सरकारी और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड के लिए तरस रहे है मरीज

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राज्य सरकार कोरोना के इलाज को लेकर भले लाख दावे करे, पर हकीकत यह है कि उखड़ती सांसों के बीच मरीज बेड की तलाश में एक से दूसरे अस्पताल तक धक्के खा रहे हैं। व्यवस्था वेंटीलेटर पर जा चुकी है और बेड की जिद्दोजहद मरीजों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है।

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर घातक होती जा रही है। इस महामारी की सबसे ज्यादा मार राजधानी झेल रही है। पिछले एक माह में यहां 35 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। स्थिति यह है कि मरीज को भर्ती कराने के लिए स्वजन एक से दूसरे अस्पताल तक भटक रहे हैं। आइसीयू छोड़ि‍ए, ऑक्सीजन बेड के लिए भी मारामारी मची हुई है। फिलहाल, न तो सरकारी अस्पतालों में बेड खाली हैं और न निजी अस्पतालों में ही। मरीज अस्पताल की इमरजेंसी में या अस्पताल के बाहर एंबुलेंस में बेड मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हालात किस कदर गंभीर हैं।

दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में बेड की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है, लेकिन यह बढ़ोतरी नाकाफी साबित हो रही है। शुरुआत में अस्पताल में 380 बेड की व्यवस्था थी। इनमें 102 आइसीयू, 22 सामान्य और बाकी 256 ऑक्सीजन बेड थे। अब यहां 407 बेड हो गए हैं। इनमें 104 आइसीयू, 22 सामान्य और 281 ऑक्सीजन बेड हैं। दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना का कहना है कि गुंजाइश तलाशी जा रही है, जितना संभव होगा बेड बढ़ाए जाएंगे।

निजी अस्पतालों में भी मारामारी

देहरादून जिले में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या के कारण इंतजाम पटरी से उतर चुके हैं। निजी अस्पतालों की स्थिति भी दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय सरीखी है। हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट, मैक्स, श्रीमहंत इंदिरेश, कैलाश, अरिहंत, वेडमेड, सीएमआइ में कोविड के लिए एक भी आइसीयू और ऑक्सीजन बेड उपलब्ध नहीं है। इस कारण मरीज यहां-वहां धक्के खाने को मजबूर हैं।

 

-मानवी कुकशाल

 

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और खबरें

बद्रीनाथ कोरोना की वजह से लगातार दूसरे साल भक्तों के आने पर रोक

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उत्तराखंड में आज सुबह बद्रीनाथ धाम के कपाट भी खोल दिए गए। इसके साथ ही उत्तराखंड के चारों धामों के कपाट अब खुल गए हैं। हालांकि, कोरोना संक्रमण की वजह से आम श्रद्धालुओं के आने पर मनाही है। ये लगातार दूसरा रहा जब भक्तों के आने पर रोक है। पिछले साल भी कोरोना की वजह से भक्तों की एंट्री पर रोक लगा दी आज भी सिर्फ मंदिर के पुजारियों ने ही पूजा-पाठ किया बद्रीनाथ मंदिर के मुख्य पुरोहित ईश्वर प्रसाद नंबूदरी ने मंगलवार तड़के 4 बजकर 15 मिनट पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर के कपाट खोले।

हालांकि, कोरोना संक्रमण की वजह से सीमित संख्या में ही लोग शामिल हुए, जिनमें मंदिर के पुरोहित-पुजारियों के अलावा धर्माधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी थे अगर अभी कोरोना नहीं होता तो मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती। ये लगातार दूसरा साल रहा जब इतनी कम संख्या में मंदिर के कपाट खोले गए बद्रीनाथ के कपाट खुलने के अलावा आज ही भैरवनाथ के कपाट भी खुल गए। भैरवनाथ का मंदिर केदारनाथ से तीन किलोमीटर दूर पड़ता है और केदरनाथ के कपाट खुलेने के बाद भैरवनाथ के कपाट खोले जाते हैं। भैरवनाथ को केदारनाथ का क्षेत्र रक्षक कहा जाता है, भैरव नाथ के कपाट खुलने के बाद आज से शुरू होंगी केदारनाथ की आरती, जब तक भैरवनाथ के कपाट न खुले तब तक नहीं होती है केदारनाथ की आरती।

