क्या ज्यादा सनस्क्रीन लगाने से स्किन को हो सकता है नुकसान

गर्मी शुरू होते ही त्वचा की सुरक्षा के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूरी हो जाता है।

डॉक्टर भी सनस्क्रीन को रोजाना लगाने की सलाह देते हैं ताकि सूरज की हानिकारक UV किरणों से बचाव हो सके।

कई लोग मानते हैं कि ज्यादा सनस्क्रीन लगाने से त्वचा को नुकसान होता है, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है।

सही मात्रा और सही तरह का सनस्क्रीन त्वचा को नुकसान से बचाता है और समय से पहले उम्र बढ़ने को रोकता है।

सनस्क्रीन दो प्रकार की होती है केमिकल और फिजिकल (मिनरल)।

केमिकल सनस्क्रीन UV किरणों को सोख लेती है, जबकि फिजिकल सनस्क्रीन त्वचा पर एक परत बना देती है जो शीशे की तरह किरणों को टकराकर वापस भेज देती है।

सेंसिटिव स्किन वालों के लिए मिनरल सनस्क्रीन ज्यादा बेस्ट मानी जाती है।

गलत प्रोडक्ट या ज्यादा केमिकल सनस्क्रीन से कुछ लोगों को एलर्जी या ड्राईनेस हो सकती है।

सनस्क्रीन को चेहरे, हाथों और खुले हिस्सों पर लगाना चाहिए और हर 2-3 घंटे में दोबारा लगाना बेहतर होता है।

सही सनस्क्रीन का नियमित इस्तेमाल त्वचा को सूरज की किरणों, झुर्रियों और स्किन कैंसर के खतरे से बचाता है।