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ग्रीन गोल्ड को मिली मोडिफाइड बोरहोल तकनीक की संजीवनी

ग्रीन गोल्ड को मिली मोडिफाइड बोरहोल तकनीक की संजीवनी
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महेंद्र प्रताप सिंह, ऋषिकेश (उत्तराखंड)

 

कोरोना से जूझ रहे लोगों को मिलेगी रोजगार की सौगात, चीड़ के वृक्षों की आयु बढ़ेगी, राजकोष भी समृद्ध होगा

 

लीसा निकासी की पुरातन प्रणाली को दरकिनार कर अब चीड़ के वृक्षों पर मोडिफाइड बोरहोल तकनीक का इस्तेमाल होगा। नई तकनीक का फायदा ये है कि इससे मजदूरों के लिए कोरोना काल मे रोजगार सुलभ होंगे। पेड़ों की आयु के साथ ही राजस्व भी बढ़ेगा। लीसा निकासी के लिये प्रयोग होने वाली यह तीसरी पीढ़ी की तकनीक है। इस खोज का श्रेय प्रभागीय वनाधिकारी, नरेंद्र नगर डीएस मीणा और उनकी टीम को जाता है।

आकड़ों के मुताबिक विश्व भर में लीसा व्यापार हजारों बिलियन डॉलर का है। लीसा इंडस्ट्री 5-7 फीसदी की दर से ग्लोबल ग्रोथ कर रही है। उत्तराखंड सहित देश भर में पुरानी प्रणाली से लीसा का दोहन होता रहा है। इससे न सिर्फ लीसा की गुणवत्ता ख़ामीयुक्त रही बल्कि पेड़ों की हालत भी सोने के अंडे देने वाली उस मुर्गी की रही जो समय से पहले ही पतन का शिकार हो जाती है। आईएफएस अफसर डीएस मीणा देश के गिनेचुने लीसा विशेषज्ञों में शामिल हैं। मीणा के मुताबिक 1960-65 में लीसा निकासी जोशी-वसूला (कप एन्ड लिप मेथड ) से होती थी। इसके बाद 1985 से रिल तकनीक अपनाई गई जो बहुतायत में अब तक लागू है। रिल तकनीक रोजगार सृजन, उत्पादन और लीसा की गुणवत्ता के लिहाज से बेहद नुकसानदेह है।

काफी मंथन के बाद अब डीएस मीणा ने तीसरी पीढ़ी की मोडिफाइड बोरहोल प्रणाली का प्रयोग शुरू किया है। वैश्विक प्रतिस्पर्धा के नजरिये से नई तकनीक काफी कारगर साबित हो रही है। रिल प्रणाली से जहां वनों में आग लगने की संभावना बनी रहती है वहीं पेड़ों की आयु भी कम हो जाती है। बोरहोल प्रणाली के तहत 20 सेमी व्यास वाले चीड़ के वृक्षों में छेद करके पाइप लगा दी जाती है। इसके बाद पॉलीथिन के बैग लटका दिए जाते हैं। इनमें लीसा की टिपान होती है। इस तकनीक से प्रति पेड़ लीसा उत्पादन 1 किलो बढ़ गया है। पुरानी तकनीक से प्रति पेड़ 3 किग्रा लीसा उत्पादन होता था, अब यह बढ़कर 4.05 किग्रा तक हो गया है। डीएस मीणा बताते हैं कि रिल प्रणाली से पेड़ जख्मी होकर जर्जर हो जाते और हवा में धराशायी होते रहते हैं। नतीजा ये रहा कि चीड़ की आबादी तेजी से घटने लगी। साथ ही लीसा भी मटमैला निकलता था जिससे नीलामी कम दरों पर हो पाती थी। बोरहोल तकनीक में पेड़ों के घाव खुद ही भर जाते हैं। साथ ही लीसा भी शुद्ध मिलता है। बोरहोल से निकला लीसा A और B पाइन होने के कारण ऊंची दरों पर नीलाम होता है। इसके अलावा पेड़ों की संख्या में जहां 25-30 फीसदी इजाफा होता है, वहीं सालाना सीजन में लीसा उत्पादन 30-50 प्रतिशत बढ़ जाता है।

