जानें भारत के सबसे पुराने विश्वविद्यालय- नालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास.

नालंदा विश्वविद्यालय भारत का प्राचीन शिक्षण केंद्र था, जिसे 5वीं सदी में गुप्त सम्राट बोधिश्तव द्वारा स्थापित किया गया।

यह विश्वविद्यालय न केवल भारत बल्कि पूरे एशिया के छात्रों के लिए ज्ञान का केंद्र था।

नालंदा में दर्शन, गणित, आयुर्वेद, विज्ञान और राजनीति जैसे विषयों की पढ़ाई होती थी।

विश्वविद्यालय में छात्र 10,000 से अधिक और शिक्षक 2,000 से अधिक थे।

यहां दुनिया भर से विद्यार्थी आते थे, जैसे चीन, कोरिया, जापान और मध्य एशियाई देश।

नालंदा विश्वविद्यालय में विशाल पुस्तकालय था, जिसमें लाखों ग्रंथ संग्रहीत थे।

12वीं शताब्दी में इस विश्वविद्यालय को मुस्लिम आक्रमणकारियों द्वारा नष्ट कर दिया गया।

आधुनिक भारत में नालंदा विश्वविद्यालय को 2010 में फिर से स्थापित किया गया, जिससे इसका गौरव वापस लौटा।

यह विश्वविद्यालय आज भी शिक्षा, अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रतीक माना जाता है।

नालंदा का इतिहास भारतीय शिक्षा और सांस्कृतिक समृद्धि का जीवंत उदाहरण है।