पूरे हिमालयन क्षेत्र में आ सकते हैं 8 से  ज्यादा तीव्रता के भीषण भूकंप

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हिमालय क्षेत्र में आने वाले कुछ वक्त में एक के बाद एक कई भीषण भूकंप आ सकते हैं जिनकी तीव्रता 8 या उससे भी ज्यादा होगी। ये भूकंपीय क्षेत्र बहुत ही सघन आबादी वाले क्षेत्र हैं इसलिए इतनी अधिक तीव्रता के भूकंप से इतनी जिंदगियां जा सकती है, जितनी पहले कभी किसी भूकंप में नहीं गई होंगी। यह चेतावनी एक हालिया स्टडी के द्वारा दी गई है, जिस स्टडी में जिओलॉजिकल, हिस्टॉरिकल और जियोफीजिकल डेटा की समीक्षा कर भविष्यवाणी की गई है।

एक्सपर्ट की चेतावनी, हमारे जीवनकाल में ही आ सकते हैं ये विनाशकारी भूंकप
स्टडी लिखने वाले स्टीवन जी. वोस्नोस्की ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया की “पूरा हिमालयन क्षेत्र, पूरब में भारत के अरुणाचल प्रदेश से लेकर पश्चिम में पाकिस्तान तक फैला हुआ है। अतीत में यह क्षेत्र बड़े भूकंप का स्रोत रह चुका है“। उन्होंने यह भी बताया की “इन भूकंपो के फिर से आने की संभावना बनी हुई है और वैज्ञानिक आधारों पर कहा जा सकता है कि अगर हमारे जीवनकाल में ही अगला भीषण भूकंप आ गया तो इसमें किसी को हैरानी नहीं होगी।“ सूचना प्रदाता वोस्नोस्की अमेरिका के रेने स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ नवादा में जिऑलजी और सिस्मोलॉजी के प्रोफेसर रह चुके हैं।

झटके इतने तीव्र होंगे कि वो दिल्ली में भी मचा सकते हैं कोहराम
वेस्नोस्की ने यह भी बताया कि भारत के चंडीगढ़, देहरादून और नेपाल में काठमांडू जैसे बड़े शहर सीधे इन भूकंपों की जद में होंगे। इतना ही नहीं, ये भूकंप इतने तेज होंगे कि इनके झटकों से दुनिया के सबसे बड़े शहरों में से एक भारत की राजधानी दिल्ली में भी भारी तबाही मचने के आसार हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि सिर्फ दिल्ली की ही आबादी 2 करोड़ से भी ज्यादा है।

 

हिमालयन क्षेत्र में अतीत में आ चुके हैं कई विनाशकारी भूकंप

उत्तरी भारत में पिछले 4 महीनों में अब तक कम तीव्रता के कई भूकंप आ चुके हैं। इससे उन सभी अनुमानों को जोर मिलता है जो क्षेत्र में बहुत अधिक तीव्रता से भूकंप के आने का दावा कर रहे हैं। तो क्या कम तीव्रता के भूकंपों का बार-बार आना किसी विनाशक भूकंप के आने का संकेत तो नहीं है? अमेरिकी वैज्ञानिकों को अभी तक हल्के-हल्के भूकंपों के आने और भविष्य में किसी विनाशकारी भूकंप की आशंका के बीच कोई सीधा संबंध नहीं मिला है। उसके नतीजों के आधार पर भविष्य में आने वाले भूकंपों के बारे में पूर्वानुमान जताया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि हिमालयन क्षेत्र में 8 से ज्यादा तीव्रता के भूकंप का खतरा बना हुआ है।