 

सालाना 15 करोड़ मानदेय वितरण होगा

 

बोरहोल प्रणाली रोजगार की दिशा में भी क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली है। डीएस मीणा के मुताबिक 15 से 20 लीटर के पॉलीथिन बैग में लीसा जमा किया जाता है। इसके बाद टिन के डिब्बों में भरकर रेल हेड डिपो तक पहुंचाया जाता है। बोरहोल से निकला लीसा उच्च गुणवत्ता का होने के कारण बाई प्रोडक्ट का नया बाजार खोलने में सहायक है। आसान तकनीक के कारण स्थानीय मजदूर भी उत्पादन से जुड़ सकेंगे। पूरी तरह से तकनीक लागू होने के बाद राजस्व में 20-30 गुना वृद्धि की संभावना है। हर साल आठ महीने लीसा उत्पादन का कार्य होता है। लक्ष्य है कि प्रतिवर्ष 15 करोड़ का मानदेय वितरित किया जाए। यानी हर साल चार लाख 50 हजार श्रम दिवस सृजित होंगे। साथ ही रिम तकनीक के कारण ब्लू स्टैन नामक बीमारी का शिकार होने से चीड़ बच पाएंगे।

 

कितनी दायरे में है ग्रीन गोल्ड की दुनिया

 

आंकड़ों के मुताबिक उत्तराखंड में 6904.02 वर्ग किमी में चीड़ के वन फैले हैं। प्रतिवर्ष 35 लाख वृक्षो पर लीसा टिपान किया जाता है। इससे सालाना 1 लाख 20 हज़ार कुंतल लीसा उत्पादन हो रहा है। इसी तरह सालाना 70-75 करोड़ रुपये राजस्व भी हासिल हो रहा है। बोरहोल तकनीक अभी प्रयोग की अवस्था में है। सकारात्मक परिणामों को देखते हुए प्रभागीय वनाधिकारी, नरेंद्र नगर व उनकी टीम को प्रमुख वन संरक्षक ने सम्मानित भी किया है।

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सांसद वरुण गांधी की अध्यक्षता बैठक, लंबित पड़े प्रोजेक्ट और अधूरी कुछ परियोजनाओं हुई चर्चा

पीलीभीत  जिले में विकास कार्यों और समस्याओं के निस्तारण के लिए सांसद वरुण गांधी की अध्यक्षता में गांधी सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। इसमें जिले में लंबित पड़े प्रोजेक्ट और अधूरी कुछ परियोजनाओं पर चर्चा की गई।

सांसद वरुण गांधी ने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन/बरातघर भवन नहीं हैं। उनका निर्माण शुरू कराया जाए।  गांधी सभागार में आयोजित बैठक में सांसद वरुण गांधी ने डीएम पुलकित खरे और एसपी जय प्रकाश संग जिले में कराए गए कार्यों के बाबत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अपराध पर नियंत्रण हो और आम आदमी की सुनवाई जल्द से जल्द हो।

वहीं गन्ना किसानों के भुगतान, विस्थापित बंगाली परिवारों के वोट बनवाने की प्रक्रिया के अलावा,धान खरीद में तेजी लाने के लिए डीएम पुलकित खरे से सांसद ने कहा। सांसद ने कहा कि कुछ जगहों पर रेलवे के अंडरपास को लेकर गतिरोध है और शारदा नदी पर पुल बनाए जाने के मामलों को लेकर में केंद्रीय मंत्रियों से खुद चर्चा करूंगा। इसके अलावा मझोला शुगर मिल भी चालू कराए जाने को लेकर बैठक में चर्चा हुई।

(पीलीभीत से सरताज सिद्दीकी की रिपोर्ट)

 

