किसान आंदोलनः सड़क जाम से हो रहे नुकसान को लेकर NHRC ने सरकार को भेजा नोटिस

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किसान आंदोलन को करीब साढ़े नौ महीने हो चुके है, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया हैं। लेकिन अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सख्त रूख अपना लिया है। किसान आंदोलन से सड़क जाम के कारण लोगों को हो रही परेशानियों को देखते हुए एनएचआरसी ने केंद्र सरकार के साथ – साथ ही दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य ऑथोरिटीज को नोटिस जारी कर किसान आंदोलन पर रिपोर्ट मांगी है। एनएचआरसी ने कहा कि उनहें किसान आंदोलन को लेकर कई शिकायतें मिली हैं।

मानवाधिकार आयोग का कहना है कि किसान आंदेलन से करीब 9000 से अधिक छोटी-बड़ी सभी कंपनियों को नुकसान पहुंचा है। इनके अलावा सड़क पर भीड़ होने के कारण यात्रियों, मरीजों, और वरिष्ठ नागरिकों को सड़कों पर होने वाली भारी भीड़ के कारण नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होनें कहा कि ऐसी खबरें भी हैं कि किसान आंदोलन के  कारण सीमाओं पर बैरिकेड्स लगा दिए जाते हैं, जिसके कारण लोगों को अपने काम पर जाने के लिए काफी लंबी दूरी तय करके जाना पड़ता है। आयोग ने दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर उनसे संबंधित कार्रवाई की रिपोर्ट देने को कहा है।

आयोग ने 10 अक्टूबर तक रिपोर्ट मांगी 

मानवाधिकार आयोग ने आर्थिक विकास संस्थान को 10 अक्टूबर तक इस आंदोलन की वजह से उधोगों पर पड़े प्रभाव पर एक रिपोर्ट मांगी है। धरनास्थलों के आस- पास स्थित औधोगिक इकाइयों के कामगारों को हो रही असुविधा और उनके अतिरिक्त खर्च पर भी रिपोर्ट मांगी है।

एनएचआरसी ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और गृह मंत्रालय से कोविड नियमों के उल्लंघन पर भी रिपोर्ट मांगी है।

धरनास्थल पर मानवाधिकार कार्यकर्ता के साथ कथित गैंगरेप के मामले में डीएम झज्जर से मृतक के परिजनों को मुआवजे के भुगतान के संबंध में कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई थी। डीएम झज्जर को 10 अक्टूबर, 2021 तक इस मामले में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा गया है।

 

अरूण सैनी   

 

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और खबरें

तालिबान ने सऊदी अरब में महिलाओं को सौंपी मस्जिदों की जिम्मेदारी

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तालिबान के शासन के बाद अफगानिस्तान में जहां महिलाओं के अधिकारों को खत्म कर दिया गया, वहीं उनके पढ़ने लिखने से लेकर घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई। दूसरी तरफ इस्लामिक देश सऊदी अरब में महिला सशक्तिकरण की ऐसी मिशाल पेश की, जिसने सभी के सामने उसकी छवि को बदल दिया। जानकारी के मुताबिक महिला सशक्तिकरण की तरफ एक कदम बढ़ाते हुए सऊदी अरब की दो मस्जिदों में करीबन 600 महिलाओं को तैनात किया गया। इन दो मस्जिदों में एजेंसियों के माध्यम से 600 महिलाओं को तैनात किया गया। दोनों मस्जिदों में तैनात महिलाओं में से करीब 200 महिलाएं वैज्ञानिक, बौध्दिक काम कर रहीं है, वहीं बाकी की महिलाएं प्रशासनिक व सेवा के कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रही है।

साऊदी अरब के कई क्षेत्रों में पिछले कुछ सालों से महिलाओं को प्रवेश दिया जा रहा है। साऊदी के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के नेतृत्व में विजन 2030 के तहत कई क्षेत्र में महिलाओं के लिए खोले गए। इस्से पहले सऊदी के रक्षा मंत्रालय ने भी घोषणा कि थी कि महिलाएं भी सेना में विभिन्न पदों के लिए आवेदन कर सकती है।

