योगी मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच संघ नेता लखनऊ पहुंचे

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उत्तर प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। संघ सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले लखनऊ पहुंचे हैं। होसबोले जियामऊ विश्व संवाद केंद्र में बैठक करेंगे। बताया जा रहा है कि लखनऊ में कई बैठकें भी होंगी। मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच संघ नेता का दौरा काफी अहम माना जा रहा है।

इधर कुछ दिनों से यूपी में योगी कैबिनेट के विस्तार की चर्चा चल रही है। कई मंत्रियों का निधन कोरोना के कारण हो गया है। कुछ मंत्रियों ने कोरोना के पहली लहर में ही दम तोड़ दिया था ऐसे में उनकी जगह नए मंत्रियों को शामिल करने की बात चल रही थी। इसी बीच कोरोना की दूसरी लहर आ गई इस कारण मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा खत्म हो गई। वहीं दूसरी लगह में भी कुछ मंत्रियों का निधन हो गया है। एक बार फिर से कैबिनेट विस्तार की बातें होने लगी हैं।

रविवार को संघ के साथ हुई बैठक के बाद यूपी में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। जब से आईएएस एके शर्मा को यूपी में एमएलसी बनाया गया है तभी से इस बात की भी चर्चा हो रही है कि उन्हें भी योगी कैबिनेट में जगह मिल सकती है। इस कोरोना काल में जिस तरह से एके शर्मा पूर्वांचल में सक्रिय रहे उससे भी उनके मंत्री बनने के कयास लगाए जाने लगे।

– मीना छेत्री

 

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आपदा के आठ साल बाद पूरी तरह बदल चुका है केदारघाटी का नजारा

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आपदा के आठ वर्ष बाद केदारपुरी का नजारा पूरी तरह बदल चुका है। इस अंतराल में केदारपुरी जहां आपदा की दृष्टि से काफी सुरक्षित हो गई है, वहीं यात्री सुविधाएं भी पहले से कहीं अधिक बेहतर हुई हैं। आपदा के बाद शुरुआती दो वर्ष जरूर यात्रा फीकी रही, लेकिन बाद के वर्षों में उसने पुराने सभी रिकार्ड ध्वस्त कर दिए। वर्ष 2019 में पहली बार दस लाख से अधिक यात्री केदारनाथ दर्शनों को पहुंचे। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत होने वाले कार्य भी अब अंतिम चरण में हैं।

16-17 जून 2013 की तबाही के बाद यकीन नहीं हो पा रहा था कि निकट भविष्य में केदारनाथ यात्रा शुरू भी हो पाएगी। लेकिन, बीते आठ वर्षों में यात्रा ने जो गति पकड़ी, उससे सारी आशंकाएं निर्मूल साबित हुईं। खास बात यह कि आपदा के बाद केदारपुरी में सुविधाओं का तेजी से विकास हुआ। इससे देश-दुनिया में केदारनाथ यात्रा पूरी तरह सुरक्षित होने का संदेश भी गया।आपदा में मंदाकिनी व सरस्वती नदी रुख मंदिर की ओर हो गया था। अब सरकार ने मंदिर के ठीक पीछे मंदकिनी व सरस्वती नदी पर 390 मीटर लंबी, 18 फीट ऊंची व दो फीट चौड़ी कंक्रीट की त्रिस्तरीय दीवार बनाई है।

इसके अलावा मंदाकिनी व सरस्वती नदी पर सुरक्षा दीवार भी बनाई गई है। इससे भी धाम काफी सुरक्षित हो गया है।आपदा में गौरीकुंड हाइवे रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक कई स्थानों पर पूरी तरह बह गया था। अब इसे आलवेदर रोड के तहत बनाया जा रहा है। इसके लिए कङ्क्षटग का कार्य पूरा हो चुका है। केदारपुरी में यात्रियों के ठहरने को पर्याप्त व्यवस्थाएं जुटाई गई हैं।

अब यहां सात हजार यात्री रह सकते हैं। केदारनाथ पैदल मार्ग भी पहले के मुकाबले काफी अच्छा एवं सुरक्षित हो गया है। इसके लिए तीन से चार मीटर चौड़े इस मार्ग पर रेलिंग लगाई गई हैं। मार्ग पर लिनचोली, छोटी लिनचोली, रुद्रा प्वाइंट समेत कई पड़ाव विकसित कर यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है।

 

-मानवी कुकशाल

 

