैठक के लिए तैयार हो गए थे।’

पैन्गोंग त्सो के दोनों किनारों पर डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया के बाद दोनों पक्षों के बीच 10वें दौर की बातचीत 20 फरवरी को हुई थी। उस दौरान दोनों सेनाओं ने अग्रिम मोर्चे पर तैनात सैनिकों, तोपों, और वाहनों को डिसइंगेजमेंट समझौते के तहत पीछे हटा लिया था। भारत और चीन के बीच यह बैठक करीब 16 घंटों तक चली थी। उस दौरान दोनों सेनाएं वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव वाले मुद्दों को ‘स्थिर और व्यवस्थित’ तरीके से सुलझाने के लिए तैयार हुई थी।

खास बात है कि दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच बीते साल मई में रिश्ते तल्ख हो गए थे।उस दौरान चीन की सेना ने भारतीय जवानों को पेट्रोलिंग करने से रोका था। वहीं, जून 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। इस झड़प में 4 चीनी सैनिकों के मारे जाने की भी खबर आई थी। सीमा पर हुए इस तनाव के बाद दोनों देशों के बीच विवाद काफी बढ़ गया था।

एक रिटायर्ड कमांडर ने बताया कि पैन्गोंग झील सेक्टर में डिसइंगेजमेंट शुरू हुआ और 10 से भी कम दिनों में खत्म हो गया। ऐसा लग रहा है कि एलएसी और दूसरे बिंदुओं पर प्रगति में कमी के कारण मामले ने शुरुआती गति खो दी है। उन्होंने कहा ‘मैं इस वार्ता से बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं करता हूं क्योंकि हम चीनियों पर पर्याप्त दबाव नहीं बना रहे हैं।’ हालांकि, डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया की शुरुआत में ही केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दावा किया था कि भारत को इस समझौते में कोई नुकसान नहीं हुआ है।

 

-निघत

 

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और खबरें

लॉकडाउन से परेशान व्यापारियों ने किया प्रदर्शन

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हरिद्वार के व्यापारियों ने अपने ही सरकार से राहत की मांग करने के लिए हाथ में थाली-कटोरा लेकर भीख मांगते हुए प्रदर्शन किया व्यापारियों ने सरकार से व्यव्यापारियों के बारे में सोचने को तैयार नहीं है और जनप्रतिनिधि भी व्यापारियों के साथ खड़े नहीं हो रहे हैं। आखिर व्यापारी जाएं तो जाएं कहां, व्यापारियों ने हर की पौड़ी पर सांकेतिक रूप से भीख मांग कर अपनी पीड़ा और आक्रोश व्यक्त किया है, अभी भी अगर सुनवाई नहीं हुई तो आगे प्रदर्शन जारी रहेगा।

प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष संजय त्रिवाल का कहना है कि आज पीएम मोदी के राज में हर की पौड़ी पर संजय पुल पर भीख मांगने का कार्य किया है। मगर यहां भी हमें भीख नहीं मिलती नजर आयी। आज भी खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है। यह मोदी जी की सरकार में व्यापारियों के अच्छे दिन चल रहे हैं? सरकार कोई राहत या पैकेज नहीं दे रही है और न ही व्यापारियों की सुध ले रही हैं उन्होंने कहा कि सरकार लॉकडाउन पर लॉकडाउन लगाए जा रही है। सारे टैक्स व्यापारी देता है मगर आज जब व्यापारी के परिवार रोजगार और व्यापारी संकट में है तो सरकार नहीं जागती है तो इससे भी बड़ा और बुरा आंदोलन करेंगे। क्योंकि व्यापारी तो मर चुका है। पिछले साल कोई राहत नहीं दी और न ही कोई जनप्रतिनिधि व्यापारियों की सुनने के लिए सामने आया है।

उन्होंने कहा कि हमारी दुकानें बंद करवा दी, व्यापारियों को दो भागों में बांट दिया गया। कुछ की दुकानें खुली हैं और कुछ की बांट दिया गया। कुछ की दुकानें खुली हैं और कुछ की बंद करवा दी गई है। हम कोविड गाइडलाइन के अनुसार कार्य करने के लिए तैयार हैं। हम अपने परिवार का पेट कहा से भरें। जब तक व्यापारियों को कोई राहत नहीं मिल जाती है, हमारा प्रदर्शन ही जारी रहेगा।

 

– मीना छेत्री

 

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बद्रीनाथ कोरोना की वजह से लगातार दूसरे साल भक्तों के आने पर रोक