सुरभि भट्ट

 

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आलिया के विज्ञापन में उठा विवाद, विज्ञापन को हटाने की मांग

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हाल ही में आलिया भट्ट का एक विज्ञापन सामने आया, जिसमें आलिया दुल्हन के रूप में सजी हुई थी और कन्यादान को लेकर अपनी बात रखी। आलिया ने कन्यादान से अच्छा कन्यामान को कहा। जिसके बाद से एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। शोसल मीडिया पर आलिया भट्ट के साथ-साथ इस विज्ञापन को भी ट्रोल किया गया। लोगों का मानना है कि आलिया भट्ट ने कन्यादान की परंपरा पर सवाल उठाकर हिंदू संस्कृति को नीचा दिखाया है।

विज्ञापन के आने के बाद से शुरु हुआ विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा। हाल ही में एक हिंदू समर्थक ने नवी मुंबई की एक कपड़ों के ब्रांड के शोरूम के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस विज्ञापन से हिंदू समर्थक संगठनो की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।

दक्षिणपंथी संगठन के प्रवक्ता डॉ. उदय धुरी ने कहां कि, “विज्ञापन में विवाह समारोह के दौरान होने वाली कन्यादान रस्म को गलत तरीके से दिखाया है। इससे समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा हैं”। संगठन ने, कंपनी से बिना शर्त माफी की मांग की और इस विज्ञापन को तुरंत हटाने को कहा।

सुरभि भट्ट

 

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विधानसभा चुनावों को लेकर क्या है कांग्रेस पार्टी हाईकमान के फैसले

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प्रदेश नेतृत्व में बदलाव आने के बाद अब जिला स्तर पर भी कांग्रेस बदलाव करने जा रही है। आगामी 2022 विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है। इसके तहत कईं सालों से एक ही पद पर बैठे नेताओं के कार्यकाल की समीक्षा प्रारंभ कर दी गई है।

अंदाजा लगाया जा रहा है कि कुछ जिलाधिकारियों के कामकाज में परिवर्तन किए जाएंगें। इसके अतिरिक्त महिला कांग्रेस, सैनिक प्रकोष्ठ, फ्रंटल संगठन यूथ कांग्रेस और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का निरीक्षण किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार चुनावों को लेकर पार्टी ने तैयारियां अभी से कर ली है।

इनमें महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरिता आर्य व सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष बलवीर सिंह रावत के साथ कुछ अन्य नेताओं का दूसरा कार्यकाल चल रहा है। कांग्रेस नेतृत्व के अनुसार उत्तराखंड में एक अध्यक्ष और 4 कार्यकारी अध्यक्ष की रणनीति कामगार रही। इस नीति का उपयोग अन्य इकाइयों में भी किया जा सकता है। इस संबंध में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने जानकारी साझा करते हुए कहा कि हाल ही में 52 बड़े नेता पार्टी के सभी सांगठनिक जिलों में पार्टी की गतिविधियों की समीक्षा का कार्य कर रहे हैं, उनके द्वारा बनने वाली रिपेार्ट के आधार पर आगे पार्टी के सभी शीर्ष नेताओं से विचार विमर्श करने के बाद निर्णय किया जाएगा।

प्रिया जायसवाल

 

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महाराष्ट्र में खुलेंगे सिनेमाघर, दिवाली पर होगी रोहित की सूर्यवंशी रिलीज

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पिछले एक साल से देशभर में कोरोना के कारण सिनेमाघरों में ताले लगे हुए है। महाराष्ट्र को छोड़कर भारत के सभी राज्यों के सिनेमाघरों को खोल दिया गया। अब हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने 22 अक्टूबर से सिनेमाघरों को खोलने का ऐलान कर दिया। जिसके बाद से मेकर्स ने फिल्मों की रिलीज़ डेट अनाउंस करनी शुरु कर दी। इधर सरकार ने थिएटर्स को खोलने का एलान किया उधर निर्माताओं ने अपनी- अपनी फिल्मों की रिलीज डेट अनाउंस कर दी। ये डेट्स केवल इस साल की नहीं बल्कि अगले साल की भी है।

