जेल में जहां हुआ खूनी खेल, वहां सभी कैमरे निकले खराब

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चित्रकूट जिला जेल रगौली में शुक्रवार को खूनी खेल के बाद हुई जांच में सामने आए तथ्य लापरवाही के साथ साजिश की ओर भी इशारा कर रहे हैं। शासन प्रशासन जिस जेल को हाई सिक्योरिटी जेल बताता है, वहां दो माह से लगभग सभी सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। जहां पर खूनी खेल हुआ वहां के कैमरे नहीं चल रहे थे। हाई सिक्योरिटी बैरक से अफसर और सुरक्षाकर्मी नदारद थे। घटना की जांच के लिए सीएम द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट में इन तथ्यों का जिक्र है।जांच टीम में मंडल के कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह, आईजी के. सत्यनारायण और डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी शामिल हैं। टीम ने दो बार जेल का दौरा कर 25 लोगों से पूछताछ के बाद शुक्रवार की देर रात रिपोर्ट शासन को भेज दी है। जेल में कुल 30 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इनमें केवल 8 कैमरे ही चल रहे थे, बाकी के 22 खराब पड़े हैं।

घटना स्थल के पास लगे कैमरे भी खराब थे। हैरानी की बात ये है कि कुख्यात अपराधियों के बंद होने के बावजूद इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो सकती है। हाई सिक्योरिटी बैरकों में मेराज और अंशु दीक्षित बंद थे। इन बैरकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी एक-एक डिप्टी जेलर की होती है। यहां पर डिप्टी जेलर की तैनाती तो थी, लेकिन वो ड्यूटी पर नहीं थे। वार्डेन और अन्य सुरक्षाकर्मी भी वहां से नदारद थे। इतने सारे इत्तफाक एक साथ कैसे हो सकते हैं, ये गले नहीं उतर रहा है। जांच में सुरक्षा में भारी चूक सामने आई है। ये लापरवाही है या किसी साजिश का हिस्सा ये नहीं पता। मगर ये तथ्य बेहद अहम है। गौरतलब है कि जिला जेल रगौली में शुक्रवार को सीतापुर के अंशू दीक्षित ने वाराणसी के कुख्यात अपराधी मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अली और कैराना (शामली) निवासी अपराधी मुकीम काला को गोलियों से भून दिया। बाद में पुलिस ने अंशू को भी मार गिराया था।

जेल प्रशासन ने खराब सीसीटीवी कैमरों का ठीकरा संबंधित कंपनी पर फोड़ा है। कहा गया कि दो महीने पहले सभी कैमरे एक साथ खराब हो गए थे। मेंटीनेंस की जिम्मेदारी कैमरे लगाने वाली एजेंसी की है। शिकायतों के बाद भी जेल के कैमरों को सही नहीं कराया गया था। अब सवाल ये है कि शिकायतों के बाद भी कैमरे सही क्यों नहीं हुए। संबंधित एजेंसी पर कोई एक्शन क्यों नहीं लिया गया।

 

मीना छेत्री

 

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सीएम ने निर्माण कार्यों में देरी करने पर दी कार्रवाई की चेतावनी

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मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत रविवार को राजकीय दून मेडिकल कालेज में औचक निरीक्षण को पहुंच गए। यहां उन्होंने अस्पताल के नए ओपीडी भवन में चल रहे निर्माण कार्य लंबे समय से पूरे नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए समय पर सभी कार्य पूरे करवाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत दून मेडिकल कालेज अस्पताल के निरीक्षण को पहुंचे तो अधिकारी और स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। मुख्यमंत्री सीधा नई ओपीडी पहुंचे, यहां उन्होंने निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी बिल्डिंग और आपरेशन थिएटर बिल्डिंग का कार्य समय पर पूरा न होने को लेकर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द निर्माण कार्यों को पूरा करें। ताकि मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी न हो। कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ मुख्यमंत्री ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।मुख्यमंत्री ने कोरोना और अन्य बीमारियों के मरीजों के इलाज में जुटे डाक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के कार्य की सराहना करते हुए उनकी पीठ भी थपथपाई। इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डा. केसी पंत, निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार भी मौजूद रहे।

