उत्तराखंड में कोरोना से 798 डॉक्टरों की मौत

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on telegram
Listen to this article

IMA ने मंगलवार को कहा है कि देशभर में कोरोना की दूसरी लहर चलते 798 डॉक्टरों की मौत हो गई। सबसे अधिक 128 डॉक्टरों ने दिल्ली में अपनी जान गंवाई इसके बाद बिहार में 115 डॉक्टरों की मौत हुई। वहीं उत्तर प्रदेश में यह संख्या 79 है। महाराष्ट् में  23 और 24 डॉक्टरों की मौत हुई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोरोना वायरस महामारी के दौरान लोगों की मदद करने के लिए डॉक्टरों की प्रशंसा की। इसके कुछ देर बाद अध्यक्ष डॉ जेए जयलाल ने कहा कि पीएम मोदी जी ने आश्वासन दिया है कि डॉक्टरों का सम्मान और सुरक्षा की जाएगी। डॉक्टरों के योगदान का सम्मान करने के लिए हर साल की तरह देश में 1 जुलाई को राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस मनाया जाएगा।

भारत में पहला राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस जुलाई 1991 में मनाया गया था

IEAMA के अध्यक्ष डॉ जेए जयलाल ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी जी ने सुनिश्चित किया कि डॉक्टरों का सम्मान और सुरक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने टीकाकरण की जरुरत पर भी जोर दिया। डॉ बीसी रॉय की याद में हम इस वर्ष का राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस (1 जुलाई) को मनाएंगे। हमें बहुत खुशी है कि पीएम मोदी ने डॉक्टर्स डे के लिए चिकित्सा बिरादरी को बधाई दी।
इससे पहले 25 जून को, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने बताया था कि कोरोना की दूसरी लहर में 798 डॉक्टरों की जान चली गई। आइएमए की कोविड रजिस्ट्री के अनुसार 25 जून तक बिहार में सबसे अधिक 115 डॉक्टरों की मौत हुई थी। इसके बाद दिल्ली में 109, उत्तर प्रदेश में 79, पश्चिम बंगाल में 62, राजस्थान में 44, आंध्र प्रदेश 40 और झारखंड में 39 मौतें हुईं। इस बीच, भारत कोरोना के मामलों में कमी देखने को मिली।

– राजदा 

 

यह भी पढ़े- भाजपा के ख़िलाफ़ एक हुआ विपक्ष, दिखाई ताकत

 

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on telegram

और खबरें

कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए काशी विश्वनाथ के होगा दर्शन

Listen to this article

सावन में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन का दावा जमीन पर नहीं उतर पाएगा। इस साल भी शिव भक्तों को सड़क पर कतार में लगना होगा। श्री काशी विश्वनाथ धाम में चल रहे कार्य के चलते मंदिर चौक पर शिव भक्तों की कतार नहीं लगेगी। भक्तों को चौक के रास्ते काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रवेश की अनुमति होगी।

इस बार भी सावन में भक्तों को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी और बाबा का झांकी दर्शन ही मिलेगा। सावन के महीने में शिवभक्तों की कतार हर साल की तरह सड़क पर ही लगेगी। बाहर से आने वाले भक्तों को काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता का नजारा देखने को मिलेगा।

इन रास्तों से पहुंचना होगा मंदिर

मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने कहा कि मैदागिन की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को गेट नंबर 4 छत्तद्वार से होते हुए मंदिर चौक भेजा जाएगा। उन्हें मंदिर परिसर के गेट-ए से प्रवेश देकर गर्भगृह के पूर्वी प्रवेश द्वार पर जल चढ़ाने की व्यवस्था मिलेगी।

बांसफाटक से ढुंढिराज गली होकर आने वाले श्रद्धालु मंदिर परिसर के गेट-डी से प्रवेश पाएंगे और गर्भगृह के पश्चिमी द्वार से दर्शन व जलाभिषेक कर सकेंगे। सरस्वती फाटक की ओर से आने वाले श्रद्धालु गर्भगृह के दक्षिणी द्वार और वीआईपी-वीवीआईपी व सुगम दर्शन के टिकटधारी गेट-सी से प्रवेश कर गर्भगृह के उत्तरी द्वार से दर्शन करेंगे। इस दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए दर्शन पूजन होगा। बिना मास्क के किसी को भी मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

पुष्पा रावत

 

