यूपीईएस देगी  उत्तराखंड की छात्राओं को 46 फीसदी श्कॉलरशिप

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यूपीईएस ने 12वीं क्लास के बाद अधिक से अधिक छात्राओं को हायर एजुकेशन जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उत्तराखंड की लड़कियों के लिए 46 फीसदी स्कॉलरशिप की घोषणा की है। इन स्कॉलरशिप में स्थानीय निवासी होने पर मिलने वाली छूट और 20 पर्सेंट गर्ल-एक्सक्लूसिव स्कॉलरशिप का संयोजन किया गया है। महिला सशक्तिकरण अभियान शक्तिके एक हिस्से के रूप में इस स्कॉलरशिप की शुरुआत 2020 में हुई थी।

शक्ति के माध्यम से यूपीईएस का प्रयास ज्यादा से ज्यादा छात्राओं को क्लासरूम से बोर्ड रूम का सफर तय करने के लिए प्रोत्साहित करना है और विभिन्न क्षेत्रों में महिला नेताओं को तैयार करना है। पिछले साल देश भर की 1300 छात्राओं को इस स्कॉलरशिप से लाभ हुआ। वित्तीय मदद के माध्यम से उन्हें गुणवत्तापूर्ण हायर एजुकेशन तक पहुंच हासिल हुई। यूनिवर्सिटी के इस कदम को छात्राओं और उनके परिवार की ओर से काफी शानदार रेस्पॉन्स मिला। पिछले साल उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश. बिहार, हरियाणा महाराष्ट्र और झारखंड की छात्राओं ने यह स्कॉलरशिप हासिल की।

इनमें से ज्यादातर छात्राओं ने कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग, हेल्थ साइंस, डिजाइन और बिजनेस के अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोर्स करने का विकल्प चुना। यूपीईएस के वाइस चांसलर डॉ. सुनील राय ने बताया, “आर्थिक सफलता, समाज का विकास और समुदायों का उत्थान महिलाओं को सशक्त बनाए बिना नहीं हो सकता। एक यूनिवर्सिटी के रूप में हम उनको शिक्षा, प्रशिक्षण, विकास और अपनी क्षमताओं के प्रदर्शन का अवसर मुहैया करा रहे हैं। यह देखकर काफी खुशी होती है कि देश के छोटे शहरों में रहने वाली छात्राएं अब गैरपारंपरिक क्षेत्र में अपने सपनों को साकार कर रही हैं। यूपीईएस अलग-अलग विषयों में कोर्स आफर करने वाली यूनिवर्सिटी है। यह अपने सात स्कूलों, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस, स्कूल ऑफ डिजाइन, स्कूल ऑफ लॉ, स्कूल ऑफ बिजनेस, स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज और स्कूल ऑफ मॉडर्न मीडिया से स्पेशलाइज्ड अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोरस स्टूडेंट्स को ऑफर करती है।

यूपीईएस देगी  उत्तराखंड की छात्राओं को 46 फीसदी श्कॉलरशिप

यूपीईएस यूनिवर्सिटी को रोजगार देने की क्षमता रखने वाली (प्लेसमेंट )और कैंपस में दी जाने वाली सुविधाओं के चलते 5 स्टार्स क्यूएस रेटिंग के साथ दुनिया भर में पहचान मिली है। कोरोना वायपस के कारण 2020 का साल काफी चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद यूपीईएस का प्लेसमेंट रेकॉर्ड इस साल में 93 फीसदी था। 580 से ज्यादा कंपनियों ने यूपीईएस के स्टूडेंट्स को हायर किया। स्टूडेंट्स को हायर करने वाली टॉप कंपनियों में एक्सेंचर, अदाणी पावर, आदित्य बिरला, अमेज़न, अमेरिकन एक्सप्रेस, बॉश, बायजूस, केप जेमिनी, टेक्नोलॉजी सर्विसेज, डेल्हीवेरी, ज़िगलर एयरोस्पेस, मारुति सुजुकी, हुंडई मोटर्स (इंडिया), रॉयल एनफील्ड, इंडिगो एयरलाइंस, एचएसबीसी, एचडीएफसी लिमिटेड, डेलॉयट, केपीएमजी, पीडब्ल्यूसी, वाइल्डक्राफ्ट, फोन पे, टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, नेस्ले, आईटीसी लिमिटेड,. डेल टेक्नोलॉजीज, हिताची कंसल्टिंग, आईबीएम, रिलांयस और जियो इंफोकॉम समेत अन्य कंपनियां शामिल हैं।

 

मीना छेत्री

 

