राज्यपाल ने राजभवन में किया राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द का स्वागत

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राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द लखनऊ के दो दिन के दौरे पर पहुंचे हैं। कानपुर से प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस ट्रेन से रवाना होने के बाद उन्नाव होते हुए राष्ट्रपति अपनी पत्नी और बेटी के साथ लखनऊ के चारबाग रेलवे स्ट्रेशन के प्लेटफॉर्म नम्बर एक पर उतरे। जहां पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया।

राष्ट्रपिता ने महात्मा गांधी की आदमकद प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन में राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द तथा देश की प्रथम महिला सविता कोविन्द का अंग वस्त्र भेंट कर स्वागत किया। राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने राजभवन में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आदमकद प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता सहित राजभवन के समस्त अधिकारीगण उपस्थित थे।राजभवन में न्यायाधीशों के साथ हाई टी का कार्यक्रम है। इस दौरान चीफ जस्टिस आफ इंडिया भी मौजूद रहेंगे। इसके बाद आज का उनका कार्यक्रम राजभवन में आरक्षित है।

कानपुर से प्रेसिडेंशियल ट्रेन राष्ट्रपति को लेकर रवाना हुई थी। रेल मार्ग से करीब 72 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद 11:50 के करीब ट्रेन चारबाग पहुंची। प्रेसिडेंशियल ट्रेन के कानपुर से रवाना होते ही करीब एक दर्जन ट्रेनों को रोक दिया गया था या फिर उनके मार्ग में परिवर्तन कर दिया गया था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद प्रेसिडेंशियल ट्रेन से सोमवार को चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचे। रेलवे स्टेशन पर राज्यपाल आनंदी बेन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। स्टेशन से राष्ट्रपति सड़क मार्ग से राजभवन रवाना हो गए। इस दौरान सेना के अलावा शासन-प्रशासन के कई बड़े अधिकारी वहां मौजूद थे।

– मीना छेत्री

 

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और खबरें

प्रतापगढ़ जिले में हुआ सड़क हादसा, 1 की मौत 2 की हालत गंभीर

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उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया है। हादसे में असिस्टेंट प्रोफेसर के चचेरे भाई की मौत हो गई है। जबकि 2 की हालत गंभीर है। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुंडा कोतवाली के लखनऊ-प्रयागराज बाइपास पर यह घटना हुई है। कंटेनर और कार में आमने-सामने की जबरजस्त टक्कर हुई है। कार के परखच्चे उड़ गए। आनन-फानन पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद शवों को कार से बाहर निकाला है।

सीएमपी डिग्री कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर

साथ ही घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया है। यहां से घायलों को प्रयागराज रेफर कर दिया गया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। हादसे में सीएमपी डिग्री कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर अर्जिता श्रीवास्तव और उनकी चचेरी बहन अंशी की मौत हुई है।

कहा जा रहा है कि दोनों चचेरी बहनें परिवार के साथ भदोही जिले से भाई की पत्नी को विदा कराने के लिए लखनऊ जा रही थीं, तभी उनकी कार सामने से आ रहे कंटेनर से भिड़ गई। इसमें दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि असिस्टेंट प्रोफेसर का भाई अभिशांत और चचेरा भाई रचित गंभीर रूप से जख्मी हो गए है।

उन्हें एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अर्जिता सीएमपी डिग्री कॉलेज के केमिस्ट्री विभाग में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर कार्यरत थीं। वह मूल रूप से भदोही के ज्ञानपुर की रहने वाली थीं।

पुष्पा रावत

 

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12 सूत्रीय मांगों को लेकर आशा वर्करों का प्रदर्शन

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टनकपुर में आशा वर्करों ने संयुक्त चिकित्सालय से तहसील परिसर तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य विभाग में स्थाई नियुक्ति की मांग करते हुए उन्होंने 12 सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री को भेजा ।उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर यूनियन के बैनर तले किए जा रहे आंदोलन में 12 सूत्रीय मांगों को पूरा किए जाने की मांग की गई है l जिनमें आशा वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा और न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये दिए जाने की मांग की गई है l वहीं उन्होंने रिटायरमेंट के बाद पेंशन दिए जाने की भी मांग की है l आशा यूनियन की अध्यक्ष मीरा कश्यप और लीला ठाकुर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी आशा वर्करों ने मांगे नहीं मानने की दशा में उग्र आंदोलन का ऐलान भी किया है ।
यूनियन की अध्यक्ष मीरा कश्यप ने कहा कि हमें राज्य कर्मचारियों का दर्जा दिया जाए, और आंगनबाड़ी वर्करों के बराबर मानदेय दिया जाए। ताकि हम अपने परिवार को पाल सकें l हमें बंधुआ मजदूरों की तरह काम पर लगाकर दाम नहीं दिया जाता है l जिसका हम विरोध करते हुए समाधान की मांग करते हैं ।

