उत्तराखंड के पर्यटक स्थलों पर उमड़ रही भीड़

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on telegram
Listen to this article

उत्तराखंड के पर्यटक स्थलों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। आलम यह है कि नैनीताल-मसूरी समेत तमाम प्रमुख हिल स्टेशन पूरी तरह पैक हैं। ऐसे में यह भीड़ प्रदेशवासियों को डरा रही है। कोरोना संक्रमण की आशंका के चलते पर्यटकों की भीड़ खतरे की घंटी बजा रही है। जबकि, इसे लेकर न तो स्वास्थ्य विभाग ही चिंतित है और न ही प्रशासन को इसकी परवाह है। उत्तराखंड में आ रहे पर्यटकों की न तो कोई चेकिंग की जा रही है और न ही जांच के लिए सैंपलिंग ही की जा रही है।

कोरोना संक्रमण की आशंका के चलते है ‘खतरे की घंटी

बीते एक सप्ताह से प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू की रियायत बढ़ा दी गई हैं। बाजार खुलने से लेकर आवाजाही में भी शिथिलता बरती जा रही है। कोरोना के मामले घटने के बाद दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। खासकर मसूरी, नैनीताल, धनोल्टी, कैम्पटी फाल, काणाताल, टिहरी झील आदि फेवरेट स्पाट बने हुए हैं। वीकेंड पर तो मसूरी और नैनीताल पूरी तरह पैक रहे। मीलों के जाम के साथ ही होटल-गेस्ट हाउस फुल होने से कई पर्यटकों को बैरंग लौटा दिया। इसके अलावा यहां बाजारों और प्रमुख पर्यटक स्थलों पर पैर रखने की भी जगह नहीं मिल रही है। ऐसे में कोरोना संक्रमण के दोबारा विकराल होने की पूरी आशंका है।

स्थानीय निवासियों को सता चिंता

स्थानीय निवासियों को यही चिंता सता रही है कि कहीं अन्य राज्यों से आ रहे पर्यटक कोरोना की तीसरी लहर का कारण न बन जाएं। हालांकि, इसके लिए सरकारी महकमा ही जिम्मेदार है। पूर्व में सीमाओं पर हो रही कोरोना जांच, बाहरी राज्यों के आगंतुकों का आरटीपीसीआर रिपोर्ट लाने की अनिवार्यता में ढिलाई दी जा रही है। न तो पुलिस कर्मी ही सख्ती से चेकिंग कर रहे हैं और न तो प्रशासन की ओर से कोरोना जांच की कोई पुख्ता व्यवस्था की गई है। रेलवे स्टेशन में जरूर आने वाले यात्रियों की जांच की जा रही है, लेकिन निजी वाहनों से आ रहे पर्यटक बेरोक-टोक प्रदेशभर में भ्रमण कर रहे हैं। वैसे तो अब भी प्रदेश में बाहर से आने वालों के लिए कोरोना जांच की रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है, लेकिन कहीं भी यह रिपोर्ट चेक नहीं की जा रही है।

– मीना छेत्री

 

यह भी पढ़े- राफेल को लेकर राहुल का वार जारी

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on telegram

और खबरें

उत्तराखंड में पहाड़ी इलाके में दो माह बाद मिला कोरोना संक्रमित व्यक्ति

Listen to this article

उत्तराखंड के जोशीमठ में आज दो माह बाद एक कोरोना संक्रमित मरीज का मामला सामने आया है। क्षेत्र के लोगों द्वारा यह बताया जा रहा है कि यह मरीज पांडुकेश्वर में ऑल वेदर रोड पर मजदूरी का कार्य करता था। इस खंबर के बाद वहां के लोग बहुत चिंता में आ गए है। इसके बाद उस मरीज को सामुदायिक स्वास्थय केंद्र गोपेश्वर में भेजा है। वंही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. राजीव गर्ग ने कोरोना मरीज की कोरोना से संक्रमित होने की पुष्टि की है। उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 22 नए कोरोना संक्रमित मिले जिनमें एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है।

तेजी से बढ़ते संक्रमर्ण के मामले

जबकि 45 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। वंही सक्रिय मामलों की संख्या 609 पहुंच गई है। वैसे तो पांच जिलों अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, टिहरी और ऊधमसिंह नगर में एक भी संक्रमित मरीज सामने नहीं आए है। वहीं दूसरी ओर  चंपावत और नैनीताल में एक-एक मामले, देहरादून में पांच, हरिद्वार और पौड़ी में दो-दो, पिथौरागढ़ में तीन, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में चार-चार संक्रमित मामले मिले है।

