सिंधु घाटी सभ्यता के रहस्य: जानें अनसुलझे राज़.

सिंधु घाटी सभ्यता दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक है। यह लगभग 2500 ईसा पूर्व से 1500 ईसा पूर्व तक फली-फूली।

इसके प्रमुख नगर हड़प्पा और मोहनजोदड़ो थे। इन शहरों की प्लानिंग और जल निकासी प्रणाली आज भी आश्चर्यजनक मानी जाती है।

अब तक मिली मुहरों (Seals) की लिपि को कोई पढ़ नहीं पाया है। यह लिपि आज भी सबसे बड़ा रहस्य बनी हुई है।

यहां के लोग कृषि, व्यापार और धातु कला में निपुण थे। लेकिन उनके राजनीतिक और धार्मिक ढांचे के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।

सिंधु घाटी सभ्यता का पतन कैसे हुआ, यह आज तक रहस्य है। कई सिद्धांत हैं – बाढ़, सूखा, बाहरी आक्रमण और जलवायु परिवर्तन।

मोहनजोदड़ो की खुदाई में मिले ढांचे बताते हैं कि समाज अत्यधिक संगठित था। परंतु राजा या शासक के प्रमाण नहीं मिले।

सिंधु घाटी के लोग कपास से कपड़े बनाते थे। यह विश्व में सबसे पहले कपास उपयोग करने वाली सभ्यता मानी जाती है।

“ग्रेट बाथ” (मोहनजोदड़ो का स्नानागार) धार्मिक या सामाजिक रहस्य का प्रतीक है। इसका उपयोग क्यों किया जाता था, यह आज तक स्पष्ट नहीं है।

हड़प्पा और मोहनजोदड़ो के घरों में पक्की ईंटें और आधुनिक जल निकासी थी। लेकिन उनके मंदिर और शाही महल क्यों नहीं मिले – यह भी सवाल है।

सिंधु घाटी सभ्यता के रहस्य आज भी इतिहासकारों और वैज्ञानिकों के लिए पहेली बने हुए हैं। यह सभ्यता हमें मानव इतिहास की अद्भुत झलक देती है।