Home स्पोर्ट्स बुंदेसलीगा से फुटबॉल लीग: कड़े दिशा-निर्देशों के साथ, यूरोप में पहली लीग की वापसी

बुंदेसलीगा से फुटबॉल लीग: कड़े दिशा-निर्देशों के साथ, यूरोप में पहली लीग की वापसी

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महामारी के बीच जर्मनी में 65 दिन बाद सख्त नियमों के साथ फुटबॉल की वापसी हुई है। इस मैच में सिर्फ खिलाड़ियों के चिल्लाने और रेफरी की सीटी की आवाज ही गूंज रही थी। कोरोना वायरस महामारी के बाद बहाल होने वाली यह पहली यूरोपीय लीग है। बुंदेसलीगा के पहले मैच में ‘बोरूसिया डार्टमंड’ का सामना स्थानीय प्रतिद्वंद्वी ‘शाल्के 04’ से हुआ।

कोरोना खतरें को देखते हुए शासन के निर्देश द्वारा मैंच में सिर्फ दोनों टीमों के खिलाड़ियों के अलावा केवल सपोर्ट स्टाफ, मीडियाकर्मी व अन्य अधिकारियों को मिलाकर 322 से ज्यादा लोग नहीं होने चाहिए। 

बता दें कि मैच के दौरान गोल का जश्न कोहनी टकराकर मनाया गया। ना तो खिलाड़ियों ने हाथ मिलाया और ना ही कोई आपस में गले मिला। जो खिलाड़ी मैच में खेले वह पिछले हफ्ते क्वारंटीन में रहे थे।

वहीं सभी क्लबों के खिलाड़ियों की कोविड-19 टेस्ट हुए हैं। खिलाड़ी और टीम स्टाफ सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए कई बसों में आए थे। निर्देशों के बाद अब ना तो किसी टीम को घर में खेलने का फायदा मिलेगा और ना मेहमान टीम घाटे में रहेगी।

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण संपूर्ण विश्वभर में लॉकडाउन लगाया गया है। वहीं लॉकडाउन के कारण जर्मन फुटबॉल लीग की आर्थिक स्थिति बेहद खराब चल रही है। यदि बुंदेसलीगा के शेष नौ राउंड होते हैं तो क्लबों को टीवी अनुबंध से 300 मिलियन यूरो मिलेंगे। दो महीने के ब्रेक के बाद जर्मन फुटबॉल लीग ने मैचों की बहाली के लिए असाधारण विस्तृत योजना चांसलर एंजेला मार्केल और अन्य 16 नेताओं को भेजी थी। उन्होंने साथ ही संक्रमण को रोकने के लिए कई दिशानिर्देश भी भेजे थे। जर्मनी में अन्य यूरोपीय देशों की तुलना में कोरोना वायरस से कम मौतें हुई हैं लेकिन फिर भी दर्शकों का लौटना अब भी खतरनाक है।

 

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