US-Iran Tension: ईरान में जारी सरकार-विरोधी प्रदर्शनों और हिंसा के बीच एक अहम बयान सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्याएं फिलहाल रोक दी गई हैं और फांसी देने की प्रक्रिया पर भी रोक लगा दी गई है। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब ईरान में मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ रहा है।
ट्रम्प ने कहा कि उन्हें ‘विश्वसनीय स्रोतों’ से जानकारी मिली है कि ईरानी प्रशासन ने हालात की गंभीरता को देखते हुए यह कदम उठाया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और अगर हालात फिर बिगड़े तो अमेरिका सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
क्या है पूरा मामला?
बीते कुछ समय से ईरान के कई शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों की वजहें मुख्य रूप से-
- बढ़ती महंगाई
- आर्थिक संकट
- राजनीतिक दमन और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर पाबंदियां
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिनमें लगभग 2500 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा, हजारों प्रदर्शनकारियों के हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आईं हैं।
फांसी की आशंका और अंतरराष्ट्रीय चिंता
प्रदर्शनों के दौरान कुछ मामलों में प्रदर्शनकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए, जिसके बाद फांसी की आशंका को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ गई। मानवाधिकार संगठनों ने चेतावनी दी थी कि त्वरित और अपारदर्शी न्यायिक प्रक्रिया के तहत कई लोगों को मौत की सजा दी जा सकती है।
इन्हीं मामलों में युवा प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी का नाम प्रमुखता से सामने आया, जिनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान बटोरा। नए रिपोर्ट्स के अनुसार, फिलहाल किसी भी प्रदर्शनकारी को फांसी देने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई है और मामलों की समीक्षा की जा रही है।
ईरान का आधिकारिक रुख
ईरान की सरकार और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि देश में कानून के दायरे में ही कार्रवाई की जा रही है। ईरान ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रदर्शनों को विदेशी ताकतों द्वारा भड़काया जा रहा है, और सुरक्षा एजेंसियां राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत कदम उठा रही हैं।
ईरानी अधिकारियों ने फांसी को लेकर उठे सवालों पर कहा है कि फिलहाल ऐसा कोई फैसला लागू नहीं किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अमेरिका, यूरोपीय देशों और कई मानवाधिकार संगठनों ने ईरान से अपील की है कि वह
- हिंसा रोके
- शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के अधिकारों का सम्मान करे
- न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रम्प का बयान ईरान पर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव को दर्शाता है, हालांकि ज़मीनी हालात पर इसका कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
फिलहाल ईरान में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। यह देखना अहम होगा कि क्या इरान की फांसी और दमन पर लगाई रोक स्थायी होती है या यह सिर्फ अंतरराष्ट्रीय दबाव को कम करने का अस्थायी कदम है। ऐसे में ईरान की स्थिति पर अब दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।
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