कारगिल विजय दिवस : भारतीय जांबाजों के अदम्य शौर्य की कहानी

Kargil war
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आज से 22 बरस पहले 26 जुलाई की तारीख भारतीय वीर जवानों के अदम्य शौर्य के प्रमाण के तौर पर इतिहास की किताब में स्वर्मिण अध्याय के रूप में हमेशा-हमेशा के लिए दर्ज हो गई थी। करीब दो महीने तक चले युद्ध का अंत 21 जुलाई 1999 को भारत की जीत के रूप में हुआ था। दो महीने की इस अवधि में भारतीय जाबांजों ने पाकिस्तान की हर नापाक हरकत का ऐसा मुहंतोड़ जवाब दिया था, जिसे याद कर पाकिस्तान आज भी सिहर उठता है। भारतीय जांबाजों ने देश की सीमा में घुसे पाकिस्तानी सैनिकों को वापस खदेड़ दिया था। इस युद्ध में 527 वीर मातृभूमि पर न्यौछावर हो गए थे। पाकिस्तान के 2700 से ज्यादा सैनिकों को भारतीय वीरों ने मार गिराया था।

‘आपरेशन विजय’ के नाम से प्रसिद्ध कारगिल की लड़ाई ने जहां भारत की गौरवशाली सैन्य परंपरा में एक और सफलता का आयाम जोड़ा वहीं पाकिस्तान के लिए यह युद्ध एक और शर्मनाक हार का सबब बना। इस युद्ध ने पाकिस्तान को यह सीख भी दी कि, भारत की तरफ आंख उठाने के उसके नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं हो सकते। इस युद्ध में मिली जीत से जहां दुनियाभर में भारतीय सैन्य ताकत का डंका बजा, वहीं पाकिस्तान पूरी तरह अलग-थलग पड़ गया। भारतीय सीमा में घुसपैठ के पाकिस्तान की हरकत की चारों तरफ आलोचना हुई। अमेरिका समेत दुनिया के प्रमुख देशों ने पाकिस्तान से पल्ला झाड़ लिया।

ऑपरेशन विजय भारतीय जाबांजों के अदम्य शौर्य की गाथाओं से भरा है। भारतीय वीरों की शहादत की गाथा सुन कर आज हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। हर भारतीय का सिर इन वीरों के सम्मान में झुक जाता है। इस युद्ध में शहीद हुए हर भारतीय वीर की कहानी हम भारतीयों को मातृभूमि की रक्षा के लिए हर पल तैयार रहने की प्रेरणा देती है।

ऐसे हुई थी कारगिल युद्ध की शुरुआत

आजादी के बाद अलग देश के रूप में अस्तित्व में आए पाकिस्तान की भारत के प्रति दुर्भावना जग जाहिर है। आजादी के एक वर्ष बाद ही पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर में घुसपैठ के जरिए अपने नापाक इरादे जाहिर कर दिए थे। तब भारतीय जवानों ने पाकिस्तान के इरादे नेस्तनाबूद कर दिए थे। मगर इसके बाद भी पाकिस्तान गाहे बगाहे अपनी बुरी नजर भारत पर डालता रहता था। सन 1971 में पाकिस्तान को इसकी इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी थी कि भारत ने उसके दो टुकड़े कर दिए थे।

दुनिया के नक्शे पर बांग्लादेश के रूप ने एक नए देश का उदय भारत की वीरता का जीता जागता प्रमाण है। मगर इसके बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और लगातार भारत के खिलाफ षड़यंत्र रचता रहा। पाकिस्तान ने कश्मीर घाटी में आतंकियों की लगातार घिसपैठ जारी रखी। भारतीय वीर पाकिस्तान की इन हरकतों का हर बार मुहंतोड़ जवाब देते रहे। इस सबके होते सन 1998 में भारत ने परमाणु परीक्षण कर पूरी दुनिया को चौंका दिया। भारत के परमाणु संपन्न होने की बात सामने आते ही पाकिस्तान की बौखलाहट फिर से सामने आ गई और उसने भारत के खिलाफ एक बड़े षड़यंत्र की शुरूआत कर दी।

वर्ष 1999 के मई महीने की शुरुआत में भारतीय सेना को पाकिस्तानी सैनिकों के भारतीय चोटियों पर कब्जा करने की सूचना मिली। पाकिस्तानी सैनिक भारत की द्रास, तोलोलिंग, चाइगर हिल और कारगिल की पड़ाडियों पर बंकर बना कर छुपे बैठे थे। उस समय भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल वेदप्रकाश मलिक पोलैंड और चेक गणराज्य की यात्रा पर थे। उन्हें भारतीय राजदूत ने पहली बार पाकिस्तान की इस हरकत की खबर दी। नौ मई को पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सेनिकां पर गोलाबारी शुरू कर दी।

