एक मिस कॉल से भी फोन में पहुंच सकता है पेगासस

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हाल ही में व्हाट्सएप ने भारत में कई कार्यकर्ता और पत्रकारों के फोन में पेगासस का उपयोग का खुलासा हुआ। यह वायरस वर्ष 2013 से अस्तित्व में है और विकसित करने के बाद से विभिन्न देशों की सरकारों को बेचा भी जा रहा है। 2013 में सालाना 4 करोड़ डॉलर कमाने वाली इस कंपनी की कमाई 2015 तक करीब चार गुना बढ़ 15.5 करोड़ डॉलर हो गई। सॉफ्टवेयर काफी महंगा माना जाता है, इसलिए सामान्य संगठन और संस्थान इसे खरीद नहीं पाते। 2016 में पहली बार अरब देशों में काम कर रहे कार्यकर्ताओं के आईफोन में इसका इस्तेमाल उजागर हुआ। 2019 में फेसबुक के सुरक्षा विशेषज्ञों ने पेगासस को एक बड़ा खतरा बताते हुए केस दायर किया। और अब भारत में नए मामले सामने आ रहे है।

क्या है पेगासस ?

पेगासस इस्राइली जासूसी सॉफ्टवेयर फोन में एक सामान्य व्हाट्सएप कॉल से भी पहुंच सकता है। जिसको कॉल की गई है, वह जवाब दे या न दे, उसके फोन में यह पहुंच जाएगा। यह फोन में विभिन्न लॉग एंट्री डिलीट कर देता है, जिससे इसकी मौजूदगी का पता नहीं चलता।  यह यूजर के मैसेज पढ़ता है, फोन कॉल ट्रैक करता है, विभिन्न एप और उनमें उपयोग हुई जानकारी चुराता है। लोकेशन डाटा, वीडियो कैमरे का इस्तेमाल व फोन के साथ इस्तेमाल माइक्रोफोन से आवाज रिकॉर्ड करता है।

 – नैन्सी लोहानी

 

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और खबरें

उत्तराखंड में पहाड़ी इलाके में दो माह बाद मिला कोरोना संक्रमित व्यक्ति

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उत्तराखंड के जोशीमठ में आज दो माह बाद एक कोरोना संक्रमित मरीज का मामला सामने आया है। क्षेत्र के लोगों द्वारा यह बताया जा रहा है कि यह मरीज पांडुकेश्वर में ऑल वेदर रोड पर मजदूरी का कार्य करता था। इस खंबर के बाद वहां के लोग बहुत चिंता में आ गए है। इसके बाद उस मरीज को सामुदायिक स्वास्थय केंद्र गोपेश्वर में भेजा है। वंही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. राजीव गर्ग ने कोरोना मरीज की कोरोना से संक्रमित होने की पुष्टि की है। उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 22 नए कोरोना संक्रमित मिले जिनमें एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है।

तेजी से बढ़ते संक्रमर्ण के मामले

जबकि 45 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। वंही सक्रिय मामलों की संख्या 609 पहुंच गई है। वैसे तो पांच जिलों अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, टिहरी और ऊधमसिंह नगर में एक भी संक्रमित मरीज सामने नहीं आए है। वहीं दूसरी ओर  चंपावत और नैनीताल में एक-एक मामले, देहरादून में पांच, हरिद्वार और पौड़ी में दो-दो, पिथौरागढ़ में तीन, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में चार-चार संक्रमित मामले मिले है।

 

 – नैन्सी लोहानी  

 

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सोनभद्र जिले में सो रहे पति-पत्नी पर किया फावड़े से हमला

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सोनभद्र जिले के बभनी गांव स्थित में रविवार की रात अज्ञात हमलावरों ने घर में सो रहे दंपति पर फावड़े से हमला कर दिया। फावड़े की वार से पत्नी की मौत हो गई, जबकि पति गंभीर रूप से घायल है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी भेज दिया। गंभीर रूप से घायल पति को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बभनी में भर्ती कराया गया। जहां उसकी हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