यह भी पढ़े- मुख्यमंत्री योगी आज तीन दिवसीय दौरे पर आएंगे गोरखपुर

पुलिस ने विभाग के कर्मियों के वाहनों की चेकिंग कर सड़क सुरक्षा अभियान शुरुआत की

Listen to this article

गाजीपुर में शुक्रवार को पुलिस टीम ने विभाग के कर्मियों के वाहनों की चेकिंग कर सड़क सुरक्षा सप्ताह अभियान की शुरुआत की है। इस दौरान पुलिस लाइन पहुंची यातायात की टीम ने 6 पुलिसकर्मियों की बाइक का चालान किया। ये बाइकें बिना नंबर प्लेट की थीं। इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया। अभियान की शुरुआत में ही पुलिस ने रौब दिखाने वाले पुलिसकर्मियों पर जमकर बरसे।

यातायात पुलिस ने सभी पुलिसकर्मियों को नियमों का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। एसपी के सख्त निर्देश पर जिले की ट्रैफिक पुलिस अभियान को सफल बनाने में जुटी है। महकमे के पुलिसकर्मियों के ही वाहनों पर कार्रवाई से हड़कंप मचा है।

सड़क सुरक्षा अभियान के तहत पुलिस टीम इन दिनों वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक कर रही है। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि बिना नंबर प्लेट के सड़क पर दौड़ने वालों की अब खैर नहीं है। आम नागरिक हो या पुलिस विभाग, सभी को यातायात नियमों का पालन करना होगा।

पुलिसकर्मियों को चेताया

एसपी डॉ. ओम प्रकाश सिंह के निर्देश पर यातायात पुलिस टीम ने प्रभारी अजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस लाइन में खड़े वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया। इसके तहत 1-1 वाहनों की जांच की गई है। इस दौरान बिना नंबर प्लेट के 6 बाइक मिली, जिनका चालान किया गया है। साथ ही पुलिसकर्मियों को चेताया गया कि अगर बिना नंबर प्लेट बाइक चलाई या अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन किया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

28 जुलाई तक चलाया जाएगा अभियान

यातायात प्रभारी अजय सिंह कसाना ने बताया कि बिना नंबर प्लेट की बाइक के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। पुलिसकर्मियों के बिना नंबर प्लेट बाइक के चालान से ही अभियान की शुरूआत की गई है। सड़क सुरक्षा सप्ताह अभियान 28 जुलाई तक चलाया जाएगा।

पुष्पा रावत

 

यह भी पढ़े- मथुरा एक्सप्रेस वे पर हुई सड़क दुर्घटना में देवभूमि का लाल शहीद

बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर ने मिर्जापुर-भदोही में जन समस्याएं सुनीं

Listen to this article

बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर ने भदोही में कहा कि बसपा आगामी विधानसभा चुनाव की सभी सीटों पर जीत के बाद बसपा फिर से राज्य की बागडोर संभालेगी। बूथ से लेकर सेक्टर स्तर तक कार्यकर्ताओं ने कमर कस ली है। राजभर शुक्रवार को भदोही जिले के औराई ब्लॉक के अमीरपट्टी गांव में लोगों से मिल रहे थे और उनकी समस्याएं सुन रहे थे। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष मिर्जापुर के लिए रवाना हो गए।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा चुनाव-2022 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे है। वैसे-वैसे प्रमुख दलों के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों की दस्तक ग्रामीण क्षेत्रों की ओर बढ़ने लगी है। केंद्र और प्रदेश में शासन सत्ता का सुख लेने वाली सरकार में महंगाई, भ्रष्टाचार, अत्याचार, अपराध का बोलबाला है। जिसे जनप्रतिनिधि सरकार की उपलब्धियां बता रहे हैं।

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही योजना

बसपा शासन में जनकल्याणकारी योजनाएं पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती थी। खोखली घोषणाएं करने वाली सरकार में योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं। हत्या, लूट, छिनैती, दुष्कर्म से गरीब, मजदूर, किसान और बेरोजगार परिवार पीड़ित हैं जिन्हें न्याय मिलना संभव नहीं है। दबे-कुचले लोगों की भलाई सिर्फ बसपा शासन में है जिसकी ओर हर वर्ग देख रहा है। इस दौरान ग्रामीणों ने माला पहनाकर उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद राजभर मिर्जापुर के लिए रवाना हो गए।

बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे गरीब

पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के शासनकाल में गरीबों के लिए 26 योजनाएं चलाई गई थीं। समाज के कमजोर वर्गों को इसका लाभ मिलता रहा। लेकिन आज गरीब बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। ये बातें बसपा प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर ने शुक्रवार को मिर्जापुर के बरौंधा कचार स्थित मैरिज हाल में कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए कहीं।

 

पुष्पा रावत

 

यह भी पढ़े- उत्तर प्रदेश में एक युवक ने अपना धर्म बदलकर युवती को फंसाया प्रेमजाल में

