मिनी कोविड केयर सेंटर बनाने में मदद करेगा प्रशासन

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चंडीगढ़ में कोरोना के मरीज़ बढ़ने से अब अस्पतालों में बेड की कमी होने लगी है। बिना लक्षण वाले कोविड मरीजों की वजह से अस्पतालों में भीड़ न हो इसलिए प्रशासन ने छोटे-छोटे मिनी कोविड केयर सेंटर (Mini Covid Care Centers) बनाने का फैसला लिया है। जिसमें अब कोई भी संगठन, व्यक्ति, वॉलंटरी आर्गेनाइजेशन, एनजीओ, धार्मिक संगठन, कारपोरेट, फर्म या ट्रस्ट कोविड केयर सेंटर बनाने के लिए आगे आ सकते हैं।इन सेंटरों पर नजदीक एरिया के बिना लक्षण वाले मरीज रखे जा सकेंगे।इन्हें 10 दिनों बाद डिस्चार्ज किया जाएगा। मरीज़ को डिस्चार्ज करते समय यह अंडर टेकिंग ली जाएगी कि वह अगले सात दिन घर में आइसोलेट रहेगा। वहीं इस दौरान अगर कोई दिक्कत होती है तो तुरंत हॉस्पिटल में शिफ्ट किया जाएगा।

मिनी कोविड केयर सेंटर के लिए सामान्य जरूरत

-कोई जगह जिसमें वॉशरूमअटैच्ड हो और 10 या अधिक बेड लगाए जा सकें। अगर 40-50 बेड होंगे तो प्रशासन व्यवस्था करेगा।

-गद्दे, बेड शीट

-पीने योग्य पानी और सामान्य खाना, पैक्डफूड बेहतर रहेगा।

-डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ या पेशेंट केयर अटेंडेंट्स। सेवानिवृत डॉक्टर स्टाफ की मदद ली जा सकती है।

-नर्सिंग स्टाफ का 24 घंटे रोटेशन में रहना जरूरी जबकि डॉक्टर तीन से चार घंटे रह सकते हैं और फोन पर उपलब्ध रहे।

-दवाइयां

-सिक्योरिटी गार्ड

-केयर सेंटर चलाने के लिए एक व्यक्ति को मैनेजर के तौर पर रखना होगा।

-दो या तीन ऑक्सीजन सिलेंडरबी टाइप रखने होंगे।

प्रशासन का यह सहयोग रहेगा

-मिनी कोविड केयर सेंटर को अथॉराइज्ड करेगा।

-जगह उपलब्ध कराएगा अगर कोई 40-50 बेड का सेंटर सेटअप करना चाहता है।

-सेंटर में दवाएं रखने के लिए प्रिस्क्रिप्शन देगा।

-गवर्नमेंट हॉस्पिटल के डॉक्टरों की डेलीविजिट होगी।

-पेशेंटशिफ्ट करने के लिए एंबुलेंस सुविधा।

-डेलीगारबेजकोलेक्शन

 

-मानवी कुकशाल

 

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और खबरें

CLOUD BURST IN DEVPRAYAG

देवप्रयाग में बादल फटा, ITI की तीन मंजिला बिल्डिंग ध्वस्त

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उत्तराखंड के देवप्रयाग में बादल फटने से शांता नदी मे आए उफान से नगर के शांति बाजार मे तबाही आ गई। यहां स्थित आईटीआई का तीन मंजिला भवन पूरी तरह ध्वस्त हो गया। जबकि शांता नदी से सटी दस से अधिक दुकानें भी बह गईं। देवप्रयाग नगर से बस अड्डे की ओर आने वाला रास्ता और पुलिया पूरी तरह से बह गया। मलबे में किसी के दबने को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं हो पाई है।

हालांकि कोरोना कर्फ्यू के कारण आई टी आई सहित तमाम दुकानों के बन्द रहने से भारी जान माल का नुकसान नहीं हुआ है। बता दें मंगलवार शाम करीब चार बजे दशरथ पहाड़ पर बादल फटने से यहां से निकलने वाली शांता नदी में उफान आ गया। बस अड्डे से शांति बाजार होकर शांता नदी भागीरथी में मिलती है। उफान के साथ आये भारी बोल्डरों ने यहाँ शांति बाजार में तबाही मचा दी। यहां मौजूद आई टी आई की तीन मंजिला बिल्डिंग इसकी जद में आ गयी। यहाँ मौजूद सुरक्षाकर्मी दीवान सिह ने कूद कर अपनी जान बचाई।

 

कोरोना कर्फ्यू न होता तो होती बड़ी जनहानि

बाजार में कम्प्यूटर सेंटर, बैंक, बिजली, फोटो आदि की दुकानें भी ध्वस्त हो गयी। उधर शांता नदी पर बनी पुलिया ,रास्ता सहित उससे सटी ज्वैलर्स, कपड़े, मिठाई आदि की दुकाने भी उफान की भेट चढ़ गयी। शांति बाजार में लगभग करोडो के नुकसान अनुमान लगाया जा रहा है। पुलिस को यहां अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नही है। अगर कोरोना कर्फ्यू की स्थिति नही होती तो यहां बड़ी संख्या में जन हानि हो सकती थी।

