उत्तराखंड में पर्यटन को लगेंगे पंख
उत्तराखंड में पर्यटन को नए आयाम देने के लिए प्रदेश सरकार हर संभव कोशिश कर रही है। इसी क्रम में पर्वतों की रानी मसूरी में पर्यटन के लिहाज से यात्रा को सुगम और सरल बनाने के लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (UTDB) ने वर्ष 2024 की शुरुआत में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड के अंतर्गत मसूरी स्काइवार कंपनी के माध्यम से 300 करोड़ रुपये की लागत से दून-मसूरी रोप-वे परियोजना का निर्माण शुरू कराया। दो चरणों में बनने वाले इस रोपवे का लोअर टर्मिनल स्टेशन पुरकुल गांव तथा अपर टर्मिनल स्टेशन मसूरी के गांधी पार्क में बनना तय हुआ है। वहीं पुरकुल टर्मिनल स्टेशन पर पार्किंग के लिए 10 मंजिला पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें एक समय में करीब 2 हजार से भी वाहन पार्क किए जा सकेंगे। इसके अतिरिक्त यहां पर्यटकों को तरोताजा होने के लिए कैफेटेरिया, शौचालय आदि की सुविधा मिलेगी।
दून-मसूरी रोपवे परियोजना निर्माण कार्य जारी
राजधानी देहरादून में लंबे समय से प्रतीक्षित दून-मसूरी रोपवे परियोजना के अधिकांश टावरों की फाउंडेशन का कार्य पूरा हो चुका है। आपको बता दें कि इस रोपवे परियोजना में कुल 26 टावर बनाए जाने हैं, जिनमें से 24 टावरों का कार्य पूर्ण हो चुका है। अब इनमें मात्र नट-बोल्ट और पोल लगाने का कार्य शेष रह चुका है। वहीं मसूरी के गांधी पार्क में बनने वाले अपर टर्मिनल स्टेशन का कार्य भी जोरो-शोरों पर है। बताया जा रहा है कि पुरकुल गांव स्थिल लोअर टर्मिनल स्टेशन का कार्य 90 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है, जल्द ही लोअर टर्मिनल स्टेशन से फिनिशिंग का कार्य शुर हो जाएगा। इसके अलावा पुरकुल स्थित पार्किंग में चौथी मंजिल पर निर्माण चल रहा है। हालांकि, इन दिनों मानसूनी सत्र में रोप-वे परियोजना पर निर्माण कार्य करने में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पानी में निर्माण सामग्री टिक नहीं पा रही और लेबर भी कार्य करने में असमर्थ हैं। लेकिन उत्तरदायी संस्था का कहना है कि बारिश थमने के बाद फिर से कार्य गति पकड़ेगा। वहीं पर्यटन विभाग का दावा है कि वर्ष 2026 के अंत तक निर्माण पूर्ण कर लिया जाएगा।
रोप-वे में लगेंगे 55 केबिन
दून-मसूरी रोप-वे परियोजना के माध्यम से पर्यटक मात्र 15 मिनट में ही मसूरी पहुंच पाएंगें। फिलहाल रोप-वे के रोप और केबिन फ्रांस से मंगाये जा रहे हैं। आपको बता दें कि एक कैबिन के अंदर एक साथ कुल 10 लोगों के बैठने की क्षमता होती है। फिलहाल शुरुआत में मात्र 55 केबिन मंगाने का विचार है, जबकि भविष्य में केबिन की संख्या बढ़ायी जाएगी। वहीं रोप-वे केबिन की अधिकतम रफ्तार भी छह मीटर प्रति सेकेंड होगी।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

