क्या है 'January Breakup Effect' का पूरा सच!
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, हर साल जनवरी के महीने में कपल्स के बीच अलगाव और ब्रेकअप के मामलों में अचानक उछाल देखा जाता है।
दिसंबर में त्योहारों और परिवार के साथ खुश दिखने के दबाव में लोग अक्सर अपने रिश्तों की कड़वाहट को दबाए रखते हैं।
नया साल लोगों के लिए एक मानसिक 'रीसेट बटन' की तरह होता है, जहाँ वे अपनी जिंदगी को नए सिरे से आंकना शुरू करते हैं।
कई कपल्स त्योहारों के दौरान बहस से बचने के लिए 'छुट्टियां बीत जाने दो' की रणनीति अपनाते हैं, जिसका विस्फोट जनवरी में होता है।
नए साल के संकल्पों के बीच लोग खुद से पूछते हैं- 'क्या मैं इस रिश्ते में खुश हूँ?' और यहीं से अंत की शुरुआत होती है।
छुट्टियों के दौरान होने वाले खर्च, यात्रा और पारिवारिक तनाव रिश्तों के लिए एक 'स्ट्रेस टेस्ट' की तरह काम करते हैं।
जनवरी में लोग भविष्य को लेकर अधिक गंभीर होते हैं; उन्हें लगता है कि किसी बोझ बन चुके रिश्ते को नए साल में ढोना ठीक नहीं।
शादियों और पार्टी का सीजन खत्म होते ही लोग खुद पर ध्यान देने लगते हैं और पुराने समझौतों से बाहर निकलना चाहते हैं।
छुट्टियों के दबाव में जब पार्टनर एक-दूसरे को सपोर्ट नहीं कर पाते, तो जनवरी में उनके बीच की दूरियां और भी साफ नजर आने लगती हैं।