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उत्तराखंड में आज सुबह बद्रीनाथ धाम के कपाट भी खोल दिए गए। इसके साथ ही उत्तराखंड के चारों धामों के कपाट अब खुल गए हैं। हालांकि, कोरोना संक्रमण की वजह से आम श्रद्धालुओं के आने पर मनाही है। ये लगातार दूसरा रहा जब भक्तों के आने पर रोक है। पिछले साल भी कोरोना की वजह से भक्तों की एंट्री पर रोक लगा दी आज भी सिर्फ मंदिर के पुजारियों ने ही पूजा-पाठ किया बद्रीनाथ मंदिर के मुख्य पुरोहित ईश्वर प्रसाद नंबूदरी ने मंगलवार तड़के 4 बजकर 15 मिनट पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर के कपाट खोले।

हालांकि, कोरोना संक्रमण की वजह से सीमित संख्या में ही लोग शामिल हुए, जिनमें मंदिर के पुरोहित-पुजारियों के अलावा धर्माधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी थे अगर अभी कोरोना नहीं होता तो मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती। ये लगातार दूसरा साल रहा जब इतनी कम संख्या में मंदिर के कपाट खोले गए बद्रीनाथ के कपाट खुलने के अलावा आज ही भैरवनाथ के कपाट भी खुल गए। भैरवनाथ का मंदिर केदारनाथ से तीन किलोमीटर दूर पड़ता है और केदरनाथ के कपाट खुलेने के बाद भैरवनाथ के कपाट खोले जाते हैं। भैरवनाथ को केदारनाथ का क्षेत्र रक्षक कहा जाता है, भैरव नाथ के कपाट खुलने के बाद आज से शुरू होंगी केदारनाथ की आरती, जब तक भैरवनाथ के कपाट न खुले तब तक नहीं होती है केदारनाथ की आरती।

 

– मीना छेत्री

 

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जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर संजय शुक्ला ने खुद को मारी गोली

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गोमतीनगर विस्तार में सरयू अपार्टमेंट में रहने वाले संजय शुक्ला ने बीते सोमवार देर रात करीब 12 बजे खुद को गोली मार लि सूचना पर पहुंची पुलिस ने पड़ताल शुरू किया है। संजय शुक्ल जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर वाराणसी में तैनात थे। उनके घर में कुछ दिन पहले चोरी की वारदात हुई थी। जिसमें लाखों रुपये के जेवरात व नकदी साफ हो गया। वारदात के बाद ही वह वाराणसी से लखनऊ पहुंचे थे। सोमवार को उनको कार्यालय में वापस ज्वाइन करना था। मूलरुप से आजमगढ़ के रहने वाले संजय शुक्ला जीएसटी में असिस्टेंट कमिश्नर है। उनकी तैनाती वाराणासी में है। गोमतीनगर विस्तार के सरयू अपार्टमेंट में उनका एक फ्लैट है। सोमवार रात परिवार के सभी सदस्यों ने खाना खाया। इसके बाद अपने कमरे में सोने चले गये। रात करीब 12 बजे संजय शुक्ला ने अपने लाइसेंसी असलहे से खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य कमरे की तरफ भागे। कमरे में संजय शुक्ला बेड पर खून से लथपथ पड़े थे।

आनन-फानन में परिजन उनको लेकर पास के अस्पताल गये। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पड़ताल शुरू की। एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव के मुताबिक लाइसेंसी असलहे से गोली मारने की सूचना है। पड़ताल की जा रही है। अभी कारण के बारे में पता नहीं चल सका है।

– मीना छेत्री

 

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ताऊ ते तूफान की वजह से फंसा भारतीय जहाज P-305 समुद्र में डूबा

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मुंबई से 175 किलोमीटर दूर हीरा ऑयल फील्ड्स के पास ताऊ ते तूफान की वजह से फंसा भारतीय जहाज P-305 समुद्र में डूब गया है। भारतीय नौसेना ने इसमें सवार 146 लोगों को बचा लिया है, जबकि 130 से ज्यादा लोग लापता हैं। इसी जगह एक और भारतीय जहाज फंसा है। इसमें सवार लोगों को बचाने के लिए INS कोलकाता को भेजा गया है। बताया जा रहा है कि इसमें 137 लोग सवार हैं। इनमें से 38 को सुरक्षित निकाल लिया गया है।

