हाथरस गैंगरेप मामलाः दिन में हिंसा होने की आशंका थी, इसलिए रात में किया अंतिम संस्कार – यूपी सरकार

हाथरस गैंगरेप मामलाः दिन में हिंसा होने की आशंका थी, इसलिए रात में किया अंतिम संस्कार - यूपी सरकार
Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on telegram

हाथरस गैंगरेप के मामले को लेकर पूरे देश में उबाल है। लोग न्याय के लिए मुखर होकर सड़कों पर उतर रहे हैं। यूपी सरकार की तरफ से बनाई गई SIT ने वारदात वाली जगह का जायजा लिया जिसकी कल रिपोर्ट आएगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि अदालत की निगरानी में CBI जांच होनी चाहिए।

हाथरस गैंगरेप मामले की हाईलेवल जांच की अर्जी पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने कोर्ट में एफिडेविट दिया। जिसमें ये कहा गया था कि “स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच के आदेश दिए जाएं। सुप्रीम कोर्ट को खुद भी CBI जांच की निगरानी करनी चाहिए। पीड़ित का अंतिम संस्कार रात में इसलिए किया गया, क्योंकि दिन में हिंसा भड़कने की आशंका थी। इंटेलीजेंस इनपुट मिला था कि इस मामले को जातिवाद का मुद्दा बनाया जा रहा है और पीड़िता के अंतिम संस्कार में लाखों प्रदर्शनकारी जमा हो सकते हैं।”

एफिडेविट में यह भी कहा गया है कि हाथरस मामले में सरकार को बदनाम करने के लिए नफरत भरा कैंपेन चलाया गया। अब तक की जांच में पता चला है कि कुछ लोग अपने हितों के लिए निष्पक्ष जांच को प्रभावित करना चाहते हैं।

उधर, यूपी सरकार की तरफ से बनाई गई SIT ने पीड़ित के गांव बुलगढ़ी में वारदात वाली जगह का जायजा लिया जिसके बाद SIT कल अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी। इस मामले की हाई लेवल जांच की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में आज चीफ जस्टिस एस ए बोबडे की बेंच सुनवाई करेगी। अर्जी लगाने वाले सोशल एक्टिविस्ट सत्यम दुबे, वकील विशाल ठाकरे और रुद्र प्रताप यादव ने अपील है कि इस केस की जांच सीबीआई या सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड या मौजूदा जज या फिर हाईकोर्ट के जज से करवाई जाए।
पिटीशनर्स ने यह अपील भी की है कि हाथरस केस को दिल्ली ट्रांसकर करने का आदेश जारी किया जाए, क्योंकि उत्तर प्रदेश पुलिस-प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ सही कार्रवाई नहीं की। पीड़ित की मौत के बाद पुलिस ने जल्दबाजी में रात में ही शव जला दिया और कहा कि परिवार की सहमति से ऐसा किया गया। लेकिन, यह सच नहीं है, क्योंकि पुलिसवाले ने खुद चिता को आग लगाई और मीडिया को भी नहीं आने दिया था।

पिटीशनर्स ने कहा है कि पुलिस ने पीड़ित के लिए अपनी ड्यूटी निभाने की बजाय आरोपियों को बचाने की कोशिश की। ऊंची जाति के लोगों ने पीड़ित के परिवार का शोषण किया, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया।

हाथरस जिले के चंदपा इलाके के बुलगढ़ी गांव में 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की दलित युवती से गैंगरेप किया था। आरोपियों ने युवती की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ भी काट दी थी। दिल्ली में इलाज के दौरान 29 सितंबर को पीड़ित की मौत हो गई।

इस मामले में चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि दुष्कर्म नहीं हुआ था। उधर, यूपी सरकार इस मामले की जांच SIT से करवा रही है। CBI जांच की सिफारिश भी की है। पीड़ित का शव जल्दबाजी में जलाने और लापरवाही के आरोपों के बीच हाथरस के एसपी समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं।

 

 