पाकिस्तान की गोलाबारी में बड़ी मात्रा में भारतीय सेना का गोला बारूद तबाह हो गया। इस घटना के बाद भारतीय सेना सतर्क हो गई और पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन विजय’ शुरू कर दिया। भारत ने ऑपरेशन विजय की शुरुआत करते हुए सबसे पहले बटालिक क्षेत्र की दो चौकियों से पाकिस्तान को खेदड़ कर वहां फिर से तिरंगा लहराया। उसके बाद द्रास और तोलोलोंग सेक्टर को फिर से हासिल किया। इस दौरान भारतीय सेना के जिस अदम्य साहस का परिचय दिया वह सैन्य इतिहास में अद्वितीय है।

पाकिस्तानी सैनिक चोटी के ऊपर से भारतीयों पर गोला बारी और बम बरसा रहे थे, जिसके जवाब में भारतीय सैनिक बेहद विकट परिस्थितियों में आगे बढ़ते हुए कार्रवाई कर रहे थे। ऊंचाई पर होने के चलते पाक सैनिकों को भारतीय वीरों के एक-एक कदम की जानकारी मिल रही थी, ऐसे में भारतीयों रणबाकुरों के लिए दुश्मन तक पहुंचना बेहद कठिन था। मगर जब मातृभूमि के प्रति अपनी जान से भी ज्यादा प्रेम हो तो फिर दुनिया की सबसे बड़ी मुश्किल भी आपके इरादों को नहीं डिगा सकती।

बेहद कठिन हालातों में भारतीय सैनिकों ने ऊंचाई पर बैठे दुश्मन को नेस्तनाबूद कर तिरंगा फहराया जिसे पूरी दुनिया ने देखा। पाकिस्तान के कब्जे से टाइगर हिल को मुक्त करने में भारतीय सैनिकों ने 11 घंटे की लड़ाई लड़ी। इसी तरह अन्य चोटियों पर भी तिरंगा लहराने लगा। और आखखिरकार 21 जुलाई का वो दिन आया जब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ऑपरेशन विजय के सफल होने की जानकारी देकर भारत की जीत का ऐलान किया।

इस युद्ध में भारतीय सेना ने आर्टिलरी तोप, मोर्टार और रॉकेट लॉन्चरों से हजारों की संख्या में बम और राकेट फायर किए। वायु सेना के मिग−27 और मिग−29 लड़ाकू विमानों ने इस युद्ध में अपनी ताकत का लोहा मनवाया। पाकिस्तान को कारगिल युद्ध में सन 1971 में भी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कारगिल में भारतीय वीरों ने जिस जीवट का परिचय दिया उसकी एक बानगी इससे भी समझी जा सकती है कि कारगिल की ऊंचाई समुद्र तल से 16000 से 18000 फीट ऊपर है। ऐसी ऊंचाई पर हवा का घनत्व बेहद कम होता है और सांस लेने में बहुत कठिनाई होती है। ऐसे हालातों में भारतीय जवानों ने पूरे साहस के साथ पाकिस्तान की नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया।

कारगिल युद्ध में परिस्थितियां हर तरफ से भारत के प्रतिकूल थीं। ऊंची पहाडियों पर दुश्मन पहले ही बंकर बना चुका था। भारी मात्रा में गोला बारूर जमा कर चुका था। भारतीय जवानों के एक-एक मूवमेंट की पाकिस्तानी सैनिकों को पल-पल की अपडेट मिल रही थी। ऐसी विकट परिस्थितियों में कोई भी देश युद्ध लड़ने के पहले कई बार सोचेगा। मगर भारतीय सेना के पराक्रमी योद्धाओं ने इन विकट हालातों को चुनौती के रूप में स्वीकार किया और शानदार जीत हासिल की। भारतीय सैनिकों को साबिक कर दिया कि क्यों उन्हें सर्वश्रेठ माना जाता है। कारगिल विजय दिवस की 21 वीं वर्षगांठ पर एक बार फिर भारतीय जांबाजों की शौर्य को सलाम।

( लेखक HNN24x7 टीवी चैनल में कन्सल्टिंग एडिटर के पद पर हैं )