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कोरोना काल में गरीबों की मुसीबतें बढ़ती जा रही है

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कोरोनाकाल में गरीब तबके की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले ही लॉकडाउन के चलते ज्यादातर लोग बेरोजगार हो चुके हैं। थोड़ी बहुत जमापूंजी से जो लोग अपना परिवार पाल रहे हैं वह भी बैंकों की मनमानी से परेशान है। बैंक से रुपये न निकलने से परेशान ऐसी ही भीड़ ने आज सौरिख में जाम लगा दिया।

कन्नौज के सौरिख नगर की बैंक आफ इंडिया शाखा के खाताधारक कई दिनों से रुपये न निकलने परेशान हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के यह खाताधारक जनता कर्फ्यू में अपनी जमापूंजी निकालने कई दिन से बैंक आ रहे हैं, लेकिन बैंक कर्मचारी उन्हें कोई न कोई बहाना बनाकर रोज वापस कर देते हैं। आज जब परेशान खाताधारक बैक पहुंचे तो भीड़ देख बैंक सुरक्षाकर्मियों मेनगेट ही बंद कर दिया। गेट बंद होने से आक्रोशित खाताधारकों ने सौरिख छिबरामऊ रोड जाम कर दिया। जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस भीड़ को समझाने में जुटी हुई है।

 

– मीना छेत्री

 

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कार हादसे में आप और कांग्रेस नेता समेत एक की मौत

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पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में सोमवार देर रात एक हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ, जब AAP और कांग्रेस के एक-एक नेता अपने तीसरे दोस्त के साथ किसी कााम से चंडीगढ़ जा रहे थे। अचानक उनकी कार की एक ट्रक के साथ हो गई। हादसे के बाद कार ट्रक के नीचे जा घुसी। पता चलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कार की बॉडी को तोड़कर तीनों को बाहर निकाला।

दो की मौके पर ही मौत हो गई, वही तीसरे ने अस्पताल ले जाने के बाद दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान संगरूर जिले के धूरी निवासी संदीप सिंगला, मनदीप सिंह ढींढसा और लुधियाना के विजय अग्निहोत्री उर्फ गोल्डी के रूप में हुई है। इनमें संदीप सिंगला आम आदमी पार्टी (AAP) की ट्रेड विंग के पदेश उपाध्यक्ष थे, वहीं विजय अग्निहोत्री कांग्रेस नेता थे। पता चला है कि तीनों सोमवार देर रात किसी काम के चलते लुधियाना से चंडीगढ़ जा रहे थे।

देर रात हुआ हादसा
करीब साढ़े 12 बजे लुधियाना-खरड़ नेशनल हाईवे पर फतेहगढ़ साहिब जिले के गांव राणवां के महेशपुरा T-प्वाइंट के पास इनकी कार रॉन्ग साइड से आ रहे एक ट्रक के नीचे घुस गई। इस बारे में खमाणों के थाना प्रभारी हरमिंदर सिंह ने बताया कि हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया है। ट्रक को कब्जे में लेकर चालक की तलाश की जा रही है। वहीं पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।

-शिवानी माजिला

 

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राघव जुयाल ने दून पुलिस को दिए तीन आक्सीजन कंसन्ट्रेटर मशीन

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कोरोना वायरस के संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान विपदा की इस घड़ी में विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा व्यक्तियों द्वारा आगे आते हुए दून पुलिस को सहयोग प्रदान करने की इच्छा जाहिर की गई है। इसी क्रम में टीवी इंडस्ट्री के मशहूर कलाकार राघव जुयाल द्वारा क्षेत्राधिकारी नगर से संपर्क स्थापित कर दून पुलिस के लिए खालसा ग्रुप के माध्यम से तीन ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर मशीन उपलब्ध कराई गई है। जल्द ही पुलिसकर्मियों के लिए और भी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनें उपलब्ध कराने की बात कही गई।

राघव जुयाल की ओर से पुलिस कर्मीयों के लिए दी उक्त मशीनों के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने उनका आभार व्यक्त किया। साथ ही अन्य लोगों से भी विपदा की इस घड़ी में आगे आते हुए जरूरतमंद लोगों की सहायता करने का अनुरोध किया गया है।

बता दें कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर एक पोर्टेबल मशीन है, जो बिजली की मदद से चलती है। यह बीमार व्यक्तियों के लिए हवा से ऑक्सीजन बना सकती है। कोरोना संक्रमित होने पर ऑक्सीजन का स्तर कम होने पर कर्मचारी या उनके परिवार के सदस्य ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन का लाभ उठा सकेंगे।

-मानवी कुकशाल

 

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उत्तराखंड में दूसरे राज्यों से सप्लाई हो रही है ऑक्सीजन

