रोजगार और स्वरोजगार से सम्बन्धित योजनायें मिशन मोड में होगी संचालित, विभागीय सचिवो को सीएम ने सौंपी जिम्मेदारी

रोजगार और स्वरोजगार से सम्बन्धित योजनायें मिशन मोड में होगी संचालित, विभागीय सचिवो को सीएम ने सौंपी जिम्मेदारी
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युवाओं को मिले अधिक से अधिक  रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर।

प्रशिक्षित युवाओं को दिया जाए प्रभावी मार्गदर्शन।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य के युवाओं के साथ ही कोविड-19 महामारी के कारण राज्य में लौटे प्रवासियों को स्वरोजगार एवं रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिये विभागीय सचिवों को जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने इस कार्यक्रम को मिशन मोड में संचालित किये जाने के भी निर्देश दिये हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने सचिवालय में कोविड-19 के दृष्टिगत पलायन आयोग द्वारा राज्य में लौटे प्रवासियों को आजीविका के मुख्य स्त्रोत के विश्लेषण एवं इस सम्बन्ध में की गई सिफारिस से सम्बन्धित पुस्तिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कौशल विकास एवं सेवा योजना विभाग द्वारा राज्य की भावी कौशल विकास कार्यक्रमों की रणनीति रोजगार हेतु उच्च तथा मध्यम क्षेत्रों को चिन्हित कर युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने हेतु प्रशिक्षित किये जाने से सम्बन्धित पुस्तुतीकरण पर भी चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हमारा उद्देश्य राज्य के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिये सभी सम्बन्धित विभाग रोजगार परक योजनाओं के चिन्ही करण के साथ ही आपसी समन्वय के साथ कार्ययोजना पर ध्यान दें। प्रशिक्षित युवाओं का बेहतर मार्गदर्शन के साथ ही जिस क्षेत्र में युवा अपनी अभिरूचि दिखाये इसके लिये उनके मार्गदर्शन की भी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड कौशल विकास मिशन एवं ग्राम्य विकास विभाग (उत्तराखण्ड राज्य आजीविका मिशन) के मध्य एम.ओ.यू हस्ताक्षरित किया गया। इस सहभागिता से ग्राम्य विकास विभाग के अन्तर्गत स्थापित स्वये सहायता समूहों को रूरल सेल्फ इंप्लायमेंट ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों का क्रियान्वयन उत्तराखण्ड कौशल विकास मिशन के माध्यम से किये जाने की योजना के साथ ही ‘‘इंटीग्रेटेड लाइवलीहुड सपोर्ट प्रोजेक्ट’’ के अन्तर्गत राज्य का ब्रान्ड विकसित किये जाने की भी योजना है।

इसके साथ ही उत्तराखण्ड कौशल विकास मिशन, तकनीकी शिक्षा एवं नेसकॉम के मध्य त्रिपक्षीय एम.ओ.यू हस्ताक्षरित किया गया, जिसके अन्तर्गत तकनीकी शिक्षा विभाग के छात्र-छात्राओं को फ्यूचर स्किल्स/हाई एंड स्किल्स में प्रशिक्षित कर रोजगार/स्वरोजगार के अवसरों से जोड़े जाने की योजना है। इस सहयोग से युवाओं को नवीनतम कौशल में दक्ष कर उनकी रोजगारपरकता में वृद्धि किये जाने हेतु कार्य योजना तैयार की गई है।

इन दोनों एमओयू का उद्देश्य राज्य के युवाओं के कौशल में गुणात्मक सुधार कर उन्हें रोजगार/स्वरोजगार के अवसरों से जोडना है, ताकि राज्य से हो रहे पलायन पर अंकुश लगाया जा सके तथा युवाओं को स्थानीय स्तर पर आजीविका के अपसर उपलब्ध हो सके। गैरसैंण में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के संबंध में यू.एन.डी.पी द्वारा इस अवसर पर स्वरोजगार एवं कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग से सम्बन्धित प्रस्तुतीकरण भी प्रस्तुत किया गया।

पलायन आयोग के उपाध्यक्ष श्री एस.एस. नेगी ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि राज्य में लौटे 3.57 लाख प्रवासियों में से एक लाख प्रवासी वापस लौटे हैं। सितम्बर, 2020 के अंत तक कोविड-19 महामारी के कारण राज्य में लौटे प्रवासियों में से लगभग 29 प्रतिशत पुनः पलायन कर गए हैं। राज्य में लौटे प्रवासियों में से लगभग 71 प्रतिशत अपने मूल निवास या उसके पास के क्षेत्रों में चले गए हैं। इनमें से लगभग 33 प्रतिशत कृषि, पशुपालन आदि, 38 प्रतिशत मनरेगा, 12 प्रतिशत स्वरोजगार तथा 17 प्रतिशत अन्य पर आजीविका पर निर्भर हैं।

