महिलाओं को पुरुषों से ज्यादा नींद की जरूरत क्यों होती है?

अक्सर देखा गया है कि महिलाएं दिनभर की थकान पुरुषों की तुलना में ज्यादा महसूस करती हैं।

साइंस भी कहती है कि महिलाओं को पुरुषों से ज्यादा नींद की जरूरत होती है।

महिलाएं अक्सर पुरुषों से ज्यादा मल्टीटास्किंग करती हैं, जिससे उनका दिमाग अधिक ऊर्जा खर्च करता है और उसे रिकवरी के लिए अधिक समय चाहिए होता है।

पीरियड्स, प्रेग्नेंसी और मेनोपॉज के दौरान होने वाले शारीरिक बदलाव महिलाओं की थकान को बढ़ा देते हैं।

महिलाएं अक्सर घर की आहटों या बच्चों की आवाजों के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं, जिससे उनकी नींद बार-बार टूटती है।

शोध बताते हैं कि महिलाओं में इनसोम्निया (नींद न आना) और रेस्टलेस लेग सिंड्रोम जैसी समस्याओं की संभावना अधिक होती है।

गहरी नींद के दौरान ही दिमाग खुद को रिपेयर करता है; नींद की कमी महिलाओं में दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है।

गहरी नींद के दौरान ही दिमाग खुद को रिपेयर करता है; नींद की कमी महिलाओं में दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है।

बेहतर स्वास्थ्य के लिए महिलाओं को सोने और जागने का एक तय शेड्यूल बनाना चाहिए और सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।