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उत्तराखंड में भले ही इस समय प्रतिदिन 300 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन तैयार हो रही है, लेकिन इसके बावजूद उत्तराखंड को ऑक्सीजन सप्लाई के लिए दूसरे राज्यों की ओर देखना पड़ रहा है। इसका कारण यह है कि केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के लिए ऑक्सीजन का कोटा तय कर दिया है। ऐसे में यहां तैयार हो रही ऑक्सीजन दूसरे राज्यों को जा रही है और उत्तराखंड को अन्य राज्‍यों से ऑक्सीजन  लेनी पड़ रही है। इस लाने के लिए अभी कंटेनर पूरे नहीं है। अभी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के अनुपात में ऑक्सीजन  की कमी नहीं है लेकिन भविष्य में यदि मरीजों की संख्या बढ़ती है तो फिर ऑक्सीजन को लेकर स्थिति चिंताजनक हो सकती है।

उत्तराखंड में इस समय बड़ी संख्या में मरीज ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड और आइसीयू में भर्ती हैं। ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड में 10 लीटर प्रति मिनट और आइसीयू बेड में 24 लीटर प्रति मिनट के हिसाब से सप्लाई होनी चाहिए। अभी प्रदेश में 5500 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड, 1390 आइसीयू और 876 वेंटिलेटर हैं। इनके हिसाब से उत्तराखंड को प्रतिदिन 165.18 मीट्रिक टन ऑक्सीजन चाहिए। कुल उपलब्ध बेड के सापेक्ष अभी जो बेड भरे हैं, उसके लिए प्रतिदिन 130 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत है।

प्रदेश के पास अभी 126 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उपलब्ध है। इसके अलावा अस्पतालों में लगे ऑक्सीजन प्लांट से पांच मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिल रही है, जिससे मौजूदा जरूरत पूरी हो रही है। यहां गौर करने योग्य बात यह है कि उत्तराखंड के लिए केंद्र सरकार ने 183 मीट्रिक टन का कोटा तय किया हुआ है। इसमें से भी 60 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उत्तराखंड को दूसरे राज्यों से लेनी है।

मुख्य सचिव ओमप्रकाश का कहना है कि प्रदेश को शुक्रवार तक चार कंटेनर और मिलने की उम्मीद है। इससे ऑक्सीजन सप्लाई का काम बेहतर हो सकेगा। उन्होंने कहा कि अभी की स्थिति में तो ऑक्सीजन पर्याप्त है लेकिन आने वाले समय में हमें निरंतर ऑक्सीजनसप्लाई की जरूरत होगी।

-मानवी कुकशाल

 

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अनुष्का-विराट ने राहत कोष से जुटाए 5 करोड़ रुपये

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कोरोना वायरस से प्रभावित लोगों की मदद के लिए अनुष्का शर्मा और विराट कोहली ने एक राहत कोष बनाया है। इसके जारिए आने वाले पैसों से वह फ्रंटलाइन वर्कर्स और कोरोना से प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं। बॉलीवुड के इस खास कपल ने अब तक 5 करोड़ रुपये तक का फंड जुटा लिया है। इसके लिए उन्होंने हर किसी का धन्यवाद भी किया है। फंड जुटाने की जानकारी अनुष्का शर्मा ने खुद सोशल मीडिया के जरिए दी है।

उन्होंने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी पर एक पोस्ट साझा किया है। इस पोस्ट में अनुष्का शर्मा ने लिखा, ‘इस मील के पत्थर तक पहुंचने में हमारी मदद करने वाले सभी लोगों के लिए बहुत धन्यवाद।’ सोशल मीडिया पर दिग्गज अभिनेत्री का यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। अनुष्का शर्मा के फैंस और तमाम सोशल मीडिया यूजर्स उनकी पोस्ट को पसंद कर रहे हैं। साथ ही कमेंट कर अपनी प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं।

आपको बता दें कि बीते दिनों अनुष्का शर्मा और विराट कोहली ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए एक राहत कोष बनाया है। इसमें उन्होंने 2 करोड़ रुपए की राशि समर्पित की थी। साथ ही उन्होंने लोगों से आग्रह किया था कि वह भी आगे आकर इस राहत कोष में दान दें। हाल ही में इस राहत कोष में 3.6 करोड़ रुपये की धनराशि आ गई थी। अनुष्का शर्मा ने इंस्टाग्राम पर दानदाताओं का आभार व्यक्त किया था।

अनुष्का शर्मा ने लिखा है, ‘जिन्होंने योगदान दिया है, उन सभी का आभार। हम आधे रास्ते आ चुके हैं। हमें आगे बढ़ना है।’ वहीं विराट कोहली ने भी यहीं पोस्ट शेयर किया था। उन्होंने लिखा था, ’24 घंटे से कम समय में 3.6 करोड़ रुपए की राशि जमा कर ली गई है। जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रहा है। देश की सहायता करने के लिए धन जुटाने में मदद करें, धन्यवाद।’

 

-मानवी कुकशाल

 

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