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और खबरें

पुणे का हाल बेहाल दस गुना तेजी से मरीज बढ़े

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कोरोना की दूसरी लहर में तो समूचे महाराष्ट्र में मानो महामारी का कहर टूट पड़ा है। देश के इस राज्य में मिल रहे मरीजों की संख्या चौंकाने वाली है। महाराष्ट्र में भी मुंबई व पुणे के हाल बेहाल हैं। आईटी हब पुणे में दूसरी लहर की मुख्य वजह लोगों का मास्क पहनना छोड़ना है। शहर में पिछली बार के मुकाबले दस गुना तेजी से मरीज बढ़े हैं।

मुंबई, पुणे व नागपुर महाराष्ट्र के ऐसे शहर हैं, जो कोरोना महामारी से सर्वाधिक परेशान हैं। अस्पतालों से लेकर उनके बरामदों व होटलों तक में मरीजों को भर्ती कराकर इलाज कराना पड़ रहा है। पुणे के 110 अस्पतालों में महामारी का इलाज हो रहा है, लेकिन सारे बेड भर गए हैं।

मास्क क्या उतारे, उतर गया नूर

पुणे नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष भारती का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर इतनी खतरनाक होगी, लोगों को यह अंदाजा ही नहीं था। जैसे ही अनलॉक शुरू हुआ लोगों ने मास्क उतार दिए। यही वजह है कि अब कोरोना लोगों के चेहरे का नूर उतार रहा है।

शादियों में मेहमान बन आया कोरोना

शादियों व अन्य सामाजिक आयोजनों में तो लोग भूल ही गए थे कि महामारी के विषाणु अभी जिंदा हैं और हमारे आसपास मौजूद हैं। सैकड़ों की तादाद में शादियां हुईं और उसमें मेहमान बनकर कोरोना ने भी खूब शिरकत की। उसका खामियाजा पूरा शहर भुगत रहा है।

पुणे प्रशासन यहां चूक गया

जनता को भले दूसरी लहर आने का अंदाजा नहीं था, लेकिन वैज्ञानिकों व सरकार को तो था। इसके बावजूद उसे हल्के तौर पर लिया गया। अनलॉक में सरकार व प्रशासन भी चैन की नींद सो गया। फिर क्या था, मौसम के करवट लेते ही संक्रमण बढ़ा और अब दस गुना तेजी से मरीज निकल रहे हैं। महापौर मुरलीधर मोहोल मान रहे हैं कि अनलॉक में लोगों के साथ ही शासन-प्रशासन से भी चूक हुई है।

 

-निघत  

 

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सीएम योगी के निर्देश के बाद एक्शन मे आई गोरखपुर पुलिस

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शनिवार को मेडिकल कॉलेज में समीक्षा बैठक शामिल होने पहुंचे एडीजी व एसएसपी को देखते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूछ पड़े कि किसकी हत्या हुई है, अब तक पर्दाफाश क्यों नहीं हुआ। अधिकारियों ने घटना की जानकारी देते हुए कहा कि जल्द ही पर्दाफाश कर लिया जाएगा।मुख्यमंत्री के लखनऊ रवाना होने के बाद पुलिस अधिकारी एक्शन में आ गए।

दोपहर में तीन बजे वायरलेस सेट पर आ गए एसएसपी दिनेश कुमार ने सभी पुलिस अधिकारियों व थानेदारों के साथ मीटिंग की। मातहतों से तल्ख लहजे में उन्होंने कहा कि रात में प्रभावी गश्त और चेकिंग में लापरवाही के चलते ही गुलरिहा में बृजेश सिंह की हत्या के एक हफ्ते बाद ही शाहपुर में वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश आसानी से निकल गए। कई थानेदार व चौकी प्रभारी रात को गश्त पर नहीं निकल रहे, इस प्रवृत्ति पर अंकुश लगाएं।

अब लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी। थानेदार को हर हाल में अपने-अपने क्षेत्र में अपराध रोकना होगा। एसएसपी ने एसपी सिटी, एसपी नार्थ के साथ ही सभी सीओ की जिम्मेदारी तय करते हुए कहा कि अधिकारियों के आदेश का सख्ती से पालन कराने के साथ ही क्षेत्र में क्या हो रहा है इसकी खबर भी रखें।

 

-किरन

 

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वोटरों को लुभाने के लिए उम्मीदवार मिठाईयों का ले रहे हैं सहारा

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उत्तरप्रदेश के चुनाव में जीतने के लिए उम्मीदवार मिठाईयों का सहारा ले रहे हैं। जिसमें अमरोहा में एक हफ्ते पहले 100 किलो रसगुल्ले जब्त होने के बाद अब चुनाव में पुलिस ने दो क्विंटल जलेबी और एक हजार से अधिक समोसे जब्त किए है। ये जलेबी और समोसे वोटरों को लुभाने के मकसद से प्रधान पद के प्रत्याशी राजू मौर्य के घर पर बनाये जा रहे थे।

