तरबूज स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल है, लेकिन आयुर्वेद और विज्ञान दोनों के अनुसार इसे खाने का एक निश्चित समय होता है ।
तरबूज खाने का सबसे अच्छा समय सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे के बीच (लंच से पहले) है। इस समय पाचन अग्नि तेज होती है और शरीर इसे आसानी से पचा लेता है।
सुबह खाली पेट तरबूज खाना शरीर को डिटॉक्स करने और ताजगी देने के लिए बहुत अच्छा माना जाता है, बशर्ते आपको एसिडिटी की गंभीर समस्या न हो।
अगर आप तेज धूप से घर आए हैं, तो तुरंत फ्रिज से निकालकर ठंडा तरबूज न खाएं। शरीर के तापमान को सामान्य होने दें, वरना सर्दी-जुकाम या सिरदर्द हो सकता है।
तरबूज को कभी भी भोजन (लंच या डिनर) के साथ नहीं खाना चाहिए। इसे एक अलग 'मील' की तरह खाएं, क्योंकि अन्य खाद्य पदार्थों के साथ मिलने पर यह पेट में गैस या अपच पैदा कर सकता है।
तरबूज खाने के तुरंत बाद (कम से कम 30-45 मिनट तक) पानी न पिएं। चूंकि तरबूज में पहले से ही बहुत पानी होता है, ऊपर से पानी पीने से हैजा जैसी पेट की बीमारियां या पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
ज्यादातर एक्सपर्ट्स मानते हैं कि तरबूज केवल गर्मियों का फल है। बारिश के मौसम में इसे खाने से संक्रमण (Infection) का खतरा बढ़ जाता है।
सुबह खाली पेट चाय पीने से एसिडिटी और पेट में जलन की समस्या बढ़ सकती है।