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और खबरें

पॉइंट्स टेबल में दिल्ली कैपिटल्स पहुंची पहले स्थान पर

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बुधवार 22 सितंबर को इंडियन प्रीमियर लीग यानी आइपीएल 2021 का 33वां मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) और सनराइजर्स हैदराबाद (एसएसआरएच) के साथ खोला गया। जिसे सनराइजर्स हैदराबाद हार गई, जिसके बाद से सनराइजर्स हैदराबाद का आइपीएल 2021 के प्लेऑफ में पहुंचना मुश्कील हो गया है। टीम 8 मुकाबलों में 7 मैच हार गई है, अब तक उसने एक ही मैच में जीता है। सनराइजर्स हैदराबाद के खातें में महज 10 अंक है। आइपीएल 2021 के पॉइंट्स टेबल में दिल्ली कैपिटल्स की टीम एक बार फिर पहले स्थान पर पहुंच गई।

दिल्ली कैपिटल्स ने अभी तक 9 मैच खेले है, जिसमें से 7 मैच जिते है। टीम के खाते में 14 अंक हैं। वहीं चेनाई सुपर किंग्स की टीम 8 मैचों में से 6 मैच की जीत से 12 अंक लेकर दूसरे स्थान पर है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर 8 मैचों मे से 5 मैच की जीत से 10 अंक लोकर तीसरे स्थान पर अपनी जगह बनाए हुए है। वहीं, मुंबई इंडियंस है, जिसने 8 में से 4 मैच जीतें है और 8 अंक से यह चौथे स्थान पर है।

 

सुरभि भट्ट

 

 

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अब सांस के नमूने से पता चलेगा शरीर मे एंटीबायोटिक का स्तर

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किसी भी संक्रमण से बचाव या उसके इलाज में एंटीबायोटिक की अहम भूमिका है। लेकिन उसकी उचित मात्रा का होना और भी जरूरी होता है। क्योंकि कम डोज होने से रोगाणुओं में दवाओं के खिलाफ प्रतिरोधी क्षमता विकसित होने का खतरा होता है। जबकि अधिक डोज से दूसरे दुष्प्रभाव होते है। ऐसे मे शरीर के एंटीबायोटिक के स्तर की जानकारी होने से इस समस्या का बहुत हद तक समाधान हो सकता है।

इस दिशा मे यूनिवर्सिटी आफ फ्रीबर्ग के इंजीनीयरो और बायोटेक्नोलाजिस्ट की एक टीम ने पहली बार यह प्रदर्शित किया है। कि स्तनधारी प्राणियों मे सांस के नमूने से शरीर मे एंटीबायोटिक का स्तर मापा जाता है। यह अध्ययन एडवांस्ड मैटेरियल्स जर्नल मे प्रकाशित है। इसके जरिये रक्त में एंटीबायोटिक कंसंट्रेशन का भी पता लगाया जाता है।

 

शोधकर्ताओं को टीम ने इसके लिए एक बायोसेंसर बनाया है। जो मल्टीफ्लेक्स चिप से बना है। और एक साथ कई नमूने मे कई पदार्थो की जांच कर सकता है। यह बायोसेंसर सिंथेटिक प्रोटीन आधारित है। जो एंटीबायोटिक्स से प्रतिक्रिया कर करंट मे बदलाव पैदा करता है। भविष्य में इस तरह की जाँच का इस्तेमाल संक्रमण से लड़ने के लिए व्यक्ति विशेष के लिए दवा की डोज निर्धारित करने में किया जाता है।

 

शिवानी चौधरी

 

 

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अमेरिकी की एक निजी साइबर सुरक्षा कंपनी का दावा

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अमेरिका की एक निजी साइबर सुरक्षा कंपनी का यह दावा भारत व चीन के तनावपूर्ण रिश्तों में और तनाव पैदा कर सकता है। कंपनी ने बुधवार को दावा किया कि उसे ऐसे साक्ष्य मिले है। कि राज्य शायद प्रायोजित एक चीनी समूह द्वारा एक भारतीय मीडिया समूह व कुछ सरकारी विभागों को हैक कर लिया गया था।

मैसाचुसेट्स स्थित रिकर्डेड फ्यूचर के इनसिक्ट ग्रुप ने कहा कि हैकिंग समूह ने विन्नटी मालवेयर का उपयोग किया। इस समूह को अस्थायी तौर पर टीएजी-28 नाम दिया गया है। विन्नटी मालवेयर विशेष रूप से सरकार प्रायेजित कई चीनी समूह के बीच साझा किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2021 की शुरूआत मे रिकार्ड किए गए आकडो से पता चलता है। वर्ष 2020 की तुलना मे वर्ष 2021 मे भारतीय संगठित और कंपनियो को लक्षित करने वाले संदिग्ध राज्य प्रायेजित चीनी साइबर गतिविधियो की संख्या 261 प्रतिशत की वृदि हुई है।

मुंबई के कंपनी में 500 नेटवर्क

निजि स्वामित्व वाली मुंबई की कंपनी के केवल 500से करीब नेटवर्क मेगाबाइट डाटा निकाला गया। जून 2020 में भारत से सीमा विवाद के बाद मध्यपद्रेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के चीनी उत्पादो का बहिष्कार का आहान किया था।