सीतापुर: समय के साथ नारी को जागरूक होने की आवश्यकता है- DM विशाल भारद्वाज

सीतापुर के खैराबाद स्थानीय चंन्द्रा गेस्ट हाउस में आज नारी शक्ति के अंतर्गत नारी जागरूकता का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें नारी शक्ति को किस प्रकार से जागरूक करके सशक्त बनाया जा सकता है। इस पर गोष्टी के माध्यम से चर्चा की गई। इस अवसर पर स्कूली बच्चों के द्वारा जूडो कराटे प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिनमें डीएम तथा एसपी के द्वारा जूडो कराटे के बच्चों को 5001 का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज ने कहा की शिक्षा धन तथा ताकत यह तीन ऐसे अमोघ अस्त्र हैं। जिनके द्वारा नारी को सशक्त किया जा सकता है, परंतु बिना जागरूक हुए यह अभियान सफलता के उच्च सोपान तक नहीं पहुंच सकता है। यदि नारी शिक्षित हो जाए तो तो उसे बड़ी मदद मिल सकती है। इसके लिए केंद्र और राज्य की सरकारो द्वारा  काफी योजनाएं चलाई जा रही हैं।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने भी गोष्ठी को संबोधित कर नारी मिशन शक्ति मिशन के विषय में जानकारी दी इस अवसर पर अधिशासी अधिकारी ह्रदयानंद उपाध्याय पालिकाध्यक्ष हाजी जलीस अहमद अंसारी थानाध्यक्ष धर्म प्रकाश शुक्ला व महिला पुलिसकर्मी व पुलिस उपस्थित थी।

(सीतापुर से ज्योति कुमार की रिपोर्ट)

रेप केस में विधायक विजय मिश्रा की बेटी रीमा मिश्रा ने सीएम से CBI से जांच की मांग

भदोही जनपद के ज्ञानपुर से विधायक विजय मिश्रा समेत तीन पर रेप का मुकदमा दर्ज होने के बाद विधायक विजय मिश्रा की बेटी ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है। कि हाल के दिनों में विधायक और परिजनों पर जो मुकदमे दर्ज हुए हैं उनकी जांच सीबीआई से कराई जाए। विधायक की बेटी का कहना है, कि युवती को पैसे देकर राजनैतिक विरोधियों ने रेप का मुकदमा दर्ज कराया है।

उन्होंने कहा कि जिला पंचायत चुनाव की वजह से उनके परिजनों को फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है। दरअसल भदोही जनपद की ज्ञानपुर विधानसभा सीट से चौथी बार विधायक चुने गए विजय मिश्रा उनके बेटे विष्णु मिश्रा और उनके परिवार के एक युवक पर वाराणसी की रहने वाली एक गायिका ने कल रेप का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में विधायक विजय मिश्रा की बेटी रीमा मिश्रा ने बयान दिया है। कि हाल के दिनों में विधायक और उनके परिजनों पर जो मुकदमे दर्ज हुए हैं। उनकी जांच सीबीआई से कराई जाए।

उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वह इन मामलों की जांच सीबीआई को सौप दे। साथ ही उन्होंने कहा कि भदोही से भाजपा के विधायक रविंद्र नाथ त्रिपाठी और अन्य राजनीतिक विरोधियों के द्वारा साजिश रची जा रही है l युवती को पैसे देकर रेप का मुकदमा लिखाने का विधायक की बेटी ने आरोप लगाया है, विधायक की बेटी ने कहा कि साजिश के तहत फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए हैंl

(भदोही से आनंद देव पांडे की रिपोर्ट)

कन्नौज में PM आवास योजना में बड़ा घोटाला, भाकियू लोकशक्ति नेताओं ने निकाल प्रदर्शन

कन्नौज में प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां प्रधान और रोजगार सेविका पर अपात्रों को आवास देने का आरोप हैं। मामले की जांच करा कार्यवाही के लिये भाकियू लोकशक्ति ने जुलूस निकाल प्रदर्शन किया।