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साल में 500 मेरीनो भेड़ खरीदने का सहयोग देगी केंद्र सरकार

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उत्तराखंड में उच्च गुणवत्ता की ऊन उत्पादन के मद्देनजर केंद्र सरकार हर साल 500 मेरीनो भेड़ खरीदने के लिए राज्य सरकार को सहयोग देगी। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से मुलाकात के दौरान केंद्रीय पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह ने यह बात कही। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत देहरादून जिले में कालसी फार्म में गिर प्रजाति की गायों के संरक्षण व संवर्द्धन को 3.40 करोड़ रुपये की लागत वाली योजना को स्वीकृति देने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पशुपालन मंत्री को कालसी में स्थापित सेंटर आफ एक्सीलेंस, भ्रूण प्रत्यारोपण प्रयोगशाला का उद्घाटन के लिए भी आमंत्रित किया।मंगलवार को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने दिल्ली में केंद्रीय पशुपालन, डेयरी व मत्स्य पालन मंत्री गिरिराज सिंह से भेंट की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत केंद्र के सहयोग से 240 मेरीनाे भेड़ राज्य को मिली थी।

इन्हें राजकीय प्रजनन प्रक्षेत्र कोपड़धार में रखा गया और इसके उत्साहजनक परिणाम मिल रहे हैं। इसे देखते हुए 500 अतिरिक्त भेड़ आयात किए जाने से वर्ष 2024 तक लगभग 500 मीट्रिक टन महीन ऊन का उत्पादन कर भारतीय वस्त्र उद्योग की वार्षिक मांग में सहयोग प्रदान किया जा सकता है।

 

-मानवी कुकशाल

 

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सैन्यधाम में नजर आएंगे टैंक और लड़ाकू विमान, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

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प्रदेश के वीर शहीदों की याद में बनने वाले सैन्यधाम में सेना के दो टैंक, वायुसेना का लड़ाकू विमान, नौसेना का छोटा जलयान, सेना की दो तोप और दो एयर डिफेंस गन आकर्षण का केंद्र बनेंगी। केंद्र सरकार ने सेना के इन निष्प्रयोज्य उपकरणों को सैन्यधाम में लगाने के लिए मंजूरी प्रदान कर दी है।

मंगलवार को उत्तराखंड के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से दिल्ली में मुलाकात की। उन्होंने केंद्रीय रक्षा मंत्री से सैन्यधाम को आकर्षक बनाने की कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए आवश्यक सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने देहरादून के मिठ्ठी बेहड़ी में सेना तथा राज्य सरकार के बीच भूमि हस्तांतरण के प्रकरण, विलासपुर कांडली पेयजल योजना और गोरखा मिलिट्री इंटर कालेज की लीज अवधि को बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा और इन मसलों के समाधान के लिए उनका सहयोग मांगा।

कैबिनेट मंत्री ने रक्षा मंत्री को बताया कि राज्य में भव्य शहीद स्मारक सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। यह राज्य के जनमानस की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। इसका मकसद प्रदेश एवं देशभर के युवाओं को भारतीय सेना की वीर गाथाओं से परिचित कराना और देश सेवा के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने इसे आकर्षक बनाने के लिए निष्प्रयोज्य सैन्य उपकरण प्रदान करने का अनुरोध किया, जिस पर रक्षा मंत्री ने सहमति प्रदान की।

कैबिनेट मंत्री जोशी ने रक्षा मंत्री को बताया कि राज्य सरकार देहरादून की मिठ्ठी बेहड़ी के इलाके की जगह सेना को कोल्हूपानी इलाके में पांच एकड़ जमीन दे चुकी है। बावजूद इसके मिठ्ठी बेहड़ी क्षेत्र में स्थानीय निवासियों को भवन निर्माण व मरम्मत आदि का कार्य नहीं करने दिया जा रहा है। इससे स्थानीय निवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी प्रकार सहसपुर के अंतर्गत निर्माणाधीन विलासपुर कांडली पेयजल योजना से रिहायशी व सैन्य क्षेत्र को जलापूर्ति की जानी है। यहां रक्षा मंत्रालय से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हो पा रहा है। इस पर रक्षा मंत्री ने कहा कि इन प्रकरणों पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

 

-मानवी कुकशाल

 

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रोडवेज कर्मचारी देंगे गांधी पार्क में धरना