 

शिवानी चौधरी

 

 

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गुजरात-दिल्ली समेत भारत के कई राज्यों में येलो अलर्ट जारी

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भारतीय मौसम विभाग ने आज देश के कई हिस्सों में येलो अलर्ट जारी कर दिया है। इन राज्यों में पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान और गुजरात शामिल है। मौसम विभाग ने इन राज्यों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की आशंका जताई है। मौसम को खराब देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।

 

मौसम विभाग ने इस दौरान इन राज्यों के तापमान में 2 से 3 डिग्री की कमी होने की संभावना जताई है। हालांकी, आज दिल्ली का तापमान 29 डिग्री पहुंच गया। पश्र्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ इलाकों में मौसम विभाग ने बारिश के होने की संभावना जताई। वहीं, इन इलाकों के अलावा मौसम विभाग ने राजस्थान और गुजरात के कई भागों में अगले दो-तीन दिनों तक भारी बारिश होने की जानकारी दी है।

दिल्ली में फिलहाल मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी कर दिया। इससे पहले मौसम एजेंसी ने दिल्ली में मौसम खराब होने की चैतावनी दी थी। बुधवार को दिल्ली के अधिकांश हिस्सो में तेज बारिश हुई। वहीं, उत्तराखंड में 25 सितंबर तक भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में भी हल्की से तेज बारिश होने की आशंका जताई गई। मौसम विभाग ने लोगों से घर से बाहर न निकलने की अपिल की है।

 

सुरभि भट्ट

 

 

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तालिबान के कब्जे पर एफबीआइ निदेशक की चेतावनी

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संघीय जांच ब्यूरो के निदेशक क्रिस्टोफर ने मंगलवार को चेतावनी देते हुए कहा कि अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा अमेरिकी चरमपंथियो को अमेरिकी धरती पर हमले की साजिस रचने के लिए प्रेरित कर सकता है। रे ने सीनेट होमलैंड सिक्योरिटी एंड गवर्नमेटं अफेयर्स कमेटी के सामने कहा कि घरेलू आंतकवाद के मामले 2020 से लगभग 1,000 संभावित जांच से 2,700 तक बढ़ गए है। चरमपंथी समूहो ने कभी भी अमेरिकी धरती पर हमले की साजिस रचना बंद किया है।

 

नेशनल काउंचर टेररिज्म सेंटर की निदेशक क्रिस्टीन अबिजैद ने भी समीति से कहा कि तालिबान का कब्जे के बाद देश के लिए आंतकवाद का खतरा दो दशक पहले की तुलना मे बढ़ा है। अमेरिकी अधिकारी इस बात की निगरानी कर रहे है कि अलकायदा और इस्लामिक स्टेट आंतकवादी समूह कैसे अपनी सेना का पुननिर्माण कर सकते है।और अमेरिका पर हमले को अंजाम दे सकते है।

 

शिवानी चौधरी

 

 

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अफगान दहशतगर्दों को भारत में घुसने पर मद्द कर रहा पाकिस्तान

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भारत में अमन-चैन और जम्मू-कश्मीर में शांति पाकिस्तान को रास नहीं आ रही। तभी तो पाकिस्तान आतंकी संगठनों और अपनी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के जरिए भारत को अस्थिर करने की कोशिश में लगा हुआ है। भारत की खुफिया एजेंसियों ने एक बार फिर आने वाले त्योहारी सीजन के दौरान देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में पाकिस्तानी आतंकियों के साथ-साथ अफगान मूल के दहशतगर्दों की सीमा पार से आने-जाने को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है।

खुफिया एजेंसियों के मुताबिक उन्हें सीमा पार से लश्कर-ए-तैयबा, हरकत उल-अंसार और हिजबुल मुजाहिदीन आतंकियों के आने-जाने के इनपुट मिले है। जारी अलर्ट में खुफिया एजंसियों ने साफ-साफ कहा है कि पाकिस्तान की आतंकी संगठन अफगान के दहशतगर्दो को भारत में घुसने पर मद्द कर रही है। वहीं अधिकारीयों का कहना है कि, अफगानिस्तान की सत्ता में तालिबान की वापसी के बाद हमें पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों का मद्द से अफगान आतंकियों के भारत में घुसपैठ करने के इनपुट मिलें है। खुफिया एजेंसियों ने अफगानिस्तान पर तालिबान की वापसी पर गुलाम कश्मीर पर आतंकियों की गतिविधियों के बढ़ने की खबर देदी थी।

 

सुरभि भट्ट

 

 

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