 

– मीना छेत्री

 

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जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर संजय शुक्ला ने खुद को मारी गोली

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गोमतीनगर विस्तार में सरयू अपार्टमेंट में रहने वाले संजय शुक्ला ने बीते सोमवार देर रात करीब 12 बजे खुद को गोली मार लि सूचना पर पहुंची पुलिस ने पड़ताल शुरू किया है। संजय शुक्ल जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर वाराणसी में तैनात थे। उनके घर में कुछ दिन पहले चोरी की वारदात हुई थी। जिसमें लाखों रुपये के जेवरात व नकदी साफ हो गया। वारदात के बाद ही वह वाराणसी से लखनऊ पहुंचे थे। सोमवार को उनको कार्यालय में वापस ज्वाइन करना था। मूलरुप से आजमगढ़ के रहने वाले संजय शुक्ला जीएसटी में असिस्टेंट कमिश्नर है। उनकी तैनाती वाराणासी में है। गोमतीनगर विस्तार के सरयू अपार्टमेंट में उनका एक फ्लैट है। सोमवार रात परिवार के सभी सदस्यों ने खाना खाया। इसके बाद अपने कमरे में सोने चले गये। रात करीब 12 बजे संजय शुक्ला ने अपने लाइसेंसी असलहे से खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य कमरे की तरफ भागे। कमरे में संजय शुक्ला बेड पर खून से लथपथ पड़े थे।

आनन-फानन में परिजन उनको लेकर पास के अस्पताल गये। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पड़ताल शुरू की। एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव के मुताबिक लाइसेंसी असलहे से गोली मारने की सूचना है। पड़ताल की जा रही है। अभी कारण के बारे में पता नहीं चल सका है।

– मीना छेत्री

 

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ताऊ ते तूफान की वजह से फंसा भारतीय जहाज P-305 समुद्र में डूबा

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मुंबई से 175 किलोमीटर दूर हीरा ऑयल फील्ड्स के पास ताऊ ते तूफान की वजह से फंसा भारतीय जहाज P-305 समुद्र में डूब गया है। भारतीय नौसेना ने इसमें सवार 146 लोगों को बचा लिया है, जबकि 130 से ज्यादा लोग लापता हैं। इसी जगह एक और भारतीय जहाज फंसा है। इसमें सवार लोगों को बचाने के लिए INS कोलकाता को भेजा गया है। बताया जा रहा है कि इसमें 137 लोग सवार हैं। इनमें से 38 को सुरक्षित निकाल लिया गया है।

कमांडर विवेक मधवाल ने बताया

भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने बताया, ‘बॉम्बे हाई इलाके में स्थित हीरा तेल क्षेत्र में नौका ‘पी-305’ की मदद के लिए INS कोच्चि को भेजा गया था। INS तलवार को भी खोज और राहत अभियान के लिए तैनात किया गया था। दूसरे जहाज यानी GAL कंस्ट्रक्टर से भी इमरजेंसी मैसेज मिला था, जिस पर 137 लोग सवार हैं और वह मुंबई तट से आठ नॉटिकल मील दूर है। इसकी मदद के लिए INS कोलकाता को रवाना किया गया है। नेवी के हेलिकॉप्टर स्टैंड बाय रखे गए हैं। मौसम में थोड़ा सुधार होने पर इन्हें रेस्क्यू में लगा दिया जाएगा। चक्रवात को देखते हुए भारतीय नौसेना के 11 गोताखोर दल तैयार रखे गए हैं। बारह बाढ़ राहत दल और मेडिकल टीम को भी तैनात किया गया है। तूफान प्रभावित राज्यों में जरूरत पड़ने पर इन्हें भेजा जाएगा।

 

शिवानी

 

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स्वास्थ्य मंत्री को अपशब्द कहने वाले डॉक्टर ओपी आनंद का नया बखेड़ा

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सूबे के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को अपशब्द कहने के बाद विवादों में घिरे आदित्यपुर के 111 सेव लाइन अस्पताल के संचालक डॉक्टर ओपी आनंद ने किया नया बखेड़ा। डॉक्टर ने अपने अस्पताल में मरीजों का इलाज करने से मना कर दिया है।