 

 – नैन्सी लोहानी  

 

यह भी पढे़- वाराणसी में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट में कुल 103940 विद्यार्थियों ने भरा परीक्षा फार्म

पूर्व CM हरीश रावत ने भाजप के राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी को दिया जवाब

Listen to this article

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और काग्रेस महासचिव हरीश रावत ने भाजप के राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी की सोशल मीडिया में की गई पोस्ट पर जवाब देते हुए कहा कि भाजपा ने पिछले साढ़े चार साल मे प्रदेश का कोई विकास नही किया है। यदि विकास किया होता तो फिर भाजपा को एक के बाद एक मुख्यमंत्री नहीं बदलने पड़ते।  इस पोस्ट में बलुनी ने लिखा था कि पूर्व मुख्यंमत्री हरीश रावत तुष्टिकरण की राजनीति करने के बजाय विकास के मसले पर सार्थक बहस करते तो अच्छा होता। बीते दिन इस पोस्ट के जवाब में कांग्रेस महासचिव रावत ने दो पोस्ट लिखी, पहली पोस्ट में उन्होंने भाजपा मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी से विकास व रोजगार पर सवाल-जवाब करने की पेशकश की और शाम को दूसरी पोस्ट में उन्होंने प्रदेश की अर्थव्यवस्था, जनकल्याणकारी योजनाओं व रोजगार के मसले को उठाया।

पूर्व मूखयमंत्री का भाजपा से सवाल

उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री रहते हुए उनकी सरकार ने मेरा गांव-मेरी सड़क योजना शुरू की। इससे दूरदराज के गांवों को सड़क से जोडऩे का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन भाजपा के कार्यकाल में यह योजना बंद कर दी गई। इसके साथ ही और कई योजनाए भी थी जो की बंद कर दी गई। उन्होने कहा कि भाजपा नेता  ने बताएं कि कौन-कौन सी विकास योजनाओं को तीनों सरकारों ने धरातल पर उतारा है।

 

  -रितिका चौहान

 

यह भी पढ़े- शाही ईदगाह के सचिव एडवोकेट अहमद ने प्रत्युत्तर का नहीं दिया जवाब

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य सरकार को कई मामलों पर घेरा

Listen to this article

साल 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए उत्तराखंड कांग्रेस फ्रंट फुट पर आ गई है। कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य सरकार को कई मामलों पर घेरा। पार्टी ने 22 जुलाई को गणेश गोदियाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। आज देहरादून में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने अतिथि शिक्षकों और कर्मचारियों को डीए सहित कई मद्दों पर सरकार को घेरा। प्रेस वार्ता में कांग्रेस अध्यक्ष गोदियाल  कर्मचारियों के पक्ष में उतरे। उन्होंने कर्मचारियों के फ्रीज किए गए डीए को बहाल करने की मांग की साथ ही  उपनल, मनरेगा कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने पर भी जोर दिया।

गोदियाल ने अतिथि शिक्षकों का वेतन न बढ़ने पर भी नाराजगी जताई। उन्होने कहा कि राज्य सरकार अतिथि शिक्षकों को परमेनेंट करने का रास्ता निकाले। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने memorandum जारी कर कहा कि 20 जुलाई को प्रदेश अध्यक्ष पद की घोषणा के बाद विभिन्न ब्लाक कमेटी के अध्यक्ष पदों पर नियुक्तियां की गईं, इन्हें तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाता है। नए अध्यक्ष से पहले बतौर अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने संगठन में कई नियुक्तियां की थीं।

 

   -रितिका चौहान  

 

यह भी पढ़े- देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़े, 541 मरीजों की गई जान  

प्रदॆश में आज से खुले स्कूल, छात्र-छात्राओं के चेहरों पर खुशी 

Listen to this article

आज से नौंवी से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल खुल गए हैं। छात्र-छात्राओं को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही स्कूलों में अंदर आने दिया जाएगा और कक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर ही बैठने की व्यवस्था की गई है। कोरोना संक्रमण के चलते और दूसरी लहर के कारण लॉकडाउन होने से स्कूलों को बंद कर दिया गया था। मगर आज कई माह के बाद स्कूल खुलने से छात्र-छात्राओं के चेहरे पर खुशी देखने को मिली है, वंही कक्षा में दूबारा आने का उत्साह उनके चहरों में दिखाई दे रहा है।

