पूर्व विधायक के बयान से गरमाई थराली विधानसभा की सियासत

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पूर्व विधायक चाहे तो वर्तमान सरकार के विकास कार्यो की तुलना अपने कार्यकाल से कर लें

नगर पंचायत अध्यक्ष एक अधिशासी अधिकारी को नहीं थाम पा रही हैं

बीते 20 सालों में उत्तराखंड की अवाम उत्तराखंड बनने के बाद से अब तक किसी भी पार्टी को लगातार दूसरा मौका नहीं दे पाई है और चुनाव नजदीक आते ही पक्ष और विपक्ष आरोप प्रत्यारोप की राजनीति करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते । 2022 में फिर उत्तराखंड का विधानसभा चुनाव है ऐसे में जहां सत्ताधारी दल के विधायक सरकार की योजनाओ के प्रचार प्रसार में जुट गए हैं योजनाओ के शिलापट्ट गाड़े जा रहे हैं तो वहीं विपक्ष अब मैदान में उतरकर विकास को ढूंढने निकल पड़ा है कुछ इसी तरह थराली में विकास ढूंढने निकले थराली विधानसभा के पूर्व विधायक डॉ जीत राम के एक बयान ने थराली विधानसभा की सियासत में  चुनाव से पहले ही गर्माहट बढ़ा दी है। थराली से कांग्रेस के पूर्व विधायक जीतराम ने वर्तमान थराली विधायक पर 10 प्रतिशत कमीशन लेकर विधायक निधि की बंदरबांट करने एवं अधिकारियों की बैठक विधानसभा क्षेत्र थराली के बजाय कर्णप्रयाग विधानसभा में अपने आवास पर करने का आरोप लगाया है हालांकि विधायक मुन्नी देवी शाह ने आरोपों का खंडन किया हैं।

दरअसल  डॉ जीतराम ने अपने बयान में  थराली विधायक पर 10 प्रतिशत विधायक निधि से कमीशन लेने, अधिकारियों की बैठकें थराली विधानसभा क्षेत्र में करने के बजाय कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में स्थित अपने आवास पर निजी स्वार्थों के लिए करने के साथ ही कई आरोप लगाये हैं। इसके साथ ही उन्होंने नगर पंचायत थराली को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि यहां की नगर पंचायत अध्यक्ष एक अधिशासी अधिकारी को नहीं थाम पा रही हैं। दो वर्षों के कार्यकाल में ही पांच ईओ आ जा चुके हैं। जोकि बेहद दुखद एवं विकास के लिए ठीक बात नही है। डॉ जीतराम ने इसमें राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि 2017 में हुए विधानसभा उपचुनाव में उन्होंने कहा था कि यहां का चुनाव मुन्नी देवी नहीं बल्कि वो लड़ रहे हैं। और इस विधानसभा क्षेत्र के विकास का जिम्मा उन्की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। इसके अलावा इस दौरान राज्य के तमाम अन्य मंत्रियों ने भी थराली क्षेत्र के लोगों को कुछ इसी तरह के आश्वासन दिए थे, किंतु उनके समय शुरू हुए विकास के तमाम काम ठप हो गए हैं।आज इस क्षेत्र की जनता स्वास्थ्य,शिक्षा, पेयजल, सड़क, पुल-पुलियाओं, संचार सहित तमाम मूलभूत सुविधाओं के लिए भटकने के पर मजबूर बनी हुई हैं। आपदाओं पर भी क्षेत्रीय विधायक एवं सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि फल्दियागांव आदि के आपदा पीड़ितों को आज तक अपेक्षित राहत नहीं मिल पाई हैं।