बभनी सड़क टोला निवासी शिवकुमार अपनी पत्नी हीरामन देवी के साथ कमरे के बाहर सो रहा था। बच्चे कमरे में सो रहे थे। मृतका की बड़ी पुत्री चंद्रावती के अनुसार हमलावरों ने कमरे में सो रहे बच्चों के दरवाजे बाहर से बंद कर वारदात को अंजाम दिया।

मोहर लाल की हालत गंभीर बनी हुई

चारपाई पर सो रही मां के सिर पर प्रहार किया और पिता पर भी ताबड़तोड़ वार किए। घटना में हीरामन ने मौके पर दम तोड़ दिया। जबकि पति शिवकुमार पुत्र मोहर लाल की हालत गंभीर बनी हुई है। चंद्रावती ने कहा कि आज तड़के करीब 3 बजे पिता की आवाज सुनकर उठी तो बाहर से दरवाजा बंद था।
दरवाजा बंद होने की वजह से शोर मचाने लगी। शोर-गुल सुनकर शिवकुमार के छोटे भाई देवकुमार ने दरवाजा खोला। जब वे लोग अंदर गए तो चारपाई पर पड़े हीरामन के शव को देखकर सन्न रह गए। चीख- पुकार सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए। घटना की सूचना तत्काल बभनी पुलिस को दी। मौके पर प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह, मयफोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।

घायल शिवकुमार कि हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी भेजा। हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। क्षेत्राधिकारी दुद्धी के अनुसार पुलिस जांच में जुटी।

पुष्पा रावत

 

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जागेश्वर: पुजारियों के अपमान के विरोध में मौन व्रत पर बैठे हरीश रावत

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अल्मोड़ा के प्रसिद्ध भगवान भोले के धाम जागेश्वर मंदिर में भाजपा नेताओं ने पुजारियों के साथ बुरा व्यवहार किया। जिसके विरोध में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत आज मौन व्रत पर बैठेगें। उन्होंने मौन व्रत रखने से पहले भगवान शिव को जल चढ़ाकर उनकी अराधाना की।  मंदिर समिति के प्रबंधक भगवान भट्ट और पुजारियों से गालीगलौज करना भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप को भारी पड़ गया। पुलिस ने धर्मेंद्र कश्यप और उनके साथी मोहन राजपूत के साथ सुशील अग्रवाल के खिलाफ मजिस्ट्रेट के आदेश का उल्लंघन करने पर धारा 188 और गालीगलौज गलत व्यवहार  करने पर धारा 504 के तहत रिर्पाट दर्ज कर ली है। हरीश रावत के घर से कांग्रेस का झंडारोहण कर चुनाव प्रचार अभियान की शुरूआत होगी।

भारी बारिश के बावजूद सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में शामिल हुए है। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि राज्य की सत्ता से भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने की आज से शुरूआत हो गई है और आने वाला समय कांग्रेस का होगा। हमें फिर से कांग्रेस की सरकार लाकर प्रदेश को विकास के रास्ते पर आगे ले जाना होगा।  इस अवसर पर राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा, विधायक मनोज रावत, विधायक हरीश धामी, पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल, पूर्व मंत्री मातवर सिंह कंडारी, पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल, पूर्व विधायक मनोज तिवारी, सतपाल ब्रह्मचारी, केपी अग्रवाल, अशोक महलोत्रा, मनमोहन शर्मा, अलका शर्मा, राजकुमार यादव, मनीश कुमार, राजीव जैन, गरिमा दसौनी आदि मौजूद रहे है।

 

  – नैन्सी लोहानी   

 

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पूर्व CM हरीश रावत ने भाजप के राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी को दिया जवाब

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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और काग्रेस महासचिव हरीश रावत ने भाजप के राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी की सोशल मीडिया में की गई पोस्ट पर जवाब देते हुए कहा कि भाजपा ने पिछले साढ़े चार साल मे प्रदेश का कोई विकास नही किया है। यदि विकास किया होता तो फिर भाजपा को एक के बाद एक मुख्यमंत्री नहीं बदलने पड़ते।  इस पोस्ट में बलुनी ने लिखा था कि पूर्व मुख्यंमत्री हरीश रावत तुष्टिकरण की राजनीति करने के बजाय विकास के मसले पर सार्थक बहस करते तो अच्छा होता। बीते दिन इस पोस्ट के जवाब में कांग्रेस महासचिव रावत ने दो पोस्ट लिखी, पहली पोस्ट में उन्होंने भाजपा मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी से विकास व रोजगार पर सवाल-जवाब करने की पेशकश की और शाम को दूसरी पोस्ट में उन्होंने प्रदेश की अर्थव्यवस्था, जनकल्याणकारी योजनाओं व रोजगार के मसले को उठाया।