-मानवी कुकशाल

उत्तराखंड में 22 जून तक बढ़ा कोविड कर्फ्यू, तीन जिलों के लिए खोली गई चारधाम यात्रा

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कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी के बावजूद सरकार ने प्रदेश में लागू कोविड कर्फ्यू की अवधि एक हफ्ते यानी 22 जून तक बढ़ा दिया है। साथ ही 15 जून से चारधाम यात्रा को भी तीन जिलों चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्‍तरकाशी के लोगों के लिए खोल दिया है। इसके लिए आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की गई। वहीं, अन्य राज्यों से उत्‍तराखंड आने वालों के लिए आरटी पीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट अभी भी अनिवार्य है। कोविड कर्फ्यू में वर्तमान व्यवस्था में कुछ और रियायत भी दी। हफ्ते में तीन दिन बाजार खुलेंगे। मिठाई की दुकानें पांच दिन खुलेंगी। शहरों में विक्रम, ऑटो के संचालन की अनुमति दी गई। साथ ही राजस्व न्यायालय खोलने का भी निर्णय लिया गया है।

-मानवी कुकशाल

देहरादून में सिमकार्ड की KYC करने के नाम पर ठगे 50 हज़ार रुपए

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सिमकार्ड की केवाइसी करवाने के नाम पर साइबर ठग ने एक व्यक्ति से 50 हजार रुपये की ठगी कर ली। इंद्रानगर निवासी भारत भूषण भट्ट ने पुलिस को बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें फोन कर कहा कि आपका सिमकार्ड 24 घंटे में बंद हो जाएगा। सिम को चालू रखने के लिए केवाइसी करवानी पड़ेगी। इसके लिए ठग ने क्विक सपोर्ट एप डाउनलोड कर डेविट कार्ड से 10 रुपये का रिचार्ज करने को कहा। रिचार्ज करते ही खाते से 50 हजार रुपये खाते से साफ हो गए। इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।साइबर ठगी के एक अन्य मामले में सुनील चंद्र जखमोला निवासी बंजारावाला ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून को एक प्रार्थना पत्र भेजा। सुनील चंद्र ने बताया कि उनको अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को टेलीकाम कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए सिमकार्ड बंद होने की बात कही। साइबर ठग ने केवाइसी एप डाउनलोड करने की बात कही और खाते की जानकारी हासिल करते हुए 69 हजार रुपये उड़ा दिए।

