Lohri 2021 : पर्व के बारे में जानें कुछ खास बातें

Lohri
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Lohri पर्व खुशी और उल्लास के साथ मनाया जाता है। वैसे तो यह पंजाब और हरियाणा का

त्यौहार है, लेकिन इस त्यौहार को उत्तर भारत के साथ- साथ अन्य देशों में भी मनाया जाता है।

इस त्यौहार को किसानों का नया साल भी माना जाता है।

Lohri  मक्रर संक्राति से पहले दिन मनाया जाता है।

 

कैसे मनाई जाती है Lohri 

Lohri का त्यौहार नवविवाहित जोड़ों या घर में किसी नए बच्चे के आने के कारण भी

मनाया जाता है। इस त्यौहार में लोग आग जलाकर इसके आसपास नाचते है, आग में गुड़,

रेवड़ी, मूंगफली और गजक एक दुसरे को बांटी जाती है। लोग एक दूसरे के घरों में जाकर

Lohri की शुभकामनाएं देते हैं। इस दिन बड़े बुजुर्ग बच्चों को पुरानी कहानियां सुनाते है

जिनमें प्रसिध्द दोलहा भट्टी की कहानी, होलिका और लोहड़ी की कहानी सुनाई जाती है।

 

 

 Lohri पर आधारित तीन पौराणिक कथा

 1. दक्ष पुत्री सती

पौराणिक कथाओं के अनुसार Lohri में राजा दक्ष की पुत्री सती की याद में आग जलाई जाती है।

कथा के अनुसार राजा दक्ष ने एक यज्ञ रखा था जिसमें सारे देवी देवाता आदि जन शामिल थे।

लेकिन राजा दक्ष ने अपनी बेटी सती और  दामाद शिव को इस यज्ञ में आमंत्रित नहीं किया।

ऐसा पूछने के लिए माता सती जब अपने पिता के यहां आईं तो उनके पिता ने भरी सभा में शिव

की निंदा की। जिस कारण माता सती  को क्रोध आया और वहां प्रज्वालित यज्ञ की आग में उन्होंने

अपना शरीर त्याग दिया। जिससे क्रोधित होकर शिव भगवान वहां आए और माता सती के पिता

द्वारा अयोजिच यज्ञ को विध्वंस कर दिया। इस लिए Lohri का त्यौहार मनाया जाता है ,

ताकि किसी भी बेटी के साथ ऐसा अन्याय ना हो और साथ ही Lohri के दिन घर में

बेटी और दामाद को बुलाया जाता है।

 

 2.अनाज की कटाई बुआई

Lohri के त्यौहार को पंजाब में फसल काटने के दौरान मनाया जाता है।

फसल काटने के बाद किसानों की आमदनी होती है और घर में खुशियां आती है।

जिसमें किसान गुड़, मूगफली, तिल आदि का अरपण अग्नि देवाता को समर्पित किया जाता है।

 

3.दुलहा भट्टी

Lohri दुलहा भट्टी की कहानी के बिना अधूरी है। इतिहास के अनुसार यह कथा बादशाह अकबर

से जुड़ी हुई है। बादशाह अकबर के शासन काल में दो सुंदरी हुआ करती थीं।

उन दोनों का नाम सुंदरी और मुंदरी थी दोनों बहनें अनाथ थी।

इन दोनों को उनके चाचा बिना शादी के राजा को भेंट करना चाहता थे।

उसी समय नेक दिल  डाकू दुलहा भट्टी  ने चाचा के चंगुल से दोनों को बचाया और

दोनो लड़कियों की जंगल में विधव्त रुप से शादी की, साथ ही डाकू ने उनका

कन्या दान भी किया और दोनों लड़कियों की झोली में शक्कर डाला।

दोनों अनाथ लड़कियो के पिता की भूमिका दुल्ला भट्टी ने निभाई।

 

2021 में कैसे मनाया जाएगा Lohri

कोरोना के चलते लोगों का एतियात बरतने की जरुरत है।

इस साल भी हर वर्ष की तरह Lohri का पर्व मनाया जाएगा।

बाजारों में Lohri के चलते धूमधाम मची है,

लोगों द्वारा शॉपिग की जा रही है। लोगों में हर्षोल्लस देखने को मिल रहा है।

 