 

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कावड़ यात्रा पर रोक, मंगलौर पुलिस अलर्ट

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कोरोना को मध्य नजर में रखते हुए उत्तराखंड सरकार ने रोक लगा दी है, जिससे कोरोना जैसी महामारी को फैलने से रोका जा सके औऱ लोगों को सुरक्षित रखा जा सके और ये कोरोना जैसी महामारी प्रचण्ड रुप ने ले सकें। कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड़ पर है।

प्रशासन के लिए यह भी चुनौती बनी हुई है कि किस प्रकार कावड़ियों को उत्तराखंड आने से रोका जाए। इसी को देखते हुए कोतवाली मंगलौर में एसपीओ के साथ पुलिस प्रशासन ने एक बैठक का आयोजन किया। बैठक में बॉर्डर पर यदि कावड़िये आएंगे तो उन्हें कैसे रोका जाए विचार विचार विमर्श किया गया। कोतवाली प्रभारी यशपाल सिंह ने बताया कि बॉर्डर पर अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की जाएगी। साथ ही एसपीओ भी तैनात किए जाएंगे। यदि कोई कावड़िया उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें क्वॉरेंटाइन भी किया जाएगा।

 

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बांग्लादेश ने लागू किया सख्त कोविड-19 लॉकडाउन

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बांग्लादेश ने कोरोना महामारी के व्यापक प्रसार को रोकने के लिए देश में अबतक का सबसे गंभीर राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की है।जानकारी के  अनुसार, बुधवार को बांग्लादेश में ईद अल-अधा के अवसर पर एक सप्ताह के लिए प्रतिबंधों में ढील देने के बाद अधिकारियों ने 23 जुलाई से 5 अगस्त तक सख्त लॉकडाउन का फैसला किया है। बांग्लादेश की सड़कों पर एक बार फिर सेना के जवानों की वापसी हो गई है। इसके साथ ही कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सदस्य लोगों की गतिविधियों को रोकने के लिए सड़कों पर लौट आए है। एक पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को राजधानी ढाका में कहा कि जब तक की बहुत जरूरी नहीं होगा, तब तक किसी को भी बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

कोरोना महामारी में लगातार बढोतरी को देखते हुए बांग्लादेशी सरकार ने 1 जुलाई से लॉकडाउन लगाने का आदेश दिया था, लेकिन बाद में ईद के अवसर पर 15 से 22 जुलाई एक सप्ताह के लिए प्रतिबंधों में ढील दी गई थी। बांग्लादेश के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के अनुसार, देश में अब तक 11,46,564 कोरोना के मामलों की पुष्टि हुई है, जबकि 18,851 लोगों की जान जा चुकि है।

 

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लिंग परीक्षण रोकने हेतु ब्लॉक स्तरीय समिति का होगा गठन

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प्रदेशभर में भ्रूण लिंग परीक्षण रोकने के लिए राज्य सरकार लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम के तहत राज्य एवं जिला स्तरीय समितियों की तर्ज पर अब ब्लॉक स्तर पर भी समितियों का गठन करेगी। ताकि राज्य में गिरते बाल लिंगानुपात को सुधारा जा सके। प्रदेश के सभी पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केन्द्रों के बाहर सीसीटीवी कैमरा एवं जरूरत पड़ने पर बायोमैट्रिक मशीनें लगवाई जायेंगी। चिकित्सक के परामर्श के बिना मेडिकल स्टोर पर गर्भपात संबंधी दवाओं की बिक्री नहीं की जा सकेगी।
सचिवालय स्थित मुख्य सचिव सभागार में स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित राज्य पर्यवेक्षण बोर्ड में उपरोक्त निर्णय लिए गए। डा. रावत ने बताया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण पिछले एक वर्ष से बोर्ड की बैठक नहीं हो पाई थी जिस कारण कई अहम निर्णय लम्बित थे।

