Ai Chatbot : आज भारत में ChatGPT, Grok और Google Gemini जैसे AI चैटबॉट्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। पढ़ाई, ऑफिस का काम, जानकारी जुटाना या किसी टॉपिक को समझना हो, सभी जगह AI टूल्स का इस्तेमाल बढ़ गया है। स्मार्टफोन रखने वाला लगभग हर व्यक्ति इनका उपयोग कर रहा है। खासतौर पर कॉलेज के छात्र और नौकरीपेशा लोग AI पर ज्यादा निर्भर होते जा रहे हैं।
AI टूल्स हमारी मदद के लिए बनाए गए हैं, लेकिन यह इंसानों की जगह नहीं ले सकते। इनसे मदद लेना गलत नहीं है, लेकिन हर मामले में इन पर पूरी तरह भरोसा करना नुकसानदायक हो सकता है। कई लोग तो अपनी निजी जिंदगी और बड़े फैसलों के लिए भी AI से सलाह लेने लगे हैं, जो सही नहीं है। आइए जानते हैं ऐसे 6 सवाल, जिन्हें किसी भी AI टूल से पूछना खतरे से खाली नहीं है।
- मेडिकल जांच या इलाज से जुड़े सवाल
AI डॉक्टर नहीं है। यह सिर्फ सामान्य जानकारी दे सकता है, लेकिन आपकी बीमारी की सही जांच या इलाज नहीं कर सकता। AI से दवाइयों या इलाज की सलाह लेने से गलत उपचार हो सकता है और बीमारी गंभीर बन सकती है। स्वास्थ्य से जुड़े फैसले हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही लेने चाहिए।
- निजी या फाइनेंशियल जानकारी साझा करना
AI चैटबॉट में कभी भी बैंक डिटेल्स, आधार नंबर, पैन कार्ड, पासवर्ड, OTP, ऑफिस फाइल या कोई निजी डॉक्यूमेंट शेयर न करें। भले ही प्लेटफॉर्म डेटा सुरक्षित रखने का दावा करे, लेकिन जानकारी लीक होने या फ्रॉड का खतरा बना रहता है।
- गैरकानूनी कामों की सलाह मांगना
हैकिंग, टैक्स चोरी, पाइरेसी, धोखाधड़ी या कानून से बचने के तरीके AI से पूछना गलत है। ऐसे सवाल आपको कानूनी मुश्किलों में डाल सकते हैं। अधिकतर AI टूल्स ऐसे सवालों का जवाब भी नहीं देते।
- AI के जवाब को अंतिम सच मान लेना
AI हमेशा सही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। यह पुराने डेटा और पैटर्न पर काम करता है। कई बार इसकी जानकारी अधूरी या गलत हो सकती है। कानूनी सलाह, निवेश या जरूरी खबरों के लिए ऑफिशियल सोर्स से जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।
- बड़े निजी फैसलों के लिए पूरी तरह AI पर निर्भर होना
‘क्या मुझे नौकरी छोड़नी चाहिए?’ या ‘क्या यह बिजनेस शुरू करूं?’ जैसे सवाल आपकी भावनाओं, आर्थिक स्थिति और भविष्य से जुड़े होते हैं। AI आपकी पूरी स्थिति नहीं समझ सकता। यह सिर्फ फायदे-नुकसान बता सकता है, फैसला आपको खुद लेना चाहिए।
- यह सोचना कि AI भावनाओं को समझता है
AI सहानुभूति दिखा सकता है, लेकिन उसके पास असली भावनाएं नहीं होतीं। मानसिक तनाव या निजी समस्याओं में AI से पूरी मदद मिलना मुश्किल है। ऐसे समय में परिवार, दोस्तों या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करना ज्यादा बेहतर होता है।
Read more:- Delhi News: दिल्ली सरकार का बड़ा तोहफा,गरीबों को मिलेगी मुफ्त पैक्ड चीनी

