पुणे के एक अस्पताल में बेड की कमी का मामला आया सामने

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महाराष्ट्र में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है। राज्य के अधिकांश जिलों में स्थिति बेकाबू होती जा रही है। ऐसा ही कुछ पुणे में देखने को मिला। पुणे के पिंपरी इलाके में मौजूद अस्पतालों में बेड की कमी समाने आई है। यहां समस्या इतनी बढ़ गई है कि मरीजों को ऑक्सीजन लगाकर वेटिंग एरिया में बैठने के लिए मजबूर किया जा रहा है और यहां उनका इलाज भी किया जा रहा है। प्रशासन ने कहा कि वह हालात को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहा है। इसी समय ऑक्सीजन के साथ एक अलग 7 बेड का सेटअप बनाया जा रहा है।

यह है पूरा मामला 

जानकारी के अनुसार पुणे के यशवंतराव चहवान मेमोरियल अस्पताल में कुल 400 बेड हैं, जिनमें 55 आईसीयू हैं। मंगलवार को अस्पताल के सभी बेड फुल थे। आपको बता दें कि पुणे में कुल 79 वेंटिलेटर हैं, जो मरीजों की संख्या के हिसाब से नाकाफी साबित हो रहे हैं।

ऐसे किया जा रहा इलाज

अस्पताल के सहायक प्रोफेसर डॉ. कौस्तुभ कहाने ने कहा कि पीसीएमसी क्षेत्र में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है। ऐसे में बेड की व्यवस्था होने तक ऑक्सीजन समर्थन पर रखा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जैसे ही कोई नया मरीज आ रहा है, बीमारी की गंभीरता के आधार पर उसका इलाज किया जा रहा है। अगर मरीज को ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है और बिस्तर मौजूद नहीं है, तो हमारी कोशिश है कि मरीज को समस्या न हो। उसे तुरंत ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा रहा है।

पुणे में ऐसे हैं हालात

पुणे में कोरोना की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। सोमवार को जिले में 8,075 नए कोरोना मामले दर्ज किए गए, जिसके बाद संक्रमित लोगों की कुल संख्या 5.8 लाख तक पहुंच गई है। केवल पिंपरी-चिंचवाड़ क्षेत्र में 2,152 सक्रिय मरीज हैं, जबकि संक्रमितों की कुल संख्या 1.53 लाख है।

केंद्र सरकार ने पुणे जिले को कोरोना की नई लहर से सबसे अधिक प्रभावित इलाकों के रूप में पहचाना किया है। ऐसे में पुणे प्रशासन ने शुक्रवार से जिले में नाइट कर्फ्यू लगा दिया है। इसके साथ ही शॉपिंग मॉल्स, धार्मिक स्थल, होटल, बार और सिनेमा हॉल 7 दिनों तक बंद रखने के निर्देश दिए गए थे।

 

पुष्पा रावत

 

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और खबरें

वैक्सीन लगाने के बावजूद योगी आदित्यनाथ हुए कोरोना संक्रमित

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कोरोना वैक्सीन लगाने के बावजूद भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। जिसमें सीएम योगी ने खुद ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है।साथ ही उन्होंने कहा कि शुरुआती लक्षण दिखने पर मैंने कोविड की जांच कराई थी। जिसमें  मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मैं सेल्फ आइसोलेशन में हूं और चिकित्सकों के परामर्श का पूर्णतः पालन कर रहा हूं। साथ ही सभी कार्य वर्चुअली संपादित कर रहा हूं।

प्रदेश सरकार की सभी गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। इस बीच जो लोग भी मेरे संपर्क में आएं हैं वह अपनी जांच अवश्य करा लें और एहतियात बरतें। कल ही कोरोना वायरस का प्रकोप यूपी के सीएम ऑफिस तक पहुंच गया था। इसी वजह से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद को आइसोलेट कर लिया है। उनके कार्यालय के कुछ अधिकारी कोरोना से संक्रमित पाए गए थे।

