क्या है मोंथा तूफान

दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ बना है।

यह तूफान आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है।आज, 28 अक्टूबर की रात तक यह प्रचंड रूप में तट को पार कर सकता है।

बंगाल की खाड़ी में बने मोंथा साइक्लोन का असर उत्तर प्रदेश और बिहार में भी दिखाई दे सकता है। यहाँ बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश हो सकती है।

दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम बदलने की संभावना है। मोंथा तूफान का असर यहाँ भी महसूस किया जा सकता है।  

क्या आप जानते हैं कि इस तूफान का नाम ‘मोंथा’ क्यों रखा गया? आइए जानते हैं।

उत्तरी हिंद महासागर क्षेत्र में आने वाले चक्रवातों को पूर्व-निर्धारित नामों की सूची से नाम दिया जाता है।

इस सूची में 13 देशों का योगदान होता है। इनमें भारत, थाईलैंड, बांग्लादेश, म्यांमार, मालदीव, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका, यमन, ईरान, कतर, सऊदी अरब और यूएई शामिल हैं।

‘मोंथा’ नाम थाईलैंड ने सुझाया था। थाई भाषा में इसका मतलब है सुगंधित फूल या सुंदर फूल।

इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) इस नाम का इस्तेमाल करता है। IMD की नई दिल्ली में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RSMC) इसका संचालन करता है।

विश्व मौसम संगठन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र के ESCAP नामकरण प्रक्रिया की देखरेख करते हैं।

जब कोई नया चक्रवात बनता है, IMD सूची में से अगला नाम चुनता है। इस बार नाम है ‘मोंथा’।

हर देश 13 नामों की सूची प्रस्तुत करता है। कुल मिलाकर  13 देशों × 13 नाम = 169 नाम।

इसका नाम भले ही कोमल है, लेकिन यह चक्रवात बेहद गंभीर हो सकता है, नाम सिर्फ पहचान आसान करने के लिए रखा जाता है।