उन्होंने बताया कि जनपद अल्मोड़ा में लगभग 39 प्रतिशत लौटे प्रवासी स्वरोजगार पर निर्भर हैं जो कि अन्य जनपदों से काफी अधिक है। जनपद नैनीताल, ऊधमसिंह नगर तथा टिहरी में भी अधिक संख्या में लौटे प्रवासी स्वरोजगार पर अपनी निर्भरता दिखा रहे हैं। काफी संख्या में लौटे प्रवासी कृषि, बागवानी, पशुपालन आदि, पर आजीविका के लिए निर्भर हैं। इनमें से सबसे अधिक जनपद नैनीताल 59 प्रतिशत, पिथौरागढ़ 57 प्रतिशत, बागेश्वर 53 प्रतिशत चम्पावत 40 प्रतिशत तथा उत्तरकाशी 45 प्रतिशत में है जबकि मनरेगा पर सबसे अधिक जनपद हरिद्वार 75 प्रतिशत, पौड़ी 53 प्रतिशत, टिहरी 51 प्रतिशत तथा चमोली 43 प्रतिशत में लौटे प्रवासी आजीविका के लिए निर्भर हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में राज्य एवं जनपद स्तर पर प्रवासियों के आर्थिक पुनर्वास हेतु प्रभावी सेल गठित करने तथा उनके अनुभवों एवं आवश्यकताओं का डाटा बेस तैयार करने पर बल दिया है।

परियोजना निदेशक उत्तराखण्ड कौशल विकास मिशन एवं अपर सचिव, कौशल विकास तथा सेवायोजन विभाग श्री आर राजेश कुमार द्वारा प्रस्तुत प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि कौशल विकास कार्यक्रम की भावी रणनीति जिसमें भविष्य में रोजगार के उच्च तथा मध्यम क्षमता वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर उनमें राज्य के युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार/स्वरोजगार से जोड़ने हेतु कार्य योजना का प्रस्तुतीकरण दिया गया। उक्त कार्ययोजना में कोविड महामारी के दृष्टिगत राज्य में लौटे प्रवासी एवं राज्य के युवाओं हेतु राज्य सरकार द्वारा विकसित होप पोर्टल पर पंजीकृत युवाओं की अभिरूचि एवं क्षमता का आँकलन राज्य, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर किया गया है, जिसके आधार पर उन्हें प्रशिक्षित किया जायेगा तथा स्वरोजगार के साधनों को मिशन मोड पर बढ़ाते हुए उनसे जोड़ा जायेगा।

 

2021 कुमभ मेले को भव्य बनाने के लिए हुई बैठक, मुखय सचिव व अन्य अध्यक्ष शामिल

 

बैठक में मुख्यमंत्री के तकनीकी सलाहकार श्री नरेन्द्र सिंह आई.टी. सलाहकार श्री रविन्द्र दत्त, आर्थिक सलाहकार श्री आलोक भट्ट, मुख्य सचिव श्री ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, श्रीमती मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव श्री आनन्द वर्द्धन, सचिव श्री अमित नेगी, श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, श्रीमती राधिका झा, श्री दिलीप जावलकर सहित अन्य उच्चाधिकारी  एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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प्रियंका का योगी पर हमला, फेल हुआ योगी का ‘मिशन शक्ति’

प्रियंका का योगी पर हमला, फेल हुआ योगी का ‘मिशन शक्ति’

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बुधवार को योगी सरकार पर हमला कर बोला कि उत्तर प्रदेश की सरकार की

ओर से महिला सुरक्षा को लेकर चलाया गया ‘मिशन शक्ति’ अभियान विफल साबित हुआ है।

प्रियंका गाधी ने किया ट्वीट

उन्होंने ट्वीट किया, ‘जब सरकार का उद्देश्य केवल ढोंग व झूठा प्रचार हो तो मिशन फेल हो ही जाएंगे।

यूपी में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर पर्दा डालने के लिए भाजपा सरकार का मिशन शक्ति फेल रहा’।

इस दौरान प्रियंका गांधी ने एक खबर भी ट्वीट की और लिखा कि युवती को जलाने वालों के खिलाफ एक महीने बाद केस हो रहा है।

