यूपी के मुख्यमंत्री योगी का बड़ा आदेश

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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा एलान करते हुए कहा है कि कोविड संक्रमण के कारण ड्यूटी के दौरान जिन राज्य कर्मचारियों की मृत्यु हुई है उनके परिजनों को पूरा सहयोग किया जाएगा। इस संबंध में उन्होंने आदेश भी जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित परिवार के प्रति पूरी संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ सहयोग किया जाएगा। उन्होंने अफसरों को आदेश देते हुए कहा है कि अनुग्रह राशि, मृतक आश्रित की नियुक्ति सहित अन्य प्रक्रियाएं तत्काल पूरी की जाएं। इससे जुड़ी कोई भी फाइल लंबित न हो। उन्होंने निर्देश दिया कि मुख्य सचिव द्वारा इस सम्बंध में तत्काल आदेश जारी किए जाएं।

मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंचायत चुनाव में लगाए गए राज्य कर्मचारियों की मृत्यु के बाद उनके आंकड़ों पर घमासान छिड़ा हुआ है। बता दें कि राज्य के शिक्षक व कर्मचारी संघों ने अफसरों पर मृत हुए शिक्षकों व कर्मचारियों की संख्या में गड़बड़ी करने के आरोप लगाए हैं और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

 

– मीना छेत्री

 

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अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती से कोलकाता पुलिस की पूछताछ

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अभिनेता और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान उनके विवादास्पद भाषण को लेकर कोलकाता पुलिस आज उनसे पूछताछ कर रही है। विवादित भाषण से संबंधित मामले में मिथुन के खिलाफ मानिकलता पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था। एफआईआर रद्द करने की मांग को लेकर मिथुन ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी।

मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस को मिथुन से पूछताछ करने का निर्देश दिया था। इसी सिलसिले में पुलिस उनसे वर्चुअली पूछताछ कर रही है। भाजपा में शामिल होते ही मिथुन चक्रवर्ती ने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ कड़े तेवर दिखाए थे। चुनावी मंच से उन्होंने कहा था, “मैं एक नंबर का कोबरा हूं.. डसूंगा तो तुम फोटो बन जाओगे” उन्होंने आगे कहा कि वो गरीबों की लड़ाई लड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मैं राजनीति नहीं, मनुष्य नीति करता हूं।

भड़काऊ बयान देने पर हुई थी एफआईआर दर्ज

7 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मिथुन चक्रवर्ती ने भाजपा का दामन थामा था। भाजपा में शामिल होने के बाद मिथुन चक्रवर्ती ने ममता के खिलाफ एक के बाद एक बयान देकर राज्य की राजनीति गरमा दी थी। उनकी टिप्पणी पर टीएमसी ने थाने में भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवायी थी।

 

मीना छेत्री

 

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बसपा विधायकों की अखिलेश से मुलाकात पर मायावती का हमला

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पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से बसपा विधायकों की मुलाकात पर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने ट्वीट कर हमला बोला है। मायावती ने कहा कि जगजाहिर तौर पर सपा का चाल, चरित्र व चेहरा हमेशा ही दलित-विरोधी रहा है। बीएसपी के निलंबित विधायकों से मिलने का मीडिया में प्रचारित करने के लिए सपा का यह नया नाटक यूपी में पंचायत चुनाव के बाद अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के लिए की गई पैंतरेबाजी ज्यादा लगती है।

मायावती ने लिखा कि-घृणित जोड़तोड़, द्वेष व जातिवाद आदि की संकीर्ण राजनीति में माहिर समाजवादी पार्टी द्वारा मीडिया के सहारे यह प्रचारित करना कि बीएसपी के कुछ विधायक टूट कर सपा में जा रहे हैं घोर छलावा है।

उन्होंने आगे लिखा कि जबकि उन्हें काफी पहले ही सपा व एक उद्योगपति से मिलीभगत के कारण राज्यसभा के चुनाव में एक दलित के बेटे को हराने के आरोप में बीएसपी से निलंबित किया जा चुका है।

सपा में अगर इन निलंबित विधायकों के प्रति थोड़ी भी ईमानदार होती तो अब तक इन्हें अधर में नहीं रखती। क्योंकि इनको यह मालूम है कि बीएसपी के यदि इन विधायकों को लिया तो सपा में बगावत व फूट पड़ेगी, जो बीएसपी में आने को आतुर बैठे हैं। जगजाहिर तौर पर सपा का चाल, चरित्र व चेहरा हमेशा ही दलित-विरोधी रहा है, जिसमें थोड़ा भी सुधार के लिए वह कतई तैयार नहीं। इसी कारण सपा सरकार में बीएसपी सरकार के जनहित के कामों को बंद किया। खासकर भदोई को नया संत रविदास नगर जिला बनाने को भी बदल डाला, जो अति-निन्दनीय।

