उत्तराखंड में भूधंसाव से बढ़ा खतरा
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण प्रदेश की भौगोलिक परिस्थिति में परिवर्तन साफ नजर आने लगा है। मौजूदा वक्त में उत्तराखंड सरकार के लिए सबसे चिंताजनक और परेशान करने वाली बात यह है कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के गांवो पर बर्बादी के बादल छाने लगे हैं, क्योंकि पहाड़ी गांवो में स्थित घरों की दिवारों में मोटी-मोटी दरारे पड़ने लगी हैं। हालात यह हैं कि दहशत की जद में आए लोगों को रातोंरात अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों में निकलना पड़ा,जबकि कई गांव तो ऐसे हैं जिन्हें स्वयं प्रशासन ने ही घर खाली कर सुरक्षित स्थानों में प्रवास करने की बात कही। इस स्थिति की भयावाहता को यह बात दर्शाती है कि गंगोत्री और यमुनोत्री नेशनल हाईवे समेत कई प्रमुख सड़कें भूधंसाव का शिकार हो चुकी हैं।
प्रदेश में 15 सितंबर से शुरू होगा सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान
प्रदेश में सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान 15 सितंबर से शुरू होगा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता राजेश शर्मा के मुताबिक इसके लिए विभाग की ओर से कार्य योजना तैयार कर ली गई है। विभाग ने 31 अक्तूबर तक सभी सड़कें गड्ढा मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पाण्डेय के मुताबिक बंद सड़कों को खोलने का उसी दिन का लक्ष्य तय है लेकिन लगातार भारी बारिश की वजह से यह संभव नहीं हो पा रहा है। विभाग की पूरी टीम बंद सड़कों को खोलने के काम में लगी है। देखने में आ रहा है कि सड़क के खुलने के बाद बारिश होने पर फिर से सड़क बंद हो रही है। इसके बावजूद जल्द से जल्द सभी बंद सड़कों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
उत्तराखंड में गड्ढा मुक्त सड़क अभियान होगा शुरु
उत्तराखंड में सड़क व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 15 सितंबर से राज्यभर में सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने का अभियान शुरू किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता राजेश शर्मा ने बताया कि इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है और 31 अक्तूबर तक सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग के सचिव पंकज पाण्डेय ने कहा कि बंद सड़कों को उसी दिन खोलने का लक्ष्य है, लेकिन लगातार भारी वर्षा के कारण यह चुनौतीपूर्ण हो रहा है। बावजूद इसके विभाग की पूरी टीम लगातार सड़कों को खोलने और उन्हें यातायात योग्य बनाने में जुटी हुई है ताकि जल्द से जल्द लोगों को राहत मिल सके।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