-संध्या

 

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Jail

5 साल से Jail में बंद दंपति बेगुनाह साबित हुए

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UP के आगरा में पांच साल Jail के बाद एक दंपति को इंसाफ मिला है।

मासूम की हत्या के मामले में 5 साल से Jail में बंद दपति को कोर्ट ने बेगुनाह

पाते हुए बाइज्जत बरी कर दिया है। अब दंपति नरेंद्र सिंह और नजमा Jail से

बाहर आ गए है। बता दें, पुलिस ने दोनों को एक मासूम की हत्या के जुर्म में

गिरफ्तार किया था, जबकि हत्या किसी और ने की थी. कोर्ट का यह भी आदेश

है कि जांच अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की जाए और फिर से जांच अधिकारी

के खिलाफ कार्यवाही की जाए और फिर से जांच शुरु कर असली हत्यारों का हता लगाया जाए।

दुकान जाने का कह कर गया लेकिन लौंटा नहीं

1 दिसंबर 2015 की शाम 5:30 बजे उसने अपनी मां को बताया कि वह अंबरीश गुप्ता की

दुकान पर जा रहा है। यह कह कर चुन्ना घर से निकल गया, लेकिन जब रात तक

लौटकर नहीं आया तो योगेंद्र सिंह ने बेटे की तलाश शुरु की। उस समय अंबरीश

की दुकान बंद मिली. लोगों ने बहुत ढूंढा लेकिन वह नहीं मिला।

मासूम के पिता ने लगाए थे ये आरोप

2 सितंबर 2015 को सुबह 11.00 बजे कोतवाल धर्मशाला के पास बृहान्चारी गुप्ता के

बंद पड़े मकान में रंजीत का शव पाया गया। उस समय योगेंद्र का कहना था कि

उसका नरेंद्र सिंह से काफी दिन पहले झगड़ा हुआ था। तब दंपति ने उसे धमकी

दी थी। इसके अलावा, योगेंद्र का कहना था कि उसका नरेंद्र सिंह से काफी दिन

पहले उसने रंजीत को नजमा की गोद में बैठे देखा था।

योगेंद्र का आरोप था कि दोनों ने रंजिश में चाकुओं से गोदकर चुन्ना को मार डाला।

जेल भेजे जाने के समय थे 2 बच्चे, अब नहीं पता कहां है

जेल से रिहा हुए नरेंद्र और नजमा का कहना है कि उनसे कभी योगेंद्र का विवाद

नहीं हुआ था, योगेंद्र ने उन लोगों को गलत फंसाया, लेकिन न्यायपालिका पर

उनको भरोसा था. दोनो दमपत्ती को अदालत ने निर्दोष साबित कर दिया है।

5 साल पहले जब नजमा और उसके पत्ती Jail गए थे, उस वक्त उनकी एक

3 साल की बेटी और 5 साल का बेटा था, जो अब 5 साल बाद कहां है,

नहीं पता. दोनों का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच पड़ताल हो और पुलिस

पर सख्त आने चाहिए। अब दोनों बच्चों की तलाश की जा रही है।

 

-संध्या कौशल

 

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Noida

Noida में मिला Bomb, सूचना मिलते ही मचा हड़कंप

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UP के Noida में शुक्रवार सुबह Bomb मिलने कि सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया है।

नोएडा के सेक्टर 63 स्थित जिला अस्पताल के पास बम मिलने की सूचना के बाद अधिकारी और

पुलिस मौके पर पहुंचे । आनन-फानन में Noida पुलिस को सूचना देकर यातायात डायवर्ट किया गया ।

नोएडा सेक्टर 63 में स्थित जिला अस्पताल में Bomb की जानकारी मिलते ही  अधिकारियों ने मौके

पर पहुंचकर  जांच शुरु कर दी है, साथ ही Bomb  को इनेक्टिव करने का प्रयास किया गया ।

आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस में अब सिर्फ कुछ ही दिन बचे है, ऐसे में दिल्ली

