उत्तराखंड रोडवेज के कर्मचारी 29 से करेंगे आंदोलन

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उत्तराखंड रोडवेज इंप्लाइज यूनियन ने सरकार पर नाराजगी जाहिर करते हुए

29 दिसबंर को आंदोलन की चेतावनी दी है। उत्तराखंड रोडवेज के कर्मचारियों

का काफी लम्बे समय से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। साथ ही अन्य समस्याओं

को लेकर आंदोलन करने का निर्णय किया है। यूनियन ने यह भी कहा है कि अगर

इस बीच में यूनियन सदस्यों को प्रताड़ित किया गया तो वे किसी भी समय रोडवेज

के तीनों मड़ल में कार्य बहिष्कार शुरु कर देंगे।

मंडलीय प्रबंधक संचालन को दिए गए आंदोलन के नोटिस में यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष

बालेश कुमार व मंत्री हरि सिंह ने बताया पिछले साल 2019 में 18 सितबंर को व इस

वर्ष 9 जनवरी को प्रबंधन से हुई द्वीपक्षीय वार्ता में यूनियन की मांगों पर सहमति बनी

थी। इसके बाद भी यूनियनों की एक भी मांग पर कार्रवाई नहीं की गई हैं। यूनियन ने

आरोप लगाया कि पिछले 11 माह से मंडलीय प्रबंधक से कई बार मौखिक रुप से बात

हो चुकी हैं। लेकिन अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। हालांकि उन मांगो को

बीच में लटका के रखा गया है।

जानकारी के मुताबिक आरोप है, कि सभी डिपो से लिपिकों का पूरा रिकार्ड मिलने के

बावजूद डिपो के एजीएम किसी लिपिक से पद के अनुरूप कार्य नहीं ले रहे हैं। कई

बस वाले एजीएम परिचालकों से कार्य ले रहे हैं, जिसमें बस संचालन काफी हद तक

प्रभावित हो रहे हैं व निगम को हानि हो रही हैं। इस आंदोलन में यूनियन द्वारा विशेष

श्रेणी चालक-परिचालक और कार्यशाला के कर्मियों को मिलने वाले प्रोत्साहन भत्ते को

फिर शुरू कर पहले की तरह वेतन में जोड़कर देने की मांग की गई। देहारादून में स्थित

ISBT की विंग को खत्म करने की मांग की हैं। ISBT देहरादून में तैनात वरिष्ठ व कनिष्ठ

लिपिक व अन्य कर्मचारियों को अन्य डिपो में तैनात करने की मांग की गई। साथ ही

यूनियन ने मांग की है, कि पूर्व में हटाए गए चालकों को दोबारा नियुक्ति के लिए निगम

मुख्यालय ने जो कमेटी बनाई है, उसे शीघ्र कार्य पूरा करने को कहा जाए। जो चार महीनें

से कर्मचारियों के वेतन का भुगतान नहीं दिया गया है उसे दे दिया जाए। यूनियन ने प्रबंधन

को 28 दिसंबर तक मांगें मानने का समय दिया है। मांगे पूरी नहीं कि जाएगी तो 29 दिसबंर

को  यूनियन द्वारा आंदोलन किया जाएगा।

 

 

   -प्रीति बिष्ट

 

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और खबरें

गाज़ियाबाद से दिल्ली में सप्लाई किया जाएगा ऑक्सीज़न कैप्सूल

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कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए दिल्ली में भी ऑक्सीज़न की भारी किल्लत सामने आ रही है। इन मरीजों को ऑक्सीज़न की कमी ना हो, इसके लिए दिल्ली सरकार के द्वारा उत्तर प्रदेश से ऑक्सीज़न की आपूर्ति की मांग की गई थी, जिसके चलते गाज़ियाबाद के भोजपुर इलाके में स्थित ऑक्सीज़न प्लांट से दिल्ली के लिए ऑक्सीज़न भेजी जा रही है। इसके लिए बाकायदा एक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है और आज फिर से आईनॉक्स प्लांट भोजपुर से ग्रीन कॉरिडोर से दिल्ली के लिए ऑक्सीज़न कैप्सूल को एस्कॉर्ट करके ले जाया गया।

इस बारे में गाज़ियाबाद के एसपी देहात ईरज राजा ने कहा कि पूर्व की भांति भोजपुर के आईनॉक्स प्लांट से दिल्ली के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई ग्रीन कोरिडोर बनाकर की गई है। उन्होंने बताया कि समय से दिल्ली के सभी अस्पतालों को ऑक्सीज़न उपलब्ध हो पाए, इसे ध्यान में रखते हुए बाकायदा एस्कॉर्ट के साथ एक बड़ा कैप्सूल रवाना किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ पुलिस विभाग भी पूरी तरह अलर्ट है। बड़े कैप्सूल में काफी मात्रा में ऑक्सीज़न होती है,ऑक्सीज़न की यह कैप्सूल गाज़ियाबाद के भोजपुर इलाके में आईनॉक्स ऑक्सीज़न प्लांट से ही ऑक्सीज़न की सप्लाई गाजियाबाद और दिल्ली में की जा रही है।