अपराध बढ़ते जा रहे हैं।

बता दें कि कुछ हफ्ते पहले उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने महिलाओं के खिलाफ अपराध पर

अंकुश लगाने के लक्ष्य से ‘मिशन शक्ति’ अभियान की शुरुआत की थी। इसकी शुरुआत के समय कहा गया था

कि अभियान के पहले चरण में महिला सुरक्षा के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

-शिवम वालिया

 

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उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी के निर्माण को लेकर शुरु हुई राजनीति

उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी के निर्माण को लेकर शुरु हुई राजनीति

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी मुंबई यात्रा के दौरान विशेष तौर पर डिफेंस कॉरीडोर

और उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी निर्माण से संबंधित उद्यमियों एवं फिल्म निर्माताओं से मुलाकात की।

केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र से जुड़े 101

उत्पादों का उत्पादन अब भारत में करने की योजना बनाई है।

योगी आदित्यनाथ ने कि फिल्म सिटी बनाने की घोषणा

हाल ही में अभिनेता सुशांत सिंह की मृत्यृ के बाद खड़े हुए विवाद के दौर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

ने उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी बनाने की घोषणा की थी,

ताकि उत्तर प्रदेश के कलाकारों को उनके प्रदेश में ही

काम मिल सके और प्रदेश में ही अच्छी फिल्में बनाई जा सकें।

उनकी इस घोषणा पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की ओर से कई बार तंज किया जा चुका है,

लेकिन योगी सरकार इस कार्य को पूरा करने के लिए कोशिशों में जुटी है। हालांकि की यूपी के

पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में भी वहां फिल्म सिटी बनाने एवं

उत्तर प्रदेश में फिल्में बनाने वालों को विभिन्न अनुदान व सुविधाएं देने की घोषणाएं होती रही हैं।

कुछ हद तक इन घोषणाओं का असर भी हुआ और उत्तर प्रदेश में कई अच्छी फिल्मों की शूटिंग भी हो चुकी हैं।

फिल्म सिटी के निर्माण पर राउत का तंज

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री फिल्म सिटी के अपने प्रोजेक्ट को साकार करने में जुटे हैं। इसके लिए वह मुंबई के दौरे पर पहुंचे हैं।

उन्होंने नोएडा फिल्म सिटी को लेकर अभिनेता अक्षय कुमार से मुलाकात भी की।

वहीं,  शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने पूछा है कि क्या सीएम योगी अन्य राज्यों में

बनी फिल्म सिटी को लेकर भी वहां के कलाकारों से बात करेंगे या फिर सिर्फ मुंबई में ही ऐसा करने वाले हैं?

शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, ‘मुंबई की फिल्म सिटी को दूसरी जगह शिफ्ट करना आसान नहीं है।

दक्षिण भारत में भी फिल्म उद्योग बड़ा है, पश्चिम बंगाल और पंजाब में भी फिल्म सिटी है।

क्या योगी जी इन स्थानों पर भी जाएंगे और वहां के निर्देशकों/

कलाकारों से बात करेंगे या क्या वह केवल मुंबई में ही ऐसा करने जा रहे हैं?’

कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने कहा

कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने कहा, ‘बॉलीवुड को कोई कहीं नहीं ले जा सकता और ना ही यह

किसी सरकार या राजनीतिक पार्टी के संरक्षण का मोहताज है।

सिनेमा के दीवानों ने अपनी मेहनत से इस विराट दुनिया को बसाया है और यह इंटरनल प्रक्रिया सौ वर्षों से जारी है।

नेता लोग इसे शिफ्ट करने के मुगालते में ना रहें।‘

सीएम योगी ने अपनी इस मुंबई यात्रा में मनमोहन शेट्टी, बोनी कपूर एवं सुभाष घई जैसे

दिग्गज फिल्म निर्माताओं से मिलकर फिल्म सिटी निर्माण की बारीकियों पर चर्चा की, ताकि इस दिशा में आगे बढ़ा जा सके।

-शिवम वालिया

 

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बालू से भरा ट्रक स्कॉर्पियों पर पलटा, आठ की मौत

बालू से भरा ट्रक स्कॉर्पियो पर पलटा, आठ की मौत

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है।

जहां बालू से भरा ट्रक एक स्कॉर्पियो पर पलट गया, जिससे 8 लोगों की मौत हो गयी है।

जबकि दो लोग घायल अवस्था में है। मौके पर पहुंची पुलिस-प्रशासन की टीम ने क्रेन की मदद से ट्रक को हटाया और घायलों को अस्पातल पहुंचाया।

