CM धामी ने सीएम केजरीवाल पर इशारों-इशारों में बोला हमला

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में मुफ्त बिजली देने की घोषणा को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम लिए बगैर उन पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसी का एजेंडा चुनाव हो सकता है, लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार का एजेंडा विकास कार्यों को गति देना है। उत्तराखंड में सस्ती व 24 घंटे बिजली मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के सामने चुनौती उत्तराखंड को आगे ले जाने की है। योजनाओं का पूरा करना, रोजगार और भ्रष्टाचार मुक्त शासन देना सरकार का एजेंडा है।

CM धामी ने  मुफ्त बिजली पानी की घोषणा करने पर दिए जवाब

राज्यसभा सदस्य एवं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने उत्तराखंड दौरे को लेकर केजरीवाल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केजरीवाल को पहले दिल्ली की जनता से किए गए वादों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने दिल्ली में मुफ्त बिजली का वादा किया था, लेकिन हर बिल के साथ सरचार्ज, एनर्जी चार्ज, फिक्स्ड चार्ज के नाम पर हर उपभोक्ता से पैसा वसूल किया जा रहा है। मुफ्त पानी की घोषणा करने वाले केजरीवाल टैंकरों से पानी पिला रहे हैं।

देवभूमि की जनता दिल्ली के कार्यकाल को नजदीक से देख रही है

उन्होंने कहा कि मोहल्ला क्लीनिक की सच्चाई कोरोना काल में जगजाहिर हो चुकी है। दिल्ली में कोई नया अस्पताल नहीं खोला गया। स्कूलों को लेकर किया गया प्रचार हवाई साबित हुआ है। बलूनी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता जागरूक है। केवल मुफ्त के फार्मूले से सत्ता के सपने नहीं देखे जाने चाहिए। देवभूमि की जनता आप के दिल्ली के कार्यकाल को नजदीक से देख रही है।

 

सीसीटीवी महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर एक भी इंच आगे न बढ़ना, आप पार्टी के चुनावी हथकंडों को उजागर कर चुका है। काठ की हांड़ी बार-बार नहीं चढ़ती है। अनिल बलूनी ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली के झूठ का देवभूमि में प्रायश्चित करेंगे, ऐसा करने के बजाय उन्होंने एक कदम और आगे बढ़कर वोट के लिए चुनावी दाना डाला। परिपक्व जनमानस वाले प्रदेश में यह असफल प्रयास किया गया। उत्तराखंड की जनता राष्ट्रीय मुख्यधारा के हिसाब से सोचती रही है और उन मानकों पर केजरीवाल सदैव राष्ट्र विरोधियों के साथ खड़े नजर आए।

मीना छेत्री

 

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मानसून सत्र के हंगामे से हुई 133 करोड़ बर्बादी

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इस साल के मानसून सत्र के पहले दिन में ही हंगामा हो गया था और जब दूबारा सत्र आगे बढ़ाया गया तब भी गर्मा गर्मी का माहोल बना हुआ था। शुरुआत से ही पेगासस जासूसी और अन्य मुद्दों पर विपक्षी दलों के विरोध के बीच संसद ने 107 घंटों के निर्धारित समय में से केवल 18 घंटे ही काम किया गया। जिसके कारण करदाताओं के 133 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक अब तक 89 घंटे बर्बाद हो चुके हैं।

मानसून सत्र जो कि 19 जुलाई से शुरू हो चुका हैं और 13 अगस्त तक चलेगा लेकिन बीते दिन में केवल 13 प्रतिशत से भी कम समय के लिए काम हो पाया। जानकारी के मुताबिक लोकसभा अपने संभावित 54 घंटों में से केवल सात घंटे ही चल सकी, वहीं राज्यसभा संभावित 53 घंटों में से 11 घंटे ही चल पाई है। अब तक संसद में संभावित 107 घंटों में से केवल 18 घंटे काम हुआ।

– नैन्सी लोहानी

 

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पाकिस्तान के बल्लेबाज ने बनाया विश्व रिकॉर्ड

