आज है सरदार उधम सिंह का जन्मदिन, जानें कौन थे सरदार

सरदार उधम सिंह
Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on telegram
Listen to this article

सरदार उधम सिंह का जन्मदिन-

साल 1919बैसाखी का दिन पंजाब के अमृतसर में हजारों की तादाद में लोग एक पार्क में जमा हुए थे।

रॉलेट एक्ट के तहत कांग्रेस के सत्य पाल और सैफुद्दीन किचलू को अंग्रेजों ने अरेस्ट कर लिया था।

लोग वहां दोनों की गिरफ्तारी के खिलाफ शांति से प्रोटेस्ट कर रहे थे।

जनरल डायर अपनी फौज के साथ वहां आ धमका।

औरपूरे बाग को घेर लिया। उसने न तो प्रदर्शनकारियों को जाने के लिए कहा और न ही कोई वार्निंग दी।

डायर ने बस एक काम किया। अपनी फौज को फायरिंग करने का ऑर्डर दिया।

मासूमों परचलाईं थी दनादन गोलियां

अंग्रेजों ने उन मासूम लोगों पर दनादन गोलियां चलाईं।

उस फायरिंग में बहुत लोगों की जानें गईं।

बाग का इकलौता एक्जिट गेट अंग्रेजों ने बंद कर दिया था।

लोग बचने के लिए पार्क की दीवार पर चढ़ने लगे।

कुछ जान बचाने के लिए कुएं में कूद गए। पर इस घटना से एक इंसान था,

जो इतना ज्यादा गुस्सा हो गाया कि उसने जनरल डायर को टपका डालने का मन बना लिया।

ये थे सरदार उधम सिंह।

26 दिसंबर 1899 को हुए था  जन्म

सरदार उधम सिंह 26 दिसंबर 1899 को पंजाब के संगरूर जिले के सुनाम गांव में पैदा हुए थे।

पापा सरदार तेहाल सिंह जम्मू उपल्ली गांव में रेलवे चौकीदार थे। इनके भाई का नाम मुख्ता सिंह था।

सात साल की उम्र में उधम अनाथ हो गए थे।

पहले मां चल बसीं और उसके 6 साल बाद पिता।

मां-बाप के मरने के बाद दोनों को अमृतसर के सेंट्रल खालसा अनाथालय में भेज दिया गया था।

वहां लोगों ने दोनों भाइयों को नया नाम दिया।

शेर सिंह बन गए उधम सिंह और मुख्ता सिंह बन गए साधु सिंह।

साल 1917 में साधु की भी मौत हो गई।

1918 में उधम ने मैट्रिक के एग्जाम पास किए और साल 1919 में उन्होंने अनाथालय छोड़ दिया था।

जलियांवाला बाग कांड के लिए उनकी प्रतिज्ञा

उधम सिंह ने जलियांवाला बाग की मिट्टी हाथ में लेकर जनरल डायर

और तत्कालीन पंजाब के गर्वनर माइकल ओ’ ड्वायर को सबक सिखाने की प्रतिज्ञा ली।

इसके बाद वो क्रांतिकारियों के साथ शामिल हो गए थे।

सरदार उधम सिंह क्रांतिकारियों से चंदा इकट्ठा कर देश के बाहर चले गए।

उन्होंने दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे, ब्राजील और अमेरिका की यात्रा कर क्रांति के लिए खूब सारे पैसे इकट्ठा किए।

इस बीच देश के बड़े क्रांतिकारी एक-एक कर अंग्रेजों से लड़ते हुए जान देते रहे।

ऐसे में उनके लिए आंदोलन चलाना मुश्किल हो रहा था।

पर वो अपनी प्रतिज्ञा को पूरी करने के लिए मेहनत करते रहे थे।

उधम सिंह के लंदन पहुंचने से पहले जनरल डायर बीमारी के चलते मर गया था।

ऐसे में उन्होंने अपना पूरा ध्यान माइकल ओ’ ड्वायर को मारने पर लगाया।

और उसे पूरा किया।

जवाहरलाल नेहरू ने की थी उधम सिंह तारीफ

4 जून, 1940 को उधम सिंह को हत्या का दोषी ठहराया गया।

31 जुलाई, 1940 को उन्हें पेंटनविले जेल में फांसी दे दी गई।

इस तरह उधम सिंह भारत की आजादी की लड़ाई के इतिहास में अमर हो गए।

1974 में ब्रिटेन ने उनके अवशेष भारत को सौंप दिए।

अंग्रेजों को उनके घर में घुसकर मारने का जो काम सरदार उधम सिंह ने किया था, उसकी हर जगह तारीफ हुई थी।