इन बातों का ध्यान रखना है जरुरी

इतनी जल्दी स्कूल खुल तो गए है मगर इन स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों का अभी तक वैक्सीनेशन तक नहीं हुआ है। वंही दूसरी तरफ स्कूलों के पास सैनिटाइजेशन करवाने तक के लिए अलग से फंड नहीं है। इसलिए कुछ स्कूलों ने विभाग ने स्वास्थ्य विभाग को वैक्सीनेशन के लिए 31 जुलाई को पत्र लिखा था मगर एक अगस्त को रविवार होने की वजह से वैक्सीनेशन नहीं हो पाया। बिना मास्क के स्कूल नहीं आ सकते और अगर कोई छात्र बिना मास्क स्कूल आता है तो ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल को मास्क की व्यवस्था करनी होगी। आज खोले गए सरकारी और निजी हाईस्कूलों की संख्या 1354 थी और इनमें करीब तीन लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं मौजूद रही है।

 

      -नैन्सी लोहानी

 

यह भी पढ़े- कचरा कूड़ेदान में नहीं डाला तो पड़ेगा भारी जुर्माना: अपर आयुक्त

आज से देहरादून सिटी बस संचालकों की हड़ताल

Listen to this article

आज उत्तराखंड में सिटी बस का संचालन ठप हुआ है और  यह कारण है कि आज प्रदेश में बस संचालक अपनी मांगे सरकार के सामने रखेंगे। उनका मुख्य मुदा गाड़ियों का टैक्स सालाना बढना, इंश्योरेंस माफ, सरेंडर पॉलिसी लागू, गाड़ियों का परमिट दो साल बढ़ाने से संबंधित अन्य 10 सूची को सरकार के सामने रखना था। देहरादून महानगर सिटी बस सेवा महासंघ के जुड़े सिटी बस संचालकों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल रखी है। महासंघ पदाधिकारियों ने एलान करते हुए कहा है कि वे अपनी तमाम बसें आरटीओ कार्यालय में खड़ी कर धरना-प्रदर्शन करेंगे। सिटी बसों का संचालन ठप रहेगा जिससे की लोगों को आने जाने में दिकत देखने को मिलेगी।

हड़ताल का कारण

महासंघ के अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल का कहना है कि परिवहन मंत्री, परिवहन सचिव, परिवहन आयुक्त, आरटीओ के साथ-साथ बढें अधिकारियों से सिटी बस संचालकों की समस्याओं का जिकर कराया जा रहा है, लेकिन सरकार, शासन और अधिकारियों के स्तर पर कोई सुनवाई नहीं कर रही है। ऐसे में सिटी बस संचालकों के सामने अनिश्चितकालीन हड़ताल के अलावा कोई और रास्ता नहीं है। जब तक सरकार, शासन और परिवहन विभाग की और से उनकी मांगों पुरी नहीं की जाती तब तक सिटी बसें नहीं चलेगी।

 

     – नैन्सी लोहानी

 

यह भी पढ़े- आगरा में दो ऑक्सीजन प्लांट हुए लगभग तैयार

ऑस्ट्रेलिया को हराकर भारतीय महिला हॉकी टीम ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया

Listen to this article

जापान के टोक्यो में जारी ओलंपिक खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम ने सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है और पदक की उम्मीद जगा दी है।  आज भारत के पास तीसरा पदक जीतने का मौका है। वेटलिफ्टर मीराबाई चानू के रजत पदक जीतने के बाद बीते दिन बैडमिंटन प्लेयर पीवी सिंधु ने bronze पदक जीता। भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला हॉकी टीम के बिच टोक्यो ओलंपिक 2020 का क्वार्टर फाइनल मैच ओआइ हॉकी स्टेडियम की नोर्थ पिच पर खेला गया। मैच के पहले क्वार्टर मे दोनों टिम की तरफ से क़डी प्रतिद्वदिंता देखने को मिली।

दूसरे क्वार्टर का खेल समाप्त होने के बाद हाफ टाइम में ऑस्ट्रेलिया पर भारत ने 1-0 की बढ़त बना ली। भारत की तरफ से गुरजीत कौर ने एक गोल किया। तीसरे क्वार्टर में कोई भी टीम गोल नहीं कर पाई। वहीं, चौथे क्वार्टर में आखिरी के कुछ मिनटों मे भारत की तरफ से गोलकीपर सविता पूनिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पेनाल्टी गोल रोका और भारत को 1-0 से जीत मिली। इसी के साथ टीम ओलंपिक खेलों के इतिहास में पहली बार सेमीफाइनल तक पहुंचने में कामयाब रही।

 

  -रितिका चौहान

 

यह भी पढ़े – DU में आज से कर सकते आवेदन