Facebook पर भेजी गयी फ्रेंड रिक्वेस्ट नहीं देती दुष्कर्म का अधिकार

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सोशल मीडिया के इस युग मे हाई कोर्ट ने Facebook  से लोग सुरक्षित हो और सोशल मीडिया

प्लेटफॉर्म को गलत ना तरीके से ना लिया जाये जिसके लिये एक ऐसा फैसला सुनाया जो बेहद

अहम है और लोगों को सतर्क भी करता है । हाई कोर्ट ने कहा कि Facebook पर भेजी गई फ्रेंड

रिक्वेस्ट किसी को भी रेप या यौन शोषण का अधिकार नहीं देती। दरअसल कोर्ट ने ये फैसला

13 वर्षीय एक नाबालिग से होटल में रेप करने के 19 वर्षीय आरोपी युवक को जमानत देने से

इनकार करते हुए सुनाया।

हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए आगे कहा कि  इस युग में सोशल मीडिया का इस्तेमाल

नेटवर्किंग, ज्ञान और मनोरंजन के लिए करते हैं, इसे किसी भी सूरत में पीछा करने,यौन और

मानसिक शोषण करने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। वो भी सिर्फ़ इसलिए कि

नाबालिग ने Facebook  पर उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी, उसे नाबालिग से शारारिक सम्बंध

बनाने का अधिकार नहीं मिल जाता है।

कार्यवाही के दौरान हाई कोर्ट ने आरोपी के इस तर्क को भी ठुकरा दिया कि Facebook पर

एकाउंट बनाने वाला यूजर्स 18 साल का ही होगा। कोर्ट ने आरोपी के इस तर्क पर आगे कहा

कि इस  मामले में किसी की सहमति का सवाल ही नही उठता है,क्योंकि IPC और POCSO act

के नियमों में 18 साल की आयु से नीचे का बच्चा शारारिक संबंध बनाने की इजाज़त नहीं दे

सकता है।

 

दिपेश जुयाल 

 

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और खबरें

ऋषिकेश में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है गंगा, अलर्ट जारी

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पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश लगातार जारी है। ऋषिकेश और आसपास इलाके में बीती रात से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही है। बीते शनिवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया था। रविवार की सुबह जल स्तर में कमी दर्ज की गई है। यहां गंगा चेतावनी रेखा के सूचकांक 339. 50 से 30 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। सिंचाई विभाग के अनुसार शनिवार सुबह गंगा का जलस्तर 339.80 मीटर दर्ज किया गया। वहीं, दूसरी ओर बारिश ने जनजीवन को काफी प्रभावित किया है।

साथ ही नदी-नाले भी उफान पर हैं। गंगा के जलस्तर में भी उतार-चढ़ाव जारी है। हालांकि, सुबह थोड़ा कमी आई है। शनिवार की शाम साढ़े छह बजे गंगा का जलस्तर चेतावनी देखना 350.50 मीटर को पार कर गया था। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता कमल सिंह ने बताया कि रविवार की सुबह गंगा चेतावनी रेखा से ऊपर बह रही है।

यहां सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 339.80 दर्ज किया गया जो चेतावनी रेखा से 30 सेंटीमीटर ऊपर है। यहां गंगा खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। शनिवार की शाम तक पूरा त्रिवेणी घाट जलमग्न हो गया था। रविवार की सुबह पानी थोड़ा कम हुआ है। प्लेटफार्म से पानी नीचे चला गया और सारी सीढ़ियां गंगा में डूबी हुई हैं। बाढ़ के पानी के कारण पूरे त्रिवेणी घाट पर रेत और सिल्ट फैल गई है।

 

-मानवी कुकशाल

 

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सांकेतिक स्नान के बावजूद बड़ी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालु

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गंगा दशहरा सांकेतिक गंगा स्नान के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए हर की पैड़ी क्षेत्र पहुंच रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने उन्हें सीसीआर के पास लगाई गई बैरिकेडिंग पर ही रोक दिया। वहां जमा होकर सभी हर की पैड़ी जाने की जिद करने लगे। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की भी खुलेआम धज्जियां उड़ीं। वहीं, बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को बॉर्डर पर ही रोका जा रहा है।

