Chhath Puja 2025

Chhath Puja 2025 : छठ पूजा की खुशियों के बीच मातम, जलाशयों में डूबने से 14 लोग मरे

Chhath Puja 2025 : सूर्य देव की आराधना और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ मनाए जा रहे छठ महापर्व की धूम पूरे बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में छाई हुई है। लेकिन इस पावन पर्व की खुशियां कई परिवारों के लिए मातम में बदल गईं। झारखंड और उत्तर प्रदेश में छठ पूजा के दौरान जलाशयों और नदियों में डूबने की घटनाओं में 11 बच्चों समेत कम से कम 14 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य लापता बताए जा रहे हैं। ज्यादातर हादसे नाबालिगों के साथ हुए, जो पूजा-अर्चना के दौरान नहाने या अर्घ्य देने के क्रम में गहरे पानी में फिसल गए।

 

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झारखंड में पिछले दो दिनों में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य रहा, जहां हजारीबाग, गढ़वा, सिमडेगा, पलामू और सरायकेला-खरसावां जिलों में कुल 11 लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। रविवार को सिमडेगा और पलामू में छह लोगों के साथ शुरू हुई त्रासदी सोमवार को और भयावह हो गई, जब हजारीबाग, गढ़वा और सिमडेगा में पांच बच्चों की जानें चली गईं। पुलिस ने बताया कि इनमें से अधिकांश बच्चे तालाब या नदी में नहाते समय गहरे गड्ढों में फंस गए।

झारखंड के हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र के बेला गांव में रविवार शाम छठ पूजा के दौरान तालाब में नहाने गईं दो नाबालिग लड़कियां डूब गईं। मृतकों की पहचान 11 वर्षीय गुनगुन कुमारी और 12 वर्षीय रूपा तिवारी के रूप में हुई है। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, लड़कियां पूजा के बाद नहाने गई थीं, लेकिन अचानक गहरे पानी में चली गईं।

सोमवार को ही गढ़वा जिले के सदर थाना क्षेत्र में दानरो नदी में डुबकी लगाते समय तीन वर्षीय राहुल कुमार गहरे पानी में बह गया। थाना प्रभारी सुनील तिवारी ने बताया कि बच्चा परिवार के साथ पूजा के लिए नदी किनारे पहुंचा था, लेकिन नजरों से ओझल हो गया। स्थानीय गोताखोरों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद शव बरामद किया।

सिमडेगा जिले के बानो थाना क्षेत्र में एक और दिल दहला देने वाली घटना घटी, जहां तालाब में नहाने गईं तीन बच्चियां डूब गईं। तीनों की उम्र 8 से 10 वर्ष के बीच बताई जा रही है। पुलिस ने आशंका जताई कि वे पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं और नहाने के दौरान हादसे का शिकार हो गईं।

रविवार को पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के पोखराही गांव में सोन नदी में नहाने गए तीन युवकों की मौत हो गई। मृतकों में अंकुश पासवान (22), आदर्श चंद्रवंशी (22) और रजनीश चंद्रवंशी (23) शामिल हैं। अंकुश बिहार के शेरघाटी से अपने ससुराल छठ मनाने आया था। ग्रामीणों के अनुसार, आठ युवक नदी में उतरे थे, लेकिन तेज बहाव में तीन बह गए। शवों की तलाश में एनडीआरएफ टीम जुटी हुई है।

इसके अलावा, सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र में स्वर्णरेखा नदी में अर्घ्य देते समय 14 वर्षीय आर्यन यादव डूब गया। उसे बचाने उतरे दो अन्य लोग भी लापता हैं। एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने बताया कि एक शव बरामद हो चुका है, जबकि दो की तलाश जारी है। स्थानीय लोगों ने अवैध बालू उत्खनन को हादसों का मुख्य कारण बताया।

उत्तर प्रदेश के चंदौली और मिर्जापुर जिलों में भी छठ पूजा के दौरान नदियों ने दो नाबालिग लड़कों की जान ले ली, जबकि तीन अन्य लापता हैं। चंदौली के बबुरी थाना क्षेत्र में सोमवार शाम चन्द्रप्रभा नदी में नाव पलटने से तीन नाबालिग डूब गए। एक का शव 13 वर्षीय अरुण के रूप में बरामद हुआ, जबकि यश (16) और पीयूष (13) की तलाश में राहत टीमें जुटी हैं। पुलिस क्षेत्राधिकारी कृष्ण मुरारी शर्मा ने बताया कि नाव में सवार छह लोगों में से तीन युवक तैरकर बच निकले, लेकिन किशोरों का संतुलन बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सेल्फी लेने के चक्कर में नाव असंतुलित हो गई।

मिर्जापुर के विन्ध्याचल थाना क्षेत्र के निफरा गांव में गंगा घाट पर दोपहर स्नान के दौरान पांच युवक डूबने लगे। नाविक लाऊ निषाद ने तीन को बचा लिया, लेकिन 17 वर्षीय अनुराग सरोज की मौत हो गई। 16 वर्षीय ओम पांडे अभी भी लापता है। थाना प्रभारी वेद प्रकाश पांडे ने बताया कि तेज बहाव और गहरी धारा ने हादसे को अंजाम दिया।

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