5 नवंबर 2025 को मनाई जाएगी देव दीपावली, जानिए शुभ समय
हर साल कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर वाराणसी में देव दीपावली का पर्व मनाया जाता है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक दैत्य का वध किया था।
तब सभी देवी-देवताओं ने धरती पर दीप जलाए थे। इसी वजह से इस दिन को देवताओं की दीपावली यानी देव दीपावली कहा जाता है।
माना जाता है कि इस दिन दीपक जलाने से सभी दुखों का नाश होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
सबसे पहले स्नान कर साफ कपड़े पहनें और शुभ मुहूर्त में अपने मंदिर में घी का दीपक जलाएं।
सबसे पहले स्नान कर साफ कपड़े पहनें और शुभ मुहूर्त में अपने मंदिर में घी का दीपक जलाएं।
सबसे पहले स्नान कर साफ कपड़े पहनें और शुभ मुहूर्त में अपने मंदिर में घी का दीपक जलाएं।
इसके अलावा आप भगवान विष्णु और भगवान शिव के मंदिर में जाकर भी दीपक जला सकते हैं।
इसके अलावा आप भगवान विष्णु और भगवान शिव के मंदिर में जाकर भी दीपक जला सकते हैं।
इस दिन घर के मंदिर, मुख्य द्वार, तुलसी के पौधे के पास, रसोई घर में पानी के स्थान पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है
इस दिन घर के मंदिर, मुख्य द्वार, तुलसी के पौधे के पास, रसोई घर में पानी के स्थान पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है
साथ ही घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) और आंगन में दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है।
इस दिन आप प्रदोषकाल में घर के विभिन्न स्थानों पर अपनी श्रद्धा अनुसार विषम संख्या में दीपक जला सकते हैं।