मान्यता है कि गंगा दशहरा पर मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुईं थी। इसलिए आज के दिन गंगा स्नान का बहुत महत्व बताया गया है, लेकिन कोविड संक्रमण के चलते इस बार सिर्फ सांकेतिक स्नान की अनुमति दी गई। साथ ही बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं की हरिद्वार एंट्री पर रोक लगाई गई।

बावजूद इसके वे बॉर्डर पर पहुंच रहे हैं। हालांकि, उन्हें वहीं से वापस लौटा दिया जा रहा है। वहीं, अस्थि प्रवाह घाट पर भी स्नान करने वालों की भीड़ लगी है। भीड़ को रोकने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। हालांकि, पुलिस ने मालवीय द्वीप और हर की पैड़ी को पूरी तरह से खाली करा रखा है।

 

-मानवी कुकशाल

 

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इस साल ऑनलाइन मनाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

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प्रदेश में इस वर्ष अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय परिसर हर्रावाला में होगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत व आयुष मंत्री हरक सिंह रावत समेत अधिकतम 50 व्यक्ति शामिल होंगे। आयुष विभाग के इस कार्यक्रम में कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन जुड़ सकेगा।प्रदेश में इस बार भी अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस कोरोना के साये में हो रहा है। इसे देखते हुए योग दिवस कार्यक्रम मुख्य रूप से आनलाइन रखा गया है।

उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में होने वाले इस कार्यक्रम के लिए तीन स्क्रीन लगाई जा रही हैं। इसमें मुख्य स्क्रीन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण होगा। इसी से मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत व आयुष मंत्री हरक सिंह रावत भी जुड़ेंगे। यह कार्यक्रम सुबह छह बज कर 50 मिनट पर शुरू होगा। सात बजे से योगाभ्यास कार्यक्रम शुरू होगा। 45 मिनट तक योगाभ्यास और फिर तीन मिनट के विशिष्ट योग प्रदर्शन के बाद मुख्य अतिथि का संबोधन होगा। आठ बजे आयुर्वेद विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम होगा।

 

-मानवी कुकशाल

 

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उत्तराखंड में कल से खुलेंगे सरकारी और प्राइवेट कॉलेज

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प्रदेश में सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालय एवं डिग्री कॉलेज 21 जून से खुलेंगे। कालेजों में आनलाइन और आफलाइन पढ़ाई प्रारंभ होगी। सरकार ने 19 जून तक ग्रीष्मावकाश को आगे जारी नहीं रखने का निर्णय किया है। प्रदेश में तकरीबन डेढ़ माह से सभी विश्वविद्यालय एवं डिग्री कालेज ग्रीष्मावकाश के चलते बंद हैं। कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप बढ़ने पर सरकार ने बीती सात मई को आदेश जारी कर 12 जून तक विश्वविद्यालयों एवं डिग्री कालेजों के लिए ग्रीष्मावकाश घोषित कर दिया था।

इसके बाद इस अवकाश को शनिवार तक बढ़ाया गया था। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा धन सिंह रावत ने कहा कि 21 जून से सभी विश्वविद्यालयों एवं डिग्री कालेजों में पढ़ाई शुरू की जाएगी।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय एवं कालेज खोले जाएंगे, लेकिन अभी सिर्फ शिक्षकों को ही बुलाया गया है। छात्र-छात्राओं को पढ़ाई का नुकसान न उठाना पड़े, इसके लिए अभी आनलाइन पढ़ाई शुरू की जाएगी। हालांकि कोरोना संक्रमण की स्थिति सुधरने के साथ ही आफलाइन पढ़ाई प्रारंभ करने के लिए भी तैयारी करने को कहा गया है। अगले माह यानी एक जुलाई से आफलाइन पढ़ाई विधिवत शुरू करने संकेत उन्होंने दिए।

 

-मानवी कुकशाल

 

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28 जून को लांच होगी स्कोडा कुशाक

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चेक रिपब्लिक की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी स्कोडा ने अपनी बहुप्रतीक्षित मिड साइज़ एसयूवी कुशाक को 28 जून को लांच करने की घोषणा की है। इस बात की कंफर्मेंशन खुद कंपनी द्वारा की गई है। अब हाल ही में इसे लेकर एक नई जानकारी सामने आई है। स्कोडा इंडिया के प्रमुख Zac Hollis ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से इस बात की पुष्टि की है कि फिलहाल 28 जून को स्कोडा कुशाक का 1.0L TSI का पेट्रोल वैरिएंट ही लांच किया जाएगा।