आज राज्य पर्यवेक्षण बोर्ड (पीसीपीएनडीटी) की बैठक में राज्य एवं जिला स्तरीय समितियों की तर्ज पर सूबे के सभी 95 विकास खण्डों में ब्लॉक निरीक्षण एवं मूल्यांकन समिति (पीसीपीएनडीटी) का गठन किया जाएगा। जिसमें उपजिलाधिकारी, ब्लॉक प्रमुख, खण्ड विकास अधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी तथा संबंधित क्षेत्र के एनजीओ के एक सदस्य को शामिल किया जायेगा। समिति को ब्लॉक के अंतर्गत पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केन्द्रों निरीक्षण का अधिकार होगा। इसके अलावा क्षेत्र के अल्ट्रासाउंड केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरा एवं बयोमैट्रिक मशीन लगाने का निर्णय लिया गया है। बैठक में 21 दिनों के अंदर जन्म पंजीकरण अनिर्वाय कर किया गया है। इसके लिए ग्राम प्रधान, आशा, एएनएम, आंगनबाडी कार्यकत्रियों को शीघ्र प्रशिक्षण दिया जाएगा।

अगले माह सबसे कम लिंगानुपात वाले जनपद रूद्रप्रयाग में बैठक

राज्य में भ्रूण लिंग परीक्षण करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही संबंधी डीके पॉलिसी को शीघ्र लागू करने तथा भ्रूण लिंक परीक्षण की सूचना देने वाले को पुरूस्कृत करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही बोर्ड की बैठक प्रत्येक माह आयोजित करने के साथ ही अगले माह सबसे कम लिंगानुपात वाले जनपद रूद्रप्रयाग में बैठक करने का निर्णय लिया गया। राज्य की सभी महिला विधायकों एवं महिला सांसदों को बोर्ड में बतौर सदस्य नामित करने का निर्णय लिया गया। राज्य में बाल लिंगानुपात के गिरते स्तर को देखते हुए बिना चिकित्सकीय परामर्श के मेडिकल स्टोर पर बिक रही गर्भपात संबंधी दवाओं की बिक्री पर रोक लागने का निर्णय बोर्ड बैठक में लिया गया। राज्य में जबरन कन्या भू्रण लिंग परीक्षण एवं भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए शीघ्र एक हेल्पलाइन सेवा शुरू की जायेगी जिसमें गर्भवती महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज कर सकेंगी। जिस पर शासन-प्रशासन तत्काल कार्यवाही कर संबंधित महिलाओं की पूरी मदद करेगा।

 

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मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने विधानसभा कक्ष में आयुष विभाग की समीक्षा बैठक

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डॉ. हरक सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश में ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए और कोविड-19 वैश्विक महामारी संक्रमण की तीसरी लहर को रोकने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं से सम्बधित आधारभूत संरचना मजबूत किया जाए। इस सम्बन्ध में न्यूनतम खर्च और बेहतर सुविधा के सिद्धान्त पर कार्य किया जाए। यह प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जायेगा।

आयुर्वेदिक चिकित्सालय में 24 घण्टे स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान

बैठक में निर्देश दिया गया कि ऐसे स्थान जहां एलोपैथिक चिकित्सालय नहीं है किन्तु आयुर्वेदिक चिकित्सालय है, इनमें 24 घण्टे स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान किया जाए। इन चिकित्सालयों में ऑक्सीजन बेड सिलेण्डर सहित सभी प्रकार की प्राथमिक इलाज की सुविधा दी जायेगी। प्रदेश में 429 अन्तरंग आयुर्वेदिक चिकित्सालय है जिनमें 158 आयुर्वेदिक चिकित्सालय को इस उद्देश्य से अपग्रेड करने की योजना है। इन चिकित्सालयों में बेड की क्षमता 4 से बढ़ाकर 10 किया जायेगा। ऐसे आयुर्वेदिक चिकित्सालय जिनके पास भवन तो है परन्तु उपकरण और मानव संसाधन का अभाव है, इसके चलते उक्त चिकित्सालयों को समुचित उपयोग नहीं किया जा रहा है, उक्त चिकित्सालयों को अपग्रेड करते हुए उपकरण, मानव संसाधन की व्यवस्था की जायेगी।

बैठक में शामिल रहने वाले अधिकारी

इस अवसर पर आयुष सचिव चन्द्रेश यादव, सचिव वित्त वी0 षणमुगम, अपर सचिव चिकित्सा अरूणेन्द्र चैहान, अपर सचिव वित्त अमिता जोशी, निदेशक आयुर्वेदिक एम0पी0सिंह, उप सचिव आयुष गजेन्द्र सिंह कफलिया सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

 

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