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और खबरें

उत्तराखंड में कल से खुलेंगे सरकारी और प्राइवेट कॉलेज

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प्रदेश में सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालय एवं डिग्री कॉलेज 21 जून से खुलेंगे। कालेजों में आनलाइन और आफलाइन पढ़ाई प्रारंभ होगी। सरकार ने 19 जून तक ग्रीष्मावकाश को आगे जारी नहीं रखने का निर्णय किया है। प्रदेश में तकरीबन डेढ़ माह से सभी विश्वविद्यालय एवं डिग्री कालेज ग्रीष्मावकाश के चलते बंद हैं। कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप बढ़ने पर सरकार ने बीती सात मई को आदेश जारी कर 12 जून तक विश्वविद्यालयों एवं डिग्री कालेजों के लिए ग्रीष्मावकाश घोषित कर दिया था।

इसके बाद इस अवकाश को शनिवार तक बढ़ाया गया था। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा धन सिंह रावत ने कहा कि 21 जून से सभी विश्वविद्यालयों एवं डिग्री कालेजों में पढ़ाई शुरू की जाएगी।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय एवं कालेज खोले जाएंगे, लेकिन अभी सिर्फ शिक्षकों को ही बुलाया गया है। छात्र-छात्राओं को पढ़ाई का नुकसान न उठाना पड़े, इसके लिए अभी आनलाइन पढ़ाई शुरू की जाएगी। हालांकि कोरोना संक्रमण की स्थिति सुधरने के साथ ही आफलाइन पढ़ाई प्रारंभ करने के लिए भी तैयारी करने को कहा गया है। अगले माह यानी एक जुलाई से आफलाइन पढ़ाई विधिवत शुरू करने संकेत उन्होंने दिए।

 

-मानवी कुकशाल

 

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28 जून को लांच होगी स्कोडा कुशाक

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चेक रिपब्लिक की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी स्कोडा ने अपनी बहुप्रतीक्षित मिड साइज़ एसयूवी कुशाक को 28 जून को लांच करने की घोषणा की है। इस बात की कंफर्मेंशन खुद कंपनी द्वारा की गई है। अब हाल ही में इसे लेकर एक नई जानकारी सामने आई है। स्कोडा इंडिया के प्रमुख Zac Hollis ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से इस बात की पुष्टि की है कि फिलहाल 28 जून को स्कोडा कुशाक का 1.0L TSI का पेट्रोल वैरिएंट ही लांच किया जाएगा।

इसका 1.5 0L TSI पेट्रोल इंजन वाला मॉडल अगस्त में डीलर्स पर पहुंचना शुरू होगा। हालांकि इस वैरिएंट की बुकिंग ग्राहक 28 जून से ही कर पाएंगे। लेकिन इसकी डिलीवरी के लिए अगस्त तक का इंतज़ार करना होगा।

अगस्त के पहले हफ्ते में लांच

स्कोडा इंडिया के प्रमुक Zac Hollis सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और आए दिन ग्राहकों के सवालों का जवाब देते रहते हैं। ऐसे ही एक सवाल का जवाब देते हुए खुद Zac Hollis ने इस बात को कंफर्म किया की स्कोडा कुशाक के ज्यादा पावरफुल इंजन वाले वैरिएंट को कंपनी अगस्त के पहले हफ्ते में बाज़ार में उतारेगी। हालांकि इसकी बुकिंग के लिए ग्राहक 28 जून से आवेदन कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात का खुलासा किया जा रहा है कि Kushaq 1.0L डिस्प्ले व्हीकल, मैनुअल और ऑटोमैटिक दोनों के लिए टेस्ट ड्राइव, और डिलीवरी 12 जुलाई, 2021 से शुरू होगी। नई SUV के लिए आधिकारिक बुकिंग 28 जून, 2021 से शुरू होगी।

MQB AO IN प्लेटफॉर्म की शुरुआत का प्रतीक होगी स्कोडा कुशाक

जानकारी के लिए बता दें नई स्कोडा कुशाक वोक्सवैगन समूह के नए MQB AO IN प्लेटफॉर्म की शुरुआत का प्रतीक होगी, जो जल्द ही लॉन्च होने वाले VW Taigun में भी देखा जाएगा। इसके टॉप-स्पेक मॉडल को हाई स्पेक और आरामदायक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जैसे कि इसमें लैदर सीट्स, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, क्रूज कंट्रोल, इलेक्ट्रिक सनरूफ, कनेक्टेड कार तकनीक, ऑटोमेटिक क्लायमेट कंट्रोल एसी, ऑटोमेटिक हेडलैंप, जैसे फीचर्स देखने को मिलेंगे।