जबकि बलाण जीप दुर्घटना के मृतकों के परिजनों को सीएम की 2 लाख की घोषणा के विपरीत मात्र 50-50 हजार रुपए ही मिल पाए हैं। थराली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर तो दूर की बात एक्सरे टेक्नीशियन तक की तैनाती सरकार नहीं करा पाई है। वहीं थराली विधायक मुन्नीदेवी शाह पर लगाये गए आरोपों पर पलटवार करते हुए बीजेपी नेता राकेश जोशी ने कहा कि कांग्रेस के पास अब चुनाव में जाने का कोई मुद्दा नहीं बचा है.। पूर्व विधायक चाहे तो वर्तमान सरकार के विकास कार्यो की तुलना अपने कार्यकाल से कर लें उन्होंने कहा कि कांग्रेस की बौखलाहट साफ नजर आ रही है कि अब कांग्रेस के नेता विकास पर बात करने की बजाय बेबुनियाद आरोप प्रत्यारोप की राजनीति पर उतर गए हैं जबकि थराली में इस समय सबसे ज्यादा सड़को पर काम चल रहा है ,स्कूलों में नियमित शिक्षक हैं नए-नए महाविद्यालय खोले जा रहे हैं ,लेकिन कांग्रेस को ये विकास नजर नहीं आ रहा है

 

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MLA Mahindra Bhatt के पोस्ट पे उठे सवाल
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उत्तर प्रदेश- बाराबंकी में युवती को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म

उत्तर प्रदेश- बाराबंकी में युवती को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म

उत्तर प्रदेश में अपराध का गढ़ बनता जा रहा है।

प्रदेश में दुष्कर्म के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे हैं।

मामला बारांबकी जिले के सुबेहा थाना क्षेत्र का है।

जहां एक युवती को अगवा कर उसके साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है।

इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

घर से अगवा कर किया दुष्कर्म, परिवार वालों को भनक तक नहीं लगी

जानकारी के अनुसार शनिवार की देर शाम 18 साल की युवती को दो युवकों ने उसके घर से अगवा कर लिया और गांव से कुछ दूर खेत में उसके साथ दोनों ने दुष्कर्म किया।

अपहरण के दौरान घर के दूसरे हिस्से में मौजूद युवती के छोटे भाई व नेत्र से दिव्यांग पिता को भनक तक नहीं लगी।

घटना का पता तब चला जब दूसरे राज्य में मजदूरी के लिए गई युवती के बड़े भाई ने देर शाम गांव में रहने वाले

एक रिश्तेदार को फोन कर बहन से बात कराने के लिए कहा, लेकिन युवती घर पर नहीं मिली।

इसके बाद ग्रामिणों ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद ग्रामीण और पुलिस रात भर युवती की तलाश करते रहे।

रविवार को नहर के किनारे युवती बेहोशी की हालत में मिली।

सूचना पर एएसपी दक्षिण मनोज पांडेय भी मौके पर पहुंचे।

तहरीर मिलने पर पुलिस ने किया मामला दर्ज

पुलिस ने पीड़ित युवती का बयान दर्ज कर उसे चिकित्सीय परीक्षण के लिए जिला महिला अस्पताल भेजा।

पीड़िता के छोटे भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

इस मामले में पुलिस ने मुदस्सिर और आरिफ नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने बताया कि दोनों पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे निर्माण में मिट्टी की पटाई के लिए जेसीबी चलाते थे और एक महीने से उसी गांव में ठहरे थे।

दिल्ली

पेड़ से टकराई यूपी रोडवेज की बस 12  यात्री घायल

देश मे आय दिन सड़क दुर्घटनाए सामने आ रही है  वही एक बेहद दर्दनाक घटना दक्षिण दिल्ली से सामने आई है। जहां न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके में उत्तर प्रदेश रोडवेज की बस अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई।

जिसमें चालाक समेत 12 यात्री घायल हो गए। समय पर यात्रियों को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। यात्रियों की हालात  गंभीर बताई गई है।

जानकारी के मुताबिक चालक की झपकी लेने के कारण यह दुर्घटना हुई। चालाक के अनुसार अगर दिन के समय यह घटना हुई होती तो यह ओर भी गम्भीर होती।

पुलिस का अधिकारीक बयान आना बाकी है।वहीं अन्य यात्रियों को अन्य बस से सराय काले खां पहुंचा गया। यह बस यूपी के आगरा से सराय काले खां आ रही थी।

