डॉक्टर समेत 382 कोरोना संक्रमित, चार की मौत

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तीन डॉक्टर समेत 382 कोरोना संक्रमित, चार की मौत

  • सहारनपुर में कोरोना के नए 38 केस मिले
  • शामली में भी 4 संक्रमित पाए गए
  • सबसे ज्यादा मेरठ में 1939 एक्टिव केस

उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

संक्रमित लोगों की संख्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। मेरठ और आस-पास के जिलों में भी कोरोना ने रफ्तार पकड़ ली है।

बीते दिन तीन डॉक्टर समेत 382 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए और चार लोगों की मौत हुई।

बुधवार को कोरोना के कुल 5753 सैंपल्स की जांच की गई। 950 सैंपलों की जांच रिपोर्ट बाद में पता चलेगी।

122 मरीज डिस्जार्च हो गए 1,106 लोग होम आइसोलेशन में हैं। मेरठ में सबसे ज्यादा 1939 एक्टिव केस

हैं। मेडिकल कॉलेज में भी चार मरीजों की मौत हुई, जिसमें एक मेरठ का मरीज है।

डॉक्टर समेत 382 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए

बीते दिन सहारनपुर जिले में कोरोना जांच के बाद 38 नए केस मिले। इसके चलते कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 8641 तक पहुंच गया।

जिलाधिकारी अखिलेश सिंह के मुताबिक बुधवार को आई रिपोर्ट में कोरोना के

38 नये मामले सामने आए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

कोरोना के दिन प्रतिदिन नये मरीज सामने आने से कोरोना मरीजों का आंकड़ा बढ़ते जा रहा है।

शामली में बुधवार को 4 कोरोना संक्रमित पाए गए जिससे शामली में अब कोरोना के 169 एक्टिव केस हो चुके हैं।

 

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Ajit Singh

Ajit Singh murder case : शूटर की हत्या में नया खुलासा

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Ajit Singh murder केस में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। अब एक नया खुलासा सामने आया है।

मीडिया में फैली खबरों के अनुसार Ajit Singh पर गोलियाँ बरसाने वालों में अधिकांश नई उम्र के

शूटर थे जो अजीत सिंह कि हत्या के लिए किराए पर मंगवाए गए थे,

इनमें एक शार्प शूटर है जिसकी उम्र बहुत कम है।

यूपी पुलिस दिन रात murder केस की जांच में जुटी

यूपी पुलिस दिन रात जांच में जुटी हुई है, कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।

मुख्तार अंसारी की बदौलत राजनीति और अपराध में सिक्का चलाने के लिए

खिलाड़ी Ajit Singh को दुशमनों ने किराए के कातिलों के सहारे मौत के घाट उतारा था।

यूपी पुलिस के अनुसार, अब तक Ajit Singh murder केस में मिले संदिग्ध एक

ही बयान दे रहे हैं कि वारदात में किराए के हत्यारों का ही इस्तेमाल किया गया था,

शार्प शूटर को आईंदा गैंग में सहूलियत मुहैया कराने का वादा किया था।

जांच में जुटी पुलिस के एक सदस्य ने कहा ‘हम लोग हत्यारों के बेहद करीब हैं।

बस जल्दबाजी में कच्चा हाथ नहीं डालना चाहते हैं ताकी हमारी जल्दबाजी में षडयंत्रकारियों

को नाजायज लाभ, मुकदकदमें के ट्रायल के दौरान अदालत में न मिल जाए।

मजबूत कडिंया और सबूत हमारे हाथ लग चुके हैं। वारदात के पीछे का मक्सद और उसमें शामिल

संदिग्धों के बारे में भी महत्वपूर्ण सुराग मिल चुके हैं अब जरुरत है घटना में शामिल लोगों के

खिलाफ सबूत इकट्ठे करने की, क्योंकि अगर पुलिस बिना मजबूत सबूत अदालत में मुलजिम

लेकर पहुंचे तो आरोपी तुरंत जमानत लेकर जेल से जल्दी से जल्दी बहार आने की कोशिश करेंगे।

ताकि Ajit Singh murder केस के गवाहों को नष्ट कर सकें,

गवाहों को नष्ट करने से केस कमजोर हो सकता है’।

 

 

-संध्या कौशल

 

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Sexual

sexual abuse का शिकार हुए UP के बांदा जिले में 70 बच्चे

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UP  में बाल sexual abuse को लेकर दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है।

UP के बांदा जिले में बर्खास्त सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर रामभवन पर 70 बच्चों का

यौन शोषण करने का आरोप लगा है। सीबीआई जांच में सामने आया है कि रामभवन ने 70 से अधिक

बच्चों को sexual abuse किया है। सीबीआई ने आज आरोपी रामभवन को फॉरेंसिक और मेडिकल जांच के लिए

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थन (एम्स) की टीम के सामने पेश किया। रामभवन को धारा 17 पासको एक्ट