प्रतापगढ़ जिले में हुआ सड़क हादसा, 1 की मौत 2 की हालत गंभीर

Listen to this article

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया है। हादसे में असिस्टेंट प्रोफेसर के चचेरे भाई की मौत हो गई है। जबकि 2 की हालत गंभीर है। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुंडा कोतवाली के लखनऊ-प्रयागराज बाइपास पर यह घटना हुई है। कंटेनर और कार में आमने-सामने की जबरजस्त टक्कर हुई है। कार के परखच्चे उड़ गए। आनन-फानन पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद शवों को कार से बाहर निकाला है।

सीएमपी डिग्री कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर

साथ ही घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया है। यहां से घायलों को प्रयागराज रेफर कर दिया गया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। हादसे में सीएमपी डिग्री कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर अर्जिता श्रीवास्तव और उनकी चचेरी बहन अंशी की मौत हुई है।

कहा जा रहा है कि दोनों चचेरी बहनें परिवार के साथ भदोही जिले से भाई की पत्नी को विदा कराने के लिए लखनऊ जा रही थीं, तभी उनकी कार सामने से आ रहे कंटेनर से भिड़ गई। इसमें दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि असिस्टेंट प्रोफेसर का भाई अभिशांत और चचेरा भाई रचित गंभीर रूप से जख्मी हो गए है।

उन्हें एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अर्जिता सीएमपी डिग्री कॉलेज के केमिस्ट्री विभाग में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर कार्यरत थीं। वह मूल रूप से भदोही के ज्ञानपुर की रहने वाली थीं।

पुष्पा रावत

 

यह भी पढ़े- जवां क्षेत्र के पास हुई दुर्घटना, नर्सरी पर पौधे लेकर आए थे तीनों

12 सूत्रीय मांगों को लेकर आशा वर्करों का प्रदर्शन

Listen to this article

टनकपुर में आशा वर्करों ने संयुक्त चिकित्सालय से तहसील परिसर तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य विभाग में स्थाई नियुक्ति की मांग करते हुए उन्होंने 12 सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री को भेजा ।उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर यूनियन के बैनर तले किए जा रहे आंदोलन में 12 सूत्रीय मांगों को पूरा किए जाने की मांग की गई है l जिनमें आशा वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा और न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये दिए जाने की मांग की गई है l वहीं उन्होंने रिटायरमेंट के बाद पेंशन दिए जाने की भी मांग की है l आशा यूनियन की अध्यक्ष मीरा कश्यप और लीला ठाकुर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी आशा वर्करों ने मांगे नहीं मानने की दशा में उग्र आंदोलन का ऐलान भी किया है ।
यूनियन की अध्यक्ष मीरा कश्यप ने कहा कि हमें राज्य कर्मचारियों का दर्जा दिया जाए, और आंगनबाड़ी वर्करों के बराबर मानदेय दिया जाए। ताकि हम अपने परिवार को पाल सकें l हमें बंधुआ मजदूरों की तरह काम पर लगाकर दाम नहीं दिया जाता है l जिसका हम विरोध करते हुए समाधान की मांग करते हैं ।

 

यह भी पढे़- अध्यक्ष गोदियाल गणेश ने बोले पार्टी युवाओं के सपनों को पूरा करेगी

कावड़ यात्रा पर रोक, मंगलौर पुलिस अलर्ट

Listen to this article

कोरोना को मध्य नजर में रखते हुए उत्तराखंड सरकार ने रोक लगा दी है, जिससे कोरोना जैसी महामारी को फैलने से रोका जा सके औऱ लोगों को सुरक्षित रखा जा सके और ये कोरोना जैसी महामारी प्रचण्ड रुप ने ले सकें। कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड़ पर है।

प्रशासन के लिए यह भी चुनौती बनी हुई है कि किस प्रकार कावड़ियों को उत्तराखंड आने से रोका जाए। इसी को देखते हुए कोतवाली मंगलौर में एसपीओ के साथ पुलिस प्रशासन ने एक बैठक का आयोजन किया। बैठक में बॉर्डर पर यदि कावड़िये आएंगे तो उन्हें कैसे रोका जाए विचार विचार विमर्श किया गया। कोतवाली प्रभारी यशपाल सिंह ने बताया कि बॉर्डर पर अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की जाएगी। साथ ही एसपीओ भी तैनात किए जाएंगे। यदि कोई कावड़िया उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें क्वॉरेंटाइन भी किया जाएगा।

 

यह भी पढ़े- डीएम आर राजेश ने किया मलिन बस्तियों के निरीक्षण