सड़क हादसे की खबर मिलने के बाद स्थानीय पुलिस जब वह पहुंची तो दुर्घटना स्थल में लोगों की चीख-पुकार मची बस के अन्य यात्री डरे सहमें हुए थे।

पुलिस की मद्द से जख्मी यात्रियों को बस से बाहर निकाला। पुलिस ने बताया उत्तर प्रदेश रोडवेज की बस संख्या UP 85 AF 9583 मथुरा रोड स्थित सीआरपीएफ के पास मौजूद पेड़ से जा टकराई।

 

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कोरोना पॉजिटिव दरोगा ने अस्पताल में काटी हाथ की नस , आत्महत्या की कोशिश

कोरोना पॉजिटिव दरोगा ने अस्पताल में काटी हाथ की नस

कोरोना काल में अनेक लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही कई लोग अस्पातल से भागते और सुसाइड़ करने की कोशिश की है

यहीं कारण हैं कि कोरोना में सुसाइड़ के मामले दौगुने हो गये।किसी ने आर्थिक तंगी के कारण तो किसी ने मानसिक तनाव के कारण  आत्महत्या की है ।

वही अलीगढ़ के उत्तर प्रदेश से एक गंभीर मामला सामने आया जहां एक दरोगा ने कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के कारण आत्महत्या की कोशिश की है।

दरोगा दिनेश शहर के क़्वार्सी इलाके की सूर्य विहार कॉलोनी के रहने वाले है जो कि शाहजहांपुर में तैनात है।

दरोगा दिनेश की पॉजिटिव रिपोर्ट आने के पश्चात उन्हें अलीगढ़ जिले में दीनदयाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जानकारी के अनुसार अस्पातल में ही दिनेश दरोगा तनाव में आने के कारण अपने हाथ की नस काट आत्महत्या करने की कोशिश की

खबर मिलते ही पुलिस भी मौके  वारदात पर पहुंची दारोगा के मोबाइल से उनके घर वालों  को पूरी जानकारी दी गयी। इसके पश्चात दरोगा को मेडिकल कालेज रेफर किया गया है।

जानकारी के अनुसार आत्महत्या का कारण अभी तक स्पष्ट नही हुआ है इसकी जांच पुलिस द्वारा किया जा रहा है।

प्रधानाचार्यों

प्रधानाचार्यों की लापरवाही,  दो हजार छात्रों के भविष्य पर छाए संकट के बादल

 दो हजार छात्रों के भविष्य पर छाए संकट के बादल

प्रधानाचार्यों की लापरवाही से शाहजहांपुर  जनपद के दो हजार से अधिक हाईस्कूल व इंटरमीडिएट विद्यार्थियों का भविष्य संकट में है।

जानकारी के अनुसार स्कूलों के अध्यापकों के द्वारा विद्यार्थियों को परीक्षा के पंजीकृत के लिए किसी प्रकार का ब्योरा ही नहीं उपलब्ध कराया है।

स्क्रीनिंग में पकड़े जाने पर जिला विद्यालय निरीक्षक नें 16 स्कूलों के प्रधानाचार्यो अध्यापकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

अगर इसी तरह से प्रधानाचार्यो अध्यापकों की लापरवाही रही तो देश का भविष्य डूबने की कगार में आ जाएगा।

माध्यमिक शिक्षा परिषद सचिव ने पकड़ी प्रधानाचार्यों की गलतियां

माध्यमिक शिक्षा परिषद सचिव  ने जब 30 अक्टूबर को जनपद के 16 स्कूलों से  पंजीकृत छात्राओं का ब्योरा मांगा

तो उन्होंने नही दिया। हालांकि 16 विद्यालयों के करीब दो हजार विद्यार्थियों का नामावली ब्योरा नही उपलब्ध कराया गया।

जिस कारण माध्यमिक शिक्षा परिषद सचिव को शक होने लग गया जिस कारण जब

स्क्रीनिंग हुई तो यह मामला पकड़ में आया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने

16 स्कूलो को नोटिस जारी किया,स्कूलो के प्रधानाचार्यो अध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा है।

 