योगी ने ट्विटर के माध्यम से कल यह जानकारी दी थी। उन्होंने ट्वीट किया था कि ”मेरे कार्यालय के कुछ अधिकारी कोरोना संक्रमित हुए हैं। यह अधिकारी मेरे संपर्क में रहे हैं, अतः मैंने एहतियातन अपने को आइसोलेट कर लिया है और सभी कार्य वर्चुअली प्रारम्भ कर रहा हूं।”

 

-किरन

 

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पंजाब में 28 हजार के पार पहुँचे कोरोना के एक्टिव केस

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पंजाब में कोरोना के मामले धीर-धीरे बढ़ते जा रहे है। राज्‍य में कोरोना के संक्रमित मरीजों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है और इसके साथ ही इससे मरने वालों के आंकड़े में भी लगातार इजाफा हो रहा है। राज्‍य में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्‍या 28 हजार के पार चली गयी है। दूसरी ओर, राज्‍य में वैक्‍सीनेशन में तेजी आ रही है।

पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस से 3003 नए मरीजों की पुष्टि हुई

पंजाब में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस से 3,003 नए मरीजों की पुष्टि हुई। इस दौरान राज्‍य में कोरोना वायरस से संक्रमित 53 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही कोरोना वायरस को मात देने वालों की संख्या 2,612 रही। राज्य में पॉजिटिव मामलों की संख्या 28 हजार के पार पहुंच गई है। दूसरी बार, अब मौतों का कुल आंकड़ा भी 7609 पर पहुंच गया है। दूसरी ओर, पिछले 24 घंटे के दौरान पिछले दिनों के मुकाबले टीकाकरण के आंकड़े में कमी दिखाई दी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 64,961 लोगों को टीका लगाया गया है।

लुधियाना में सबसे ज्यादा 480 केस, होशियारपुर में सात की मौत

राज्य में 28184 पॉजिटिव मामलों में से 363 को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है जबकि 50 वेंटीलेटर सपोर्ट पर हैं। पिछले 24 घंटे में लुधियाना में सबसे ज्यादा 480, जालंधर में 391, एसएएस नगर (मोहाली) में 374, अमृतसर में 312, पटियाला में 298, बठिंडा में 268 और गुरदासपुर में 100 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

 

-मानवी कुकशाल

 

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74 साल की उम्र में वर्ल्ड ताइक्वांडो में पाया दसवां स्थान

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ताइक्वांडो में देश-दुनिया के प्रमुख खिलाड़ियों में शुमार रामगोपाल बाजपेई 74 वर्ष की उम्र में पहाड़सर लक्ष्य लेकर अपनी उड़ान भर रहे हैं। जिस उम्र में लोग चलने फिरने के लिए दूसरों का सहारा लेने को मजबूर हो जाते हैं उस उम्र में दिग्गज खिलाड़ी ने वर्ल्ड ताइक्वांडो चैंपियनशिप में उन्होंने दसवां स्थान हासिल कर कीर्तिमान बनाया है। दर्जनों बार राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय मंच पर छाप छोड़ने वाले रामगोपाल बाजपेई एशियन और वर्ल्ड कालकांडू पुणे में पदक जीतने के लिए जुटे हुए हैं। नौबस्ता के बंसत बिहार में रहने वाले रामगोपाल वर्ष 2007 में उपमंडल अभियंता टेलीफोन विभाग से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

वे ताइक्वांडो की पूमसे विद्या के दिग्गज खिलाड़ियों में ताइक्वांडो की कला कौशल और तेजी के लिए जाने जाते हैं। हाल में देश के पहले खिलाड़ी बने रामगोपाल 65 से अधिक आयुवर्ग में हुए ऑनलाइन वर्ल्ड पूमसे ताइक्वांडो के सेमीफाइनल तक पहुंच चुके हैं। रामगोपाल बतातें हैं कि वर्ल्ड पूमसे में वे दशमलव अंक से फाइनल में पहुंचने से चूक गए थे। अगली बार और बेहतर तैयारी संग खिताब जीतने का लक्ष्य लेकर तैयारी में जुटे हुए हैं।

 

-किरन

 