 

-किरन

 

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कोविड केयर सेंटर से 52 मरीज हुए गायब

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बागेश्वर ज़िले में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आई है। जहां कोविड केयर सेंटर से 52 मरीज भाग गए। इन 52 कोरोना संक्रमित मरीज़ों की अब तक कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग नही हो पाई है। ऐसे लोग पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के लिए सिरदर्द बने हुए है। दोनों विभाग इन मरीजों की तलाश में जुटे हुए हैं। एसपी के मुताबिक़ इन गायब  संक्रमितों पर महामारी अधिनियमों के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

बागेश्वर ज़िले में अब तक कुल संक्रमितों संख्या 154 पहुंच गई है। जिनमें  कोविड केयर सेंटर में 52 कोरोना संक्रमित अपना इलाज करा रहे हैं। इसके अलावा 102 कोरोना संक्रमित होम आइसोलेशन में है। जानकारी के मुताबिक लापता संक्रमितों की तलाश जारी है। असल में इन सभी लोगों का आरटीपीसीआर टेस्ट किया गया था। जिसके बाद इन संक्रमितों से स्वैच्छिक शपथ पत्र भरवाया गया था कि रिपोर्ट आने तक वह अपने घर में ही आइसोलेशन में रहेंगे। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर इनको ढूढ़ने की कोशिश की गई तो वे अपने पते में नहीं मिले। कई संक्रमितों का तो मोबाइल नंबर भी गलत है। इन संक्रमितों की खोज लगातार जारी है।

-प्रीति

 

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कोरोना की बढ़ती रफ्तार से एसटीएच में ओपीडी बंद करने के आदेश

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हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में कोविड मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने शुक्रवार से एसटीएच में ओपीडी बंद करने के आदेश दिए और सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल और महिला अस्पताल में मरीजों को ओपीडी में परामर्श दिया जाएगा।
डीएम के अनुसार एसटीएच में आने वाले अन्य रोगों से ग्रस्त रोगियों का इलाज परीक्षण बेस और महिला अस्पताल में 23 अप्रैल से होगा। इसके साथ ही दोनों अस्पतालों में रोगियों के परीक्षण और इलाज के लिए अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती मेडिकल कॉलेज की ओर से की जाएगी। सीएमओ ने डॉ. भागीरथी जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि गर्भवती महिलाएं आपातकालीन स्थिति में महिला चिकित्सालय में आएं। डॉ. अनामिका को गर्भवती महिलाओं को जानकारी देने और महिलाओं की समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी दी गई है।

इसी के साथ गर्भवती महिलाएं या उनके परिजन परामर्श एवं सलाह के लिए डॉ. अनामिका के मोबाइल नंबर 89580-67810 पर संपर्क कर सकते हैं। कोविड के केस बढ़ने के साथ ही अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग बढ़ती जा रही है। इसी के साथ सीडीओ ने बताया कि कोविड-19 के संक्रमण के दौरान जिले में आक्सीजन सफ्लाई और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से जिला स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। इस कार्य पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी एडीएम वित्त एवं राजस्व सुरेंद्र सिंह जंगपागी को दी गई है।

-प्रीती 

 

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श्रवण राठौड़ का निधन, फैस ने जताया दु;ख

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म्यूजिक कंपोजर श्रवण राठौड़ के निधन से इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में शोक की लहर है। बॉलीवुड के तमाम गायक, संगीतकार, निर्देशक, अभिनेता उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। अजय देवगन, अक्षय कुमार से लेकर जावेद अख्तर, एआर रहमान ने श्रवण राठौड़ के निधन पर शोक व्यक्त किया है और भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है।

मशहूर संगीतकार नदीम-श्रवण की जोड़ी में से श्रवण राथौड़ ने 22 अप्रैल को आखिरी सांसे लीं। वो कुछ दिनों पहले कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। श्रवण को पहले से स्वास्थ्य समस्या थी जो कोरोना वायरस संक्रमण के बाद गंभीर हो गयी था, जिसके उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह आखिरी कुछ दिनों से वेंटिलेटर पर थे।