खबरों के अनुसार दोनों घायलों की हालात गंभीर बनी हुई है।

बालू से पूरी तरह भरा हुआ ट्रक स्कॉर्पियो के ऊपर गिर गया

बता दें, की कौशांबी के कड़ा कोतवाली इलाके में देवगंज के पास से देर रात शादी समारोह से वापस आ रहे एक

परिवार पर बालू से पूरी तरह भरा हुआ ट्रक स्कॉर्पियो के ऊपर गिर गया,

जिससे उसमें बैठे 8 लोगों की मौके पर ही  दर्दनाक  मौत हो गई।

साथ ही स्कॉर्पियों को चलाने वाले ड्राइवर की भी घटना स्थल पर ही मौत हो गयी।

बारात कोखराज कोतवाली के शहजाद पुर से देवीगंज स्थित महेश्वरी गार्डन गई थी।

जिस दौरान ये भीषण घटना हो गई।

हादसा करीब सुबह के 3:30 बजे हुआ

जानकारी के मुताबिक कौशांबी के जिलाधिकारी ने बताया कि हादसा करीब सुबह के 3:30 बजे हुआ।

स्कॉर्पियो के अन्दर 8 लोग सवार थे, जिसमें ड्राइवर समेत सभी लोगों की मौत हो गयी।

मृतकों में तीन परिवार की छह महिलाएं व दो बच्चे शामिल हैं।

पूछताछ के दौरान ट्रक के ड्राइवर ने बताया कि ट्रक का टायर फटने के कारण ट्रक का बैलेंस बिगड़ गया

जिस कारण ट्रक पलट गया, उसमें भरा बालू स्कॉर्पियो पर गिर गया।

पुलिस द्वारा आगे की जांच जारी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क हादसे पर शोक

व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए मृतकों के शोक पर परिजनों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं।

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PM मोदी के लोकार्पण के बाद काशी प्रयागराज में वाहनों की संख्या में वृध्दि....

काशी-प्रयागराज में लोकापर्ण के बाद हाईवे पर वाहनों की बढ़ोत्तरी

देव दीपावली में प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी के भारत की प्राचीन नगरी काशी-प्रयागराज में लोकापर्ण के बाद हाईवे पर पिछले 24 घंटों में वाहनों की बढ़ोत्तरी हुई है।

जानकारी के अनुसार हाईवे से पिछले समय में 32 हजार गाड़ियां गुजर चुकी हैं।

इस सड़क से लोगों को  काशी से प्रयागराज की दूरी सिर्फ डेढ़ से दो घंटे में पूरी हो जाएगी।

काशी से प्रयागराज के लिए पहले चार, पांच बाजारों से गाडियों को होकर निकलना होता था वहीं अब काशी से प्रयागराज की दूरी 3:30 से 4 घंटे के बीच में हो गयी है।

बाजारों के ऊपर से हाईवे बनने के बाद अब यह दूरी आधी रह गयी है।

 

हाईवे बनाने में कितनी लागत आई

इस हाईवे के कारण कई शहरों की सड़क कनेक्टिविटी को रफ्तार मिलने लगी है।

इस हाईवे की लागत 2447 करोड़ रुपये है। हंडिया से राजातालाब तक बनी सड़क का निर्माण कार्य 5 दिसंबर 2017 को शुरू हुआ था।

वैसे इस सड़क का काम जून 2020 में पूरा हो जाता लेकिन कोरोना के चलते यह काम नवंबर में पूरा हुआ।

इस मार्ग पर पांच छोटे- बड़े फ्लाईओवर, 23 अंडरपास हैं। सड़क चार जिलों को जोड़ती है।

इनमें बनारस, मिर्जापुर, भदोही ,प्रयागराज 6-लेन में है। यह हाईवे पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की

महत्वाकांक्षी योजना स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के तहत कोलकाता से दिल्ली को जोड़ने वाली सड़क का हिस्सा है।

 लोकार्पण के बाद हाईवे से गुजरने वाली गाड़ियों की संख्या

लोकार्पण के बाद इस हाईवे से कार से लेकर मोटरसाइकिल जैसे छोटे-बड़े वाहन चले,

जिनमें पहले दिन लालानगर के टोल प्लाजा से गुजरने वाली गाड़ियों की संख्या 25 हजार से अधिक थी।

इसके अलावा मोटरसाइकिल को मिलाकर इनकी संख्या 32 हजार है। एशियाई देशों को जोड़ने वाले 72.64