वैसे बीएसपी के निलंबित विधायकों से मिलने आदि का मीडिया में प्रचारित करने के लिए कल किया गया सपा का यह नया नाटक यूपी में पंचायत चुनाव के बाद अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुख के चुनाव के लिए की गई पैंतरेबाजी ज्यादा लगती है। यूपी में बीएसपी जन आकांक्षाओं की पार्टी बनकर उभरी है जो जारी रहेगा।

 

मीना छेत्री

 

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21 जून से शताब्दी एक्सप्रेस और 22 जून से मसूरी एक्सप्रेस ट्रेने चलेंगी

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कोरोना की दूसरी लहर ढलने के बाद से रेलवे ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी दे रहा है। इसी क्रम से देहरादून से दो और ट्रेनों का संचालन शुरू होने जा रहा है। देहरादून-दिल्ली के बीच चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस 21 जून से चलेगी। जबकि मसूरी एक्सप्रेस 22 जून को देहरादून से रवाना होगी।

स्टेशन अधीक्षक सीताराम शंकर ने बताया कि शताब्दी एक्सप्रेस 21 जून को देहरादून से चलेगी, इसी दिन दिल्ली से भी चलेगी। बताया कि मसूरी एक्सप्रेस 21 को दिल्ली से चलेगी, जबकि देहरादून से 22 जून को चलेगी। इससे पहले 14 जून से दिल्ली की दो ट्रेनें शुरू हो चुकी है, इसमें जनशताब्दी और देहरादून से दिल्ली होकर कोटा जाने वाली नंदादेवी एक्सप्रेस शामिल है।जनता एक्सप्रेस 17 से 25 तक रद

देहरादून-वाराणसी के बीच चलने वाली जनता एक्सप्रेस को 17 से 25 जून तक रद किया गया है। मुरादाबाद मंडल की प्रवर मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेखा शर्मा ने बताया कि लखनऊ मंडल रायबरेली, प्रतापगढ़, वाराणसी खंड के बीच दोहरीकरण कार्य के लिए नान इंटरलाकिंग के कारण गाड़ि‍यों को रद किया जा रहा है। जिसमे वाराणसी से चलने वाली जनता एक्सप्रेस 16 से 25 जून तक और देहरादून से चलने वाली जनता एक्सप्रेस 17 से 25 जून तक रद्द रहेगी।

 

-मानवी कुकशाल

 

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उत्तराखंड में भी गैर मान्यता प्राप्त संगठनों से पत्राचार और वार्ता पर रोक

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उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में भी शिक्षा विभाग के अंतर्गत गैर मान्यता प्राप्त संगठनों के पत्रों पर न तो शासन कार्रवाई करेगा और न ही उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता होगी। सरकार ने यह फरमान जारी किया है। इससे शिक्षा महकमे में गैर मान्यता प्राप्त संगठनों में खलबली मच गई है।शिक्षा महानिदेशक ने 12 जनवरी, 2021 को शासन को प्रस्ताव भेजा था। इसमें विभाग में गैर मान्यता प्राप्त संगठनों के पत्रों पर कार्यवाही न किए जाने और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक नहीं करने के संबंध में मार्गदर्शन मांगा गया था।

उत्तर प्रदेश में यह व्यवस्था पहले से लागू है। इस व्यवस्था के मुताबिक गैर मान्यता प्राप्त संगठनों के साथ पत्राचार या बैठक पर पाबंदी है।शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के मान्यताप्राप्त संगठन इस मुद्दे को लगातार उठा रहे थे। आखिरकार शासन ने उत्तराखंड में भी उत्तर प्रदेश की तर्ज पर व्यवस्था लागू करने के आदेश जारी किए। शासन के इस कदम से गैर मान्यता प्राप्त संगठनों में बेचैनी है।

 

-मानवी कुकशाल

 

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राज्य सरकार को मिला दून का रेंजर्स कॉलेज का मैदान

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राजधानी देहरादून में शहर के मध्य में स्थित रेंजर्स कालेज मैदान अब राज्य सरकार को मिल गया है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने यह मैदान वन अनुसंधान संस्थान से राज्य सरकार को हस्तांतरित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। अब जल्द ही डीएम देहरादून इस खेल मैदान को अपने नियंत्रण में लेंगे।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने दिल्ली में केंद्रीय सूचना प्रसारण, वन-पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, भारी उद्योग व सार्वजनिक उद्यम मंत्री प्रकाश जावडेकर से मुलाकात के दौरान राज्य को यह सौगात देने के साथ ही लालढांग-चिलरखाल मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की मंजूरी मिलने पर केंद्र के प्रति आभार जताया।