कोरोना काल में फंसी रोहित शेट्टी की फिल्म सूर्यवंशी से लेकर कबीर खान की 83 तक, सबने अपनी डेट बुक कर दी है। अक्षय कुमार, रणवीर सिंह, अजय देवगन और कैटरीना कैफ की मल्टी स्टारर फिल्म ‘सूर्यवंशी’ इस दिवाली यानी 4 नवंबर 2021 को रिलीज़ होगी। इस फिल्म का निर्देशन रोहित शेट्टी ने किया है। रानी मुखर्जी, सैफ अली खान और सिद्धांत चतुर्वेदी की फिल्म 19 नवंबर 2021 में बड़े पर्दे पर रिलीज़ होगी। इस फिल्म के डायरेक्टर वरुण वी शर्मा है। वहीं बात कि जाए 83 की तो यह फिल्म इस क्रिसमस पर सिनेमाघरों मे रिलिज की जाएगी।

सुरभि भट्ट

 

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भाजपा सांसद वरुण गांधी ने मुख्यमंत्री को आभार प्रकट किया

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पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गन्ना मूल्य बढ़ाने पर आभार प्रकट किया। वरुण गांधी ने मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करने के साथ ही उनके सामने एक बड़ी मांग भी रख दी हैं। इस संदर्भ में उन्होंने सीएम योगी को दो पन्नों का पत्र लिखा।

पत्र लिखकर की मांग

सांसद वरुण गांधी ने सीएम योगी को पत्र लिखकर गन्ना मूल्य समर्थन बढ़ाने पर उनका आभार प्रकट करते हुए एक बड़ी मांग उनके सामने रख दी। इसके बाद उन्होंने इसी मुद्दे पर ट्वीट कर लिखा कि उत्तर प्रदेश में आगामी पेराई सत्र में गन्ने का रेट 350 प्रति क्विंटल घोषित करने के लिए योगी जी का आभार।

उन्होंने आगे अपनी मांग रखते हुए लिखा कि मेरा निवेदन है कि कृपया इस पर पुनर्विचार कर बढ़ती महंगाई के अनुरुप 400 रुपए प्रति क्विंटल का रेट घोषित करें। इसके साथ ही सरकार की ओर से 50 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस रेट के ऊपर अलग से देने की कृपा करें।

खाद, बीज, डीजल, बिजली आदि के महंगे होने के कारण लागत ज्यादा हो गई हैं। किसानों की स्थिति दयनीय बताते हुए उनके हित में विचार करने का आग्रह किया।

 

अनमोल बधानी

 

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हरक सिंह बोले, गृहमंत्री से की यशपाल आर्य के विषय में बात

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बीते दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के साथ नाश्ते में हुई चर्चा को लेकर सियासी गलियारों में हलचल हो गई थी। इसके बाद अब कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के दावे से एक बार फिर से चर्चा शुरु हो गई है। हरक सिंह रावत के अनुसार दिल्ली में केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान उन्होंने यशपाल आर्य के मसले पर भी बात की।

बताया जा रहा है कि कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य किसी विषय को लेकर नाराज चल रहे है। जिस वजह से सियासी गलियारों में सीएम धामी और आर्य की मुलाकत के कई अर्थ निकाले जाने लगे है। लेकिन बाद में सीएम ने यह साफ किया कि यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी। इसका कोई अर्थ नही निकाले जाने चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि कहीं कोई नाराजगी नही है।

शाह ने आर्य को याद किया  है

हरक सिंह के मीडिया में आए बयान से एक बार फिर सियासी माहौल गरमा गया है। उन्होने दावा किया है कि यशपाल के मसले पर उन्होंने गृह मंत्री से बात की। शाह ने आर्य को याद भी किया है। इससे पहले उन्होंने कैबिनेट की बैठक के समय आर्य से बात की थी। लेकिन आर्य ने ये नही बताया कि नाराजगी किस बात को लेकर है, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया। साथ ही कहा कि ऐसा कुछ नहीं है और हम सभी साथ हैं।

 

  -आँचल

 

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