किमी की सड़क फोर से सिक्स लेन हुई। इस हाईवे को बनने में 35 महीने का समय लगा।

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अल्पसंख्यकों को उद्यामी बनाएगी योगी सरकार

अल्पसंख्यकों को उद्यमी बनाएगी योगी सरकार

अल्पसंख्यकों के रोजगार के लिए योगी सरकार ने नया प्लान तैयार किया है,

जिसके तहत 525 मुस्लिमों और शेष बौद्ध, जैन व सिख समुदाय के लोगों को रोजगार मिलेगा।

उत्तर प्रदेश में सरकार 572 अल्पसंख्यकों को उद्यमी बनाएगी।

प्रदेश में स्वरोजगार बढ़ाने के लिए वित्त विकास निगम 15 साल बाद इस तरह की पहल शुरु कर रहा है।

जिसमें अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम के माध्यम से 10 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

जानकरी के अनुसार उत्तर प्रदेश के नए उद्यमियों को छोटे उद्योग और कुटिर कामों के लिए वित्त विकास नगर निगम द्वारा 20 लाख का ऋण दे सकता है।

उत्तर प्रदेश में सरकार 572 अल्पसंख्यकों को उद्यमी बनाएगी

योगी सरकार ने एक बार फिर से अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम को बहुलक  जिलों में नए

कारोबार खड़े करने के लिए निगम को सक्रिय किया है।

इनमें प्रमुख रुप से मुरादाबाद, लखनऊ, बहराइच, प्रयागराज, बरेली, गोरखपुर, सहारनपुर, बिजनौर,

शाहजहांपुर, कानपुर, आजमगढ़, मेरठ, भदोही और अमरोहा शामिल हैं।

इन जिलों में सरकार ने 572 लोगों का चयन कर लिया है। इन उद्यमियों को उद्योग शुरु कराने के लिए 1.5-3 लाख रुपये की सहायता की जाएगी।

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के आधिकारी के मुताबिक जल्द ही ऋण के कार्यक्रम आयोजित कर दिए जाऐंगे।

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने इसमें पहली बार 2005- 2006 में उद्यामी को लोन दिया था।

 

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MBBS की सभी कक्षाएं इसी सप्ताह से शुरु होगी

MBBS की सभी कक्षाएं इसी सप्ताह से होंगी शुरु

शासन के निर्देश अनुसार मोतीलाल नेहरु मेडिकल कॉलेज के छात्रों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है।

वैसे तो मोतीलाल नेहरु मेडिकल कॉलेज दिसबंर के पहले हफ्ते से खुल गया है,

लेकिन अब MBBS के द्वितीय, तृतीय और अंतिम सेमेस्टर के छात्रों के लिए कक्षा खुलने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

कोरोना के चलते काफी लंबे समय से कॉलेज बंद है,

हालांकि कॉलेजों के द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही थी।

वहीं प्रशासन अब कॉलेज प्रबंधन की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है।

कोरोना को मद्देनजर रखते हुए सारी व्यवस्थाएं की गयी हैं। कोरोना के नियमों का पालन किया जा रहा है।

नवंबर के पहले सप्ताह से MBBS प्रथम वर्ष की कक्षा लग रही है

जानकारी के मुताबिक कॉलेज प्रधानाध्यापक डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि कक्षा शुरू करने की तैयारी हो गयी है।

दिसंबर के पहले सप्ताह से कक्षा शुरू कर दी गयी है।

संबंधित शिक्षकों को तैयारी करने को कहा गया है। कोरोना नियमों व सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए छात्रों की संख्या को बांटकर कक्षा लगाई जाएगी।

इसके लिए शिक्षकों को शेड्युल बनाने का निर्देश दिया है।

संबंधित छात्र-छात्राओं को कक्षा शुरू होने व उपस्थित होने की जानकारी दे दी गई है।

ऐसे समय में कॉलेज शुरु करने के लिए अभिभावकों की सहमति होनी बेहद जरूरी है।

प्रधानाध्यापक ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में शिक्षकों की संख्या पर्याप्त है।

कक्षा व प्रैक्टिकल कराने में कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

एमबीबीएस द्वितीय, तृतीय व अंतिम वर्ष में 150-150 छात्र हैं।

साथ ही कॉलेज में नवंबर के पहले सप्ताह से MBBS प्रथम वर्ष की कक्षा लग रही है। प्रथम वर्ष में 200 सीटें हैं।

लगभग सभी छात्र-छात्राएं कक्षा में आ रहे हैं। कोरोना नियमों का पालन करते हुए इनकी कक्षाओं को हिस्सों में बांट लिया

 

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