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T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जो कि एक विश्व रिकॉर्ड भी कहा जा सकता है। वेस्टइंडीज के साथ जारी टी20 सीरीज के दूसरे मैच में उन्होंने यह खास रिकॉर्ड हासिल किया है। पाकिस्तानी बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान ने वेस्टइंडीज के खिलाफ चार मैचों की टी20 सीरीज खेली जिसमें दूसरे मुकाबले में 36 गेंदों में 46 रन की बनाए है।

इसी के साथ उन्होंने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड कायम कर दिया। विकेटकीपर बल्लेबाज रिजवान ने अब 15 मैचों की 14 पारियों में 94 के औसत से 752 रन बनाए हैं। इस मामले में उन्होंने आयरलैंड के बल्लेबाज पॉल स्टर्लिंग के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ कर आगे बढ़े

है।

– नैन्सी लोहानी

 

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शाही ईदगाह के सचिव एडवोकेट अहमद ने प्रत्युत्तर का नहीं दिया जवाब

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शुक्रवार को शाही ईदगाह मस्जिद के सचिव ने मथुरा में श्री कृष्ण ठाकुर केशवदेव की जन्मस्थली से संबंधित भूमि मामले में उपासना स्थल अधिनियम के संबंध में जवाब दाखिल नहीं किया। उनको वादी के प्रत्युत्तर में जवाब दाखिल करना था। उधर, प्रतिवादियों में से एक सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अदालत में अभी तक हाजिर नहीं हुए हैं। अदालत ने वादी को इस संबंध में पैरवी होने का निर्देश दिया और अगली सुनवाई 16 अगस्त तय की।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि संबंधी वाद में सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में शुक्रवार को उपासना स्थल अधिनियम को लेकर बहस आगे बढ़नी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। शाही ईदगाह मस्जिद के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद ने वादी के प्रत्युत्तर का जवाब नहीं दिया। जबकि अदालत ने वादी पक्ष को अभी तक केस में गैरहाजिर चल रहे सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन को उपस्थित कराने के लिए पैरवी करने को कहा।

वादी पक्ष के एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि उन्होंने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा। जबकि शाही ईदगाह मस्जिद के सचिव तनवीर अहमद ने अपना जवाब दाखिल नहीं किया है। वादी पक्ष के अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी ने कहा कि अब इस केस में 16 अगस्त को सुनवाई होगी।

हाईकोर्ट में 3 अगस्त लगी तारीख

वादी एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि केस में जल्द सुनवाई के लिए हाईकोर्ट में डाली गई रिट पर शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने इसमें 3 अगस्त की तारीख लगाई है।

नारायणी सेना की भी सुनवाई 16 अगस्त को

नारायणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष यादव द्वारा दाखिल किए गए वाद में सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में सुनवाई होनी थी, जिसमें प्रतिवादीगणों को उपस्थित होना था लेकिन प्रतिवादीगण उपस्थित नहीं हो सके।

जिसके चलते अदालत की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। अदालत ने इसमें 16 अगस्त को सुनवाई तय की है। शुक्रवार को वादीगण की ओर से पैरवी नारायणी सेना के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अमित मिश्रा ने की। उनके साथ राष्ट्रीय सचिव अंकित तिवारी तथा नीरज शर्मा मौजूद रहे।

पुष्पा रावत

 

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किशोरी से किया दुष्कर्म का प्रयास 85 वर्षीय वृद्ध ने, कोर्ट ने सुनाई 7 साल की सजा

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किशोरी से किया दुष्कर्म का प्रयास 85 वर्षीय वृद्ध ने, कोर्ट ने सुनाई 7 वर्ष सजा उत्तर प्रदेश के जौनपुर में, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम काशी प्रसाद सिंह यादव ने शुक्रवार को एक किशोरी से बलात्कार के प्रयास के लिए 85 वर्षीय व्यक्ति को 7 साल की कैद और 52,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