शिवानी

 

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कोरोना से मौत होने पर 90 फीसदी वेतन परिवारजनों को दिया जाएगा

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जो कर्मचारी ईएसआइसी (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) में पंजीकृत रहे हैं, यदि उनकी मौत कोरोना से होती है तो उनके आश्रितों को औसत वेतन की 90 फीसद राशि मिलती रहेगी। इसके लिए ईएसआइसी ने कोविड-19 राहत योजना शुरू कर दी है। ईएसआइसी के उप निदेशक (प्रभारी) राकेश कुमार के मुताबिक औसत वेतन की 90 फीसद राशि में न्यूनतम 18 सौ रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जाएंगे। यह राशि सीधे आश्रितों के खाते में डाली जाएगी।

कोरोना से ठीक होने के 30 दिन बाद भी यदि कर्मचारी की मौत होती है तो उसे भी राहत योजना में कवर किया जाएगा। इसके अलावा मृत कर्मचारी के आश्रित 120 रुपये वार्षिक के मामूली खर्च पर निगम की ओर से चिकित्सा लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं।उप निदेशक राकेश कुमार के मुताबिक जिस कर्मचारी की कोरोना से मौत हुई है, उसे रोग निदान की तारीख से कम से कम तीन माह पहले तक निगम के आनलाइन पोर्टल मं पंजीकृत होना जरूरी है। इसके अलावा संक्रमित होने के दौरान सेवा में होना जरूरी है और एक वर्ष की अवधि के दौरान कम से कम 70 दिनों के अंशदान का भुगतान होना चाहिए।

जानिए योजना कहा के लिए है लागू

योजना के तहत लाभ पाने के लिए मृतक कर्मचारी के आश्रित मृत्यु प्रमाण पत्र व कोरोना संक्रमित संबंधी रिपोर्ट के साथ ईएसआइसी के नजदीकी शाखा कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। योजना का लाभ आवेदन के 15 दिन के भीतर प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के बारे में अधिक जानकारी उत्तराखंड के देहरादून, सेलाकुई, भगवानपुर, काशीपुर, लालकुआं व हरिद्वार कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

 

-मानवी कुकशाल

 

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पेट्रोल व डीजल की कीमतों में फिर आया उछाल

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पेट्रोल व डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोत्तरी हुई है। देश में पेट्रोल की कीमत में करीब 29 पैसे और डीजल की कीमत में 28 पैसे का उछाल आया है। क्रूड ऑयल की कीमतों में इजाफा होने के चलते पेट्रोल-डीजल के भाव में यह तेजी आई है। क्रूड ऑयल WTI का भाव बढ़कर 71.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। वहीं, ब्रेंट ऑयल की कीमत बढ़कर 73.19 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गयी है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की बात करें, तो यहां रविवार को पेट्रोल की कीमत 97.22 रुपये प्रति लीटर (Petrol price today) पर पहुंच गई, जबकि डीजल की कीमत 87.97 रुपये प्रति लीटर (Diesel price today) पर पहुंच गई है। देश के अन्य बड़े महानगरों की बात करें, तो मुंबई में पेट्रोल का भाव 103.36 रुपये प्रति लीटर और डीजल का भाव 95.44 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। चेन्नई की बात करें, तो रविवार को यहां पेट्रोल 98.40 रुपये प्रति लीटर पर और डीजल 92.58 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है।

