क्या प्रदोष व्रत से जीवन में आ सकता है सुख और शांति?
प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है, जो जीवन में सुख, शांति और कष्टों से मुक्ति दिलाने में मदद करता है।
प्रदोष व्रत का शुभ समय 30 जनवरी को शाम 05:59 बजे से शुरू होकर 08:37 बजे तक रहेगा। यह समय पूजा और अभिषेक के लिए सर्वोत्तम है।
इस दिन सात्विक जीवनशैली अपनाएं, भगवान शिव की पूजा करें, शिवलिंग का अभिषेक करें और मंत्र जाप तथा शिव चालीसा का पाठ करें।
प्रदोष व्रत के दौरान मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन से परहेज करें। झूठ, निंदा और विवाद से बचें, और घर में शांति बनाए रखें।
प्रदोष व्रत के दिन दूध, दही और चावल का दान मानसिक शांति और चंद्रमा को मजबूत करता है, जबकि जरूरतमंदों को अन्न और वस्त्र दान करना पुण्य लाभ देता है।