शकुन्तला देवी – मानव कम्प्यूटर, भारत की पहली गणितज्ञ

शकुन्तला देवी - मानव कम्प्यूटर, भारत की पहली गणितज्ञ
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-श्रुति अग्रवाल- देहरादून (उत्तराखंड)

मानव कंप्यूटर के नाम से मशहूर रहीं शकुन्तला देवी की आज 91वी जयंती है। वो बेशक आज हमारे बीच मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनकी काबिलियत को आज भी देश दुनिया में याद किया जाता है। मानव कंम्यूटर के नाम से प्रख्यात शकुन्तला देवी कीइस प्रतिभा को देखते हुए उनका नाम गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में भी शामिल किया गया था।

शकुंतला देवी का जन्म 1929 में बैंगलोर में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। जब वह महज़ 3 साल की थीं, तब उनके माता पिता को उनके डिजिट्स याद रखने की कैपेसिटी के बारे में पता चला था। वह उन्हें रोड शो में ले जाके उनकी इस स्किल का प्रदर्शन करते थे।

उन्होंने बिना किसी पढ़ाई के ये स्किल सीखा था। 6 साल की उम्र में, उन्होंने मैसूर यूनिवर्सिटी में अपनी अरिथमेटिक क्षमताओं का प्रदर्शन किया। 1977 में यूनिवर्सिटी ऑफ डलास के 1 मिनट में उन्हें 201 का 23वां रुट कैलकुलेट करने को दिया गया था। जब उन्हें एक समीकरण दिया गया तो कमरे में सन्नाटा छा गया। 50 सेकंड बाद शकुंतला देवी ने डिजिट बाय डिजिट जवाब देना शुरू किया।

एक ह्यूमन – कंप्यूटर के रूप में अपने काम के अलावा, देवी एक फेमस एस्ट्रोलॉजर और कई पुस्तकों की लेखक थीं, जिसमें कई नोवल्स भी शामिल हैं। देवी ने कई शहरों में अपनी कला का  प्रदर्शन किया। वह हमेशा 10 से 30 सेकंड में जवाब दे दिया करती थीं।

शकुंतला देवी का जीवन और उपलब्धियों ने आज भी दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरित किया है। देवी का 83 वर्ष की आयु में 21 अप्रैल, 2013 को हार्ट अटैक और रेस्पिरेटरी प्रोब्लेम्स के कारण बैंगलोर में निधन हो गया था।

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गोरखपुर में 72 घंटे में मिले दो शव, मचा वबाल

उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन हत्या के मामले बढ़ते जा रहे हैं।

ताज़ा मामला गोरखपुर का है, जहां 72 घंटे में दो लोगों का शव मिलने से इलाके मे दहशत फैल गई।

जानकारी के अनुसार, कहा जा रहा है कि दोनों शवों का आपस में कोई संबंध हो सकता है।

दोनों मृतकों की पहचान की जा रही है।

महिला के शव का पोस्टमार्टम मंगलवार को कराया गया था और

पुरुष का पोस्टमार्टम 72 घंटो के बाद किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगलछत्रधारी टोला शाहपुर में शुक्रवार को

पुलिस ने अर्धनग्न हाल में एक महिला का शव मच्छरदानी के पास से बरामद किया गया था।

पुलिस के अनुसार, महिला का चेहरा जला दिया गया था

ताकि महिला को पहचानने में दिक्कत हो।

पुलिस द्वारा आंशका जताई जा रही है कि महिला की हत्या कर शव को नाले के किनारे फेंक दिया गया था।

महिला का शव दो-तीन दिन पुराना लग रहा है। महिला के शव का पोस्टमार्टम मंगलवार को किया गया था,

लेकिन महिला की पहचान अभी अज्ञात है।

पोस्टमार्टम के बाद पता चला कि महिला की हत्या उसके सिर पर वार करके की गई थी।

वहीं, महिला शव के 72 घंटे बाद मंगलवार को गुलरिहा थाना क्षेत्र में नाले के पास एक युवक का शव मिला।

जो करीब 6 से 7  दिन पुराना लग रहा था।

पुलिस आसपास के थाने में युवक की गुमशुदगी की रिपोर्ट जांच रही है।

पुलिस की जानकारी के अनुसार शव का पोस्टमार्टम 72 घंटो के बाद होगा।

दो शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैली हुई है।

कोहरे के कारण हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, दो की मौत

कोहरे के कारण हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, दो की मौत

झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मऊ थाना क्षेत्र के सुराणा गांव के पास मंगलवार देर रात ट्रैक्टर और बाइक सवार युवकों की टक्कर हो गयी है।