मुंगराबादशाहपुर थाने में पीड़िता के पिता ने 27 अप्रैल 2015 को मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया कि 25 अप्रैल 2015 को उसकी 14 वर्षीय बेटी दोपहर में घर से दवा लेने जा रही थी। रास्ते में आरोपी हौसिला प्रसाद पटेल ने उससे कहा कि वह उसकी गेहूं की बोरी पकड़कर अंदर करा दे तो वह उसे 5 रुपये देगा। पीड़िता उसकी बात मानकर उसके साथ गेहूं की बोरी लेकर अंदर कमरे में चली गई। अंदर वृद्ध ने दरवाजा बंद कर लिया और किशारी से दुष्कर्म का प्रयास किया।

पीड़िता ने मां को पूरी बात बताई

शोर मचाने पर उसे मारा पीटा। पीड़िता की मां देर हो जाने पर उसे खोजती हुई जा रही थी तो आरोपी को भागते हुए देखा। पीड़िता ने घर आकर मां को पूरी बात बताई। पुलिस ने विवेचना कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। इस मामले में सरकारी वकील राजेश उपाध्याय, कमलेश राय व वीरेंद्र मौर्य ने अभियोजन पक्ष से पैरवी की।

पुष्पा रावत

 

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ओलिंपिक फाइनल में पहुंची भारत की कमलप्रीत कौर

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आज टोक्यो ओलिंपिक का नौवा दिन है और भारतीय महिला का शानदार प्रर्दशन देखने लायक है। डिस्कस थ्रो में कमलप्रीत कौर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। कमलप्रीत कौर महज 25 साल की है लेकिन इस खिलाड़ी ने अपनी धमाकेदार प्रदर्शन सब का दिल जीता है। उन्होंने में 64 मीटर की दूरी तक चक्का फेक फाइनल में इतिहास के पन्नों में नाम दर्ज कराया। 25 साल की उर्म की कमलप्रीत कौर का जन्म पंजाब के पटियाला में हुआ था।

पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब जिले के बादल गांव की रहने वाली यह खिलाड़ी ने ओलिंपिक में पूरे देश का नाम रोशन किया है। कमलप्रीत का बचपन से पढ़ाई लिखाई में ध्यान नही लगता था और रुची खेल की तरफ ही थी। उनकी दिलचस्पी पढ़ाई में कम देख शारीरिक शिक्षा कोच ने एथलेटिक्स की तरफ ध्यान देने की सलाह दी। साल 2012 में उन्होंने एथलेटिक्स में भाग लिया और पहली स्टेट मीट में उन्होंने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान हासिल भी किया। 24वें फेडरेशन कप सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 65 मीटर चक्का फेंककर नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस स्पर्धा में 65 मीटर बाधा पार करने वाली वह पहली भारतीय महिला बनीं है और इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा चुकी है।

 

  – नैन्सी लोहानी

 

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कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने की घोषणा

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प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जेल प्रबंधन ने उन्हें आत्मनिर्भरता के कार्य सिखाये जा रहे है। पहले चार जेलों में बंद 200 कैदियों का चुना जाएगा इन्हें चार से छह महीनों की ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि जेल से छूटने के बाद वह अपराध को छोड़ आत्मनिर्भर बन सकें।

देखने में आया है कि कई कैदी सजा पूरी करने के बाद जब जेलों से छूटते हैं तो दोबारा अपराध की दुनिया में पैर रखते हैं। इससे उनका व उनके आस-पास के लोगो का जीवन परेशानी में पड़ जाता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए जेल प्रबंधन ने यह कदम उठाया है कि यदि जेलों में बंद कैदियों को जेल के अंदर ही आत्मनिर्भर होने के कार्य सिखाए जाएंगा तो बाहर आकर वह अपना काम शुरू कर सकते हैं। इससे जहां वह अपनी जीवन शुरुआत भी कर सकेंगे वहीं दोबारा अपराध की दुनिया में कदम नहीं रखेंगे।

इन जेलों में ट्रेनिंग प्रोग्राम पुरी होने के बाद अन्य जेलों में यह कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। ट्रेनिंग प्रोग्राम में उन कैदियों को शामिल किया गया है, जिनका जेल में आचरण अच्छा रहा  व उनकी आठ से 10 महीने में सजा खत्म कर दी जाएगी।

 

राजदा राव

 

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