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खुदरा और उघोग से जुड़े संगठनों को 2020 में टारगेट किया गया

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व्यापार (Business) और पेशेवर सेवाओं से जुड़े संगठन, खुदरा एवं आतिथ्य, वित्तीय, हेल्थकेयर और उच्च प्रौद्योगिकी ऐसे क्षेत्र रहे हैं, जिन्हें 2020 में साइबर अपराधियों (Cyber Criminals) ने विशेष तौर पर टारगेट किया है। मंगलवार को जारी एक नई रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। ‘फायरआई मैंडिएंट एम-ट्रेंड्स 2021’ रिपोर्ट के अनुसार, खुदरा और आतिथ्य उद्योग से जुड़े संगठनों को 2020 में अधिक टारगेट किया गया है, जो कि पिछले साल की रिपोर्ट में 11वें स्थान की तुलना में दूसरे सबसे अधिक कामगार रहे।

हेल्थकेयर क्षेत्र में भी साइबर हमलों में काफी वृद्धि हुई, जो पिछले साल की रिपोर्ट में आठवें स्थान की तुलना में 2020 में तीसरा सबसे अधिक लक्षित उद्योग बन गया चूंकि कोरोना वायरस महामारी के बाद से स्वास्थ्य एक ऐसा क्षेत्र रहा है, जिसकी भूमिका सबसे अधिक देखी गई है। इस बीच थ्रीट एक्टर्स साइबर हमले में निपुण द्वारा बढ़ाए गए फोकस को वैश्विक महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र द्वारा निभाई गई। जबकि पिछले वर्ष की रिपोर्ट में तुलनात्मक रूप से इस क्षेत्र में साइबर घुसपैठ में गिरावट देखी गई थी। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र में अब साइबर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में साइबर हमलों की घटनाओं में 59 का इजाफा हुआ है और 2019  की तुलना में इसमें 12 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है।

साइबर सिक्योरिटी कंपनी फायरआई के सहयोगी मैंडिएंट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर चार्ल्स कार्मकल ने कहा, “संगठनों के लिए बहुउद्देशीय एक्सटॉर्शन और रैंसमवेयर सबसे अधिक प्रचलित खतरे हैं। इस वर्ष की रिपोर्ट में, प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ के लिए कम से कम 36 प्रतिशत घुसपैठ की संभावना है, जिसकी हमने जांच की है।

 

-निघत

 

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किसान सम्मान निधि योजना में फिर आने वाली है किस्त

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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनाके तहत पात्र लाभार्थी किसानों को 2,000 रुपये की तीन किस्तों के रूप में साल में 6,000 रुपये प्राप्त होते हैं। अब तक लाभार्थी किसानों को इस योजना के अंतर्गत सात किस्तें प्राप्त हो चुकी हैं। वहीं, आठवीं किस्त इस महीने में जल्द ही किसानों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। अगर आपका नाम भी पीएम किसान की लिस्ट में है, तो आपको पीएम किसान सम्मान योजना का स्टेटस चेक करते रहना चाहिए। इससे पता चलेगा कि आपको कितनी किस्त मिल चुकी है? क्‍या आपकी कोई  किस्त रुकी है ? आप किस्त रुकने की वजह भी जान सकते हैं और उसे तत्‍काल दुरुस्‍त भी करा सकते हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि यह स्टेटस कैसे चेक किया जाता है।

पीएम किसान सम्मान निधि का स्टेटस चेक करने के लिए रजिस्टर्ड किसानों को पीएम किसान सम्मान योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाना होगा।  पीएम किसान सम्मान निधि योजना के होम पेज पर ‘Farmer’s Corner’ बना हुआ है। योजना के तहत रजिस्टर्ड किसानों को इस पर क्लिक करना होगा।अब आपको ‘Beneficiary Status’ का विकल्प दिखाई देगा। इस पर क्लिक करने के बाद आप एक नए पेज पर रिडायरेक्ट हो जाओगे।