नदीम-श्रवण की जोड़ी, बतौर संगीतकार 90 के दशक की सबसे चर्चित जोड़ियों में से एक थी। फिल्म आशिकी के गानों को मिली बेशुमार सफलता के बाद नदीम- श्रवण की जोड़ी ने ‘साजन’, ‘दिल है कि मानता नहीं’, ‘सड़क’, ‘सैनिक’, ‘दिलवाले’, ‘राजा हिंदुस्तानी’, ‘फूल और कांटे’ और ‘परदेस’ जैसी फिल्मों का संगीत दिया और ये सभी एल्बम काफी हिट हुए। श्रवण राठौड़ के अचानक चले जाने से सभी भावुक हैं।

 

-सोमिया कुटियाल

 

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सिनेमाहॉल के साथ-साथ नेटफ्लिक्स पर भी रिलीज़ हुई फिल्म-वाइल्ड डॉग

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साउथ के सुपस्टार अक्किनेनी नागार्जुन की एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘वाइल्ड डॉग’ सिनेमाघरों में अपना कमाल दिखाने के बाद अब फिल्म की स्ट्रीमिंग ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर हो चुकी है। फिल्म के नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीमिंग होने की जानकारी अभिनेता नागार्जुन ने अपने आधिकारिक ट्विटर पर फिल्म का एक पोस्टर शेयर कर के दी है। उन्होंने पोस्टर शेयर कर अपने फैंस से सुरक्षित और स्वस्थ्य रहने का आग्रह किया है। अभिनेता ने पोस्टर शेयर कर लिखा, ‘अब ‘वाइल्ड डॉग’ की स्ट्रीमिंग नेटफ्लिक्स इंडिया पर हो रही है।’ फिल्म वाइल्ड डॉग हैदराबाद में हुए आतंकी हमले की घटना पर आधारित है। इस एक्शन थ्रिलर फिल्म में अक्किनेनी नागार्जुन विजय वर्मा का किरदार निभा रहे हैं, जो कि एक एनआईए के ऑफिसर हैं। फिल्म में उन्होंने वाइल्ड डॉग के नाम से जाना जाता है।

इस फिल्म में बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा नागार्जुन की पत्नी का किरदार निभा रही हैं। फिल्म में नागार्जुन का धमाकेदार अंदाज और शानदार डायलॉग्स का कॉम्बिनेशन देखने को मिल रहा है। इस धमाकेदार मूवी का डायरेक्शन अहीशोर सोलोमन ने किया है। फिल्म में एनआईए के काम करने के तौर तरीके को दिखाया जाएगा। फिल्म में अक्किनेनी नागार्जुन, दीया मिर्जा के अलावा सैयामी खेर, अली रजा, अतुल कुलकर्णी जैसे कलाकार शामिल हैं।

 

-मानवी कुकशाल

 

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सिनेमा में कैद होती नज़र आ रही है कोरोनाकाल की कहानियां

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फिल्में समाज का आईना मानी जाती हैं। आसपास जो घटता है, उसकी झलक फिल्मों में होती है। पिछले साल जब कोरोना का कहर टूटा, तब फिल्ममेकर्स ने इसमें भी नई कहानियां ढूंढ़ लीं थी। कोविड 19 वायरस या लॉकडाउन की पृष्ठभूमि में कुछ वास्तविक तो कुछ काल्पनिक कहानियों को जोड़कर ‘अनपॉज्ड’, ‘होम स्टोरीज’, ‘द गॉन गेम’, ‘मेट्रो पार्क क्वारंटाइन एडिशन’ जैसी कई एंथोलॉजी फिल्में और वेब सीरीज बनाई गई। इसके बाद कई प्रोजेक्ट्स की घोषणा मधुर भंडारकर, अनुभव सिन्हा, विपुल अमृतलाल शाह जैसे मेकर्स ने की है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच कहां तक पहुंचा है इन फिल्मों और वेब सीरीज का काम, किस फॉर्मेट में इन कहानियों को बनाना है संभव है।

कई फिल्म-मेकर के आइडियास-

मानवीय कहानियां बननी चाहिए- फिल्ममेकर मधुर भंडारकर ने अपनी फिल्म ‘इंडिया लॉकडाउन’ की शूटिंग पूरी कर ली है। उनका कहना है कि पिछले साल लॉकडाउन के दौरान लोगों को विभिन्न परेशानियों से जूझते देखकर इस फिल्म को बनाने का खयाल आया था।
मेडिकल ट्रायल्स की कहानी पर मेकर्स की नजर- कोरोना संक्रमण से बचने के लिए वैक्सीन अहम भूमिका निभा रही है। ऐसे में इसके आसपास भी कहानियां रची जा रही हैं। ‘आंखें’, ‘नमस्ते लंदन’ जैसी कमर्शियल फिल्में बनाने वाले निर्देशक विपुल अमृतलाल शाह अपनी वेब सीरीज ‘ह्यूमन’ में मेडिकल ट्रायल की दुनिया से पर्दा उठाएंगे।

 

-मानवी कुकशाल

 

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