स्थानीय लोगों द्वारा सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष सुभाष चौरसिया पुलिस टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और तीनों को जिला अस्पताल ले गए।

अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही बाइक सवार अशोक और सोनू ने दम तोड़ दिया,

जबकी तीसरा युवक गंभीर रुप से घायल है।

पुलिस ने घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। तीनों युवक चित्रकूट के रहने वाले थे।

जानकारी के अनुसार, तीनों युवक अपने रिश्तेदार के यहां निमंत्रण पर जा रहे थे।

देर रात को सदर कोतवाली क्षेत्र के कंठीपुर निवासी अशोक कुमार,

पुत्र चुनना लाल आरख और कसहाई निवासी सोनू,

पुत्र बाल केश पहाड़ी के रामसुहावन के साथ बाइक से सखुआ गांव में निमंत्रण पर जा रहे थे।

जैसे ही इन युवकों की बाइक श्रद्धा मोड़ के पुलिया के पास पहुंची,

तभी आगे जा रही ट्रैक्टर-ट्रोली के कारण बाइक सवार युवकों का बैंलेस बिगड़ गया और बाइक हादसे का शिकार हो गई।

तीनों बाइक सवार लड़को ने हेलमेट नहीं पहना था।

मुमकिन है कि अगर हेलमेट पहना होता तो शायद आज तीनों जिंदा होते।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कोहरा अधिक होने के कारण बाइक चालक को आगे जा रहा ट्रैक्टर नहीं दिखा,

जिस कारण बाइक उसे टकराकर हादसे का शिकार हो गयी।

सर्दी के मौसम में कोहरे के कारण और हेलमेट न पहनने के कारण लोग आय दिन सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं।

उत्तर प्रदेश- बाराबंकी में युवती को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म

बाराबंकी में युवती को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म

बाराबंकी  जिले के सुबेहा थाना क्षेत्र  में एक युवती को अगवा कर उसके साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है।

इस मामले में बारांबकी  पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

उत्तर प्रदेश अपराध का गढ़ बनता जा रहा है।

प्रदेश में दुष्कर्म के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे हैं।

मामला

घर से अगवा कर किया दुष्कर्म, परिवार वालों को भनक तक नहीं लगी

जानकारी के अनुसार  बाराबंकी में शनिवार की देर शाम 18 साल की युवती को दो युवकों ने उसके घर से अगवा कर लिया और गांव से कुछ दूर खेत में उसके साथ दोनों ने दुष्कर्म किया।

अपहरण के दौरान घर के दूसरे हिस्से में मौजूद युवती के छोटे भाई व नेत्र से दिव्यांग पिता को भनक तक नहीं लगी।

घटना का पता तब चला जब दूसरे राज्य में मजदूरी के लिए गई युवती के बड़े भाई ने देर शाम गांव में रहने वाले

एक रिश्तेदार को फोन कर बहन से बात कराने के लिए कहा, लेकिन युवती घर पर नहीं मिली।

इसके बाद ग्रामिणों ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद ग्रामीण और पुलिस रात भर युवती की तलाश करते रहे।

रविवार को नहर के किनारे युवती बेहोशी की हालत में मिली।

सूचना पर एएसपी दक्षिण मनोज पांडेय भी मौके पर पहुंचे।

तहरीर मिलने पर  बाराबंकी पुलिस ने किया मामला दर्ज

पुलिस ने पीड़ित युवती का बयान दर्ज कर उसे चिकित्सीय परीक्षण के लिए जिला महिला अस्पताल भेजा।

पीड़िता के छोटे भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

इस मामले में  बाराबंकी पुलिस ने मुदस्सिर और आरिफ नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने बताया कि दोनों पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे निर्माण में मिट्टी की पटाई के लिए जेसीबी चलाते थे और एक महीने से उसी गांव में ठहरे थे।

 

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पेड़

पेड़ से टकराई यूपी रोडवेज की बस 12  यात्री घायल

पेड़ से टकराकर बस में सवार 12 यात्री घायल हुए

देश मे आए  दिन सड़क दुर्घटनाएं सामने आ रही है।  वही एक बेहद दर्दनाक घटना दक्षिण दिल्ली से सामने आई है।

जहां न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके में उत्तर प्रदेश रोडवेज की बस अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई।

जिसमें चालाक समेत 12 यात्री घायल हो गए। समय पर यात्रियों को दिल्ली के अखिल

भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। यात्रियों की हालात  गंभीर बताई गई है।