समेत एनसीआर इलाकों में काफी सतर्कता बरती जा रही है।

यही कारण है कि ऐसी खबर मिलने के बाद तुरंत अधिकारी, पुलिस एक्शन में आए।

Noida पुलिस कमिश्र्नर ने बताया कि Bomb निरोधक दस्ते ने परिक्षण किया तो पाया

गया कि उसमें कोई भी डेटोनेटर और विस्फोट पदार्थ नहीं था।

 

-संध्या कौशल

 

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PM

PM करेंगे वाराणसी में Vaccination के लाभार्थियों से संवाद

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वाराणसी में PM Narendra Modi आज सभी Covid-19 के Vaccination लाभार्थियों के साथ संवाद करेंगे।

PM कार्यालय से गुरुवार को खबर मिली है कि Vaccination से संबंधित चर्चा करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

के जरिए प्रधानमंत्री सभी लाभार्थियों के साथ टीकाकरण के अनुभव को साझा करेंगे।

जानकारी के मुताबिक दुनिया के सबसे बड़े Vaccination अभियान का सुचारू रूप से संचालन

सुनिश्चित करने के लिए PM मोदी की वैज्ञानिकों, राजनीतिक नेताओं, अधिकारियों और अन्य हितधारकों के

साथ निरंतर संवाद और चर्चा चल रही है। इस मामले में प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा,

“देश में विश्व का सबसे बड़ा Vaccination अभियान जारी है। देश भर में हमारे अग्रिम मोर्चे

पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी टीका लगवा रहे हैं। 22 जनवरी को 1:15 बजे मैं वाराणसी में कोविड-19

टीकाकरण के लाभार्थियों और टीका लगाने वालों से संवाद करूगा।”

16 जनवरी को PM मोदी ने देशव्यापी टीकाकरण अभियान की शुरूआत की थी।

पहले चरण में टीकाकरण  स्वास्थ कर्मी और अग्रिम मोर्चे पर

तैनात कर्मियों को दिया गया है।दूसरी ओर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने गुरुवार को कहा

‘कोविड- 19 देशव्यापी Vaccination अभियान के छठे दिन शाम 6बजे तक टीका

लगाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या 10 लाख से अधिक हुई थी।’

 

-सागरिका

 

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UP

UP में 500 कैदियों को योगी सरकार करेगी रिहा

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26 January के मौके पर UP के CM योगी आदित्यनाथ वृद्ध और गंभीर बीमारियों से

पीड़ित करीब 500 कैदियों को रिहा करेंगे। राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल के आदेश पर

डीजी जेल आनन्द कुमार ने रिहाई कराने वाले कैदियों का ब्यूरा शासन को भेज दिया है।

UP के लखनऊ की आदर्श नारी बंदी निकेतन के अलावा बनारस, बरेली, आगरा, फतेहगढ़

और नैनी सेंट्रल जेल के साथ ही जिला जेल के कैदीयों को रिहा किया जाएगा।

राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल आज नारी बंदी निकेतन की महिला कैदियों के साथ

जन्मदिन मनाने गए और वहां पर बुजुर्ग महिला को देखकर वह भावुक हो गए।

वृद्ध महिला की स्थिति को देखते हुए उन्होंने महिलाओं को आश्वासन दिया।

साथ ही राज्यपाल ने समारोह में मौजूद डीजी आनन्द कुमार और डीएम अभिषेक प्रकाश से

रिहाई के लिए महिला कैदियों का ब्यूरो मांगा है।

डीआईजी वीपी त्रिपाठी कहते हैं कि UP की जेलों में करीब 800 कैदियों आए हैं।

जिसमें से 500 कैदियों को रिहा किया जाएगा। शासन को इन सभी 500 कैदियों का

ब्योरा भेज दिया गया है।कैदियों की ब्योरा, शासन स्तर पर विचार करने के बाद

यह राजभवन में भेजी जाएगी।

किसे मिलेगी रिहाई?