यहां तक कि जवाहरलाल नेहरू ने भी इसकी तारीफ की थी।

नेहरू ने कहा कि माइकल ओ’ ड्वायर की हत्या का अफसोस तो है, पर ये बेहद जरूरी भी था।

इस घटना ने देश के अंदर क्रांतिकारी गतिविधियों को एकाएक तेज कर दिया।

सरदार की यह कहानी आंदोलनकारियों के लिए है प्रेरणा

सरदार उधम सिंह की यह कहानी आंदोलनकारियों को प्रेरणा देती रही।

इसके बाद की तमाम घटनाओं को सब जानते हैं।

अंग्रेजों को 7 साल के अंदर देश छोड़ना पड़ा और हमारा देश आजाद हो गया।

उधम सिंह जीते जी भले आजाद भारत में सांस न ले सके,

पर करोड़ों हिंदुस्तानियों के दिल में रहकर वो आजादी को जरूर महसूस कर रहे होंगे।

 

 

-शिवम वालिया

 

यह भी पढ़ें-We Can Be Heroes On Netflix: रिलीज़ हुई प्रियंका चोपड़ा की सुपरहीरो फ़िल्म

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on telegram

और खबरें

कोविड केयर सेंटर से 52 मरीज हुए गायब

Listen to this article

बागेश्वर ज़िले में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आई है। जहां कोविड केयर सेंटर से 52 मरीज भाग गए। इन 52 कोरोना संक्रमित मरीज़ों की अब तक कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग नही हो पाई है। ऐसे लोग पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के लिए सिरदर्द बने हुए है। दोनों विभाग इन मरीजों की तलाश में जुटे हुए हैं। एसपी के मुताबिक़ इन गायब  संक्रमितों पर महामारी अधिनियमों के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

बागेश्वर ज़िले में अब तक कुल संक्रमितों संख्या 154 पहुंच गई है। जिनमें  कोविड केयर सेंटर में 52 कोरोना संक्रमित अपना इलाज करा रहे हैं। इसके अलावा 102 कोरोना संक्रमित होम आइसोलेशन में है। जानकारी के मुताबिक लापता संक्रमितों की तलाश जारी है। असल में इन सभी लोगों का आरटीपीसीआर टेस्ट किया गया था। जिसके बाद इन संक्रमितों से स्वैच्छिक शपथ पत्र भरवाया गया था कि रिपोर्ट आने तक वह अपने घर में ही आइसोलेशन में रहेंगे। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर इनको ढूढ़ने की कोशिश की गई तो वे अपने पते में नहीं मिले। कई संक्रमितों का तो मोबाइल नंबर भी गलत है। इन संक्रमितों की खोज लगातार जारी है।

-प्रीति

 

यह भी पढ़े- युवा कल्याण और PRD के माध्यम से हुई कई भर्तीयां

कोरोना की बढ़ती रफ्तार से एसटीएच में ओपीडी बंद करने के आदेश

Listen to this article

हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में कोविड मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने शुक्रवार से एसटीएच में ओपीडी बंद करने के आदेश दिए और सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल और महिला अस्पताल में मरीजों को ओपीडी में परामर्श दिया जाएगा।
डीएम के अनुसार एसटीएच में आने वाले अन्य रोगों से ग्रस्त रोगियों का इलाज परीक्षण बेस और महिला अस्पताल में 23 अप्रैल से होगा। इसके साथ ही दोनों अस्पतालों में रोगियों के परीक्षण और इलाज के लिए अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती मेडिकल कॉलेज की ओर से की जाएगी। सीएमओ ने डॉ. भागीरथी जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि गर्भवती महिलाएं आपातकालीन स्थिति में महिला चिकित्सालय में आएं। डॉ. अनामिका को गर्भवती महिलाओं को जानकारी देने और महिलाओं की समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी दी गई है।

इसी के साथ गर्भवती महिलाएं या उनके परिजन परामर्श एवं सलाह के लिए डॉ. अनामिका के मोबाइल नंबर 89580-67810 पर संपर्क कर सकते हैं। कोविड के केस बढ़ने के साथ ही अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग बढ़ती जा रही है। इसी के साथ सीडीओ ने बताया कि कोविड-19 के संक्रमण के दौरान जिले में आक्सीजन सफ्लाई और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से जिला स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। इस कार्य पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी एडीएम वित्त एवं राजस्व सुरेंद्र सिंह जंगपागी को दी गई है।