-मानवी कुकशाल

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस तैयारी

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उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने हर मोर्चे पर तैयारी शुरू कर दी है। अलग-अलग जाति और धर्म के लोगों को साधने के लिए कांग्रेस ने अलग-अलग प्लानिंग की है। सूत्रों के मुताबिक, मुसलमानों के बीच पैठ बनाने के लिए कांग्रेस ने मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों का सहारा लेने का मन बनाया है। इसके लिए प्रदेश के 2 लाख मदरसों की लिस्ट भी तैयार की गई है।
मदरसों का क्यों सहारा लेना पड़ा ?
उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कांग्रेस के अध्यक्ष शहनवाज आलम का कहना है कि पार्टी में मुस्लिमों की उपेक्षा के चलते 1990 के बाद से अल्पसंख्यक वोट खिसककर सपा और बसपा की ओर जाने लगा। लेकिन इन पार्टियों में भी मुस्लिमों को तवज्जो नहीं मिली। यूपी में भी कांग्रेस के पास कोई मजबूत नेतृत्व नहीं था। इसके चलते मुस्लिम वोटर भाजपा के विरोध में सपा और बसपा के साथ जाने को मजबूर रहे जिसका फायदा दोनों पार्टियां उठाती रही। लेकिन अब यूपी कांग्रेस को प्रियंका गांधी के रुप में एक अच्छी लीडरशिप मिली है। इसलिए नए सिरे से मुस्लिमों को कांग्रेस से जोड़ने की कवायद शुरू हो रही है।
सपा के खिलाफ अभियान शुरू किया
शहनवाज बताते हैं कि अल्पसंख्यकों को जोड़ने के लिए एक ‘स्पिकअप माईनॉरिटी’ कैंपन शुरु किया गया है। फेसबुक लाइव के जरिए चलाए जा रहे इस कैंपेन में बताया जा रहा है कि किसी तरह सपा का बीजेपी से अंदरूनी सांठगांठ रहता है। उन्होंने बताया कि हर रविवार होने वाले इस कैंपेन में हम मुलायम सिंह यादव का संसद में दिया बयान भी बताते हैं। मुलायम सिंह ने संसद में कहा था कि नरेंद्र मोदी को ही दोबारा प्रधानमंत्री बनना चाहिए। इससे साफ है कि सपा और BJP में बैक डोर से कोई न कोई समझौता जरूर हुआ है।
मुस्लिम OBC पर सबसे ज्यादा फोकस
शहनवाज के मुताबिक, सूबे में करीब 8-10% यादव हैं, जबकि मुस्लिम OBC की संख्या इससे कहीं ज्यादा है। इसमें खासतौर पर अंसारियों की संख्या ज्यादा है। गोरखपुर में करीब चार लाख, मऊ में करीब साढ़े तीन लाख, बनारस में चार लाख, मुबारकपुर आजमगढ़ में करीब दो लाख, अंबेडकरनगर में करीब चार लाख अंसारी हैं।
कुल मुस्लिम OBC की करीब 60% जनसंख्या अंसारियों की ही है। इन्हें बताया जा रहा है कि आजादी लड़ाई से लेकर अब तक देश में इनकी कितनी अहम भूमिका रही है।
शहनवाज का कहना है कि केवल अंसारियों से तुलना की जाए तो किसी जिले में चार लाख यादव वोटर नहीं मिलेंगे। फिर भी वहां सपा इन्हीं मुस्लिम वोटर्स की बदौलत जीत हासिल करती रही है। अंसारियों के बाद ओबीसी मुस्लिमों की एक और बड़ी आबादी वाले कुरैशियों को भी मजबूती से जोड़ने का अभियान चल रहा है। इसी सिलसिले में मोमिन कॉन्फ्रेंस आंदोलन से जुड़े रहे अब्दुल कय्यूम अंसारी जो कि बुनकरों के बड़े नेता रहे, उनके जन्मदिन पर इस बार कांग्रेस ने कई कार्यक्रम आयोजित किए थे।
शिवानी

भाजयुमो ने सरोना गांव में 105 लोगों को दी कोरोना उपचार किटें

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भाजयुमो की राष्ट्रीय सह मीडिया प्रभारी नेहा जोशी के नेतृत्व में कार्यकर्त्‍ताओं ने दूरस्थ गांव सरोना में 105 परिवारों को राशन व सुरक्षा उपकरण प्रदान किए। सेवा ही संगठन अभियान के तहत यह सामग्री उपलब्ध कराई गई है। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य अस्थल, बीर सिंह चौहान, युवा मोर्चा प्रवक्ता व त्रिकोण सोसायटी की अध्यक्ष नेहा शर्मा, प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी शेखर वर्मा ने ग्रामीणों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। बीर सिंह चौहान ने कहा कि हर एक भाजपा कार्यकर्त्‍ता निरंतर सेवा कार्यो में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को राशन के साथ ही आयुष किट, मास्क, सैनिटाइजर, इम्यूनिटी बूस्टर सीरप उपलब्ध कराई गई है। इस दौरान नेहा जोशी ने बालाजी इन्वेस्टमेंट के मेंबर अक्षत जैन व इशिता जैन का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पूर्व प्रधान सुंदर सिंह पयाल, ग्राम प्रधान भारती पयाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य सुरेश सिंह पयाल आदि उपस्थित रहे।