जानकारी के मुताबिक चालक की झपकी लेने के कारण यह दुर्घटना हुई।

चालाक के अनुसार अगर दिन के समय यह घटना हुई होती तो यह ओर भी गम्भीर होती।

पुलिस का अधिकारीक बयान आना बाकी है।वहीं अन्य यात्रियों को अन्य बस से सराय काले खां पहुंचा गया।

यह बस यूपी के आगरा से सराय काले खां आ रही थी।

सड़क हादसे की खबर मिलने के बाद स्थानीय पुलिस जब वह पहुंची तो दुर्घटना स्थल में लोगों की चीख-पुकार मची बस के अन्य यात्री डरे सहमें हुए थे।

पुलिस की मद्द से जख्मी यात्रियों को बस से बाहर निकाला। पुलिस ने बताया उत्तर प्रदेश रोडवेज की

बस संख्या UP 85 AF 9583 मथुरा रोड स्थित सीआरपीएफ के पास मौजूद पेड़ से जा टकराई।

 

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कोरोना पॉजिटिव दरोगा ने अस्पताल में काटी हाथ की नस , आत्महत्या की कोशिश

कोरोना पॉजिटिव दरोगा ने अस्पताल में काटी हाथ की नस

कोरोना पॉजिटिव दरोगा ने  पॉजिटिव रिपोर्ट आने के कारण आत्महत्या की कोशिश की है

कोरोना काल में अनेक लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही कई लोग अस्पातल से भागते और सुसाइड़ करने की कोशिश की है

यहीं कारण हैं कि कोरोना में सुसाइड़ के मामले दौगुने हो गये।

किसी ने आर्थिक तंगी के कारण तो किसी ने मानसिक तनाव के कारण  आत्महत्या की है ।

वही अलीगढ़ के उत्तर प्रदेश से एक गंभीर मामला सामने आया जहां एक दरोगा ने कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के कारण आत्महत्या की कोशिश की है।

दरोगा दिनेश शहर के क़्वार्सी इलाके की सूर्य विहार कॉलोनी के रहने वाले है जो कि शाहजहांपुर में तैनात है।

दरोगा दिनेश की पॉजिटिव रिपोर्ट आने के पश्चात उन्हें अलीगढ़ जिले में दीनदयाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था,

जानकारी के अनुसार अस्पातल में ही दिनेश दरोगा ने तनाव

में आने के कारण अपने हाथ की नस काट आत्महत्या करने की कोशिश की

खबर मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची दारोगा के मोबाइल से उनके घर वालों  को पूरी जानकारी दी गयी।

इसके पश्चात दरोगा को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।

जानकारी के अनुसार आत्महत्या का कारण अभी तक स्पष्ट नही हुआ है इसकी जांच पुलिस द्वारा किया जा रहा है।

 

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प्रधानाचार्यों

प्रधानाचार्यों की लापरवाही,  दो हजार छात्रों के भविष्य पर छाए संकट के बादल

 दो हजार छात्रों के भविष्य पर छाए संकट के बादल

प्रधानाचार्यों की लापरवाही से शाहजहांपुर  जनपद के दो हजार से अधिक हाईस्कूल व इंटरमीडिएट विद्यार्थियों का भविष्य संकट में है।

जानकारी के अनुसार स्कूलों के अध्यापकों के द्वारा विद्यार्थियों को परीक्षा के पंजीकृत के लिए किसी प्रकार का ब्योरा ही नहीं उपलब्ध कराया है।

स्क्रीनिंग में पकड़े जाने पर जिला विद्यालय निरीक्षक नें 16 स्कूलों के प्रधानाचार्यो अध्यापकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

अगर इसी तरह से प्रधानाचार्यो अध्यापकों की लापरवाही रही तो देश का भविष्य डूबने की कगार में आ जाएगा।

माध्यमिक शिक्षा परिषद सचिव ने पकड़ी प्रधानाचार्यों की गलतियां

माध्यमिक शिक्षा परिषद सचिव  ने जब 30 अक्टूबर को जनपद के 16 स्कूलों से  पंजीकृत छात्राओं का ब्योरा मांगा

तो उन्होंने नही दिया। हालांकि 16 विद्यालयों के करीब दो हजार विद्यार्थियों का नामावली ब्योरा नही उपलब्ध कराया गया।

जिस कारण माध्यमिक शिक्षा परिषद सचिव को शक होने लग गया जिस कारण जब

स्क्रीनिंग हुई तो यह मामला पकड़ में आया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने

16 स्कूलो को नोटिस जारी किया,स्कूलो के प्रधानाचार्यो अध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा है।

 

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