इस नए वेब पेज पर रजिस्टर्ड किसान को अपना आधार कार्ड नंबर, बैंक अकाउंट नंबर या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इन तीनों में से एक जानकारी दर्ज करने के बाद ‘Get Data’ पर क्लिक करना होगा। अब किसान का पीएम किसान सम्मान निधि स्टेटस कंप्यूटर स्क्रीन या स्मार्टफोन पर खुल जाएगा। यहां पंजीकृत किसान अपने पीएम किसान सम्मान निधि किस्त के अलावा अन्य जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।

 

-निघत

 

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उंमग ऐप पर और भी सुविधांए बड़ी आसानी से अप्लाई कर सकेंगे

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UMANG यानि यूनिफाइड मोबाइल ऐप्लिकेशन फॉर न्यू-एज गवर्नेंस को ईपीएफ ग्राहकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है। कोरोना पैंडेमिक के दौरान ईपीएफ कस्टमर्स घर बैठे-बैठे ही सर्विसेज़ का फायदा उठा सकें। उमंग ऐप पर ईपीएफ से जुड़ी हुई 16 सेवाएं पहले से उपलब्ध हैं। लेकिन अब इसमें एक नई सर्विस को भी जोड़ा जा रहा है।

उमंग ऐप पर नई सर्विस

नई सर्विस के आने से ईपीएस (कर्मचारी पेंशन योजना) सदस्य,कर्मचारी पेंशन योजना 1995 के तहत योजना प्रमाणपत्र के लिए उमंगऐप से अप्लाई कर सकेंगे।  ये योजना प्रमाण पत्र उन सदस्यों के लिए होता है जो अपना ईपीएफ में किया गया योगदान वापस लेते हैं रिटायरमेंट के बाद पेंशन लाभ चाहते है,ईपीएफओ के साथ सदस्यता बरकरार रखना चाहते हैं।

मिलेगा बड़ा फायदा

श्रम और रोजगार मंत्रालय का कहना है कि इस सर्विस से एड होने से ईपीएफ अकाउंट होल्डर सदस्यता खत्म किए बिना ईपीएस वापिस ले सकेंगे। ये योगदान वापिस लेने के बाद भी ईपीएस अकाउंट होल्डर्स को पेंशन का बेनिफिट मिलेगा। ज कोई भी मेंबर तभी अपनी पेंशन ले सकता है, जब वो कम से कम 10 सालों के लिए कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस), 1995 का सदस्य रहा हो।

क्या होता है सर्टिफिकेट का फायदा

जब आप अपनी नई नौकरी शुरू करते हैं तो इस सर्टिफिकेट से ये सुनिश्चिक हो जाता है कि पिछली पेंशन वाली सर्विस को नए कंपनी के साथ पेंशन वाली सर्विस में शामिल कर लिया जाए। इससे पेंशन लाभ में तो बढ़ोतरी होती ही है, साथ ही लाभार्थी की मृत्यु होने पर परिवार को पेंशन मिल जाती है।

नहीं लगाने होंगे ऑफिस के चक्कर

इस प्रोसेस में उमंग ऐप का ये फायदा है कि इस स्कीम सर्टिफिकेट के लिए काफी आसानी से अप्लाई किया जा सकता है। इसमें ना तो ईपीएफओ ऑफिस के चक्कर लगाने पड़ते हैं और न समय की बर्बादी होती है। इसमें आप कागज़ी झंझट से दूर रहते हैं।

करोड़ों लोगों को होगा फायदा

ईपीएफओ का अनुमान है नई सर्विस से करीब 5 करोड़ लोगों को बेनिफिट मिलगा।  उमंग ऐप पर उपलब्ध सभी सर्विसेज़ का लाभ लेने के लिए आपके पास एक्टिवयूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) और ईपीएफओ में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर होना जरूरी है। याद दिला दें कि नंवबर 2017 में उमंग ऐप को लॉन्च किया गया था। यहां कई स्कीमों की सेवाएं मिलती है। ज्यादातर लोग ईपीएफओ से जुड़ी सेवाओं के लिए इस ऐप का इस्तेमाल करते हैं। उमंग ऐप को भारत में 13 भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है।

 

-निघत

 

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