-मानवी कुकशाल

सीबीएसई ने कक्षा 12 के स्टूडेंट्स के ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया 16 जून 2021 को जारी

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सीबीएसई ने कक्षा 12 के स्टूडेंट्स के ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया 16 जून 2021 को जारी किये जाएगा। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया निर्धारित करने के लिए बनायी गयी समिति की रिपोर्ट के आधार पर सीबीएसई बोर्ड द्वारा रिजल्ट तैयार करने के मानकों की घोषणा आधिकारिक रूप से की जाएगी।
आज जारी होने की थी संभावना
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा कक्षा 12 के स्टूडेंट्स के ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया आज, 14 जून 2021 को जारी किये जाने की संभावनाएं जताई जा रहीं थीं। सीबीएसई 12वीं क्लास ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया 2021 के आधार पर केंद्रीय बोर्ड से सम्बद्ध देश भर के स्कूलों में विभिन्न स्ट्रीम में सीनियर सेकेंड्री कक्षाओं के स्टूडेंट्स का शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के लिए मूल्यांकन किया जाना है। सीबीएसई 12वीं ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया 2021 के अंतर्गत निर्धारित मानकों के अनुसार स्टूडेंट्स को उनके विभिन्न विषयों के लिए अंक दिये जाने हैं। बता दें कि कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द किये जाने के बाद सीबीएसई द्वारा स्टूडेंट्स के मूल्यांकन करने और रिजल्ट तैयार करने के लिए ‘ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया’ निर्धारित करने के लिए एक 13 सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। इस समिति को अपनी रिपोर्ट 10 दिनों में सबमिट करने की जानकारी दी गयी थी।
लगभग 12 लाख स्टूडेंट्स को है इंतजार
सीबीएसई बोर्ड 12वीं ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया 2021 का इंतजार देश भर के लगभग 12 लाख छात्र-छात्राएं कर रहे हैं। बिना परीक्षा दिये इंटर्नल एसेसमेंट के आधार पर नतीजे जारी किये जाने की घोषणा के बाद से स्टूडेंट्स में अपने सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2021 को लेकर दुविधा है। कई ऐसे स्टूडेंट्स हैं जिन्हें कक्षा 11 व 12 के यूनिट टेस्ट और टर्म-एग्जाम अच्छे अंक नहीं मिले हैं लेकिन उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं के लिए अपनी तैयारी अच्छी की थी। अब परीक्षाओं के रद्द होने और इंटर्नल एसेसमेंट से रिजल्ट तैयार किये जाने से उन्हें निराशा हाथ लगेगी। हालांकि, सीबीएसई बोर्ड द्वारा ऐसे स्टूडेंट्स के लिए बाद में परीक्षाएं आयोजित करने की घोषणा की गयी है जो कि सीबीएसई 12वीं ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया 2021 से अंसतुष्ट होंगे।
दूसरी तरफ, केंद्रीय बोर्ड द्वारा घोषित किये जाने वाले सीबीएसई 12वीं ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया 2021 के अनुसार ही कई राज्यों के बोर्ड द्वारा कक्षा 12 के लिए रिजल्ट तैयार किये जाने की घोषणा की गयी है। वहीं, देश भर के दिल्ली विश्वविद्यालय समेत कई अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों में यूजी कोर्सेस में दाखिले के लिए उम्मीदवारों का चयन उनके 12वीं के अंकों के आधार पर तैयार की गयी मेरिट के अनुसार किया जाता है। बिना परीक्षा इंटर्नल एसेसमेंट के आधार पर जारी किये जाने की स्थिति में यूजी ऐडमिशन में इस बार भी 12वीं के अंकों के आधार पर होगा या इस बार प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी, इस पर क्लैरिटी अभी होनी बाकी है। फिलहाल इस समय सभी को सीबीएसई बोर्ड 12वीं ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया 2021 का इंतजार है।

शिवानी