-प्रीती 

 

यह भी पढ़े- कोरोना काल में लचर स्वास्थ्य सेवाएं

श्रवण राठौड़ का निधन, फैस ने जताया दु;ख

Listen to this article

म्यूजिक कंपोजर श्रवण राठौड़ के निधन से इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में शोक की लहर है। बॉलीवुड के तमाम गायक, संगीतकार, निर्देशक, अभिनेता उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। अजय देवगन, अक्षय कुमार से लेकर जावेद अख्तर, एआर रहमान ने श्रवण राठौड़ के निधन पर शोक व्यक्त किया है और भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है।

मशहूर संगीतकार नदीम-श्रवण की जोड़ी में से श्रवण राथौड़ ने 22 अप्रैल को आखिरी सांसे लीं। वो कुछ दिनों पहले कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। श्रवण को पहले से स्वास्थ्य समस्या थी जो कोरोना वायरस संक्रमण के बाद गंभीर हो गयी था, जिसके उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह आखिरी कुछ दिनों से वेंटिलेटर पर थे।

नदीम-श्रवण की जोड़ी, बतौर संगीतकार 90 के दशक की सबसे चर्चित जोड़ियों में से एक थी। फिल्म आशिकी के गानों को मिली बेशुमार सफलता के बाद नदीम- श्रवण की जोड़ी ने ‘साजन’, ‘दिल है कि मानता नहीं’, ‘सड़क’, ‘सैनिक’, ‘दिलवाले’, ‘राजा हिंदुस्तानी’, ‘फूल और कांटे’ और ‘परदेस’ जैसी फिल्मों का संगीत दिया और ये सभी एल्बम काफी हिट हुए। श्रवण राठौड़ के अचानक चले जाने से सभी भावुक हैं।

 

-सोमिया कुटियाल

 

यह भी पढ़े- चारधाम यात्रा बद्रीनाथ से पहले हाईवे पर झुल रहा है खतरा

सिनेमाहॉल के साथ-साथ नेटफ्लिक्स पर भी रिलीज़ हुई फिल्म-वाइल्ड डॉग

Listen to this article

साउथ के सुपस्टार अक्किनेनी नागार्जुन की एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘वाइल्ड डॉग’ सिनेमाघरों में अपना कमाल दिखाने के बाद अब फिल्म की स्ट्रीमिंग ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर हो चुकी है। फिल्म के नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीमिंग होने की जानकारी अभिनेता नागार्जुन ने अपने आधिकारिक ट्विटर पर फिल्म का एक पोस्टर शेयर कर के दी है। उन्होंने पोस्टर शेयर कर अपने फैंस से सुरक्षित और स्वस्थ्य रहने का आग्रह किया है। अभिनेता ने पोस्टर शेयर कर लिखा, ‘अब ‘वाइल्ड डॉग’ की स्ट्रीमिंग नेटफ्लिक्स इंडिया पर हो रही है।’ फिल्म वाइल्ड डॉग हैदराबाद में हुए आतंकी हमले की घटना पर आधारित है। इस एक्शन थ्रिलर फिल्म में अक्किनेनी नागार्जुन विजय वर्मा का किरदार निभा रहे हैं, जो कि एक एनआईए के ऑफिसर हैं। फिल्म में उन्होंने वाइल्ड डॉग के नाम से जाना जाता है।

इस फिल्म में बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा नागार्जुन की पत्नी का किरदार निभा रही हैं। फिल्म में नागार्जुन का धमाकेदार अंदाज और शानदार डायलॉग्स का कॉम्बिनेशन देखने को मिल रहा है। इस धमाकेदार मूवी का डायरेक्शन अहीशोर सोलोमन ने किया है। फिल्म में एनआईए के काम करने के तौर तरीके को दिखाया जाएगा। फिल्म में अक्किनेनी नागार्जुन, दीया मिर्जा के अलावा सैयामी खेर, अली रजा, अतुल कुलकर्णी जैसे कलाकार शामिल हैं।

 

-मानवी कुकशाल

 