पूर्व मूखयमंत्री का भाजपा से सवाल

उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री रहते हुए उनकी सरकार ने मेरा गांव-मेरी सड़क योजना शुरू की। इससे दूरदराज के गांवों को सड़क से जोडऩे का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन भाजपा के कार्यकाल में यह योजना बंद कर दी गई। इसके साथ ही और कई योजनाए भी थी जो की बंद कर दी गई। उन्होने कहा कि भाजपा नेता  ने बताएं कि कौन-कौन सी विकास योजनाओं को तीनों सरकारों ने धरातल पर उतारा है।

 

  -रितिका चौहान

 

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प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य सरकार को कई मामलों पर घेरा

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साल 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए उत्तराखंड कांग्रेस फ्रंट फुट पर आ गई है। कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य सरकार को कई मामलों पर घेरा। पार्टी ने 22 जुलाई को गणेश गोदियाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। आज देहरादून में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने अतिथि शिक्षकों और कर्मचारियों को डीए सहित कई मद्दों पर सरकार को घेरा। प्रेस वार्ता में कांग्रेस अध्यक्ष गोदियाल  कर्मचारियों के पक्ष में उतरे। उन्होंने कर्मचारियों के फ्रीज किए गए डीए को बहाल करने की मांग की साथ ही  उपनल, मनरेगा कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने पर भी जोर दिया।

गोदियाल ने अतिथि शिक्षकों का वेतन न बढ़ने पर भी नाराजगी जताई। उन्होने कहा कि राज्य सरकार अतिथि शिक्षकों को परमेनेंट करने का रास्ता निकाले। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने memorandum जारी कर कहा कि 20 जुलाई को प्रदेश अध्यक्ष पद की घोषणा के बाद विभिन्न ब्लाक कमेटी के अध्यक्ष पदों पर नियुक्तियां की गईं, इन्हें तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाता है। नए अध्यक्ष से पहले बतौर अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने संगठन में कई नियुक्तियां की थीं।

 

   -रितिका चौहान  

 

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प्रदॆश में आज से खुले स्कूल, छात्र-छात्राओं के चेहरों पर खुशी 

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आज से नौंवी से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल खुल गए हैं। छात्र-छात्राओं को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही स्कूलों में अंदर आने दिया जाएगा और कक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर ही बैठने की व्यवस्था की गई है। कोरोना संक्रमण के चलते और दूसरी लहर के कारण लॉकडाउन होने से स्कूलों को बंद कर दिया गया था। मगर आज कई माह के बाद स्कूल खुलने से छात्र-छात्राओं के चेहरे पर खुशी देखने को मिली है, वंही कक्षा में दूबारा आने का उत्साह उनके चहरों में दिखाई दे रहा है।

इन बातों का ध्यान रखना है जरुरी

इतनी जल्दी स्कूल खुल तो गए है मगर इन स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों का अभी तक वैक्सीनेशन तक नहीं हुआ है। वंही दूसरी तरफ स्कूलों के पास सैनिटाइजेशन करवाने तक के लिए अलग से फंड नहीं है। इसलिए कुछ स्कूलों ने विभाग ने स्वास्थ्य विभाग को वैक्सीनेशन के लिए 31 जुलाई को पत्र लिखा था मगर एक अगस्त को रविवार होने की वजह से वैक्सीनेशन नहीं हो पाया। बिना मास्क के स्कूल नहीं आ सकते और अगर कोई छात्र बिना मास्क स्कूल आता है तो ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल को मास्क की व्यवस्था करनी होगी। आज खोले गए सरकारी और निजी हाईस्कूलों की संख्या 1354 थी और इनमें करीब तीन लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं मौजूद रही है।

 

      -नैन्सी लोहानी

 

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