और 120 आईपीसी के तहत गिरफ्तार किया गया। रामभवन की पत्नी दुर्गावती पर धारा-17 (child sexual

abuse के अपराध और मदद करने, छुपाने) और 120-b  (षडयंत्र में शामिल होने) के तहत मामला

दर्ज  किया गया है। UP के इस  मामले में और भी लोगों की भूमिका होने की बात

कही जा रही है। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही कुछ और लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।

रामभवन को CBI ने कुछ समय पहले नाबालिकों के sexual abuseके आरोप में चित्रकूट से गिरफ्तार किया गया था।

बताया जा रहा है कि आरोपी रामभवन ने चार साल के बच्चों से लेकर 22 साल तक के युवकों के

साथ तक sexual abuse बनाए थे। रामपाल की हरकतों के वीडियो सामने आने के बाद सीबीआई ने

उस पर शिकंजा कस लिया था।  सीबीआई सामने आए वीडियो में मौजूद आवाजों की

वाॉइस सैंपल की तैयारी कर रही है।

 

-संध्या कौशल

 

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किसान ने खुद को मारी गोली, पुलिस जांच में जुटी

किसान ने खुद को मारी गोली, पुलिस जांच में जुटी

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उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में आज सुबह एक किसान ने खुद को गोली मार दी।

सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच पड़ताल शुरू

कर दी है। आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मृतक

किसान का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

किसान ने क्यों उठाया ये कदम?

मृतक किसान कमलेश सिंह बबुरी थाना क्षेत्र का रहने वाला था।

पिछले कुछ समय से किसान किसी बात को लेकर परेशान बताया जा रहा था।

जानकारी के मुताबिक किसान ने सुबह नाश्ता किया और अचानक तमंचे से खुद को

गोली मार दी। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोगों की भीड़ कमलेश के

घर में एकत्रित हो गए। आनन-फानन में परिवार वालो ने कमलेश को निजी ट्रॉमा सेंटर

पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने जांच कर कमलेश को मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामले की

जांच पड़ताल में जुट गई, पुलिस ने आस-पास रहने वाले सभी लोगों से पूछताछ करना शुरु कर दिया है

, लेकिन मृतक किसान कमलेश ने गोली क्यों मारी अभी तक इस बात का पता नहीं चल सका है।

प्रीति बिष्ट

 

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उत्तरप्रदेश

उत्तरप्रदेश में टेरर फंडिंग के आरोप में 6 संदिग्ध गिरफ्तार

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उत्तरप्रदेश के आंतंकवाद निरोधी दास्ता (यूपी एटीएस) ने रोहिंग्या और टेरर फंडिंगं के मामले में 6 संदिग्धों को हिरासत में लिया है।

एटीएस ने पांच जिलो में मारे छाप मार कर इन संदिग्धों को गिरफ्त में लिया। सभी से पूछताछ की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक प्रदेश के अन्य जिलों के साथ ही दूसरे राज्यों में भी छापे की कार्रवाई की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक यूपी एटीएस की एक टीम मुंबई भी गई है।

एटीएएस ने तकनीकी सहायक लिया हिरासत में

संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद ब्लाक में एटीएस की टीम ने अब्दुल मन्नान(तकनीकी सहायक) नाम के एक व्यक्ति

को हिरासत में लिया।उसके साथ तीन ओर लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।

अब्दुल मन्नान को एटीएस ने गोस्त मंड़ी के मोतीनगर से उठाया।

एटीएस ने संदिग्धों को फर्जी पासपोर्ट बनवाने और टेरर फंड़िंग के मामले में गिरफ्तार किया है।

हिरासत में लिए गए अब्दुल मन्नानके परिजनों ने बाताया कि पांच लोगों की टीम उनके घर आई

और अब्दुल को उठा कर ले गई।

परिजनों ने एसपी मुख्यालय पहुंचकर अब्दुल मन्ना के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की,

लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस उन्हें कुछ भी नहीं बता रही है।

 

-किरन

 

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गैंगरेप

50 वर्षीय महिला की गैंगरेप कर हत्या कर दी गई

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यूपी के बदांयू जिले में 50 वर्षीय एक महिला की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई है।

पुलिस के मुताबिकतीन लोगों पर इसका आरोप लगा है। पुलिस ने मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

मामला रविवार की देर शाम का है।

 लाश का एक पैर टूटा हुआ है

सोमवार की सुबह महिला के घर से ली गई तस्वीरों में दिख रहा है कि एक खाट पर शव पड़ा है

और परिवार के सदस्यों समेत अन्य ग्रामीण उसे घेऱे हुए हैं।

लाश एक पीली चादर से ढकी हुई है, जो खून से लथपथ दिखाई देती है।

एक पैर टूटा हुआ है जो झुका हुआ दिखाई दे रहा है।

दरवाजे पर गिरा दिया और छोड़कर भाग गए

मृतक महिला के बेटे ने स्थानीय मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “वे लोग इन्हें (महिला को) अपनी गाड़ी में लाकर यहां छोड़ गए।