यह भी पढ़े- पानी ना आने से नाराज महिलाओं ने सड़क पर लगाया जाम

सिनेमा में कैद होती नज़र आ रही है कोरोनाकाल की कहानियां

Listen to this article

फिल्में समाज का आईना मानी जाती हैं। आसपास जो घटता है, उसकी झलक फिल्मों में होती है। पिछले साल जब कोरोना का कहर टूटा, तब फिल्ममेकर्स ने इसमें भी नई कहानियां ढूंढ़ लीं थी। कोविड 19 वायरस या लॉकडाउन की पृष्ठभूमि में कुछ वास्तविक तो कुछ काल्पनिक कहानियों को जोड़कर ‘अनपॉज्ड’, ‘होम स्टोरीज’, ‘द गॉन गेम’, ‘मेट्रो पार्क क्वारंटाइन एडिशन’ जैसी कई एंथोलॉजी फिल्में और वेब सीरीज बनाई गई। इसके बाद कई प्रोजेक्ट्स की घोषणा मधुर भंडारकर, अनुभव सिन्हा, विपुल अमृतलाल शाह जैसे मेकर्स ने की है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच कहां तक पहुंचा है इन फिल्मों और वेब सीरीज का काम, किस फॉर्मेट में इन कहानियों को बनाना है संभव है।

कई फिल्म-मेकर के आइडियास-

मानवीय कहानियां बननी चाहिए- फिल्ममेकर मधुर भंडारकर ने अपनी फिल्म ‘इंडिया लॉकडाउन’ की शूटिंग पूरी कर ली है। उनका कहना है कि पिछले साल लॉकडाउन के दौरान लोगों को विभिन्न परेशानियों से जूझते देखकर इस फिल्म को बनाने का खयाल आया था।
मेडिकल ट्रायल्स की कहानी पर मेकर्स की नजर- कोरोना संक्रमण से बचने के लिए वैक्सीन अहम भूमिका निभा रही है। ऐसे में इसके आसपास भी कहानियां रची जा रही हैं। ‘आंखें’, ‘नमस्ते लंदन’ जैसी कमर्शियल फिल्में बनाने वाले निर्देशक विपुल अमृतलाल शाह अपनी वेब सीरीज ‘ह्यूमन’ में मेडिकल ट्रायल की दुनिया से पर्दा उठाएंगे।

 

-मानवी कुकशाल

 

यह भी पढ़े- कोरोना के चलते मंडी रविवार को रहेगी बंद

कोरियोग्राफर संदीप सोपारकर हुए कोरोना संक्रमित

Listen to this article

देश में कोरोना अपने चरम पर है और आए दिन हजारों लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। आम जनता से लेकर बॉलीवुड सितारे भी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। पॉजिटिव हो चुके स्टार्स की लिस्ट में हाल ही में एक और नाम जुड़ा है। मशहूर फिल्म कोरियोग्राफर संदीप सोपारकर की भी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है जिसके बाद वो होम क्वारंटीन हो गए हैं। संदीप ने एक चैनल से अपने कोरोना संक्रमित होने की जानकारी शेयर की है। उन्होंने बताया कि पिछले गुरुवार से उन्हें बुखार आ रहा था जिसके बाद उन्होंने खुद को आइसोलेट कर दिया। संदीप ने कहा,  ‘मुझे टेस्ट कराने के लिए कुछ दिनों का समय लगा। आखिरकार मेरा टेस्ट हुआ और रिजल्ट पॉजिटिव आ गया’।

संदीप सोपराकर ने अपनी तबीयत की बात करते हुए कहा कि, ‘मुझे पिछले एक हफ्ते से लगातार बुखार आ रहा था। साथ ही सर्दी और खांसी भी हो रही थी। इसके अलावा मुझे काफी कमजोरी और बदन दर्द भी हो रहा था। अब मैं पूरी तरह से क्वारंटीन में हूं और डॉक्टरों की बताई दवाईयां ले रहा हूं’। संदीप सोपारकर से पहले बॉलीवुड और टीवी जगत के कई सितारे हाल ही में कोरोना पॉजिटिव हुए हैं। वहीं बॉलीवुड के कई सितारे ऐसे हैं जो कोरोना की चपेट में हैं और कई ऐसे भी हैं जो इससे ठीक हो चुके ऐसे में सितारे हर रोज फैंस से अपील कर रहे हैं सभी लोग मास्क पहनें और सोशल डिस्टेसिंग का पालन करें।

-मानवी कुकशाल

 

यह भी पढ़े- कोरोना के चलते सरकार ने लिया एक बड़ा फैसला