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नींद

नींद की झपकी आने से शादी समारोह बदला मातम में

नींद की झपकी आने से काल के मुंह में समाए कई लोग

नींद की झपकी बना हादसे का कारण

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में सड़क हादसे में बारातीयों ने अपनी जान गवा दी जानकारी के अनुसार यह घटना मानिकपुर थाना के देशराज इनारा की है।

जहां शादी से लौट रहे बारातीयों से भरी बोलेरो बैलेंस बिगड़ने की वजह से ट्रक में जा घुसी।

जिससे बोलेरो में बैठे 14 व्यक्तियों की दर्दनाक मौत हो गयी ।

हादसे में कितनों की जान गयी

हादसे का कारण नींद की झपकी आना बताया जा रहा है। ये सभी बाराती नबाबगंज थाना इलाके के शेखपुर गांव में शादी-समारोह में शामिल होकर घर वापस लौट रहे थे

नींद की झपकी आने से काल के मुंह में समाने वाले  कई लोग शामिल थे।

पुसिल द्वारा बताया गया कि इसमें 14 लोगों में से 6  मासूम बच्चे थे।

दुर्घटना का मंजर इतना दर्दनाक था कि परिवारजनों में इस दुर्घटना के  बारे में सुनकर कोहराम मच गया।

हादसा इतना भयानक था कि गांव वालों की रुह कांप गयी ।

सूचना मिलने पर एसपी अनुराग आर्य पुलिस को लेकर दुर्घटना स्थल पर पहुंचे।

पुलिस ने बोलेरो गाड़ी को गैस-कटर से काट कर सभी 14 लोगों के शव को बाहर निकाला।

इस काम में पुलिस को 2 घंटे लग गये।  पुलिस के अनुसार दुर्घटना में मरने वाले 12 बाराती कुंडा कोतवाली के

जिगरापुर चौसा गांव के रहने वाले हैं जबकी बोलेरो ड्राइवर समेत दो लोग कुंडा इलाके के अन्य गांव के रहने

वाले बताये जा रहे हैं।

 

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उत्तर प्रदेश में लव जिहाद पर बनेगा कानून, गृह मंत्रालय ने भेजा प्रस्ताव

उत्तर प्रदेश में लव जिहाद पर बनेगा कानून, गृह मंत्रालय ने भेजा प्रस्ताव

अब राज्य में लव जिहाद पर कानून बनाया जाएगा

उत्तर प्रदेश में दिन प्रतिदिन लव जिहाद के मामले सामने आते रहते है।

इसी को देखते हुए अब उत्तर प्रदेश सरकार लव जिहाद पर कानून बनाने जा रही है।

गृह मंत्रालय ने कानून मंत्रालय को अपना प्रस्ताव भेज दिया।

बल्लभगढ़ में लव जिहाद की आड़ में एक युवती की हत्या कर दी गई थी,

जिसके बाद उत्तर प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक और मध्य प्रदेश ने ऐलान किया था कि अब राज्य में लव जिहाद पर कानून बनाया जाएगा।

ताकि लोभ, लालच, धमकी, दबाब औऱ शादी का झांसा देकर होने वाली घटनाओं को रोका जा सके।

उत्तर प्रदेश  के CM योगी आदित्यनाथ ने किया था ऐलान

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि जैसा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में

साफ कहा है कि महज शादी करने के लिए किया गया धर्म परिवर्तन अवैध होगा।

 सरकार इस बाबत सख्त प्रावधानों वाला कानून लाएगी और फिर ऐसी हरकत करने वालों का राम नाम सत्य ही होगा।

ये था हाईकोर्ट का फैसला

इलाहबाद हाईकोर्ट ने एक फैसला सुनाते हुए कहा था, महज शादी के लिए धर्म परिवर्तन वैध नही मना जाएगा।

जस्टिस एससी त्रिपाठी ने प्रियांशी उर्फ समरीन व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए नूरजहां बेगम

केस के फैसले का हवाला दिया, जिसमें कोर्ट ने कहा है कि शादी के लिए धर्म बदलना स्वीकार्य नहीं है

उत्तर प्रदेश जल्द ही लव जिहाद को लेकर कगनून बन सकता है। 

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