World Cancer Day 2026: हर साल 4 फरवरी को पूरी दुनिया में ‘विश्व कैंसर दिवस’ (World Cancer Day) मनाया जाता है। कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका नाम सुनते ही लोग डर जाते हैं। इसका मुख्य कारण इस बीमारी का घातक होना और इलाज का महंगा होना है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सही समय पर इसके लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो कैंसर से जंग जीती जा सकती है।
क्या है World Cancer Day 2026 की थीम?
हर साल इस दिन के लिए एक खास थीम चुनी जाती है। और साल 2026 की थीम है ‘United by Unique’। इस थीम का मतलब है कि कैंसर से लड़ने वाले हर मरीज की कहानी, उसकी जरूरतें और उसका अनुभव अलग होता है। इस थीम का मकसद है कि हमें सिर्फ बीमारी का इलाज नहीं करना है, बल्कि मरीज की भावनाओं और उसकी व्यक्तिगत जरूरतों को भी समझना है। हम अपनी विविधताओं के बावजूद कैंसर के खिलाफ इस लड़ाई में एक साथ हैं।
कैंसर क्या है और कैसे फैलता है?
NCBI की रिपोर्ट के अनुसार, कैंसर में शरीर की कोशिकाएं (cells) अनियंत्रित होकर बढ़ने लगती हैं और शरीर के दूसरे हिस्सों में फैलने लगती हैं। ये कोशिकाएं अक्सर गांठ (tumor) बना लेती हैं, जो स्वस्थ टिश्यूज को नुकसान पहुंचाती हैं। हालांकि, ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया) जैसे मामलों में गांठ नहीं बनती।
कैसे पड़ा ‘कैंसर’ नाम?
इस बीमारी को यह नाम ‘फादर ऑफ मेडिसिन’ हिप्पोक्रेट्स ने दिया था। उन्होंने सबसे पहले इसे ‘Carcinoma’ कहा था, जो बाद में कैंसर बन गया। उनका मानना था कि शरीर में कफ और पित्त का संतुलन बिगड़ने से इम्यूनिटी कम हो जाती है, जो कैंसर की वजह बनती है।
विश्व कैंसर दिवस का इतिहास
विश्व कैंसर दिवस की शुरुआत 4 फरवरी 2000 को पेरिस में आयोजित ‘वर्ल्ड समिट अगेंस्ट कैंसर’ में हुई थी। ‘अंतर्राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण संघ’ (UICC) ने इसकी नींव रखी थी ताकि दुनिया भर में कैंसर की रोकथाम और इसके इलाज के प्रति लोगों को जागरूक किया जा सके।
कैंसर से बचाव के 5 आसान तरीके
- तंबाकू को कहें ‘ना’: कैंसर का सबसे बड़ा कारण बीड़ी, सिगरेट और गुटखा है।
- हेल्दी डाइट: अपनी थाली में फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें।
- नियमित एक्सरसाइज: वजन को कंट्रोल में रखें और रोजाना कम से कम 30 मिनट टहलें।
- लक्षणों को नजरअंदाज न करें: शरीर में कोई बिना वजह की गांठ, वजन का अचानक गिरना या पुरानी खांसी हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
- स्क्रीनिंग और चेकअप: समय-समय पर बॉडी चेकअप कराते रहें ताकि शुरुआती स्टेज में ही बीमारी का पता चल सके।
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