इसका 1.5 0L TSI पेट्रोल इंजन वाला मॉडल अगस्त में डीलर्स पर पहुंचना शुरू होगा। हालांकि इस वैरिएंट की बुकिंग ग्राहक 28 जून से ही कर पाएंगे। लेकिन इसकी डिलीवरी के लिए अगस्त तक का इंतज़ार करना होगा।

अगस्त के पहले हफ्ते में लांच

स्कोडा इंडिया के प्रमुक Zac Hollis सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और आए दिन ग्राहकों के सवालों का जवाब देते रहते हैं। ऐसे ही एक सवाल का जवाब देते हुए खुद Zac Hollis ने इस बात को कंफर्म किया की स्कोडा कुशाक के ज्यादा पावरफुल इंजन वाले वैरिएंट को कंपनी अगस्त के पहले हफ्ते में बाज़ार में उतारेगी। हालांकि इसकी बुकिंग के लिए ग्राहक 28 जून से आवेदन कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात का खुलासा किया जा रहा है कि Kushaq 1.0L डिस्प्ले व्हीकल, मैनुअल और ऑटोमैटिक दोनों के लिए टेस्ट ड्राइव, और डिलीवरी 12 जुलाई, 2021 से शुरू होगी। नई SUV के लिए आधिकारिक बुकिंग 28 जून, 2021 से शुरू होगी।

MQB AO IN प्लेटफॉर्म की शुरुआत का प्रतीक होगी स्कोडा कुशाक

जानकारी के लिए बता दें नई स्कोडा कुशाक वोक्सवैगन समूह के नए MQB AO IN प्लेटफॉर्म की शुरुआत का प्रतीक होगी, जो जल्द ही लॉन्च होने वाले VW Taigun में भी देखा जाएगा। इसके टॉप-स्पेक मॉडल को हाई स्पेक और आरामदायक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जैसे कि इसमें लैदर सीट्स, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, क्रूज कंट्रोल, इलेक्ट्रिक सनरूफ, कनेक्टेड कार तकनीक, ऑटोमेटिक क्लायमेट कंट्रोल एसी, ऑटोमेटिक हेडलैंप, जैसे फीचर्स देखने को मिलेंगे।

शिवानी

 

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कोरोना से मौत होने पर 90 फीसदी वेतन परिवारजनों को दिया जाएगा

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जो कर्मचारी ईएसआइसी (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) में पंजीकृत रहे हैं, यदि उनकी मौत कोरोना से होती है तो उनके आश्रितों को औसत वेतन की 90 फीसद राशि मिलती रहेगी। इसके लिए ईएसआइसी ने कोविड-19 राहत योजना शुरू कर दी है। ईएसआइसी के उप निदेशक (प्रभारी) राकेश कुमार के मुताबिक औसत वेतन की 90 फीसद राशि में न्यूनतम 18 सौ रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जाएंगे। यह राशि सीधे आश्रितों के खाते में डाली जाएगी।

कोरोना से ठीक होने के 30 दिन बाद भी यदि कर्मचारी की मौत होती है तो उसे भी राहत योजना में कवर किया जाएगा। इसके अलावा मृत कर्मचारी के आश्रित 120 रुपये वार्षिक के मामूली खर्च पर निगम की ओर से चिकित्सा लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं।उप निदेशक राकेश कुमार के मुताबिक जिस कर्मचारी की कोरोना से मौत हुई है, उसे रोग निदान की तारीख से कम से कम तीन माह पहले तक निगम के आनलाइन पोर्टल मं पंजीकृत होना जरूरी है। इसके अलावा संक्रमित होने के दौरान सेवा में होना जरूरी है और एक वर्ष की अवधि के दौरान कम से कम 70 दिनों के अंशदान का भुगतान होना चाहिए।

जानिए योजना कहा के लिए है लागू

योजना के तहत लाभ पाने के लिए मृतक कर्मचारी के आश्रित मृत्यु प्रमाण पत्र व कोरोना संक्रमित संबंधी रिपोर्ट के साथ ईएसआइसी के नजदीकी शाखा कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। योजना का लाभ आवेदन के 15 दिन के भीतर प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के बारे में अधिक जानकारी उत्तराखंड के देहरादून, सेलाकुई, भगवानपुर, काशीपुर, लालकुआं व हरिद्वार कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

 

-मानवी कुकशाल

 

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