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on telegram

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

मुरादाबाद में डकैती के दौरान महिला की गला दबाकर हत्या

मुरादाबाद में डकैती के दौरान महिला की गला दबाकर हत्या

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद शहर के मझोला थाना क्षेत्र स्थित मिलक गांव में डकैती करने

आए बदमाशों ने एक महिला की गला दबाकर हत्या कर दी। यह घटना सोमवार रात की है।

जानकारी के मुताबिक देर रात को नकाबपोश बदमाशों ने गांव के एक

घर में लूटपाट की और इस दौरान महिला की गला दबा कर हत्या कर दी।

कीमती जेवर और मोबाइल भी लूट कर साथ ले गए

पुलिस पूछताछ के दौरान महिला के पति ने बताया कि बदमाश घर से कीमती जेवर और मोबाइल भी लूट कर साथ ले गए।

उन्होंने बाताया कि पूरी घटना को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने

मेरे हाथ-पैर बंद दिए और मेरी पत्नी की हत्या कर फरार हो गए।

महिला के पति ने बताया कि किसी तरह रस्सी खोलने के बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

महिला के शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना से पूरे इलाके में डर का माहौल बना हुआ है।

पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरु कर दी  है। जानकारी के मुताबिक बदमाशों की संख्या पांच बताई जा रही है।

मृतक की पहचान मंजू के रुप में हुई है जिसकी दो साल पहले शादी हुई थी।

 

यह भी पढें-शर्मनाक : ड़ेढ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म

शर्मनाक घटना ड़ेढ साल की बच्ची के साथ किया 15 वर्षीय युवक ने दुष्कर्म

शर्मनाक : ड़ेढ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र में 15 साल के एक युवक ने डेढ़ साल की बच्ची

के साथ दुष्कर्म कर मानवता को शर्मसार कर दिया।

थाना एत्माद्दौला के प्रभारी निरीक्षक उमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार दोपहर को बच्ची घर से बाहर खेल रही थी,

तभी पड़ोस से आरोपी किशोर आया और बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।

कुछ समय बाद पीड़िता घायल आवस्था में घर पहुंची। पीड़िता के शरीर से खून निकल रहा था,

जिसे देखकर उसकी मां कुछ समय के लिए सहम गयी। मां बेटी को उठाकर डॉक्टर के पास ले गयी जहां

उसका उपचार कराया गया। देर शाम को पीड़िता की मां ने थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज करवाई।

पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है जिसके बाद उसे किशोर न्यायलय में पेश किया जाएगा।

पीड़िता का मेडिकल भी कराया गया है।।

 

यह भी पढें-बेजुबान  स्ट्रीट डॉग को गार्ड ने 7वीं  मंजिल से नीचे फेंका

बेजुबान किशोरी से किया दुष्कर्म टॉफी दिलाने के बहाने ले गया बाहर

टॉफी का लालच देकर बेजुबान बच्ची से दुष्कर्म

देश में आए दिन दुष्कर्म की  घटनाएं सामने आ रही है।

एक घटना उत्तर प्रदेश के सुनगढ़ी क्षेत्र से सामने आई है जहां 30 वर्षीय युवक ने

13 साल की बेजुबान नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म किया।

आरोपी युवक, बच्ची को टॉफी दिलाने के बहाने घर से बाहर ले गया और दुष्कर्म करने के बाद उसे घर छोड़ दिया।

बेजुबान नाबालिग बच्ची ने परिजनों को इशारों से अपने साथ हुई घटना बताई ।

परिजनों ने पहले बदनामी के डर से थाने में रिपोर्ट नहीं

दर्ज कराई मगर लोगों के समझाने पर वे रविवार शाम को थाने पहुंचे।

परिजनों ने थाना सुनगढ़ी में तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

सुनगढ़ी पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट का मुकदमा दर्ज कर लिया।

बच्ची को टॉफी दिलाने के बहाने घर से ले गया

पीडिता की मां ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला देश नगर निवासी  नरेश का उसके यहां आना-जाना रहता था।