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राज्य सरकार की बेरुखी से आक्रोशित रोडवेज कर्मचारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। पांच माह से बिना वेतन काम कर रहे रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार से रोडवेज की आर्थिक मदद के लिए 100 करोड़ रुपये की मांग थी, जिसमें सरकार ने हाथ खड़े कर दिए। ऐसे में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन कर रहे रोडवेज कर्मचारियों ने 17 जून शुक्रवार को सरकार के विरुद्ध दून के गांधी पार्क में एक दिवसीय प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन जबकि 19 जून से बेमियादी हड़ताल का ऐलान कर दिया है।

आंदोलन कर रही रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की सोमवार को शासन में हुई वार्ता विफल हो गई थी। संयुक्त परिषद के बैनर तले कर्मचारियों ने गुरूवार से समस्त डिपो पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया था, जो मंडल प्रबंधक कार्यालयों तक पहुंच गया है। अब परिषद ने 17 जून को दून के गांधी पार्क में एक दिवसीय प्रदेशव्यापी धरना देने, जबकि 19 जून से बेमियादी हड़ताल की तैयारी भी कर ली है।

-मानवी कुकशाल

 

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देहरादून के 24 वार्डों में डेंगू से बचाव के लिए होगी फोगिंग

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शहर में डेंगू का प्रकोप रोकने के लिए चरणबद्ध तरीके से फॉगिंग कर रहे नगर निगम ने अगले तीन दिन के लिए 24 वार्डों की सूची तैयार कर ली है। तंग गलियों व मोहल्लों में ड्रोन से फॉगिंग की जाएगी।नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि बुधवार को रिस्पना, रांझावाला, तिलक रोड, नेहरूग्राम, चंदर रोड, लक्खीबाग और नवादा समेत द्रोणपुरी व मेहूंवाला-एक वार्ड में फॉगिंग की जाएगी।

गुरुवार को डिफेंस कालोनी, मालसी, विजयपुर, माता मंदिर रोड, दीपनगर, नत्थनपुर-एक, नत्थनपुर-दो और मेहूंवाला-दो में फॉगिंग होगी। इसके अलावा शुक्रवार को लाडपुर, डांडा लखौंड, गुजराड़ा मानसिंह, ननूरखेड़ा, डोभाल चौक, चकतुनवाला व मोहकमपुर में फा¨गग कराई जाएगी। नगर आयुक्त ने बताया कि शहर के बड़े वार्डों में दो-दो अधिकारी जिम्मेदारी संभालेंगे।

 

-मानवी कुकशाल

 

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सपा के शीर्ष नेतृत्व से मिले बसपा विधायक, हो सकते है पार्टी में शामिल

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बहुजन समाज पार्टी के कुछ विधायकों की मंगलवार सुबह सपा के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की चर्चा है। यह मुलाकात विधान परिषद चुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर अहम मानी जा रही है। खास बात यह है कि मुलाकात करने वालों में पांच ऐसे विधायक हैं जिन्हें बसपा ने पहले ही निष्कासित कर रखा है।

समाजवादी पार्टी के सूत्रों का कहना है कि सपा के शीर्ष नेतृत्व से कुछ समय पहले से ही बसपा विधायकों की बातचीत चल रही थी। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी सोमवार देर शाम दिल्ली से लखनऊ पहुंचे हैं। रात में ही मुलाकात की रूपरेखा तैयार की गई। सुबह करीब 9:00 बजे बसपा से पहले निष्कासित किए जा चुके विधायकों से पार्टी के चार अन्य विधायकों ने मुलाकात की। इसके बाद यह सभी एकजुट होकर सपा नेतृत्व से मिलने पहुंचे।

पार्टी में शामिल होने पर संशय

बसपा विधायकों के समाजवादी पार्टी में शामिल होने पर अभी संशय बना हुआ है। इन की राह में दल बदल कानून का रोड़ा है। यह सपा विधायक दल मंडल में भी शामिल नहीं हो सकते हैं। इसके लिए पहले विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपना पड़ेगा। ऐसे में सपा के रणनीतिकार चाहते हैं कि विधान परिषद चुनाव से पहले किसी तरह की बाधा ना आए।

संभावना है कि विधान परिषद चुनाव के बाद ही अगला कदम आगे बढ़ाएंगे। बसपा विधायकों का समर्थन मिलने के बाद समाजवादी पार्टी 3 विधान परिषद सदस्य आसानी से जिता लेगी।

 मीना छेत्री