कोलकाता, बिहार में भी आफत

कोलकाता में रविवार को पेट्रोल 97.12 रुपये प्रति लीटर पर और डीजल 90.82 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है। इसके अलावा मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पेट्रोल 105.43 रुपये प्रति लीटर पर और डीजल 96.65 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है।

बिहार की राजधानी पटना में रविवार को पेट्रोल 99.28 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है और डीजल 93.30 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की बात करें, तो यहां रविवार को पेट्रोल 94.42 रुपये प्रति लीटर पर और डीजल 88.38 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है।

शिवानी

 

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42 फीसदी कोरोना के नए मामले आए दून से

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राजधानी दून में संक्रमण की दर भले ही निरंतर एक फीसद के करीब या इससे नीचे बनी हुई है, मगर खतरा अभी टला नहीं है। इसकी बड़ी वजह यह है कि संख्या के हिसाब से दून में अभी प्रदेश के अन्य जिलों के मुकाबले कहीं अधिक मामले सामने आ रहे हैं। शनिवार को प्रदेश में जितने नए संक्रमित मिले, उसके 42 फीसद से अधिक मामले अकेले दून से सामने आए।

जांच बढ़ने के साथ दून में कोरोना के नए मामले भी बढ़ते दिख रहे हैं। इससे पहले करीब एक सप्ताह की स्थिति देखें तो 11 जून को प्रदेश के कुल मामलों में से दून में 32 फीसद मामले सामने आए थे। इसके बाद नए मामलों में गिरावट दिखी और दून से 20 से 25 फीसद ही नए मामले सामने आए। हालांकि, शनिवार को इसमें फिर से बड़ा उछाल देखा गया।

स्वास्थ्य विभाग यह तर्क दे सकता है कि जांच बढ़ने के चलते दून में अधिक मामले आ रहे हैं। यदि इसे भी मान लें तो इतना जरूर है कि दून में संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है। क्योंकि जब जांच का दायरा बढ़ रहा है तो उसी अनुपात में निरंतर नए मामले सामने आ रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए बाजार की ढील में अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। क्योंकि जरा सी भी लापरवाही फिर से दून को बड़े खतरे में डाल सकती है।

 

-मानवी कुकशाल

 

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उत्तराखंड की निधि बिष्ट और शंकर कठैत बने फ्लाइंग ऑफिसर

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आखिर वह समय भी आ गया, जब उत्तराखंड के दो जांबाजों ने एयर फोर्स एकेडमी हैदराबाद की पासिंग आउट परेड (पीओपी) का अंतिम पग भी पार कर लिया। साधारण परिवार में जन्म लेने वाली निधि बिष्ट और किसान परिवार का बेटा शंकर कठैत पीओपी के बाद एयर फोर्स में फ्लाइंग आफिसर बन गए हैं। इस सफलता पर समूचा उत्तराखंड गर्व महसूस कर रहा है।फ्लाइंग आफिसर बनने वाली निधि बिष्ट का जन्म वर्ष 1996 में पौड़ी के अस्वालस्यूं क्षेत्र के महड़ गांव में हुआ।

उनकी मां ऊषा बिष्ट गृहणी हैं और पिता अनिल बिष्ट निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं। वहीं, छोटे भाई पीयूष बिष्ट का फास्ट फूड का कारोबार है।शंकर कठैत पौड़ी के पाबौ विकासखंड के चौपड़्यूं गांव के रहने वाले हैं। शंकर की प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर पैठाणी में हुई और 12वीं तक की पढ़ाई उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालय जयहरीखाल से की। वहीं, उच्च शिक्षा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर से की।

शंकर के पिता ज्ञान सिंह व मां धनेश्वरी बागवानी करते हैं। शंकर के बड़े भाई ध्यान पाल सिंह सेना में कर्नल हैं, जबकि दीदी संगीता भी सेना में ग्रुप कैप्टन हैं। सेना में जाकर देश की सेवा की प्रेरणा भी उन्हें अपने बड़े भाई व दीदी से ही मिली।

 

-मानवी कुकशाल

 

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