पीड़िता की मां के मुताबिक 27 नवंबर को आरोपी युवक उनके घर आया और साल की बच्ची को टॉफी दिलाने के बहाने घर से ले गया।

पीड़िता की मां ने बताया कि बच्ची मंदबुद्धि है। लगभग 2 घंटे बाद वह बच्ची को घर वापस छोड़कर चला गया।

इंस्पेक्टर सुनगढ़ी अतर सिंह ने बताया कि नाबालिग का मेडिकल कराने के बाद कोर्ट में बयान पेश किए जाएंगे।

आरोपी फरार है, जल्दी ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

 

यह भी पढें-बेजुबान  स्ट्रीट डॉग को गार्ड ने 7वीं  मंजिल से नीचे फेंका

बेजुबान स्ट्रीट डॉग को गार्ड ने 7वीं मंजिल से नीचे फेंका

बेजुबान  स्ट्रीट डॉग को गार्ड ने 7वीं  मंजिल से नीचे फेंका

गाजियाबाद के राज नगर एक्सटेंशन इलाके में बेजुबान जानवर पर अत्याचाक की अमानवीय घटना सामने आई है।

यहां एक सिक्योरिटी गार्ड ने स्ट्रीट डॉग को सातवीं मजिल से नीचे फैंक दिया। स्ट्रीट डॉग की हालत बेहद नाजुक है।

घटना के बाद गुस्साए सोसायटी के लोगों ने गार्ड की पिटाई कर की जिसका वीडियो वायरल हो गया।

पुलिस ने सिक्योरिटी गार्ड को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक सोसायटी के

लोगों ने गार्ड को स्ट्रीट डॉग्स को अन्दर आने से रोकने को कहा था लेकिन उन्हें क्या पता था कि गार्ड इतना बेरहम होगा।

सोसयटी ने इस घटना के बाद पुलिस मे एफआईआर दर्ज कराई जिसके बाद गार्ड को गिरफ्तार कर लिया गया।

सोसायटी के चेयरमैन की प्रतिक्रिया

जानकारी के अनुसार इस पूरे मामले में सोसायटी के चेयरमैन ने कहा कि स्ट्रीट डॉग्स

को बांध कर नहीं रखा जा सकता है मगर जानवरों के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार ठीक नहीं है।

साथ ही उन्होंने गार्ड के साथ हुई मारपीट को भी गलत ठहराया।

उन्होंने कहा कि इस घटना पर वह सोसाइटी के लोगों के साथ बातचीत करेंगे।

बेजुबान जानवरों पर आत्याचार

गौरतलब है कि देश में इससे पहले भी बेजुबान जानवरों पर आत्याचार के मामले सामने आते रहे हैं।

कुछ समय पहले केरल के पलक्कड़ जिले में में एक गर्भवती हाथिनी को अनानस के अन्दर बम डाल कर मार डाला गया था।

इस अमानवीय घटना की चारों तरफ आलोचना हुई थी।।

 

यह भी पढें-देखें आखिर क्यों बंद किया गया रामनगर का प्रसिद्ध गर्जिया मंदिर

योगी सरकार ने तैयार की कोरोना को लेकर नई गाइडलाइन

योगी सरकार ने तैयार की कोरोना को लेकर नई गाइडलाइन

कोरोना को लेकर एक बार फिर से उत्तर प्रदेश  में योगी सरकार  ने गाइडलाइन तैयार की है,

ये गाइडलाइन पहले की तरह है।

नई गाइडलाइन में ज्यादा बदलाव नहीं किया गया है।

उत्तर प्रदेश में अभी भी शादियों में अधिकतम 100 लोग शामिल हो सकते है।

खुले मैदान या लॉन में क्षमता का 40 प्रतिशत ही लोगों को एक समय में शामिल होने की अनुमति होगी।

जहां 2000 लोगों की बैठने की जगह है वहां लगभग 800 लोग बैठ सकते है।

जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित अधिकारियों को इससे संबंधित निर्देश दिए थे।