वहींभाकियू नेताओं ने डीएम को ज्ञान देकर मामले की जांच कराने व रोजगार सेविका को हटाने की मांग की है। कन्नौज में जुलूस निकाल कलेक्ट्रेट पहुंचे भाकियू नेताओं के साथ महिलाओं का भी हुजूम था। जलालाबाद ब्लॉक के गुधनी गांव की यह महिलाएं गांव के प्रधान प्रदीप कुमार और रोजगार सेविका राधिका कटियार के खिलाफ एकजुट हुए हैं। डीएम को ज्ञापन देने आयी महिलाओं ने प्रधान और सेविका पर भृष्टाचार के आरोप लगाये हैं।

इसी के साथ भाकियू लोकशक्ति के जिलाध्यक्ष हासिम अली का कहना है कि गरीबों की इस लड़ाई को भृष्टाचारियों पर कार्यवाही होने के बाद ही खत्म किया जाएगा।

(कन्नौज से रईस खान की रिपोर्ट)

लखनऊ में आत्मदाह करने का प्रयास करने वाले नसीम को पुलिस ने लिया हिरासत में

यूपी की राजधानी लखनऊ के अतिविशिष्ट इलाके हजरतगंज में स्थित लोकभवन  के सामने आज बाराबंकी के एक परिवार ने अपने दो बच्चों के साथ आत्मदाह का प्रयास किया। लेकिन इससे पहले की वह आग लगा पाते पुलिस ने उन्हें बचा लिया।

वहीं पुलिस ने इस मामले की जानकारी दी। दूसरी तरफ इससे पहले पिछले सप्ताह भी लोकभवन के नजदीक एक महिला ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली थी, जिसकी बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी थी।

बता दें कि पुलिस ने इस मामले में बताया कि आज दोपहर बाराबंकी के सदर कोतवाली के रहने वाले नसीर और उनकी पत्नी अपने दो नाबालिग बेटों के साथ विधानभवन के गेट नंबर दो के पास पहुंचे। उन्होंने अपने और अपने पूरे परिवार के ऊपर कोई तरल पदार्थ डाला। लेकिन वह माचिस या लाइटर जला पाता वहां खड़े पुलिसकर्मियों ने पूरे परिवार को पकड़ लिया।

मिली जानकारी में उन्होंने कहा कि नसीर से जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि बाराबंकी में उसकी दुकान थी, जिसे अतिक्रमण अभियान के दौरान गिरा दिया गया था। इससे उसके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है, इसलिये उसने परिवार सहित आत्मदाह की सोची थी।

(बाराबंकी से फखरे आलम की रिपोर्ट)

murder

आगरा: दिन दहाड़े बदमाशों ने मारी सेल्स मैनेजर को गोली, जांच में जुटी पुलिस

आगरा जनपद में बदमाशों ने सेल्स मैनेजर को गोली मारकर 6 से 7 लाख रुपये लूटे की घटना को अंजाम दिया है। वहीं घटना को अंजाम देकर हमलावर रुपयों से भरा बैग लेकर पैदल ही फरार हो गए है।

पूरी घटना आगरा जनपद के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के नवलगंज में बदमाशों ने लूटपाट और हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। बदमाशों ने पुलिस चौकी से चंद कदमों की दूरी पर दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया है। बदमाशों ने सेल्स मैनेजर सोनू के पेट में गोली मारी। साथ ही उसके पास से 6 से 7 लाख रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए। वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल सेल्स मैनेजर सोनू को अस्पताल भेजा। लेकिन तब तक सोनू की मौत हो चुकी है।

बता दें कि दिन दहाड़े हुई इस वारदात से इलाके के लोगों में दहशत का महौला है। वहीं एडीजी अजय आनंद और एसएसपी बबलू कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने फरार बदमाशों की धरपकड़ के लिए क्राइम,सर्विलांस, अन्य टीम को लगाया हुआ है। साथ ही सीसीटीवी कैमरों की मदद से बदमाशों की पहचान कर वारदात का खुलासा करने में पुलिस जुटी है।

(आगरा से शिव कुमार प्रजापति की रिपोर्ट)