साथ ही कहा है कि प्रशासन अस्पताल में भर्ती मरीजों को कहीं अन्य शिफ्ट करे। डॉक्टर ओपी आनंद ने इस बाबत सरायकेला-खरसावां जिले के उपायुक्त को पत्र लिखा है। पत्र में आग्रह किया है कि मरीजों को कहीं अन्य जगह पर स्थानांतरित किया जाए। वे फिलहाल भर्ती मरीजों की देखरेख कर रहे हैं, लेकिन नए मरीजों को तत्काल प्रभाव से भर्ती लेना बंद कर दिया है। वे अब अस्पताल चलाना नहीं चाहते हैं।

भेजे गए पत्र में लिखा

डा. आनंद ने उपायुक्त को जो पत्र लिखा है, उसमें कहा गया कि उनके संस्थान पर मामला दर्ज किया गया है। जिला प्रशासन व जिला स्वास्थ्य विभाग से आग्रह है कि उनके अस्पताल में इलाजरत कोविड के मरीज को दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए। इसके साथ ही डायलिसिस कराने वाले मरीज स्वेच्छा से दूसरे स्थान पर अपनी चिकित्सा करा सकते हैं। नए मरीजों का दाखिला या एडमिशन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। अत्यधिक इमरजेंसी होने पर ही मरीजों का इलाज किया जाएगा।

 

शिवानी

 

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बिहार में वैक्सीन को लेकर राजनीति

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बिहार में वैक्सीन को लेकर एक बार फिर सियासत शुरू हो गई है। BJP के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने RJD से पूछा है कि लालू प्रसाद और राबड़ी देवी ने वैक्सीन क्यों नहीं लगवाई? उन्होंने कहा कि आपदा में राजनीति का अवसर खोजने वाले कांग्रेस-राजद जैसे विपक्षी दल भारतीय वैक्सीन की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठाने या इसका मजाक उड़ाने में लगे रहे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण की गति तेज नहीं हो पाई। कोई इसे ” भाजपा का टीका ” कह रहा था, तो कोई प्रधानमंत्री को पहले कोवैक्सीन लगवाने की चुनौती दे रहा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित अनेक अतिविशिष्ट लोगों ने टीका लगवाकर जनता में विश्वास पैदा किया। उन्होंने यह भी पूछा है कि RJD के कितने विधायकों ने वैक्सीन लगवाई? क्या RJD ग्रामीणों-गरीबों को टीकाकरण से दूर रख कर उनकी जिंदगी को खतरे में डालना चाहती है?

सरकार का दिल-दिमाग पत्थर का

RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद ने सोशल मीडिया पर अपनी गुस्सा जाहिर किया है और कहा है कि महामारी और विपदा की इस घड़ी में जनता के प्रति इस सरकार का रवैया, आचरण. व्यवहार और कर्म एकदम निम्न से निम्न स्तर का है। इस सरकार का दिल और दिमाग एकदम पत्थर का है।

 

शिवानी

 

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जमीनी विवाद में छोटे भाई की हत्या

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हरियाणा के करनाल जिले में जमीनी विवाद में छोटे भाई की हत्या का मामला सामने आया है। कत्ल करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आरोपी भाई के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। मृतक की पहचान गांव ओंगद निवासी 30 वर्षीय सोनू के रूप में हुई है। आरोपी भाई का नाम महेंद्र है। कत्ल करने से पहले दोनों भाइयों के बीच झगड़ा और हाथापाई हुई थी। फिर तैश में आकर महेंद्र ने सोनू पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही मौत हो गई।

दोनों भाई ड्राइवर का काम करते थे। वारदात के समय सोनू की पत्नी उसके 4 वर्षीय और डेढ़ वर्षीय बेटों को लेकर अपने मायके गई हुई थी। बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों में जमीन का बंटवारा हो चुका था, लेकिन विवाद चल रहा था।

निसिंग थाना प्रभारी ऋषि पाल ने बताया कि फॉरेंसिक विभाग की टीम ने साक्ष्य जुटा लिए हैं। फिलहाल आरोपी फरार है। परिजनों और ग्रामीणों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। जल्दी ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

 

शिवानी

 

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