उन्होंने लालढांग-चिलरखाल मार्ग के लिए वन भूमि हस्तांतरण से छूट प्रदान करने का आग्रह भी किया।देहरादून शहर में परेड मैदान के स्मार्ट सिटी परियोजना समेत अन्य कार्यों के उपयोग में लाए जाने के मद्देनजर खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए रेंजर्स कालेज मैदान को राज्य सरकार को हस्तांतरित करने की मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के निर्देश पर शासन ने इस संबंध में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण को प्रस्ताव भेजा था। अब इसके आदेश जारी हो गए हैं। हस्तांतरण की कार्रवाई होने पर यह खेल मैदान डीएम देहरादून के नियंत्रण में होगा। जाहिर है कि खेल-गतिविधियों समेत अन्य आयोजन के लिए यह मैदान मिलने में आसानी रहेगी।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री जावडेकर से मुलाकात के दौरान हरिद्वार में हेलीपैड बनाने के लिए बीएचईएल की चिह्नित भूमि 20 वर्ष के लिए प्रदेश सरकार को निश्शुल्क उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने तीन से चार एकड़ भूमि राज्य को देने पर सहमति व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत विभिन्न सड़कों के लिए वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े मसले भी रखे।

उन्होंने कहा कि इन मार्गों के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड और वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से स्वीकृति दी जानी है। उन्होंने इनकी स्वीकृति के लिए आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया। इस मौके पर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, सचिव राधिका झा, दिलीप जावलकर व शैलेश बगोली समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

-मानवी कुकशाल

 

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आपदा के आठ साल बाद पूरी तरह बदल चुका है केदारघाटी का नजारा

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आपदा के आठ वर्ष बाद केदारपुरी का नजारा पूरी तरह बदल चुका है। इस अंतराल में केदारपुरी जहां आपदा की दृष्टि से काफी सुरक्षित हो गई है, वहीं यात्री सुविधाएं भी पहले से कहीं अधिक बेहतर हुई हैं। आपदा के बाद शुरुआती दो वर्ष जरूर यात्रा फीकी रही, लेकिन बाद के वर्षों में उसने पुराने सभी रिकार्ड ध्वस्त कर दिए। वर्ष 2019 में पहली बार दस लाख से अधिक यात्री केदारनाथ दर्शनों को पहुंचे। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत होने वाले कार्य भी अब अंतिम चरण में हैं।

16-17 जून 2013 की तबाही के बाद यकीन नहीं हो पा रहा था कि निकट भविष्य में केदारनाथ यात्रा शुरू भी हो पाएगी। लेकिन, बीते आठ वर्षों में यात्रा ने जो गति पकड़ी, उससे सारी आशंकाएं निर्मूल साबित हुईं। खास बात यह कि आपदा के बाद केदारपुरी में सुविधाओं का तेजी से विकास हुआ। इससे देश-दुनिया में केदारनाथ यात्रा पूरी तरह सुरक्षित होने का संदेश भी गया।आपदा में मंदाकिनी व सरस्वती नदी रुख मंदिर की ओर हो गया था। अब सरकार ने मंदिर के ठीक पीछे मंदकिनी व सरस्वती नदी पर 390 मीटर लंबी, 18 फीट ऊंची व दो फीट चौड़ी कंक्रीट की त्रिस्तरीय दीवार बनाई है।

इसके अलावा मंदाकिनी व सरस्वती नदी पर सुरक्षा दीवार भी बनाई गई है। इससे भी धाम काफी सुरक्षित हो गया है।आपदा में गौरीकुंड हाइवे रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक कई स्थानों पर पूरी तरह बह गया था। अब इसे आलवेदर रोड के तहत बनाया जा रहा है। इसके लिए कङ्क्षटग का कार्य पूरा हो चुका है। केदारपुरी में यात्रियों के ठहरने को पर्याप्त व्यवस्थाएं जुटाई गई हैं।

अब यहां सात हजार यात्री रह सकते हैं। केदारनाथ पैदल मार्ग भी पहले के मुकाबले काफी अच्छा एवं सुरक्षित हो गया है। इसके लिए तीन से चार मीटर चौड़े इस मार्ग पर रेलिंग लगाई गई हैं। मार्ग पर लिनचोली, छोटी लिनचोली, रुद्रा प्वाइंट समेत कई पड़ाव विकसित कर यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है।

 

-मानवी कुकशाल

 

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