UP की सरकार द्वारा बनाई गई रिहाई के नीति के अनुसार 16 वर्ष के

वास्तविक सजा काटने वाले अच्छे चाल चलन वाले कैदियों को रिहा किया जाएगा।

इसमें से रिहा के पात्र महिला एवं कैंसर, गुर्दा, ब्रेनट्यूमर आदि जैसे गंभीर समस्या से

जूझने वाले कैदियों को खास तरह से रिहा किया जाएगा।

उसके साथ 80 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले पुरुष कैदियों को भी रिहा किया जाएगा।

 

-सागरिका

 

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UP

UP के सरकारी विभाग में मिलेंगी 59 हजार नई नौकरी

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UP सरकार विभागों में बड़ा फेरबदल करने जा रही है।

प्रदेश में विभागों के पुनर्गठन के साथ ही सरकारी कर्मचारियों की जरुरत का नए सिरे से आंकलन होगा ।

UP के मुख्य सचिव राजीव कुमार की अध्यक्ष वाली समिति ने विभागों में फेरबदल की सिफारिश की है।

समिति ने तमाम मौजूदा पदों की आवश्यकता ना रहने का तर्क देते हुए उन्हें समाप्त करने

और नई जरुरत के अनुसार पदों के सृजन की सिफारिश की है।

समिति ने कहा कि जहां आवश्यक्ता से अधिक लोगों की तैनाती हो

, वहां से कम तैनाती वाले स्थानों पर समायोजन किया जाए।

UP में 59 हजार से ज्यादा पद होंगे खाली

समिति के इस सुझाव पर अगर अमल हुआ तो UP में सिंचाई विभाग व प्राइमरी स्कूलों के

20 हजार से अधिक पद खत्म होंगे।  साथ ही 20 हजार से अधिक पदों को एक विभाग

से दूसरे में एक साथ 59 हजार से अधिक नए पद सृजित किए जा सकते हैं।

इसके साथ हि समिति ने 59 हजार ग्राम पंचायत में ग्राम सचिवालय की स्थापना और

उसमें कम से कम एक प्रशिक्षित कार्मिक की तैनाती की सिफारिश भी की है।

बंद हो सकते हैं 10 हजार परिषदीय स्कूल

समिति की सिफारिशों को अगर लागू किया गया तो UP में 10 हजार परिषदीय

स्कूल बंद हो सकते है।

समिति रिपोर्ट के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग में 10 हजार से अधिक प्राथमिक विघालय

ऐसे हैं जहां 30 से कम छात्र हैं। ऐसे विघालयों को बंद कर शिक्षकों को अन्य विघालयों

में भेजने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा सिंचाई विभाग में विभिन्न श्रेणी के

10 हजार अनुपयोगी पदों को समाप्त करने की सिफारिश की गई है।

साथ ही व्यापार कर विभाग में विभिन्न श्रेणी के 2500 पद दूसरे

विभागों में समायोजित करने का सुझाव दिया गया है।

 

-संध्या कौशल

 

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UP

UP : “सड़क सुरक्षा माह” का शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री योगी

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इस विषय पर UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ किया।

हर रोज भारत में 400 से अधिक लोग सड़क हादसे में अपनी जान गवा रहे हैं।

सड़क सुरक्षा, सड़क दुर्घटना को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश में 1 महीने के लिए इस अभियान

को चलाया जाएगा।इस अभियान में सबसे महत्वपूर्ण परिवाहन और गृह विभाग को माना जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी ने आज अपने आवाज से इस अभियान का शुभारंभ किया है।

सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ और 55 करोड़ की परियोजना का उद्घाटन किया।

उन्होंने कहा अपनी और अपने परिवार का ध्यान रखना, यातायात के समय नियमों का पालन करना।

19 जनवरी से UP सड़क सुरक्षा माह की तैयारी हो रही है।

19 जनवरी में मुख्यमंत्री योगी ने अपने सरकारी आवास से कहा कि

इस अभियान के दौरान सड़क सुरक्षा के संबंध में व्यापक तरीके से जन-जागरूकता का

कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, सड़क सुरक्षा के लिए

तकनीकी का प्रयोग, रोड इंजीनियरिंग, इमरजेंसी सेवा प्रवर्तन कार्य पर विशेष

तरीके से ध्यान दिया जाएगा और प्रचार प्रसार किया जाएगा।

दुर्घटना से बचने के लिए मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा से जुड़ी सभी एजेंसियों,

लोक निर्माण विभाग, एनएचआई आदि को आदेश दे दी है।

 

-सागरिका

 

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