कमांडर विवेक मधवाल ने बताया

भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने बताया, ‘बॉम्बे हाई इलाके में स्थित हीरा तेल क्षेत्र में नौका ‘पी-305’ की मदद के लिए INS कोच्चि को भेजा गया था। INS तलवार को भी खोज और राहत अभियान के लिए तैनात किया गया था। दूसरे जहाज यानी GAL कंस्ट्रक्टर से भी इमरजेंसी मैसेज मिला था, जिस पर 137 लोग सवार हैं और वह मुंबई तट से आठ नॉटिकल मील दूर है। इसकी मदद के लिए INS कोलकाता को रवाना किया गया है। नेवी के हेलिकॉप्टर स्टैंड बाय रखे गए हैं। मौसम में थोड़ा सुधार होने पर इन्हें रेस्क्यू में लगा दिया जाएगा। चक्रवात को देखते हुए भारतीय नौसेना के 11 गोताखोर दल तैयार रखे गए हैं। बारह बाढ़ राहत दल और मेडिकल टीम को भी तैनात किया गया है। तूफान प्रभावित राज्यों में जरूरत पड़ने पर इन्हें भेजा जाएगा।

 

शिवानी

 

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स्वास्थ्य मंत्री को अपशब्द कहने वाले डॉक्टर ओपी आनंद का नया बखेड़ा

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सूबे के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को अपशब्द कहने के बाद विवादों में घिरे आदित्यपुर के 111 सेव लाइन अस्पताल के संचालक डॉक्टर ओपी आनंद ने किया नया बखेड़ा। डॉक्टर ने अपने अस्पताल में मरीजों का इलाज करने से मना कर दिया है।

साथ ही कहा है कि प्रशासन अस्पताल में भर्ती मरीजों को कहीं अन्य शिफ्ट करे। डॉक्टर ओपी आनंद ने इस बाबत सरायकेला-खरसावां जिले के उपायुक्त को पत्र लिखा है। पत्र में आग्रह किया है कि मरीजों को कहीं अन्य जगह पर स्थानांतरित किया जाए। वे फिलहाल भर्ती मरीजों की देखरेख कर रहे हैं, लेकिन नए मरीजों को तत्काल प्रभाव से भर्ती लेना बंद कर दिया है। वे अब अस्पताल चलाना नहीं चाहते हैं।

भेजे गए पत्र में लिखा

डा. आनंद ने उपायुक्त को जो पत्र लिखा है, उसमें कहा गया कि उनके संस्थान पर मामला दर्ज किया गया है। जिला प्रशासन व जिला स्वास्थ्य विभाग से आग्रह है कि उनके अस्पताल में इलाजरत कोविड के मरीज को दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए। इसके साथ ही डायलिसिस कराने वाले मरीज स्वेच्छा से दूसरे स्थान पर अपनी चिकित्सा करा सकते हैं। नए मरीजों का दाखिला या एडमिशन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। अत्यधिक इमरजेंसी होने पर ही मरीजों का इलाज किया जाएगा।

 

शिवानी

 

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बिहार में वैक्सीन को लेकर राजनीति

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बिहार में वैक्सीन को लेकर एक बार फिर सियासत शुरू हो गई है। BJP के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने RJD से पूछा है कि लालू प्रसाद और राबड़ी देवी ने वैक्सीन क्यों नहीं लगवाई? उन्होंने कहा कि आपदा में राजनीति का अवसर खोजने वाले कांग्रेस-राजद जैसे विपक्षी दल भारतीय वैक्सीन की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठाने या इसका मजाक उड़ाने में लगे रहे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण की गति तेज नहीं हो पाई। कोई इसे ” भाजपा का टीका ” कह रहा था, तो कोई प्रधानमंत्री को पहले कोवैक्सीन लगवाने की चुनौती दे रहा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित अनेक अतिविशिष्ट लोगों ने टीका लगवाकर जनता में विश्वास पैदा किया। उन्होंने यह भी पूछा है कि RJD के कितने विधायकों ने वैक्सीन लगवाई? क्या RJD ग्रामीणों-गरीबों को टीकाकरण से दूर रख कर उनकी जिंदगी को खतरे में डालना चाहती है?

सरकार का दिल-दिमाग पत्थर का

RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद ने सोशल मीडिया पर अपनी गुस्सा जाहिर किया है और कहा है कि महामारी और विपदा की इस घड़ी में जनता के प्रति इस सरकार का रवैया, आचरण. व्यवहार और कर्म एकदम निम्न से निम्न स्तर का है। इस सरकार का दिल और दिमाग एकदम पत्थर का है।

 

शिवानी

 

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