यहां पहुंचने तक वह मर चुकी थीं। पुजारी और अन्य लोगों ने उन्हें दरवाजे पर गिरा दिया और जल्दी से छोड़कर भाग गए।

” महिला के बेटे ने स्थानीय मीडिया से कहा, “मेरी मां रोज पूजा करने के लिए वहां जाती थी।

रविवार को वो शाम पांच बजे के करीब पूजा करने गई थीं।

वे लोग उन्हें रात के 11.30 बजे के करीब फेंक गए।”

बदायूं पुलिस ने किया ट्वीट

बदायूं पुलिस के एक ट्वीट में कहा गया है कि मामले में गैंगरेप और हत्या का केस दर्ज किया गया है और दो गिरफ्तारियां की गई हैं।

पुलिस के प्रमुख संकल्प शर्मा ने भी दो गिरफ्तारियों की पुष्टि की हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि लापरवाही के लिए स्थानीय पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।

बदायूं के पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने कहा, “प्रारंभिक जांच में पाया गया है

कि स्थानीय थाना प्रभारी ने मामले को संभालने में लापरवाही की है। मैंने उनके निलंबन का आदेश दिया है।”

सोमवार को सामने आया था आरोपी पुजारी का एक वीडियो

सोमवार को आरोपी पुजारी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उसने दावा किया है

कि महिला मंदिर के पास एक कुएं में गिर गई थी। वीडियो में उसने दावा किया,

“मैंने दो लोगों को उसे कुएं से निकालने के लिए बुलाया था।

हम लोगों ने मिलकर उसे कुएं से निकाला था। जब हमने उसे घर पर छोड़ा था, तब वह जिंदा थी।

” हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि किसने इस वीडियो को बनाया है और कहां बनाया है?

 

-शिवम वालिया

 

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योगी

सीएम योगी का नया कानून गांव में लगेगी फैक्ट्री, मिलेगा रोजगार

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रहते  प्रदेश के गांव में बनेगा उद्योग और प्रवासीयों को रोजगार मिलेगा ।

सरकार के इस निर्णय पर यूपी को  आत्मनिर्भर बनाने का एक बड़ा कदम उठाया है।

इस फैसले के चलते यूपी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को भी आगे बढ़ाने का अच्छा मौका है।

जिसके तहत गांव में औद्योगिक श्रेणी को प्रतिष्ठा करने में आसान होगा।

उत्तर प्रदेश को  औद्योगिकरण और रोजगार का मौका दिलाने के लिए सरकार आने वाले साल

में 20 लाख का नया एमएसएमई को वित्त अभिलाषित लक्ष्य को लेकर चल रही है।

इस लक्ष्य को सम्पूर्ण करने के लिए सबसे जरूरी होगा की उद्योगीक नीतियों को आसान बनाया जाए।

इस योजना को सफल करने के लिए बीते 23 दिसंबर 2020 को यूपी सरकार ने कैबिनेट बाय

सर्कुलेशन के तहत खेती की जमीन को गैर कृषि भूमि साबित करने के लिए चारदीवारी की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है।

योगी  सरकार के ऐसे करने का कारण है कि प्रदेश में निवेश को आगे बढ़ाना है।

उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-80 की उपधारा (2) में खेती की जमीन

को गैर कृषि भूमि साबित करने के लिए चारदीवारी का होना अनिवार्य था।

इस कानून के जरिए जो व्यक्ति अगर साढ़े 12 एकड़ से ज्यादा खेती जमीन पर उद्योग करते हैं

और व्यवसायिक गतिविधियों के लिए उसका जमीन इस्तेमाल करते हैं

तो उस पर चारदीवारी का निर्माण कराना जरूरी था ।

और इस नियम के बिना लैंड यूज बदलना संभव नहीं था।

इसके वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में कम उद्यम लग रहे थे और

निवेशकों को मुश्किल का सामना करना पर रहा था।

सरकार की शर्त

सरकार इस नीति को खत्म करने के साथ ही कुछ शर्तों को भी जोड़ा है।

इस काम के लिए कृषि भूम का भू उपयोग बदल दिया जाएगा

और निवेशक को कार्य पांच साल के अंदर शुरू करना जरूरी होगा।

सरकार के मुताबिक इस फैंसले के बाद अब बड़े जोरो शोरो से गांव में

छोटे बड़े उद्योग लगेंगे और ग्रामीणों को रोजगार भी मिलेंगे।

इस निर्णय से सूबे का   एमएसएमई सेक्टर भी काफी अच्छा बनेगा।

औद्योगिक संगठनों से जुड़े हुए बड़े उद्यमियों का कहना है

कि सरकार ने जो फैंसले लिए उससे ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि उत्पाद

और पशुधन से जुड़े उद्यम लगाने के लिये लोग आगे निकल कर आएंगे।

जिससे रोजगार भी बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती भी मिलेगी।

 

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