हसनगंज के सीओ आरके शुक्ला ने बताया कि गांव पीछे प्रधान पद उम्मीदवार राजू मौर्य ने कोरोना प्रोटोकॉल की परवाह किए बिना लोगों की भीड़ इकट्ठा कर ली थी। आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए पुलिस ने कार्यवाई की और 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही पंचायत चुनाव को लेकर उम्मीदवारों की तरफ से किसी भी तरह की अनियमितता न होने देने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। वोटरों को लुभाने के लिए उम्मीदवार इस तरह के परचंडे अपना रहे है। साथ ही आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में केस दर्ज किया जा चुका है।

 

-किरन

 

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नाबालिक छोटी बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद आरोपी फरार

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थाना रामपुर के गांव बमयाला में मासूम बच्ची के साथ एक युवक ने किया दुष्कर्म। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक फरार हो गया।आरोपी छोटी नाबालिक बच्ची के पड़ोस में ही रहता है, आरोपी युवक अपने खेत पर छोटी बच्ची को बहला-फुसलाकर ले गया जिसके बाद उसने बच्ची से दुष्कर्म किया। इस घटना की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल शुरु कर दी। साथ ही बच्ची को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।

संबंधित मामले में एस पी सिटी राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि सहारनपुर के थाना रामपुर क्षेत्र के एक गांव में अपने पड़ोस में रहने वाली एक छोटी नाबालिक बच्ची को एक युवक द्वारा बहला-फुसलाकर खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया गया है। जिसके बाद युवक फरार हो गया। जिसमें पीड़िता को  मेडिकल परीक्षण के लिए भिजवाया गया है। जिसमें उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले में आरोपी युवक के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी।

 

-किरन

 

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डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क: मुझे नहीं है कोरोना वैक्सीन की जरूरत

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देश में कोरोना की आई दूसरी जबरदस्त लहर के बीच सपा से सम्भल सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क का एक बड़ा बयान सामने आया है। जिसमें बर्क ने कहा कि उनको अभी कोरोना वैक्सीन की आवश्यकता नहीं है और ऊपर वाला उनके साथ है, मुझे तो लम्बा लड़ना है।

सम्भल से सपा सांसद ड़ॉ शफीकुर्रहमान बर्क से पत्रकारों द्वारा जब कोरोना वैक्सीन लगवाने पर उनसे सवाल पूछा गया तो सपा सांसद ने जवाब देते हुए कहा कि अभी उन्हें वैक्सिनेशन की जरूरत नहीं है। पत्रकारों ने उनकी उम्र का हवाला देते हुए कहा तो डॉ बर्क ने खुद को 90 साल से अधिक उम्र का बताते हुए कहा कि भले ही मेरी उम्र नब्बे साल से ऊपर हो लेकिन मेरे साथ ऊपर वाला है, मुझे तो और लंबा लड़ना है, मुझ पर किसी तरह का कोई असर नहीं होगा, हाँ अगर कोई बात देश के लिए आएगी तो वो सबके साथ हैं।

 

-किरन

 

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अभिनेता सोनू सूद ने की बोर्ड परिक्षा रद्द करने की मांग

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कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने देशभर की एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। देश के कई हिस्सों में फिर से लॉकडाउन और कर्फ्यू की स्थिति बन गई है। वहीं स्कूल और कॉलेज भी बंद हो गए हैं। इन सबके बीच बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने बच्चों की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है। इतना ही नहीं उन्होंने अन्य देशों का उदाहरण देते हुए सरकार से परीक्षा रद्द करने की अपील की है।

उन्होंने बोर्ड परीक्षा को ऑफलाइन न करवाने की बात

सोनू सूद ने यह अपील सोशल मीडिया के जरिए की है। उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर अपना एक वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में उन्होंने बोर्ड परीक्षा को ऑफलाइन न करवाने की अपील की है। सोनू सूद ने वीडियो में कहा छात्रों की ओर से, मैं एक निवेदन करना चाहता हूं। सीबीएसई और बोर्ड परीक्षाएं ऑफलाइन होने जा रही हैं मुझे नहीं लगता कि छात्र मौजूदा परिस्थितियों के बीच परीक्षा में बैठने के लिए तैयार हैं।

सोनू सूद ने सऊदी अरब और मैक्सिको जैसे अन्य देशों का उदाहरण देते हुए वीडियो में यह बताया है कि वहां कोरोना के बहुत कम मामले होने के बावजूद शैक्षणिक संस्थानों ने परीक्षा रद्द कर दी है। अभिनेता ने कहा, ‘फिर भी, हम परीक्षा करवाने की सोच रहे हैं, जो अनुचित है। मुझे नहीं लगता कि ऑफलाइन परीक्षा के लिए यह सही समय है। मैं चाहूंगा कि हर कोई आगे आए और इन छात्रों का समर्थन करे ताकि वह सुरक्षित रह सकें शुभकामनाएं।

 

-मीना छैत्री

 

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