उत्तराखंड में बढ़ेगी इको टूरिज्म की रफ्तार
उत्तराखंड में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए शासकीय-प्रशासकीय स्तर से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में वन विभाग चंपावत अपनी निशप्रयोजन पड़ी संपत्तियों को इको टूरिज्म के क्षेत्र में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है ताकि अधिक से अधिक पर्यटक जिले में आ सकें। जिसके लिए डीएफओ चंपावत नवीन चंद्र पंत के निर्देश में विभाग के द्वारा कार्य शुरू किया जा चुके हैं। मंगलवार को वन आयोग उपाध्यक्ष श्याम नारायण पांडे व डीएफओ चंपावत नवीन चंद्र पंत के द्वारा लोहाघाट में वन विभाग की निश प्रयोजन पड़ी संपत्तियों का निरीक्षण किया गया। डीएफओ चंपावत ने बताया प्रमुख बन संरक्षक के द्वारा अपने चंपावत दौरे के दौरान इको टूरिज्म को विकसित करने तथा वन विभाग के निष्प्रयोजन पड़े भवनो का जीर्णोद्धार कर ईको टूरिज्म गतिविधियां शुरू करने के निर्देश दिए थे। डीएफओ चंपावत ने बताया खूबसूरत लोकेशन के बीच लोहाघाट में आठ पुराने भवन है जो निष्प्रयोजन पड़े हुए हैं।वन विभाग इन पुराने भवनों का इको टूरिज्म गतिविधियों के संचालन हेतु जायका परियोजना के अंतर्गत भवनो का जीर्णोद्धार ,स्थल विकास तथा साज सज्जा का कार्य करेगा ।कहा चंपावत जिम कॉर्बेट की कार्यस्थली रही है। पर उचित प्रचार प्रसार ना होने के चलते बहुत कम लोगों को इस बात की जानकारी नहीं उन्होंने कहा पूरे चंपावत जिले को इको टूरिज्म के क्षेत्र में डेवलप किया जाएगा तथा स्थानीय युवाओं व महिला समूह के द्वारा इन्हें संचालित किया जाएगा ताकि स्थानीय को रोजगार मिल सके। वही दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे ने कहा विभाग के द्वारा यह एक नई अभिनव पहल की जा रही है। जिसमें विभाग की निष्प्रयोजन पड़ी संपत्ति का जीर्णोद्धार किया जाएगा। जीने पर्यटकों के रहने के लिए डेवलप किया जाएगा। कहा इनसे होने वाली आय से ही इनकी देखरेख का खर्चा निकाला जाएगा। कहां अगर योजना परवान चढ़ती है तो इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने के साथ-साथ पर्यटन बढ़ेगा। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा सभासद आशीष राय सहित कई लोग मौजूद रहे।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