उन्होंने कहा था कि कहीं से भी पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार की खबर आई तो संबंधित पुलिस

कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और अधिकारियों को ही जवाब देना पड़ेगा।

मेरठ पुलिस की शादियों में हरकतें

मेरठ पुलिस ने शादियों मे जाकर जो रंग में भंग डाला उसे योगी आदित्यानाथ काफी हद तक नाराज हुए,

मंगलवार और बुधवार पुलिस ने दूल्हे समेत कई लोगों के खिलाफ मेरठ के लालकुर्ती थाने और सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज की थी।

इसके अलावा पुलिस ने शादी के मंडपों में छापा मारकर कोरोना की गाइडलाइन का

पालन न करने पर बाराती और घराती समेत मंडप के मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

पुलिस ने शादियों में जाकर घराती व बारातियों पर कोरोना के गाइडलाइंस जारी किए,

जिस कारण मेरठ के आसपास के जिलो के व्यक्तियों ने आक्रोश में आकर योगी सरकार से शिकायत की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शादी समारोह केवल सूचना देकर और कोविड प्रोटोकॉल और गाइडलाइन के

निर्देशों का पालन करते हुए किया जा सकता है। इसके लिए जो संख्या निर्धारित की गई है,

उसमें बैंड-बाजा या अन्य कर्मचारी शामिल नहीं माने जाएंगे।

शादियों में बैंड बजाने और डीजे बजाने से रोकने वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई करने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं।

 

यह भी पढें- गूंज संस्था : जरूरतमंद बच्चो व लोगों को बांटी आवश्यक सामग्री

 

 

मेरठ में नहीं थम रहे है कोरोना के केस, कुल संक्रमितों की संख्या 17701

मेरठ में नहीं थम रहे  हैं कोरोना के केस, कुल संक्रमितों की संख्या 17701

भारत देश में कोरोना की दूसरी लहर ने अपनी दस्तक दे दी है। कोरोना के आए दिन बढ़ते मामले चिंताजनक विषय है

वहीं मेरठ के अन्य इलाकों में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या मे बढ़ोत्तरी होती जा रही है।

मेरठ में रविवार सेंट थॉमस इंटर कॉलेज के एक शिक्षक भी कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।

रविवार को मेरठ में कोरोना के 215 नए केस देखने को मिले।

कोरोना से संक्रमित 3 मरीजों की मौत मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में हुई,

तीनों मरीजों की उम्र लगभग 60 वर्ष से अधिक की थी।

मेडिकल कॉलेज प्रशासन के मुताबिक शामली, गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर के रहने वाले थे।

जानकारी के मुताबिक सीएमओ डॉ अखिलेश मोहन के अनुसार कोरोना के नए मरीजों में सरकारी कर्मचारी,

उद्यमी, छात्र, श्रमिक,महिलाएं, किसान, पेंशनर, डॉक्टर, नर्स, शिक्षक, पुलिसकर्मी व बच्चे भी मिले हैं।

कोरोना के नए सैंपल्स मे 5534 का टेस्ट हुआ जिनमें से 215 लोग संक्रमित पाए गए।

जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 17701 पहुंच गई है जबकि जिले में कोरोना संक्रमण से अभी तक 369 मौत हो चुकी हैं।

15208 मरीज अभी तक डिस्चार्ज हो चुके हैं। 2124 सक्रिय मरीज हैं।

कोरोना के बढ़ते मामले उत्तर प्रदेश के लिए एक गंभीर विषय है कोरोना के

मिले संक्रमित मरीजों को मेडिकल कॉलेज और अन्य कोविड सेंटरों में आइसोलेट कराया जा रहा है।

रविवार को 141 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया।

एक साल के बच्चे  से लेकर 81 वर्ष के वृद्ध भी कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।

 

यह भी पढें- गूंज संस्था : जरूरतमंद बच्चो व लोगों को बांटी आवश्यक सामग्री